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कोरबा

 शिक्षा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से बालिकाओं को लाभ के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा : उद्योग मंत्री देवांगन

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गोपालपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी विद्यालय में छात्रों को साइकिल वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए देवांगन

गोपालपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी विद्यालय में छात्रों को साइकिल वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री श्री देवांगन
गोपालपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी विद्यालय में छात्रों को साइकिल वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री श्री देवांगन

कोरबा। विष्णु देव सरकार में बालिकाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। “ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सीधा फायदा बालिकाओं को मिल रहा है, और इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उक्त बातें वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी विद्यालय, गोपालपुर में मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के वितरण कार्यक्रम के दौरान कही।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा की कक्षा 9 वीं में अध्ययनरत छात्राओं को कहा कि पैदल आने जाने की समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरण का निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि आज ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं साइकिल से स्कूल आना-जाना कर नियमित अध्ययन कर आगे बढ़ रही हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि हमारी सरकार बेटियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश प्रदान कर रही है, जिससे बेटियां पढ़-लिखकर अपने परिवार के साथ क्षेत्र का नाम रोशन करते हुए आगे बढ़े।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा की सरस्वती साइकिल योजना की शुरुआत वर्ष 2004-2005 में डॉ. रमन सरकार के कार्यकाल में की गई थी, और तब से अब तक लाखों बालिकाओं को इस योजना के तहत साइकिल वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास की नींव होती है और इस योजना के माध्यम से बालिकाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए यह पहल की है, ताकि वे आसानी से स्कूल पहुंच सकें और उनकी शिक्षा में बाधा न आए। यह योजना न केवल उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि उन्हें स्वावलंबी बनाने का एक प्रयास भी है।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा जिले के सभी शासकीय स्कूलों के मरम्मत के लिए डीएमएफ से राशि स्वीकृत की जा चुकी है। स्कूलों में नाश्ते की भी शुरुवात हो चुकी है। स्कूलों की सभी बुनियादी सुविधाएं अच्छे ढंग से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद नरेंद्र देवांगन, पार्षद पुष्पा कंवर, दर्री मंडल अध्यक्ष ईश्वर साहू, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रतिचंद देवांगन, मनोज यादव, मुकुंद सिंह कंवर स्कूल की प्राचार्य सीमा भारद्वाज समेत अधिक संख्या में शिक्षक और अभिभावक भी उपस्थित रहे।

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कोरबा

मुआवजे और भेदभाव के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे अमगांव के ग्रामीण, मृत मवेशियों के साथ SECL कार्यालय के घेराव की दी चेतावनी

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कोरबा/गेवरा। एस.ई.सी.एल. (SECL) गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अमगांव के रोहिदास मोहल्ला के दलित परिवारों ने प्रबंधन पर गंभीर भेदभाव और हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पिछले 3 वर्षों से लंबित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आज मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को ज्ञापन सौंपकर सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है ।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि और संपत्तियों का अर्जन वर्ष 2004 में ही किया जा चुका है। वर्ष 2023 में मूल्यांकन और नापी की प्रक्रिया पूरी कर पावती भी दी जा चुकी है, लेकिन प्रबंधन द्वारा जानबूझकर भुगतान रोका गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मोहल्ले के अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों को मुआवजा और बसाहट की सुविधा मिल चुकी है, लेकिन रोहिदास समुदाय (दलित वर्ग) के परिवारों को इससे वंचित रखा गया है। यह सीधे तौर पर जातिगत आधार पर शोषण का मामला है। उन्होंने बताया है कि इससे पहले भी इस ग्राम पंचायत के 124 परिवारों को भी अपात्र बताकर मुआवजा से वंचित करने का प्रयास किया जा चुका है ।

उन्होंने बताया कि एसईसीएल के अधिकारी बता रहे हैं कि वर्ष 2023 में मूल्यांकन टीम ने नापी सर्वे किया था, जिसमे 30 परिवार के मकान शामिल था और यह मुहल्ला अमगांव का है या हरदीबाजार का इसकी जांच के लिए राजस्व विभाग के पास लंबित है। जब तक तहसील कार्यालय से आदेश जारी नही किया जाता, आगे की प्रक्रिया पूरी नही किया जा सकता, इस तरह से एसईसीएल और एसडीएम कार्यालय के बीच एक दूसरे के पाले में गेंद खेली जा रही है और उनका समस्या का समाधान नही हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल हम दलितों के साथ ही ये भेदभाव किया जा रहा, बाकी अन्य लोंगो को उनका मुआवजा और पुनर्वास प्रदान कर दिया गया है ।

प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन यह नही चाहती कि हम अपने परम्परागत कार्य से ऊपर उठकर कुछ कार्य सकें, इसलिए हम अब आंदोलन की राह में जाने के लिए मजबूर हैं। यदि एक सप्ताह के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो ग्रामीण अपने पैतृक व्यवसाय (चर्म कार्य) के प्रतीक स्वरूप मृत मवेशियों के साथ SECL गेवरा कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करेंगे ।

ग्रामीणों ने इस आंदोलन की सूचना जिला कलेक्टर (कोरबा), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व पाली) और थाना प्रभारी (दीपका) को भी प्रेषित कर दी है ।

ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति स्वास्थ्य संबंधी समस्या या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की संपूर्ण जिम्मेदारी SECL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी ।

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कोरबा

11 और 12 अप्रैल 2026 को NKH कोरबा में मेदांता के जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. त्यागी रहेंगे उपलब्ध…

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कोरबा। न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) एक बार फिर जिले के मरीजों के लिए बड़ी सौगात लेकर आया है। अब घुटने और कूल्हे के जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता नहीं होगी। NKH सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेदांता हॉस्पिटल के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विपिन चंद त्यागी अपनी सेवाएं देंगे।

डॉ. त्यागी 10,000 से अधिक सफल घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी कर चुके हैं और आर्थोप्लास्टी के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं।
डॉ. त्यागी 11 और 12 अप्रैल 2026 को विशेष परामर्श एवं सर्जरी के लिए NKH में उपलब्ध रहेंगे।
इस दौरान मरीजों को घुटना, कूल्हा प्रत्यारोपण, जटिल एवं रिविजन आर्थोप्लास्टी जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से सर्जरी को सुरक्षित और सफल बनाया जाएगा।
अब तक इस तरह के ऑपरेशन के लिए मरीजों को दिल्ली, रायपुर जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। NKH में यह सुविधा शुरू होने से कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और किफायती इलाज मिल सकेगा।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि सीमित स्लॉट होने के कारण मरीजों को पहले से पंजीयन कराना आवश्यक है और जरूरत मंद लोग इस सुविधा का लाभ उठाएं।

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कोरबा

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप” से आईआईएम रायपुर में निःशुल्क एमबीए, 50 हजार मासिक छात्रवृत्ति का मिलेगा लाभ

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मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में कोरबा के कॉलेजों में पहुंची आईआईएम टीम, युवाओं को फेलोशिप के लिए किया गया प्रेरित

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के युवाओं को उच्च शिक्षा और बेहतर करियर से जोड़ने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के तहत एक विशेष पहल की जा रही है।  इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में दो वर्षीय एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कोर्स करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आईआईएम रायपुर के प्रतिनिधियों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं।

इसी क्रम में  संस्थान के  प्रतिनिधि बिनॉय और एस.एन. मंडल ने कोरबा जिले के प्रमुख महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को कोर्स के सम्बंध में बताते हुए  पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई है। टीम द्वारा कोरबा के ई. विश्वेश्वरैया पीजी कॉलेज, मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, अग्रसेन कन्या महाविद्यालय तथा कमला नेहरू कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें योजना के लाभ बताए गए। साथ ही फेलोशिप की व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु पाम्पलेट भी वितरित किए गए। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं तक योजना की जानकारी प्रदान करने हेतु छात्रों को प्रेरित किया, जिससे अधिक से अधिक युवा इस अवसर का लाभ उठा सकें।

इस फेलोशिप की प्रमुख विशेषता यह है कि चयनित अभ्यर्थियों की पूरी फीस छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को प्रति माह 50,000 की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। कोर्स के दौरान छात्रों को आईआईएम रायपुर में उच्चस्तरीय शिक्षण के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में व्यावहारिक प्रशिक्षण  का अवसर मिलेगा।
यह योजना केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए लागू है तथा इसमें राज्य शासन की आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी आईआईएम रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को न केवल उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा, साथ ही वे सुशासन और पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में भविष्य भी संवार सकेंगे।

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