विदेश
ट्रम्प बोले-US को इंडियन मार्केट में पहुंच मिलने वाली है:ट्रेड डील पर बातचीत जारी, इंडोनेशिया पर 19% टैरिफ लगाया
वॉशिंगटन,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका भारतीय मार्केट में पहुंच हासिल करने के लिए एक समझौते पर काम कर रहा है। इसके अलावा, उन्होंने इंडोनेशिया के साथ एक नए व्यापार समझौते की घोषणा की। इसके तहत इंडोनेशिया से आने वाले सामान पर अमेरिका 19% टैरिफ लगाएगा।
ट्रम्प ने भारत को लेकर कहा- हमें इंडियन में मार्केट में पहुंच मिलने वाली है। पहले हमें इन देशों में कोई पहुंच नहीं थी। हमारे लोग वहां व्यापार नहीं कर पाते थे। अब टैरिफ के जरिए हम पहुंच हासिल कर रहे हैं।”
ट्रम्प ने बताया कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से बात करने के बाद एक व्यापार समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत इंडोनेशिया अमेरिकी इम्पोर्ट पर कोई टैरिफ नहीं लगाएगा, जबकि अमेरिका, इंडोनेशिया के निर्यात पर 19% टैरिफ लगाएगा।

ट्रम्प ने यह बयान पेनसिल्वेनिया जाते वक्त दिया। इस दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट भी उनके साथ मौजूद थीं।
इंडोनेशिया, अमेरिका पर जीरो टैरिफ लगाएगा
ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा- हमने इंडोनेशिया के साथ समझौता किया। मैंने उनके बहुत लोकप्रिय और मजबूत राष्ट्रपति से बात की। अब हमें इंडोनेशिया में पूरी पहुंच मिलेगी। हम कोई टैरिफ नहीं देंगे।
उन्होंने आगे कहा- इंडोनेशिया हमें अपने बाजार में एक्सेस दे रहा है, जो पहले कभी नहीं थी। यह समझौते का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके बदले वे 19% टैरिफ देंगे और हम कुछ नहीं देंगे। यह दोनों पक्षों के लिए अच्छा सौदा है।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस समझौते को “पक्का” बताया।
उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत इंडोनेशिया अमेरिका से 15 अरब डॉलर की एनर्जी, 4.5 अरब डॉलर के कृषि प्रोडक्ट्स और 50 बोइंग जेट विमान खरीदेगा।

ट्रम्प बोले- यह समझौता पक्का है
ट्रम्प ने यह भी बताया कि इंडोनेशिया के पास हाई क्वालिटी वाला कॉपर (तांबा) है, जो अमेरिका के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि मंगलवार दोपहर तक इंडोनेशिया सरकार ने इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की थी।
CNN के मुताबिक, पिछले साल इंडोनेशिया ने अमेरिका को 2 करोड़ डॉलर का तांबा एक्सपोर्ट किया था, जबकि चिली ने 60 करोड़ डॉलर और कनाडा ने 40 करोड़ डॉलर का तांबा एक्सपोर्ट किया था।
दो दिन पहले रूस पर 100% टैरिफ की धमकी दी
ट्रम्प ने सोमवार को रूस पर यूक्रेन से जंग खत्म करने का दबाव डालने के लिए भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ट्रम्प ने कहा था- मैं ट्रेड को कई चीजों के लिए इस्तेमाल करता हूं, लेकिन यह युद्ध खत्म करने के लिए बहुत अच्छा है।
ट्रम्प ने कहा था कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 50 दिन में यूक्रेन के साथ शांति समझौता नहीं किया, तो उस पर 100% टैरिफ लगेगा। ट्रम्प ने बताया कि यह ‘सेकेंडरी टैरिफ’ होगा, जिसका मतलब रूस से तेल खरीदने वाले देशों, जैसे भारत और चीन, पर भी प्रतिबंध लगेगा।

ट्रम्प ने जिस वक्त रूस पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, नाटो के महासचिव मार्क रूटे भी उनके साथ मौजूद थे।
ट्रम्प बोले- मैं किसी पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता
ट्रम्प ने मंगलवार को बीबीसी से बात करते हुए कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से नाखुश हैं, लेकिन उनके साथ रिश्ते पूरी तरह टूटे नहीं हैं। जब उनसे पुतिन पर भरोसे के बारे में सवाल किया गया, तो ट्रम्प ने कहा, “मैं किसी पर भी पूरी तरह भरोसा नहीं करता।”
विदेश
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोला, कमर्शियल जहाज गुजर सकेंगे
लेबनान में सीजफायर के बाद फैसला, ट्रम्प बोले- शुक्रिया, लेकिन ईरान की नाकाबंदी जारी रहेगी
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। ईरान ने सीजफायर के दौरान होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोल दिया है। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने X पर पोस्ट कर बताया कि सभी कमर्शियल जहाजों को गुजरने की इजाजत होगी। यह फैसला लेबनान में सीजफायर के बाद लिया गया है।

उन्होंने बताया कि जहाज एक सुरक्षित रास्ते से गुजरेंगे, जिसे ईरान के पोर्ट्स और मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने पहले से तय कर रखा है, ताकि सफर के दौरान कोई खतरा न हो। अराघची ने कहा कि इस दौरान जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समुद्री व्यापार प्रभावित न हो।
इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान को शुक्रिया कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही होर्मजु स्ट्रेट खुल गया है लेकिन ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी और यह सिर्फ ईरान पर लागू होगी।

बिज़नस
आर्थिक स्थिति के सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है: मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन
वाशिंगटन,एजेंसी। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव के बारे में बुधवार को चेताया और कहा कि स्थिति के सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है। नागेश्वरन ने यहां ‘यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम’ द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक संघर्ष का प्रभाव चार व्यापक क्षेत्रों में महसूस किया जा सकता है – ऊर्जा की उच्च कीमतें, अन्य वस्तुओं की आपूर्ति में व्यवधान, रसद और बीमा लागत में वृद्धि तथा आपूर्ति प्रवाह में गिरावट।

नागेश्वरन ने यूएस-इंडिया इकोनॉमिक फोरम 2026 को संबोधित करते हुए कहा, ”इसलिए मुझे लगता है कि हमें संघर्ष की समाप्ति और आर्थिक गतिविधियों की सामान्य बहाली के लिए अधिक धैर्य रखने की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि संघर्ष से उत्पन्न अनिश्चितता के व्यापक दायरे को समझना आवश्यक है, विशेष रूप से दक्षिण एशिया में और सामान्य तौर पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में। नागेश्वरन ने कहा, ”यह केवल तेल की कीमत का मामला नहीं है… यह उन वस्तुओं के बारे में है जो मायने रखती हैं।”

बिज़नस
IEA प्रमुख की चेतावनी, यूरोप के पास बचा सिर्फ 6 हफ्ते का ईंधन, फ्लाइट्स पर खतरा
पेरिस, एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूरोप के पास ”संभवत: करीब छह हफ्ते का विमान ईंधन ही बचा है” और यदि ईरान युद्ध के कारण तेल आपूर्ति बाधित रहती है तो जल्द ही उड़ानें रद्द हो सकती हैं। आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) के साथ साक्षात्कार में पश्चिम संकट के वैश्विक प्रभावों की गंभीर स्थिति बयां करते हुए इसे ”अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट” करार दिया।

होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये तेल, गैस एवं अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति के बाधित होने से यह ऊर्जा संकट” उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा, ”पहले ‘डायर (भयानक) स्ट्रेट्स’ नाम का एक समूह था। अब यह सचमुच एक ‘डायर स्ट्रेट’ बन गया है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा। यह जितना लंबा चलेगा, वैश्विक आर्थिक वृद्धि और महंगाई के लिए उतना ही खराब होगा।”
महंगा हो सकता है तेल-गैस
बिरोल ने कहा कि इसका प्रभाव “पेट्रोल (गैसोलीन) की ऊंची कीमतें, गैस की बढ़ती कीमतें और बिजली की महंगी दरों” के रूप में दिखाई देगा जबकि दुनिया के कुछ हिस्से दूसरों की तुलना में अधिक प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा, ”सबसे ज्यादा असर एशियाई देशों पर पड़ेगा” जो पश्चिम एशिया से ऊर्जा पर निर्भर हैं जिनमें जापान, दक्षिण कोरिया, भारत, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं।
बिरोल ने कहा, ”इसके बाद इसका प्रभाव यूरोप और अमेरिका पर पड़ेगा।” उन्होंने आगाह किया कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा नहीं खुलता है, तो ‘जल्द ही हम यह खबर सुन सकते हैं कि विमान ईंधन की कमी के कारण एक शहर से दूसरे शहर के लिए उड़ानें रद्द की जा सकती हैं।’

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