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कोरबा

श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल द्वारा दो दिवसीय आनंद मेला का आयोजन सम्पन्न

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अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा ने कहा जारी रहेगा समाज सेवा का यह अभियान

कोरबा। श्रद्धा महिला मण्डल द्वारा एसईसीएल वसंत विहार स्थित खेल मैदान में आयोजित दो दिवसीय आनंद मेला का आज सांस्कृतिक कार्यक्रम पश्चात समापन किया गया। मेले के दूसरे दिन आज के कार्यक्रम में महिला स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता तथा महिला सशक्तिकरण की मुहिम के तहत आर्थिक रूप से अक्षम महिलाओं सहित 20 लाभार्थियों को ई-रिक्शा एवं हाथ ठेला प्रदान किए गए। उक्त ई-रिक्शा एवं हाथ ठेला एसईसीएल श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती पूनम मिश्रा के करकमलों से प्रदान किए गए। लाभार्थियों में 10 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए एवं 4 महिलाओं एवं 6 पुरुषों को हाथ ठेला प्रदान किए गए। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आने वाले लाभार्थियों विशेषकर महिलाओं को ई-रिक्शा एवं हाथ ठेला मिलने से उन्हें स्वरोजगार का जरिया मिलेगा जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर पाएंगे। ई-रिक्शा एवं हाथ ठेले पाकर महिलाएं बेहद खुश नजऱ आईं एवं उन्होने कहा कि ई-रिक्शा एवं हाथ ठेला प्रदान करने के लिए हम श्रद्धा महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा के बहुत-बहुत आभारी हैं एवं इससे हमें जीवन-यापन करने में बहुत मदद मिलेगी। श्रद्धा महिला मण्डल द्वारा आयोजित दो दिवसीय आनंद मेले में लोगों का हूजूम देखा गया। इस अवसर पर श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रद्धा महिला मण्डल, एसईसीएल बिलासपुर एवम क्षेत्रीय समितियों के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्याओं के अथक प्रयासों से इस मेले में हमारे 13 कोयला क्षेत्रों में कार्यरत महिला समितियों की बहनों ने स्टाल लगाया। आनंद मेले में श्रद्धा महिला मंडल एसईसीएल बिलासपुर सहित एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों की महिला समितियों द्वारा लगाए गए भारत के विभिन्न राज्यों की थीम पर आधारित स्टालों ने एक मिनी भारत की छवि प्रस्तुत की। मुख्यालय के श्रद्धा महिला मंडल का स्टाल आकर्षण का केन्द्र बना जिसमें लगाए गए चेन्नई एक्सप्रेस सेल्फी पाइंट पर सेल्फी लेने लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। साथ ही स्टाल में छत्तीसगढ़ी ग्राम अंचल को दर्शाता हुआ एक मणी जैसी संरचना बनाई गई है। इसी तरह बैलगाड़ी जैसी संरचना भी निर्मित है, जिसे लोगों द्वारा काफी पसंद किया गया। वहीं एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों की महिला समितियों के स्टालों में भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले में गेवरा क्षेत्र द्वारा हरियाणा राज्य की थीम पर स्टाल लगाया गया जिसमें लोगों ने हरियाणा राज्य के विभिन्न व्यंजनों का मज़ा लिया। इसी तरह दीपका क्षेत्र द्वारा पश्चिम बंगाल एवं कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा बिहार राज्य की थीम पर स्टाल लगाया गया जिसमें लोगों ने इन राज्यों के स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ लिया। भटगांव क्षेत्र द्वारा गोवा राज्य की थीम पर स्टाल बनाया गया जिसमें एक क्रूज़ का प्रदर्शन किया गया जिसने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा। रायगढ़ क्षेत्र द्वारा झारखंड राज्य की थीम पर लगाए गए स्टाल पर भी लोगों का हुजूम देखा गया। मेले में मुख्यालय एवं क्षेत्रीय महिला समितियों के अलावा विभिन्न उद्यमियों विशेषकर महिला उद्यमियों द्वारा 80 से भी अधिक स्टाल लगाए गए हैं। छत्तीसगढ़ की स्थानीय कला, संस्कृति, हैंडीक्राफ्ट आदि से जुड़े उत्पादों को इन स्टालों में लगाया गया जिसकी खरीदारी मेला घूमने आए लोगों द्वारा की गई। श्रद्धा महिला मंण्डल द्वारा आयोजित इस आनंद मेले में एसईसीएल एम्प्लाई सपरिवार एवं आसपास व शहर के लोगों ने खूब लुफ्त उठाया। आनंद मेले में लोगों ने जमकर विभिन्न व्यंजनों का स्वाद चखा एवं अलग-अलग क्षेत्रों के प्रसिद्ध परिधानों व अन्य सामानों की खरीददारी की। व्यंजनों के स्टॉल के आगे अधिक भीड़ देखी गयी। व्यंजनों में लोगों ने छत्तीसगढी़, राजस्थानी, उत्तरप्रदेश, पंजाबी, गुजराती, बंगाली आदि व्यंजनों का भरपूर स्वाद चखा। इसके साथ ही लोगों ने लघु उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों से अपनी आवश्यकता की सामग्रियाँ क्रय की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रीय महिला समितियों द्वारा किए गए कल्याणकारी कार्यों के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर एसईसीएल निदेशक मण्डल से श्रद्धा महिला मण्डल उपाध्यक्षा श्रीमती रीतांजली पाल, सहित सदस्यागण श्रीमती राजी श्रीनिवासन, श्रीमती संगीता कापरी, श्रीमती सुजाता खमारी उपास्थित रहीं।

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कोरबा

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ

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जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला

कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।

कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।

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अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना

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कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।

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कोरबा

कोरबा दीपका में उपचुनाव, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, क्या पावर का हुआ गलत इस्तेमाल

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प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोकने मनमाना नियम थोपने का आरोप

हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी शोभा तिग्गा की उम्मीदें

बिलासपुर//कोरबा। कोरबा जिले के नगर पालिका परिषद दीपका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 में हो रहे उपचुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है इस उपचुनाव में भाग लेने की इच्छुक अभ्यर्थी का नामांकन पत्र मनमाना नियम थोप कर लेने से अस्वीकार कर कर दिया गया इससे क्षुब्ध हो कर शोभा तिग्ग ने उच्च न्यायालय की शरण ली है अपने अधिवक्ता अंशुल तिवारी के माध्यम से याचिका दायर कर राहत देने की गुहार लगाई है इसमें छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग के साचिव/कमिश्नर, रायपुर, जिला निर्वाचन अधिकारी कोरबा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपका व रिटर्निंग ऑफिसर, वार्ड नंबर 15 को प्रतिवादी बनाया गया है ।

याचिकाकर्ता शोभा तिग्गा वार्ड 15 दीपका की निवासी है, उसने दीपका के वार्ड नंबर 15 के काउंसलर/पार्षद के पद के लिए उसकी उम्मीदवारी में रुकावट डालने के लिए नगर पालिका अधिकारियों की मनमानी कार्रवाई को चुनौती दी है। 11.05.2026 के इलेक्शन नोटिफिकेशन के मुताबिक वह पालिका चुनाव लड़ना चाहती थी और उसने कानून के मुताबिक अपने नामांकन पत्र तैयार किए थे। इलेक्शन शेड्यूल में नॉमिनेशन पेपर फाइल करने की आखिरी तारीख 18.05.2026 तय की गई थी, जिसमें 01.06.2026 को पोलिंग और 04.06.2026 को काउंटिंग तय है ।

दुकान का एनओसी मांगा गया,इसी पर सवाल

शोभा तिग्गा ने हाईकोर्ट को बताया कि उसने पहले साल 2021 में नगर पालिका दीपका के अंतर्गत चौपाटी में दुकान नंबर 06 चलाने के लिए एक एग्रीमेंट किया था और उसी साल उस दुकान से जुड़े सभी ड्यूज़ (बकाया) भी क्लियर कर दिए थे लेकिन जब उसने 18 मई 2026 को अपना नॉमिनेशन पेपर जमा करने के लिए ऑफिस गई तो चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर ने एक विवादित लेटर जारी किया जिसमें उसे उस दुकान के संबंध में म्युनिसिपल काउंसिल से एक NOC या पंचनामा पेश करने का निर्देश दिया गया था इसके तुरंत बाद 18 मई को ही शोभा तिग्गा ने एक रिक्वेस्ट दी जिसमें उसी ऑफिस से NOC जारी करने की मांग की गई क्योंकि CMO खुद ही वह अथॉरिटी थे जो ऐसे NOC पर ज़ोर दे रहे थे और किसी भी बकाया का स्टेटस साफ़ करने और NOC जारी करने के लिए भी वही अथॉरिटी थे याचिकाकर्ता ने कहा है कि ऐसे डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना पूरी तरह से मनमाना था और किसी भी कानूनी नियम से सपोर्टेड नहीं था पिटीशनर का कहना है कि 2021 के बाद से उसके खिलाफ कभी कोर्ड बकाया नोटिस डिमांड या रिकवरी की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

न्याय सिद्धान्तों का उल्लंघन

पिटीशनर शोभा तिग्गा का कहना है कि विवादित कार्रवाई गैर-कानूनी मनमाना और नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों का उल्लंघन है क्योंकि रेस्पोंडेंट्स ने नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करने के लिए एक गैर-कानूनी शर्त लगाने की कोशिश की है यह खास तौर पर कहा गया है कि पिटीशनर छत्तीसगढ़ म्युनिसिपैलिटीज एक्ट 1961 के सेक्शन 35 के तहत किसी भी तरह की डिसक्वालिफिकेशन के दायरे में नहीं आती है क्योंकि उसके खिलाफ कोई मौजूदा म्युनिसिपल बकाया नहीं है और डिसक्वालिफिकेशन लिए कानूनी शर्तें नहीं हैं रेस्पोंडेंट बिना इजाज़त NOC की ज़रूरत पर ज़ोर देकर कानूनी तौर पर अयोग्य ठहराए जाने का दायरा नहीं बढ़ा सकते। पिटीशनर ने 18.05.2026 के विवादित लेटर को रद्द करने और रेस्पोंडेंट को यह निर्देश देने की मांग की है कि वे कानून के तहत तय नहीं किए गए किसी भी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर दिए बिना उसका नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करें और प्रोसेस करें ।

मनमानी, बेमतलब और पावर का गलत इस्तेमाल

शोभा तिग्गा ने याचिका में कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया मनमानी बेमतलब और सही प्रक्रिया की बुनियादी ज़रूरतों के खिलाफ है उसको ऐसा कोई कानूनी नियम नहीं दिखाया गया जिसके तहत काउंसिलर/पार्षद के ऑफिस के लिए नॉमिनेशन स्वीकार करने की शर्त के तौर पर नगर निगम से पहले किराए पर ली गई दुकान के संबंध में कोई NOC जमा करने की ज़रूरत हो शोभा का कहना है कि जिस लेटर पर सवाल उठाया गया है वह उसे उसका नॉमिनेशन पेपर दाखिल करने से रोकने का एक साफ तरीका है जिससे चुनाव लड़ने के उसके डेमोक्रेटिक (लोकतांत्रिक) अधिकार को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है आरोप है कि यह सब जानबूझकर रुकावट डालने के मतलब में गलत इरादे से की गई है भले ही किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई निजी गलत इरादे न बताए गए हों बार-बार कहने के बावजूद नॉमिनेशन स्टेज पर एक गैर-कानूनी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना, पावर का मनमाना इस्तेमाल दिखाता है ।

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