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कोरबा

महिला एवं बाल विकास विभाग – परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी भर्ती नहीं कर पाए अधिकारी, जनपद सदस्यों ने लगाया परियोजना अधिकारी पर अनियमितता का आरोप

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सभापति ने बैठक में कहा-परियोजना अधिकारी द्वारा की जा रही वसूली
प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल को तत्काल हटाने की मांग

सीईओ डड़सेना ने की जांच टीम गठित
कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा (दिव्य आकाश)। महिला एवं बाल विकास विभाग – परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता भर्ती में बड़ा घोटाले का खुलासा हुआ है। जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा की सामान्य सभा में महिला बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती पूजा दुबे ने यह खुलासा किया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जांच टीम घोषित कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना चोटिया में परियोजना अधिकारी के रूप में मनोज अग्रवाल प्रभारी के रूप में सेवा दे रहे हैं। गत 28 अगस्त 2024 को एकीकृत बाल विकास परियोजना चोटिया में परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल द्वारा जनपद पंचायत पोड़ी के चोटिया परियोजना अंतर्गत 75 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था, लेकिन उक्त अधिकारी द्वारा आज तक भर्ती नहीं की जा सकी। सामान्य सभा की बैठक में मनोज अग्रवाल को भी उपस्थित होने का निर्देश सीईओ जयप्रकाश डड़सेना ने जारी किया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति ने भर्ती मेें अनियमितता को और पुष्ट कर दिया। सीईओ के सामने सभापति श्रीमती पूजा दुबे ने आक्रोश जताया और कहा कि उक्त अधिकारी द्वारा इतने दिन तक जारी सूची को दबाए रखा गया है और चुन-चुन कर चयनित अभ्यर्थियों से पैसा वसूलते रहे और उन्हें शिकायत मिली है कि परियोजना अधिकारी को पैसा देने के बाद भी चयनसूची जारी नहीं की जा रही है। गत 19 जून को सामान्य सभा की बैठक पोड़ी-उपरोड़ा जनपद कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई। जांच टीम गठन के बाद हड़बड़ाए परियोजना अधिकारी ने 20 जून को बैठक बुलाने का पत्र जारी किया और उन्होंने महिला बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे एवं सदस्य गण-सरस्वती जायसवाल, ममता पुहुप, सोना शिवभरोस लकड़ा, मथुरा पाटले, जवाहर लाल बिंझवार, वेदप्रताप सिंग, आनंद कुमार आयम, फूलकुंवर पावले, रघुराज सिंह को फोनकर एवं लेटर व्हाट्सएप भेजा और 25 जून को बैठक में आमंत्रित किया है। देखना है बैठक में समिति के सदस्यों का क्या रूख रहता है।
सामान्य सभा की बैठक में परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ जमकर भड़का आक्रोश
19 जून को जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के सभागार में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह विशेष रूप से उपस्थित हुए। जनपद अध्यक्ष माधुरीदेवी तंवर की अध्यक्षता में सामान्य सभा संपन्न हुई। बैठक शुरू होते ही सबसे पहले परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने आक्रोश दिखाया। सभी सदस्यों ने जनपद सीईओ जयप्रकाश डड़सेना से कहा कि सामान्य सभा में अधिकारी आते नहीं, तो हमारी समस्या का समाधान कैसे होगा? विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना चोटिया की समीक्षा होनी थी, लेकिन परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल ही उपस्थित नहीं हुए। बताया जा रहा है कि मनोज अग्रवाल को तब भी फोन किया गया लेकिन वे बैठक के अंत तक नहीं पहुंचे।आंगनबाड़ी भर्ती को एक साल तक रोक कर रखना कई संदेहों को दे रहा जन्म – डॉ. पवन


बैठक में विशेष रूप से उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा कि परियोजना अधिकारी अग्रवाल द्वारा आंगनबाड़ी भर्ती को साल भर तक रोकना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। वसूली की शिकायत आई है, जिस पर सीईओ ने जांच टीम गठित कर दी है। डॉ. पवन सिंह ने कहा कि जिले में बेरोजगारी बढ़ी हुई है और विज्ञापन जारी कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती होनी है और 89 दिन के अंदर परियोजना अधिकारी को चयन प्रक्रिया पूरी कर लेनी थी और 76 बेरोजगारों को जहां नौकरी मिलती, लेकिन अधिकारी की भ्रष्टशैली के कारण साल भर बाद भी भर्ती नहीं हो पाई। एक ओर जहां शिक्षित युवतियों/महिलाओं को नौकरी मिलती, वहीं अधिकारी द्वारा बेरोजगारों से वसूली करना संगीन मामला है। पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती होनी थी, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों के कारण शासन की छवि खराब हो रही है। उक्त अधिकारी द्वारा की जा रही अनियमितता की सूक्ष्म जांच करने का निर्देश सीईओ पोड़ी-उपरोड़ा को दिया गया है।
अनियमितता की शिकायत मिली है- माधुरी तंवर


जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी तंवर ने कहा कि सामान्य सभा की बैठक में आंगनबाड़ी भर्ती की समीक्षा विशेष रूप से की गई, जिसमें परियोजना अधिकारी आए ही नहीं और विभाग की सभापति ने कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा जानबूझकर भर्ती रोकी गई है और अनियमितता की शिकायत आई है। अनियमितता की जांच के लिए जांच टीम का गठन कर दिया गया है।
76 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन, 58 केंद्रों में चयन की कार्यवाही पूरी, वसूली का आरोप
19 जून को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें महिला एवं बाल विकास समिति के अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे ने बैठक में जमकर भड़ास निकाली और कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा 3 महीने में चयन प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन उनके द्वारा अब तक सूची पर सामान्य सभा का अनुमोदन नहीं लिया गया एवं समिति के सदस्यों को अब तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है और 76 पदों के लिए निर्धारित समय निकलने के बाद अब साल भर होने को है, लेकिन हमें भर्ती प्रक्रिया या चयन सूची की जानकारी नहीं दी गई है और न ही अनुमोदन लिया गया है। श्रीमती दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा 56 केंद्रों में चयन करने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि उनके द्वारा जो चयन सूची बनाई गई है, उन नामों के अभ्यर्थियों से जमकर वसूली की गई, जबकि बाकी जिस केंद्रों को रोके जाने का कहा जा रहा है। श्रीमती दुबे के आक्रोश को देखते हुए सभी सदस्यों ने अनियमितता को संज्ञान में लिया और जांच टीम का गठन कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरीदेवी तंवर सहित सभी सदस्यों ने सीईओ श्री डड़सेना को निर्देशित किया, जिस पर सीईओ ने जांच टीम का गठन कर दिया और रिपोर्ट मिलने पर प्रशासन-शासन को अवगत कराने की बात कही।
चोटिया परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला: जांच टीम गठित


जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा की सामान्य सभा में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला का उजागर करने के बाद विभाग की सभापति पूजा दुबे ने जांच टीम गठन करने की मांग की, जिस पर उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, जनपद अध्यक्ष माधुरी तंवर सहित सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ कार्यवाही भी होनी चाहिए। मनोज अग्रवाल को हटाने की मांग भी सदस्यों ने की। सदस्यों की मांग पर जनपद सीईओ जयप्रकाश डड़सेना ने जांच टीम का गठन कर दिया, जिसमें स्वयं शामिल हैं, उनके अलावा विकास विस्तार अधिकारी युगलकिशोर जगत, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षक एवं करारोपण अधिकारी एसपी धुर्वे, महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती पूजा दुबे एवं जनपद सदस्य एवं संचार एवं संकर्म समिति के सदस्य आयुष सिंह शामिल हैं। सदस्यों ने कहा है कि यथाशीघ्र जांच की जाए।
मनमानी कर रहे हैं परियोजना अधिकारी, जांच में पूरा खुलासा हो जाएगा- पूजा


सामान्य सभा की बैठक में महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे का आक्रोश देखते ही बन रहा था। उन्होंने बैठक शुरू होने के बाद महिला एवं बाल विकास परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाले का मुद्दा उठाया और कहा कि परियोजना अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और साल भर के बाद भी चयन प्रक्रिया की जानकारी हमें नहीं दी और न ही सामान्य सभा में इसका अनुमोदन लिया गया। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी हमसे पूछते हैं कि मैडम भर्ती का क्या हुआ और लिस्ट कब निकलेगी। हमने कई बार परियोजना अधिकारी से बात करने की कोशिश की और उनकी मनमानी कार्यशैली से शासन की छवि खराब हो रही है। सुनने में आया है कि 58 केन्द्रों के लिए चयन सूची बन चुकी है, हमें जब कि 20 केन्द्रों को अधिकारी द्वारा रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जांच टीम गठन होने के बाद 25 जून को बैठक रखने की जानकारी दी गई है।
परियोजना अधिकारी को पहले हटाएं, तभी निष्पक्ष जांच संभव- आयुष


चोटिया परियोजना में कथित आंगनबाड़ी भर्ती में अनियमितता की शिकायत पर जांच टीम का गठन कर दिया गया है। जनपद सदस्य एवं संचार एवं संकर्म समिति के सदस्य आयुष सिंह ने कहा कि पहले मनोज अग्रवाल को चोटिया परियोजना से तत्काल हटाया जाए और अन्य अधिकारी की नियुक्ति की जाए। वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। चोटिया परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती में जमकर अनियमितता बरती जा रही है, जांच में खुलासा होगा।
सदस्यों ने कहा- परियोजना अधिकारी, मंत्री का धौंस दिखाकर कर रहे मनमानी
सामान्य सभा की बैठक में सदस्यों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को उक्त अधिकारी द्वारा बदनाम करने की साजिश का जमकर आक्रोश निकाला और कहा कि परियोजना अधिकारी मंत्री का धौंस दिखाकर अनियमितता बरत रहे हैं। इन्हें चोटिया परियोजना से तत्काल हटाया जाए और दूसरे अधिकारी को पदस्थ किया जाए और तभी जांच निष्पक्ष होगी।
भर्ती एक साल तक रूका, मनोज अग्रवाल ने कहा- चुनाव के कारण भर्ती रूकी, वसूली का आरोप गलत
चोटिया परियोजना में एक साल तक चयन प्रक्रिया को रोक कर रखने के मामले में प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि चुनाव सहित कई कारणों से भर्ती नहीं हो पाई। सदस्यों के आरोप पर कहा कि आरोप तो लगते रहते हैं। जांच टीम को पूरा सहयोग करूंगा और जांच में पूरा खुलासा हो जाएगा।
इन जगहों पर होनी है नियुक्ति


जनपद सदस्यों द्वारा जारी विज्ञप्ति


आंगनबाड़ी भर्ती के लिए एक साल पूर्व जारी की गई निविदा


जांच टीम गठन होने के बाद आनन-फानन में परियोजना अधिकारी ने जारी की बैठक की सूचना


जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा –
चुनाव से पूर्व हो जानी थी नियुक्ति, नोटिस भी किया गया था जारी


महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना चोटिया में एक साल बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती न होने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा कि चोटिया परियोजना में भर्ती विलंब होने पर कलेक्टर साहब भी नाराज हैं। चुनाव के कारण विलंब हुआ।
चुनाव से पूर्व भी नियुक्ति हो जानी थी, के प्रश्न पर रेणु प्रकाश ने कहा कि इसके लिए प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया था। 76 पोस्ट हैं और काफी आवेदन आए हैं, स्कूटनी पर काफी टाईम लगता है, जिसके बाद ऐन वक्त पर चुनाव आ गया। रेणु प्रकाश ने कहा कि जनपद की नई बॉडी भर्ती प्रक्रिया में रूची नहीं ले रही है। कई बैठकें आयोजित की गई, लेकिन सदस्य बैठक में रूचि नहीं ले रहे हैं।
आठवीं की कई मार्कसीट फर्जी मिले
रेणु प्रकाश ने कहा कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए आवेदन के साथ अभ्यर्थियों द्वारा जमा की गई आठवीं की मार्कसीट फर्जी है, जिसकी स्कूटनी और जांच में विलंब हो रहा है। कलेक्टर साहब के निर्देश पर परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि टीएल मीटिंग में कलेक्टर साहब ने भी भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया है।
बड़ा सवाल, जब अंकसूची फर्जी है तो एफआईआर क्यों नहीं कराई?
जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा कि आवेदन के साथ आठवीं की कई मार्कसीट फर्जी निकली, तो संबंधित अधिकारी ने एफआईआर क्यों नहीं कराई। वसूली के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि जिसका काम नहीं होगा, उसके द्वारा इस तरह के मनगढ़ंत आरोप लगाए जाते रहे हैं।

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कोरबा

कोरबा में युवक बाइक समेत खुले नाले में गिरा:दलदल में फंसा रहा, स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर निकाला, निगम पर आक्रोश

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कोरबा। कोरबा में शुक्रवार रात डीएम रोड स्थित साईं पैलेस के पास एक खुले नाले में मुड़ापार निवासी बाइक सवार युवक ओम प्रकाश गिर गया। इस हादसे में युवक को चोटें आई हैं। घटना ने नगर पालिक निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, ओम प्रकाश अपनी बाइक से डीएम रोड से गुजर रहे थे। साईं पैलेस के समीप अचानक संतुलन बिगड़ने से वे बाइक समेत खुले नाले में जा गिरे। नाला काफी गहरा और दलदल से भरा था, जिससे युवक बाइक सहित उसमें फंस गया और मदद के लिए चिल्लाने लगा। उनकी आवाज सुनकर राहगीर और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

नाला लंबे समय से खुला पड़ा

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह नाला लंबे समय से खुला पड़ा है और इसकी नियमित सफाई भी नहीं हुई है। नाले की मौजूदा हालत देखकर यह स्पष्ट होता है कि सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है।

मोहल्ले वालों ने पहले रस्सी की सहायता से उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन नाले की गहराई और कीचड़ के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद लोगों ने एक सीढ़ी मंगवाई।

भारी मात्रा में कचरा और गाद से भरा नाला

जब सीढ़ी को नाले में डाला गया, तो उसका आधा हिस्सा दलदल में धंस गया, जिससे नाले में जमा कचरे और गाद की मात्रा का अंदाजा लगाया जा सकता है। काफी मशक्कत के बाद, सीढ़ी के सहारे युवक ओम प्रकाश को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में निगम प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि शहर में कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं और उनकी नियमित सफाई नहीं होती।

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कोरबा

कोरबा में गर्ल्स आईटीआई कॉलेज में 10 फीट का अजगर:टहलते हुए छात्राओं ने देखा, स्नेक कैचर ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा

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कोरबा। कोरबा के रामपुर स्थित गर्ल्स आईटीआई कॉलेज परिसर में बीती रात करीब 10 फीट लंबा अजगर देखा गया। कॉलेज स्टाफ और छात्राओं ने अजगर देखते ही रेस्क्यू टीम को सूचना दी।

सूचना मिलते ही RCRS (रेस्क्यू टीम) के सदस्य उमेश यादव और सौम्या पाण्डेय मौके पर पहुंचे। अजगर झाड़ियों के बीच छिपा हुआ था, जिससे उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण था। टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

अजगर को पकड़ने के बाद उसे जंगल में छोड़ा गया

कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इस दौरान किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। अजगर को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, कुछ छात्राएं कॉलेज परिसर में टहल रही थीं, तभी उनकी नजर अचानक इस विशालकाय अजगर पर पड़ी। इसके बाद कॉलेज स्टाफ और छात्राओं में सतर्कता बढ़ गई।

रेस्क्यू टीम ने बताया कि गर्मी के मौसम में सांप अक्सर पानी और ठंडी जगह की तलाश में आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग या स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कॉलेज परिसर में मौजूद लोगों ने राहत महसूस की और टीम के प्रयासों की सराहना की।

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कोरबा

कोरबा के गेवरा में 15 दिन से नहीं मिला सिलेंडर:आर्थिक तंगी के कारण आपूर्ति ठप, उपभोक्ताओं ने किया हंगामा

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कोरबा/गेवरा। कोरबा के गेवरा प्रोजेक्ट स्थित भारत गैस एजेंसी में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। बुकिंग के 15 दिन बाद भी सिलेंडर न मिलने से नाराज सैकड़ों उपभोक्ताओं ने एजेंसी परिसर में नारेबाजी की और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले 15 दिनों से सिलेंडर बुक होने के बाद भी न तो होम डिलीवरी हो रही है और न ही एजेंसी से सिलेंडर मिल पा रहा है।

गैस एजेंसी के सामने लोगों की बेतहाशा भीड़ है लोग परेशां हो रहे हैं।

गैस एजेंसी के सामने लोगों की बेतहाशा भीड़ है लोग परेशां हो रहे हैं।

स्टॉक या वितरण संबंधी कोई जानकारी नहीं

एजेंसी के सूचना पटल पर स्टॉक या वितरण संबंधी कोई जानकारी साझा नहीं की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को अपना काम छोड़कर प्रतिदिन एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप और सूचना पटल पर प्रतिदिन सिलेंडर की उपलब्धता और वितरण की जानकारी स्पष्ट की जाए।

हंगामे के दौरान एजेंसी कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के कारण मुख्य डिपो में अग्रिम राशि जमा नहीं हो पा रही है। इस वजह से डिपो से पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर लोड नहीं हो पा रहे हैं, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर आ गया है।

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