कोरबा
कोरबा विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं द्वारा सम्पन्न कराई जाएगी मतदान की प्रक्रिया
महिलाएं किसी से कम नहीं है, निर्वाचन में भागीदारी गर्व की बात: प्रेक्षक
प्रेक्षक प्रेमसिंह मीणा और कलेक्टर अजीत वसंत ने महिलाओं का किया उत्साहवर्धन
महिला मतदान दल का प्रशिक्षण जारी

कोरबा । लोकसभा निर्वाचन 2024 अंतर्गत महिला मतदान दलों को स्वामी आत्मानन्द विद्यालय विद्युत गृह उच्चतर विद्यालय क्रमांक 1 में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। आज प्रशिक्षण स्थल पर अलग-अलग कक्ष में कोरबा लोकसभा क्षेत्र के सामान्य प्रेक्षक प्रेमसिंह मीणा और कलेक्टर अजीत वसंत पहुँचे। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं को लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत दायित्व को गंभीरता से करने के लिए मास्टर्स ट्रेनर्स द्वारा दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारियों को भलीभांति समझने और समझ नहीं आने पर बार-बार सवाल कर शंका का समाधान करने कहा। प्रेक्षक मीणा ने कहा कि ईवीएम का बेहतर संचालन के लिए हैंड्सऑन आवश्यक है। उन्होंने कोरबा लोकसभा अंतर्गत विधानसभा कोरबा क्षेत्र में मतदान की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों सम्पन्न कराए जाने की इस पहल की सराहना करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से कहा कि निर्वाचन कार्य में आपकी भागीदारी गर्व का विषय है। आप अपने आपको कम न आंके, आज महिलाएं बहुत आगे बढ़ रही है। निर्वाचन कार्य में आपकी भूमिका महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी और अन्य महिलाओं को मतदान के लिए भी प्रेरित करेगी। कलेक्टर श्री वसंत ने महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान करना जितना महत्वपूर्ण है,उतना ही महत्वपूर्ण मतदान के कार्यों को बिना किसी गलती के संपन्न कराना भी है। कलेक्टर ने पीठासीन अधिकारी से लेकर मतदान दल के अधिकारी एक,दो और तीन को आपस मे समन्वय बनाकर निर्वाचन के कार्य को गाइडलाइंस के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से सम्पादित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं को यह भी बताया कि इस बार अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है, इसलिए दो बैलेट यूनिट लगाए जाएंगे। मतदान की पूरी प्रक्रिया वैसी ही संचालित होगी जैसे एक बैलेट यूनिट में होती है। दो बैलेट यूनिट लगने से मतदान प्रोसेस में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगा। प्रेक्षक श्री मीणा ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन कोरबा जिले में सम्पन्न कराने की बात कही। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, एसडीएम श्रीकांत वर्मा आदि उपस्थित थे।
गौरतलब है कि लोकसभा निर्वाचन 2024 अंतर्गत निर्वाचन की प्रक्रिया में इस बार कोरबा विधानसभा क्षेत्र के 249 मतदान केंद्रों में पहली बार पीठासीन अधिकारी से लेकर अन्य मतदान कर्मचारियों के रूप में महिलाएं होंगी। महिलाओं द्वारा निर्वाचन कार्य सफलता पूर्वक संपादित किया जा सके और लोकतंत्र के इस महापर्व में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके, इस दिशा में पहल करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अजीत वसंत द्वारा उन्हें बारिकी से निर्वाचन कार्यों का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में आज से अतिरिक्त प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कोरबा जिले में लोकसभा निर्वाचन में लगभग 5500 अधिकारी-कर्मचारी अपनी भागीदारी देंगे।
कोरबा
12 साल का कार्यकाल पूरा, भाजपा महिला मोर्चा ने सरकार की उपलब्धियां बताई
कोरबा। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 4399 दिनों के कार्यकाल व केन्द्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उपलब्धियों को साझा किया। भाषण, पेटिंग व रंगोली प्रतियोगिताएं भी हुईं। जिसमें प्रतिभागियों ने कला व विचारों के जरिए पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाई।

राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संकल्प दोहराया। भाजपा जिला कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज टीपी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री संतोषी दीवान और अध्यक्षता महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार ने की। वक्ताओं ने कहा पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम बने हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रतिभागियों को महापौर संजू देवी राजपूत ने पुरस्कृत किया।
इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा, ज्योति वर्मा, रुक्मणी नायर, अर्जुन गुप्ता, नीरज ठाकुर, संजय राठौर, वैशाली रत्नपारखी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री अनुसुईया राठौर, स्वाति कश्यप मौजूद रहीं। समापन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने और जनसेवा के लिए समर्पित भाव से काम करने के आह्वान के साथ हुआ।
कोरबा
कोरबा में चूहे के बिल से निकले सांप ने डसा:परिवार ने समझा कीड़े का काटना, 11 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत
कोरबा। कोरबा जिले के दर्री प्रगति नगर क्षेत्र में सांप के डसने से 11 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। शनिवार तड़के हुई इस घटना में परिजनों ने शुरुआत में इसे किसी कीड़े के काटने की सामान्य घटना समझा, लेकिन कुछ ही देर में बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी।

अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान वैष्णवी उर्फ सन्नू (11) के रूप में हुई है, जो कक्षा तीसरी की छात्रा थी।

सुबह 4 बजे कान में दर्द की शिकायत
मृतका के पिता राकेश महतो ने बताया कि शुक्रवार रात पूरा परिवार एक ही कमरे में सो रहा था। शनिवार सुबह करीब 4 बजे वैष्णवी अचानक उठी और कान के पास किसी चीज के काटने की शिकायत करने लगी। उसने कमरे में मौजूद चूहे के बिल की ओर इशारा किया, जहां कुछ हलचल दिखाई दे रही थी।
परिजनों ने इसे चींटी या किसी अन्य कीड़े का काटना समझकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई।
तबीयत बिगड़ने पर बढ़ी चिंता
कुछ देर बाद वैष्णवी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। कान के पास सूजन बढ़ गई और उसे बेचैनी महसूस होने लगी। लक्षण गंभीर होते देख पिता को सांप के डसने की आशंका हुई। इसके बाद परिवार बच्ची को तत्काल दर्री के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा।
मेडिकल कॉलेज ले जाते समय हालत हुई गंभीर
निजी अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी हालत और खराब हो गई।
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद वैष्णवी को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, इलाज के दौरान वैष्णवी ने दम तोड़ दिया।
मौसम बदलने से बढ़ रही हैं सांप निकलने की घटनाएं
स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भरने लगता है, जिससे वे रिहायशी इलाकों की ओर निकल आते हैं। ऐसे समय में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सांप के डसने पर समय बर्बाद न करें
जितेंद्र सारथी ने कहा कि सांप के डसने को अक्सर लोग कीड़े या चींटी के काटने की घटना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने सलाह दी कि सांप के डसने की आशंका होने पर मरीज को 30 मिनट के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो।
उन्होंने झाड़-फूंक और घरेलू उपचार में समय बर्बाद नहीं करने की अपील की। साथ ही घर के आसपास साफ-सफाई रखने, चूहों के बिल बंद करने, रात में मच्छरदानी का उपयोग करने और जमीन पर सोने से बचने की सलाह दी है।
कोरबा
कोरबा-कटघोरा मार्ग पर नियमों की अनदेखी:खुले ट्रकों से उड़ रही फ्लाई ऐश, बढ़ा प्रदूषण और हादसों का खतरा, प्रशासन, प्रदूषण बोर्ड पर निष्क्रियता का आरोप
कोरबा। कोरबा-कटघोरा मार्ग पर पावर प्लांटों से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राखड़) का परिवहन खुलेआम नियमों की अनदेखी कर किया जा रहा है। बिना ढके ट्रकों में राखड़ ढोए जाने से सड़क पर प्रदूषण फैल रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

ट्रकों से उड़ने वाली राखड़ राहगीरों की आंखों और श्वसन तंत्र में जाती है
नियमों को ताक पर रखकर हो रहा परिवहन
नियमानुसार फ्लाई ऐश का परिवहन करने वाले वाहनों को पूरी तरह तिरपाल से ढकना अनिवार्य है, ताकि राखड़ हवा में न उड़े। लेकिन कोरबा-कटघोरा मार्ग पर चल रहे अधिकांश ट्रकों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। कई वाहन केवल औपचारिकता के तौर पर तिरपाल लगाते हैं, जो रास्ते में हवा से हट जाता है।
उड़ती राखड़ से बढ़ रहे हादसे
स्थानीय लोगों के अनुसार तेज रफ्तार ट्रकों से उड़ने वाली राखड़ सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। राखड़ आंखों में जाने से बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
गांवों में बढ़ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
सड़क किनारे बसे गांवों के लोग लगातार उड़ती धूल और राखड़ के बीच रहने को मजबूर हैं। फ्लाई ऐश के महीन कण हवा में घुलकर लोगों के फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं। इसके कारण दमा, सांस की एलर्जी, खांसी और संक्रमण जैसी बीमारियों के मामलों में वृद्धि हो रही है।

अधिकांश ट्रक केवल नाममात्र का तिरपाल इस्तेमाल करते हैं, जो हवा से उड़ जाता है।
आंधी के बाद राख की परत से ढक जाता है इलाका
ग्रामीणों का कहना है कि आंधी-तूफान के बाद हालात और खराब हो जाते हैं। उड़ती राखड़ पूरे क्षेत्र में फैल जाती है और घरों, दुकानों, स्कूलों तथा अन्य भवनों पर राख की परत जम जाती है। इससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
स्थानीय निवासियों ने उड़ती राखड़ और सड़क किनारे जमा ढेरों को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा जिला प्रशासन से कई बार शिकायतें की हैं। हालांकि, हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।
ओवरलोड ट्रकों और बिना ढके परिवहन पर कोई कार्रवाई या चालान नहीं किया जा रहा है, जिससे पावर प्लांट संचालक और ट्रांसपोर्टर मनमानी कर रहे हैं।
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