रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही है। इसी बीच धमतरी जिले में बिजली गिरने से लताबाई साहू (35) की मौत हो गई। वह रोपाई करने खेत गई हुई थी, तभी गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। वहीं प्रमोतिन निर्मलकर और ममता साहू घायल हैं। मामला रुद्री थाना क्षेत्र क्षेत्र सोरम गांव का है।
वहीं बलौदाबाजार में लगातार बारिश से 600 आबादी वाला कौआडीह गांव टापू में तब्दील हो गया है। कौआडीह नाला उफान पर है। जिससे वटगन-खरतोल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क पर 2-3 फीट ऊपर पानी बह रहा है। वाहनों का आना-जान पूरी तरह रुक गया है। बारिश के कारण स्कूल भी बंद हैं। कई खेत जलमग्न हो गए।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में दो दिन ब्रेक के बाद फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। रायपुर में देर रात से सुबह तक बारिश हुई। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ आने का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बलरामपुर जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा कोरिया, सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, मुंगेली, रायगढ़ सहित 12 जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने का यलो अलर्ट है।
धमतरी जिले में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 2 घायल हैं। घायलों को अस्पताल लाया गया है।
बलौदाबाजार का कौआडीह गांव बारिश के बाद टापू में तब्दील हो गया है।
बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं।
पिछले 24 घंटे की बात करें तो सूरजपुर और बलरामपुर जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। सबसे अधिक तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया।
उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश का येलो अलर्ट और बलरामपुर में ऑरेंज अलर्ट।
इन जिलों में बाढ़ आने का खतरा
सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, रायगढ़, कोरिया, कोरबा और बलरामपुर इन 7 जिलों में बारिश के बाद अचानक बाढ़ आने का खतरा है। मौसम विभाग ने इसका आउटलुक जारी किया है।
अगले 3 घंटे में 23 जिलों में बारिश के आसार है। (फाइल फोटो)
कल से दक्षिण हिस्से में सक्रिय होगा मानसून
उत्तरी छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता सबसे ज्यादा है। हालांकि इस स्थिति में 17 जुलाई से बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की माने तो इसके बाद मानसून प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भी सक्रिय हो जाएगा।
अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद सभी जिलों में बनी हुई है।
रायगढ़ में मंगलवार की दोपहर गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई।
सभी जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
जुलाई का पहला पखवाड़ा बारिश के लिहाज से काफी अच्छा रहा। अब तक प्रदेश में 388 मिमी बारिश हो गई है। यह औसत से 5 प्रतिशत ज्यादा है। कोंडागांव, बेमेतरा और सुकमा को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है। अब तक बलरामपुर में सबसे ज्यादा 599.7 मिलीमीटर पानी बरसा है।
बारिश के बाद झरनों की सुंदरता तस्वीरों में देखिए
बारिश के बाद जगदलपुर के तीरथगढ़ वाटरफॉल की खूबसूरती बढ़ गई है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित तीरथगढ़ वाटरफॉल पूरी तरह शबाब पर है।
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के अमृतधारा की तस्वीर है। भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति है।
बस्तर का चित्रकोट वाटरफॉल भी अपने पूरे शबाब पर है।
लंबा रह सकता है मानसून
मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है।
अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है।
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में 80 वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षाेल्लास, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। शासकीय हाईस्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा, रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इसके उपरांत उन्होंने मुख्यमंत्री के जनता के नाम संदेश का वाचन करते हुए जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और आकाश में तिरंगे गुब्बारे छोड़े।
इस दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कचहरी चौक स्थित शहीद स्मारक में अमर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर और उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्एक पेड़ मां के नामश् अभियान के तहत पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, विधायक ब्यास कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस अवसर पर आयोजित परेड सीनियर वर्ग में जिला पुलिस बल ने तथा जूनियर वर्ग में एनसीसी ज्ञानदीप उमावि ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हरदी ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
सांसद कमलेश जांगड़े ने किया ध्वजारोहण, शहीदों के परिजन और उत्कृष्ट कर्मी सम्मानित
सक्ती। जिला मुख्यालय सक्ती में 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति के उल्लास और गरिमामय माहौल में मनाया गया। कलेक्टर कार्यालय परिसर के मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री के जनता के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर आकाश में शांति के प्रतीक रंगीन गुब्बारे छोड़े गए।
शहीदों के परिजनों और उत्कृष्ट कर्मियों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के साथ परेड का निरीक्षण किया। सांसद श्रीमती जांगड़े ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीदों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके साथ ही शासकीय कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी कीर्तन चंद्रा, उपाध्यक्ष कमल किशोर पटेल, जिला पंचायत सदस्यगण, अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक व पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
परेड एवं सांस्कृतिक स्पर्धा के परिणाम रक्षित निरीक्षक उमेश राय के नेतृत्व में निकाली गई 8 प्लाटूनों की परेड में प्रोफेशनल वर्ग में जिला पुलिस बल (पुरुष) प्रथम, जिला पुलिस बल (महिला) द्वितीय एवं नगर सेना प्लाटून तृतीय स्थान पर रही।
अनप्रोफेशनल वर्ग में एनसीसी सीनियर बालक प्लाटून ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अनुनय कान्वेंट स्कूल सक्ती को प्रथम, जेबीडीएवी स्कूल सक्ती को द्वितीय और गुंजन एजुकेशन स्कूल सक्ती को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस पर सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन
ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा – अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़
21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 से रात 8 बजे तक आम नागरिक कर सकेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।
*‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के अमर स्वर की 150 वर्षों की यात्रा*
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया है।
*छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा*
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।
महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।
*टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा*
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों – टाउन हॉल और शहीद स्मारक – के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की गति के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा भी अक्षुण्ण रहे। इन स्थलों को बेहतर स्वरूप मिलने से नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान की परंपरा को और निकटता से जान सकेगी।
*योजनाओं ने बदली जिंदगी – महिलाओं से किसानों और युवाओं तक विकास की झलक*
प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण खंड राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने वाली योजनाओं एवं पहलों को छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिल रहे संबल तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने के साकार होने की तस्वीर यहां दिखाई गई है। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं नए अवसरों के विस्तार और श्रमिकों सहित विभिन्न वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
प्रदर्शनी यह संदेश देती है कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है।
*सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से उभरते विकसित छत्तीसगढ़ की तस्वीर*
प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डिजिटल पंजीयन के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता, सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान, हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयास तथा शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार की झलक यहां देखने को मिलती है।
बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रकार प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और तेजी से आकार लेते भविष्य को एक साथ प्रस्तुत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा मिलती है और यही प्रेरणा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी ऊर्जा बनती है।
*एआई से जुड़ा विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव*
प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अभिनव संगम भी आकर्षण का केंद्र है। विशेष एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
इस पहल के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर नई पीढ़ी को प्रदेश की पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से रोचक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आगंतुक इन डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शनी की स्मृति के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं।
*विजिटर डायरी और विशेष डॉक्यूमेंट्री भी बनी आकर्षण का केंद्र*
प्रदर्शनी स्थल पर रखी गई विजिटर डायरी में आगंतुक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का यह उपयोगी प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील करते हुए कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, विधायक पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर गौरव सिंह, अपर संचालक उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।