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छत्तीसगढ़

शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय बिलासपुर में दो सप्ताहिक इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन

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बिलासपुर। शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय बिलासपुर में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (ए0 आई0 सी0 टी0 ई0) नई दिल्ली के निर्देशानुसार प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए दिनांक 17/09/2024 से दिनांक 28/09/2024 तक दो सप्ताहिक इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम ए0 आई0 सी0टी0 ई0 मान्यता प्राप्त सभी इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के लिए अनिवार्य है। इंजीनियरिंग की संस्थाओं में छात्र छात्राएं विभिन्न विचारों, पृष्ठभूमियों एवं सोच के साथ प्रवेश लेते हैं अत: छात्र छात्राओं का संस्था के नए वातावरण के साथ सही तालमेल स्थापित करना एवं उनमे एक सकारात्मक सोच का विकास करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
दो सप्ताह चलने वाले इस इंडक्शन कार्यक्रम में विभिन्न शारीरिक, बौद्धिक, कलात्मक, विशिष्ट व्याख्यान, प्रेरक व्याख्यान तथा सांस्कृतिक गतिविधियां आजोजित की जाएँगी। इन गतिविधियों में योग, खेलकूद, चित्रकारी, गायन, नृत्य, निबंध लेखन, वाद विवाद प्रतियोगिता इत्यादि शामिल हैं। साथ ही साथ छात्र छात्राओं को स्थानीय क्षेत्रों जैसे चिकित्सालय, अनाथालय, वृद्धाश्रम इत्यादि का भ्रमण भी कराया जाना है। जिससे की छात्रों का सर्वागीण विकास हो सके।
आज कार्यक्रम के शुभारम्भ पर कार्यक्रम के औपचारिक उद्घाटन एवं छात्र छात्राओं को सम्बोधित करने संस्था के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ जी एस सिंह उपस्थित थे। उन्होंने समस्त महाविद्यालय महाविद्यालय परिवार की ओर से नवप्रवेशित छात्र छात्राओं का स्वागत करते हुए छात्र- छात्राओं से आह्वान किया कि वे इस कार्यक्रम के माध्यम से अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करें। कार्यक्रम में उपस्थित समस्त कक्षा शिखकों ने नवप्रवेशित छात्र छात्राओं को गूगल क्लासरूम में शामिल किये जाने, अपने कक्षा के कार्यालयीन व्हाट्सप्प ग्रुप में जोड़े जाने एवं छात्रावास में प्रवेश सम्बन्धी जरूरी जानकारियां साझा करते हुए मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में नवप्रवेशित छात्र छात्राओं हेतु महाविद्यालयीन शिक्षकों के साथ परिचय का समारोह रखा गया जिसमे महाविद्यालय के समस्त शिक्षक गण, अधिकारीयों व कर्मचारियों से छात्र छात्राओं का औपचारिक रूप से परिचय कराया गया। अपने उद्बोधनों में शिक्षकों ने नवप्रवेशित छात्र छात्राओं का महाविद्यालय में स्वागत करते हुए उनको सर एम. विश्वेश्वरैया एवं उनके उपलब्धियों के बारे में बताया तथा उन्हें महाविद्यालय में परिश्रम एवं अनुसाशन का पालन करते हुए एक कुशल इंजीनियर एवं एक अच्छा इंसान बनने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था के प्राचार्य डॉ बी एस चावला ने अपने उध्बोधन में कहा कि यह महाविद्यालय राज्य के सबसे पुराने महाविद्यालयों में से एक है जहा से अब तक हजारों इंजीनियर उत्तीर्ण होकर देश एवं दुनियाँ के विभिन्न जगहों पर जाकर महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने नवप्रवेशित छात्र छात्राओं से भी महाविद्यालय के इसी रीत का अनुशरण करने हेतु प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंत में नवप्रवेशित छात्र छात्राओं को संस्था में संचालित विभिन्न संगठनो जैसे एन. एस. एस. एवं एन. पी. टी. ई. एल. के बारे में अवगत करते हुए इनमे भाग लेने हेतु प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त नवप्रवेशित छात्र छात्राओं के लिए महाविद्यालय के ग्रंथालय कार्ड बनाये जाने एवं उसके सदुपयोह हेतु महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी दी गयी।
उक्त इंडक्शन कार्यक्रम संस्था के प्राचार्य डॉ बी एस चावला के कुशल मार्गदर्शन, डॉ जी एस सिंह, डॉ अवनीश उपाध्याय तथा प्रो आर. के. डहरिया के साथ साथ समस्त प्रथम वर्ष प्राध्यापकों के सफल समन्वयन एवं संस्था के सभी विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों, अधिकारीयों तथा कर्मचारियों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

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कोरबा

संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।

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कोरबा

सुशासन  तिहार में जनमन सहित अन्य प्रचार समाग्री का किया गया वितरण

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कोरबा। सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जन कल्याणकारी और महत्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित तथा जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों  एवं नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही जिले के सभी पांच ब्लाक में आयोजित महत्वपूर्ण शिविर स्थल-ग्राम पिपरिया, जल्के, बसीबार, बैरा, चोढ़ा, चुईया, गिधौरी, केराकछार, सिरमिना, लमना, नगोई, मोरगा, निरधी, जटगा, छिंदपुर आदि स्थानों में शिविर के माध्यम से जनमन सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का अवलोकन किया। शिविर के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में प्रचार सामग्री सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिंग टूमारो छ.ग.टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड) आदि का वितरण किया गया।

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कोरबा

31 मई को मनाया जाएगा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में कोरबा जिले में 31 मई 2026 को राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले में तंबाकू सेवन एवं धुम्रपान  से हाने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे जनसामान्य में धुम्रपान और तम्बाकू सेवन करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य परामर्श एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधयां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों, महाविद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्तिगत स्वाथ्य के लिए हानिकारक है , बल्कि यह हमारे परिवारों और पर्यावरण को भी नुकसान पहॅंुचाता है वर्तमान समय में कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बिमारियॉं एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण तंबाकू सेवन  है।
उन्होंने आमजन से अपील किया है कि वे स्वयं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावो के प्रति जागरूक करें साथ ही विश्व तंबाकू निषेघ कार्यक्रम में सहभागिता कर तंबाकू मुक्त समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।

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