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कोरबा

वेदांता के कलिंगा लान्सर्स तैयार हैं हॉकी इंडिया लीग 2024 में अपना कौशल दिखाने के लिए

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नई दिल्ली। वेदांता कलिंगा लान्सर्स अपने दक्ष खिलाड़ियों और सुनियोजित खेल रणनीति के साथ बहुप्रतीक्षित हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार है, गौर तलब है कि यह प्रतियोगिता सात सालों के विराम के बाद होने जा रही है। पहले इस टीम ने नीलामी के दौरान दबदबा दिखाया और उभरते भारतीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों एवं अंतर्राष्ट्रीय हॉकी सितारों को हासिल किया और अब हॉकी मैचों का शेड्यूल घोषित होने पर यह उनके लिए तैयारी कर रही है।

हॉकी इंडिया लीग 2024 का आयोजन 28 दिसम्बर 2024 से लेकर 1 फरवरी 2025 तक होगा। इस लीग में आठ जानदार टीमें एचआईएल चैम्पियनशिप का खिताब जीतने के लिए राउरकेला और रांची के मशहूर स्टेडियमों में मुकाबला करेंगी। कलिंगा लान्सर्स के अभियान की शुरुआत 30 दिसम्बर 2024 को राउरकेला में यूपी रुद्राज़ के साथ मुकाबले से होगी। इसके बाद तमिलानाडु ड्रैगन्स, श्राची रार बंगाल टाइगर्स और दिल्ली एसजी पाइपर्स जैसे विकट प्रतिद्वंदियों से होने वाले मुकाबले टीम के सफर को चुनौतीपूर्ण किंतु संभावनाओं से भरपूर बनाएंगे। इस टीम में कृष्ण बी पाठक, ऐरन ज़ालेवस्की व अलेक्ज़ेंडर हेंड्रिक्स जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रोशन कुजुर और मुकेश टोप्पो जैसे उभरते हुए प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हैं। ये सभी एकजुट होकर पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन करेंगे।

मैच शेड्यूल को अंतिम रूप दिए जाने पर वेदांता एल्यूमिनियम के सीओओ सुनील गुप्ता ने कहा, ’’न केवल कलिंगा लान्सर्स के लिए बल्कि ओडिशा व समग्र भारत में भी हॉकी के लिए यह एक निर्णायक क्षण है। एक काबिल टीम और रणनीतिक रोडमैप के साथ हम अपने प्रशंसकों के समक्ष प्रतिस्पर्धा करने के लिए बेहद उत्साहित हैं, खासकर अपने होमग्राउंड राउरकेला में। हमारा मिशन है इस क्षेत्र में हॉकी के लिए लोगों को प्रेरित करना और उनके बीच इस खेल के जोश को लौटा कर लाना और साथ ही अपने प्रत्येक मैच को जीतना तो हमारा ध्येय है ही।’’

अनुभवी सपोर्ट स्टाफ के मार्गदर्शन में कलिंगा लान्सर्स डायनमिक, तीव्र गति के खेल एवं साथ में सामरिक अनुशासन पर ध्यान केन्द्रित करेंगे। टीम खेल के मैदान में और ऑफ-द-फील्ड भी लगन से तैयारी कर रही है, जिसमें एकजुटता, रक्षा और स्कोर के मौकों को अधिकतम करना शामिल है।

कलिंगा लान्सर्स के रणनीति निदेशक डेविड जॉन ने कहा, ’’इस शेड्यूल से हमें पर्याप्त अवसर मिलेगा की हम अपने खेल की गहराई और टीम की ताकत को प्रदर्शित कर सकें। हमने कड़ा प्रशिक्षण किया है और टीम-बिल्डिंग की गतिविधियां की हैं ताकि हर मैच को हम आत्मविश्वास एवं सटीकता से खेलें।’’

कलिंगा लान्सर्स के साथ वेदांता का जुड़ाव एक व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसके अंतर्गत ओडिशा में युवा विकास, सामुदायिक सहभागिता और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है। हॉकी के अलावा, जमीनी स्तर पर विभिन्न खेलों के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का वेदांता का बहुत मजबूत रिकॉर्ड रहा है जिससे कम्पनी राज्य की समृद्ध खेल संस्कृति में योगदान दे रही है।

हॉकी इंडिया लीग 2024 के इस सीजन की शुरुआत होने जा रही है जिसमें खेल प्रशसंकों को रोमांचक मैच देखने का मौका तो मिलेगा ही इसके अलावा ओडिशा की हॉकी को नई ऊर्जा भी मिलेगी। और चूंकी, वेदांता की कलिंगा लान्सर्स टीम मुकाबले की अगुआई कर रही है इसलिए रोमांचक प्रतिस्पर्धा का मंच पूरी तरह तैयार हो चुका है।

कलिंगा लान्सर्स का मैच शेड्यूल:

1. 30 दिसम्बर 2024: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम यूपी रुद्राज़ – राउरकेला

2. 03 जनवरी 2025: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम तमिलनाडु ड्रैगन्स – राउरकेला

3. 05 जनवरी 2025: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम सूरमा हॉकी क्लब – राउरकेला

4. 06 जनवरी 2025: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम श्राची रार बंगाल टाइगर्स – राउरकेला

5. 09 जनवरी 2025: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम गोनासिका – राउरकेला

6. 12 जनवरी 2025: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम हैदराबाद तूफान्स – राउरकेला

7. 16 जनवरी 2025: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम दिल्ली एसजी पाइपर्स – राउरकेला

8. 19 जनवरी 2025: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम दिल्ली एसजी पाइपर्स – राउरकेला

9. 24 जनवरी 2025: श्राची रार बंगाल टाइगर्स बनाम वेदांता कलिंगा लान्सर्स – रांची

10. 27 जनवरी 2025: वेदांता कलिंगा लान्सर्स बनाम सूरमा हॉकी क्लब – राउरकेला

ओडिशा में वेदांता की उपस्थिति बहुत व्यापक है, कंपनी झारसुगुडा में भारत का सबसे बड़ा एल्यूमिनियम प्लांट (1.8 एमटीपीए) चला रही है और कालाहांडी में एक अत्याधुनिक एल्यूमिना रिफाइनरी (3.5 एमटीपीए) भी है। वेदांता एल्यूमिनियम ने राज्य में 1,00,000 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा की हैं, इससे भारत के औद्योगिक परिदृश्य में ओडिशा की स्थिति और अधिक पुख्ता हुई है। इसके अतिरिक्त, कोयला, बॉक्साइट, फेरोक्रोम व आयरन ओर में निवेश के जरिए वेदांता ’मेक इन इंडिया’ के ध्येय को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। काबिले गौर है कि कंपनी भारत के सकल एल्यूमिनियम उत्पादन में 50 प्रतिशत का योगदान देती है और आयात पर देश की निर्भरता को कम कर रही है।

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कोरबा

अपना बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर दूसरों को देना पड़ा भारी

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कोरबा निवासी 02 लोगों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट के मामले में पुलिस की कार्रवाई

कोरबा पुलिस की अपील—अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम एवं मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें

कोरबा। पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय से म्यूल अकाउंट (Mule Account) के संबंध में प्राप्त निर्देशों के पालन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।

इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा अलग अलग बैंक खातों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दो अलग अलग अपराधों में दो खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में खाता धारक महेंद्र कुमार धीवर निवासी मानस नगर, कोरबा एवं के प्रभाकर राव निवासी कृष्ण नगर कोरबा द्वारा अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग हेतु दिए जाने की बात सामने आई। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि संबंधित बैंक खाते होल्ड हो गए हैं।

प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना वर्तमान में जारी है।

म्यूल अकाउंट के विरुद्ध कोरबा पुलिस की कार्रवाई

साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अथवा पहले से संचालित बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किया जाता है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।

साइबर अपराध में प्रयुक्त ऐसे खातों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।

कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील

साइबर अपराधी लोगों को कमीशन अथवा अन्य प्रकार के लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर अथवा सिम का उपयोग साइबर अपराधों में कर सकते हैं। अतः नागरिक निम्न सावधानियां बरतें—

  • अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें।
  • अपना एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
  • अपना मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें।
  • किसी व्यक्ति द्वारा कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही जाए तो सतर्क रहें।
  • अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें।
  • किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने बैंक एवं पुलिस को सूचित करें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में राशि प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर अथवा नकद निकालकर न दें।

कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम अथवा मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर स्वयं को साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

सजग कोरबा – सतर्क कोरबा।

— जिला कोरबा पुलिस, छत्तीसगढ़

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कोरबा

SECL मानिकपुर जनसुनवाई रद्द करने की मांग:ग्रामीणों ने प्रक्रिया को फर्जी बताया,भू-विस्थापित बोले- पहले पुराने वादे पूरे करो,नहीं तो 3 हजार ग्रामीण करेंगे विरोध

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कोरबा। SECL मानिकपुर ओपन कास्ट खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। भू-विस्थापित संगठन मानिकपुर ने 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की है।

संगठन ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 8 प्रभावित गांवों के करीब 2 से 3 हजार महिला-पुरुष ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इसका उग्र विरोध करेंगे।

200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों पहले खदान के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने के बावजूद करीब 200 से 250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, SECL द्वारा गोद लिए गए 7-8 गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और SECL प्रबंधन खदान विस्तार और कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि विस्थापित परिवारों की पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।

युवाओं के लिए 400-500 स्थायी नौकरी की मांग

भू-विस्थापितों ने प्रभावित गांवों के युवाओं के लिए मौके पर ही 400 से 500 पदों पर नियमित और स्थायी भर्ती शुरू करने की मांग रखी है। इसके अलावा भिलाई खुर्द-1, 2 और 3 में बचे मकानों और जमीनों का दोबारा पारदर्शी तरीके से भौतिक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की गई है।

रापाखरा और दादर खुर्द को लेकर भी मांग

ग्रामीणों ने रापाखरा के विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दादर खुर्द के तालाब को गांव की निस्तारी का प्रमुख स्रोत बताते हुए वहां ओबी डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

ग्रामीणों को सूचना दिए बिना जनसुनवाई कराने का आरोप

ग्रामीण अमन पटेल ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन 21 अगस्त को जनसुनवाई कराने जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा गया था कि जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को बताया जाएगा। इसके बावजूद अब पंचायत सचिव, सरपंच और अन्य क्षेत्रों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े वादे पूरे नहीं होते, तब तक खदान विस्तार के लिए जनसुनवाई नहीं होने दी जाएगी।

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कोरबा

भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों की जांच के लिए एसईसीएल ने गठित की उच्चस्तरीय समिति

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पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध शिकायत निवारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से लागू की गई यह उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था प्रत्येक पात्र हितग्राही के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक (भू-राजस्व), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रमशक्ति), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध) तथा उप-महाप्रबंधक (विधि), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर सदस्य होंगे।

गठित समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच करेगी, अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेगी तथा उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन करते हुए प्रचलित नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शिकायतों का परीक्षण करेगी। इससे प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष एवं तार्किक निस्तारण में सहायता मिलेगी।

भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों के संबंध में कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों सहित समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।

एसईसीएल ने स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज की गई शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अतः शिकायतकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं।
कंपनी ने सभी संबंधित पक्षों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि शिकायत केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रस्तुत करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं अथवा भ्रामक दावों से सावधान रहें।

एसईसीएल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण अथवा भ्रामक तथ्यों पर आधारित पाई जाती है, अथवा किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अनावश्यक उत्पीड़न के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्रचलित नियमों एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एसईसीएल सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत निष्पक्षता के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। कंपनी का विश्वास है कि उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों के परीक्षण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी। साथ ही, वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास एवं संस्थागत जवाबदेही भी और सुदृढ़ होगी।

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