Connect with us

देश

 पीएम मोदी की एक अपील से 3 लाख करोड़ के गोल्ड कारोबार पर संकट, सर्राफा बाजार में बढ़ी चिंता

Published

on

मुंबई, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील ने देश के ज्वेलरी कारोबार में हलचल बढ़ा दी है। हैदराबाद में रविवार को आयोजित एक रैली में पीएम मोदी ने नागरिकों से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अगले एक साल तक शादी या अन्य समारोहों के लिए सोना खरीदने से बचें। पीएम की इस अपील के बाद सर्राफा बाजार और ज्वेलरी उद्योग में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि भारत में शादियों के दौरान सोने की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है।

भारत में हर साल लगभग 40 से 50 लाख शादियां होती हैं और शादी के गहनों का कारोबार अरबों रुपए का माना जाता है। आमतौर पर एक शादी में 50 से 100 ग्राम तक सोने के आभूषण खरीदे जाते हैं। यही वजह है कि देश में होने वाली कुल सोने की बिक्री का करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा वेडिंग सीजन में होता है। उद्योग से जुड़े संगठनों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में केवल वेडिंग ज्वेलरी सेगमेंट में ही 2 से 3 लाख करोड़ रुपए तक का कारोबार हो सकता है। ऐसे में पीएम मोदी की अपील से ज्वेलर्स को बिक्री में भारी गिरावट की आशंका सताने लगी है।

ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट

इसका असर शेयर बाजार में भी तुरंत दिखाई दिया। सोमवार सुबह कारोबार शुरू होते ही ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। Titan Company, Senco Gold और अन्य गोल्ड स्टॉक्स में 10 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई। कारोबारियों का कहना है कि अगर लोग सोने की खरीद टालते हैं तो पूरे उद्योग पर दबाव बढ़ सकता है।

90% सोना विदेशों से आयात 

सरकार की चिंता मुख्य रूप से बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर है। भारत अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत से अधिक सोना विदेशों से आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में किया जाता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच सरकार विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिश कर रही है। हाल ही में देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी लगातार घटा है।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। हर साल देश में 700 से 800 टन सोने की खपत होती है, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 1 से 2 टन के आसपास है। लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद शादी के मौसम में सोने की मांग मजबूत बनी रहती है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि लोग पीएम मोदी की अपील को कितना गंभीरता से लेते हैं और इसका ज्वेलरी कारोबार पर कितना असर पड़ता है।

Continue Reading

देश

चुनाव खत्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया- पीएम मोदी की अपील पर अखिलेश ने कसा तंज

Published

on

लखनऊ, एजेंसी। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनता से कम खर्च करने और खाने के तेल की खपत कम करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर तंज करते हुए सोमवार को कहा कि यह गुजारिश सरकार की अपनी असफलता की ‘स्वीकारोक्ति’ है। यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तेलंगाना में एक रैली में आम जनता से पश्चिम एशिया में युद्ध से उपजे हालात में ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करने और सोने की खरीद तथा विदेश यात्रा को एक साल के लिए टालने जैसे कई उपाय सुझाए जाने पर तंज करते हुए ‘एक्स’ पर कहा, “चुनाव ख़त्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया! 

‘पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी?
दरअसल, देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ़ एक है और उसका नाम है : ‘भाजपा’।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है।” उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील पर कटाक्ष करते हुए कहा, “सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है।

अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं भाजपाई 
भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। हमारी बात गलत लग रही हो तो ‘लखनऊ से लेकर गोरखपुर’ तक पता कर लीजिए या ‘अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी’ तक।” यादव ने सवाल करते हुए कहा, “वैसे सारी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं है? भाजपाइयों ने चुनाव में जो हजारों चार्टर हवाई यात्राएं कीं वो क्या पानी से उड़ रहीं थीं? वो क्या होटलों में नहीं ठहर रहे थे या सिलेंडर की फोटो लगाकर खाना बनाकर खा रहे थे? भाजपाइयों ने चुनाव में वीडियो कॉन्फ्रेंस से ही प्रचार क्यों नहीं किया? सारी पाबंदियां जनता के लिए ही हैं क्या?” उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील की आलोचना करते हुए कहा, “ये अपील भाजपा सरकार की अपनी असफलता की स्वीकारोक्ति है। दरअसल वोट मिलते ही भाजपा का खोट सामने आ गया।

‘गुट निरपेक्षता’ की नीति से भाजपा सरकार हट कर किया काम 
सपा प्रमुख ने कहा कि इस तरह की अपील से तो व्यापार-कारोबार-बाज़ार में मंदी या महंगाई की आशंका की वजह से डर के साथ घबराहट, बेचैनी, निराशा फैल जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का काम अपने अकूत संसाधनों का सदुपयोग करके आपातकालीन हालातों से उबारना होता है, भय या अफ़रातफ़री फैलाना नहीं। यादव ने कहा कि भाजपा के लोग अगर सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो अपनी नाकामी को स्वीकार करें। उन्होंने केंद्र की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि वैसे भी इन हालात की असली वजह विदेश नीति के मामले में देश की परंपरागत ‘गुट निरपेक्षता’ की नीति से भाजपा सरकार का हटकर कुछ गुटों के पीछे, कुछ ख़ास वजहों और दबावों की वजह से चलना है। 

अब अर्थव्यवस्था का रोना रो रहे हैं 
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका ख़ामियाज़ा देश की जनता को महंगाई, बेरोज़गारी और मंदी की मार के रूप में भुगतना पड़ रहा है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा ने चुनावी घपलों से राजनीति को प्रदूषित कर दिया है, नफरत फैला कर समाज के सौहार्द को बर्बाद कर दिया है, अपने चाल-चलन से भाजपाइयों ने संस्कृति-संस्कार को कलुषित कर दिया है, साधु-संतो पर प्रहार और आरोप लगाकर धर्म तक को नहीं छोड़ा है और अब अर्थव्यवस्था का रोना रो रहे हैं।” 

विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों को दी सलाह 
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बुरे असर से लोगों को बचाने की अपनी सरकार की कोशिशों का रविवार को जिक्र करते हुए अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करने और सोने की खरीद तथा विदेश यात्रा को एक साल के लिए टालने जैसे कई उपाय सुझाए। मोदी ने तेलंगाना में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग करने, इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने, पार्सल भेजने के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और घर से काम करने का सुझाव दिया। 

तेल की खपत कम करने की अपील 
प्रधानमंत्री ने कहा, “कोविड-19 महामारी के दौरान हमने घर से काम करना, वर्चुअल मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस और कई दूसरे तरीके अपनाए थे। हमें उनकी आदत हो गई थी। आज के समय की जरूरत है कि हम उन तरीकों को फिर से अपनाएं।” उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाने के तेल की खपत कम करने, रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल घटाने, प्राकृतिक खेती और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की भी अपील की।

Continue Reading

देश

‘विदेशी आक्रांता’ भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सके, सोमनाथ संकल्प महोत्सव में CM Yogi की हुंकार

Published

on

वाराणसी, एजेंसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि ‘विदेशी आक्रांता’ भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने के प्रयास में नाकाम रहे, क्योंकि सनातन भारत की चेतना में बसता है और इसे मिटाया नहीं जा सकता। योगी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत वाराणसी में आयोजित ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने सनातन को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन वे भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सके।

उन्होंने कहा, “मोहम्मद गोरी से लेकर मुगलों तक कई विदेशी आक्रांताओं ने हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने की कोशिश की।” योगी ने कहा, “औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर दिया और यहां गुलामी का प्रतीक एक ढांचा खड़ा कर दिया, लेकिन वह भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सका। वह यह नहीं समझ सका कि सनातन केवल मंदिरों की दीवारों के भीतर नहीं, बल्कि खुद भारत की चेतना में बसता है। भारत अपनी आत्मा को शाश्वत और अमर मानता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने सनातन को मिटाने की कोशिश की, वे खुद ही धूल में मिल गए और आज उन आक्रांताओं को कोई याद नहीं करता, लेकिन काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान की गाथा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भी ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के पुनरुत्थान का विरोध करती हैं। योगी ने किसी भी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि जिन लोगों ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था, उन्हीं लोगों ने बाद में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में भी बाधाएं खड़ी कीं।

Continue Reading

देश

PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद सरकार ने दिया अपडेट, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को साफ किया कि देश में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि सरकार ने यह भी कहा कि global level पर जारी उथल-पुथल और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच नागरिकों को ऊर्जा बचाने की दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

पश्चिम एशिया के हालात को लेकर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और रिफाइनरी) Sujata Sharma ने कहा कि दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके बावजूद भारत की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है।

उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीज़ल और घरेलू LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पिछले तीन दिनों में 1 करोड़ 14 लाख बुकिंग के मुकाबले 1 करोड़ 26 लाख LPG सिलेंडर घरों तक पहुंचाए गए। वहीं कमर्शियल LPG की बिक्री 17 हजार टन से अधिक रही, जबकि ऑटो LPG की बिक्री 762 टन से ज्यादा दर्ज की गई।

सरकार ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने और सप्लाई सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील भी दोहराई गई।

सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि जहां संभव हो वहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, कारपूलिंग अपनाएं, माल ढुलाई के लिए रेलवे को प्राथमिकता दें और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दें, ताकि ऊर्जा की बचत की जा सके।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677