छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 3 करोड़ के इनामी समेत 12 नक्सली ढेर:बालकृष्ण अकेले डेढ़-करोड़ का इनामी, हेलीकॉप्टर से लाए गए 6 पुरुष, 4 महिलाओं के शव
बीजापुर/गरियाबंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गुरुवार को जवानों ने एनकाउंटर में डेढ़ करोड़ के इनामी नक्सली मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सली को मार गिराया। सभी के शव हेलीकॉप्टर से गरियाबंद लाए गए हैं। मोडेम बालकृष्ण ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था। मामला मैनपुर थाना क्षेत्र के मटाल पहाड़ी का है।
मिली जानकारी के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में 6 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। इनमें मनोज बालाकृष्णन (CCM), प्रमोद उर्फ पांडु (SZC/ईस्टर्न ब्यूरो), विमल (DVCM/टेक्निकल टीम), विक्रम (सिनापाली ACM), समीर (मनोज सिक्योरिटी टीम) शामिल हैं।
इसके साथ ही उमेश (ACM/SDK डिप्टी कमांडर, अंजलि (SDK ACM), सिंधु (ACM/तकनीकी टीम), रजिता (ACM/तकनीकी टीम) और आरती (तकनीकी टीम) शामिल हैं। छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश सरकार ने सभी पर 3 करोड़ 4 लाख का इनाम घोषित किया था।
वहीं बीजापुर जिले में शुक्रवार सुबह जवानों ने 2 नक्सलियों को मार गिराया है। दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र से दोनों नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। जवानों ने मौके से एक 303 राइफल समेत भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए हैं। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।
एनकाउंटर के बाद की ये तस्वीरें …

गरियाबंद में एनकाउंटर के बाद हेलीकॉप्टर से नक्सलियों के शव लाए गए।

गरियाबंद में हेलीकॉप्टर से लाए गए नक्सलियों के शव को पिकअप में लोडकर अस्पताल लाया गया।

गरियाबंद में जवानों ने 10 नक्सलियों को जंगल में घेरकर मारा। सभी के शव बरामद।

गरियाबंद में मारे गए सभी नक्सलियों के शवों को रक्षित केंद्र में रखा गया है।
पांव पसारने से पहले नक्सलियों का खात्मा- एडीजी
एडीजी एंटी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि नए जगह पांव पसारने से पहले नक्सलियों का खात्मा कर दिया गया। बड़े नक्सल नेटवर्क को तोड़ा गया है। जवानों ने जंगल में घेरकर नक्सलियों को मारा। सभी इनामी नक्सली थे। ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है, जारी है।
वहीं रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि जवानों ने इसी जगह पर कहा था कि शस्त्र पूजन से पहले रक्त पूजन करेंगे, उन्होंने कर दिखाया। एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि 8 माह पहले हमने आत्मसर्पण की अपील की थी।अब भी कह रहे हैं कि मूल रास्ते से भटके लोग सरेंडर नीति के तहत मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।
गरियाबंद नक्सल एनकाउंटर की कहानी ?
दरअसल, मारे गए नक्सली मोडेम बालकृष्ण के गार्ड कैलाश ने सरेंडर किया था। इसी से पुलिस को मोडेम के बारे में सीक्रेट जानकारी मिली। कैलाश के बताए ठिकानों में पुलिस ने नजर रखना शुरू किया। लोकेशन कन्फर्म होते ही जवानों की टीम गुरुवार सुबह मैनपुर के कुल्हाड़ी घाट पहुंची।
इस दौरान कुल्हाड़ी घाट से लगे पहाड़ी इलाके मटाल में जवानों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। एनकाउंटर में सेंट्रल कमेटी सदस्य मनोज उर्फ बालन्ना उर्फ मोडेम बालकृष्ण अपने 9 साथियों के साथ मारा गया। एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है।

गरियाबंद के मैनपुर के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है।
STF, कोबरा और CRPF के जवानों ने मार गिराया
रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगल में सुरक्षाकर्मी नक्सल विरोधी अभियान पर थे, तभी STF, कोबरा बटालियन, CRPF और राज्य पुलिस के जवानों का सामना नक्सलियों से हो गया।
रायपुर रेंज आईजी ने बताया कि जंगल में नक्सलियों के शव पड़े हुए थे। आईईडी लगे होने का भी खतरा था, इसलिए रात में सर्च ऑपरेशन नहीं किया जा सकता। फिलहाल, मुठभेड़ रुक गई है। जवान शवों को लेकर लौटेंगे, तो डिटेल में जानकारी दे पाएंगे।
ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था बालकृष्ण
गरियाबंद पुलिस ने गुरुवार को मैनपुर के कुल्हाड़ी घाट से लगे पहाड़ी इलाके मटाल में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। सुबह से रुक-रुककर कई घंटे तक मुठभेड़ चली। एनकाउंटर में सेंट्रल कमेटी सदस्य मनोज उर्फ बालन्ना उर्फ मोडेम बालकृष्ण अपने 9 साथियों के साथ मारा गया। बालकृष्ण के पास ओडिशा राज्य कमेटी के सचिव की भी जिम्मेदारी थी।
चलपति के मारे जाने के बाद बालकृष्ण को मिली थी जिम्मेदारी
14 जनवरी को चलपति समेत 16 नक्सलियों के ढेर होने के बाद धमतरी, गरियाबंद और नुआपड़ा डिवीजन कमेटी को विस्तार करने की जिम्मेदारी बालकृष्ण को दी गई थी। यह सूचना पुलिस तक आ चुकी थी। बालकृष्ण की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के बाद एसपी निखिल राखेचा ने संयुक्त ऑपरेशन लॉन्च किया था।
बालकृष्ण तक कैसे पहुंची पुलिस ?
मोडेम 25 साल से सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच रहा था। एजेंसियों के पास बालकृष्ण के जवानी की तस्वीर भर थी। 15 दिन पहले ही मोडेम बालकृष्ण के गार्ड कैलाश नाम के नक्सली ने सरेंडर किया था। उसी से कुख्यात नक्सली मोडेम के बारे में एजेंसी को कई पुख्ता जानकारियां मिलीं।
पुलिस के मुताबिक मोडेम बालकृष्ण कई साल से शुगर की बीमारी से जूझ रहा था। उसके सिर के बाल झड़ गए हैं। उसे चलने के लिए 2 लाठियों का सहारा लेना पड़ता था।
कोरबा
रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला का मतदाता सूची प्रकाशित
दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित
कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला पंजीयन क्रमांक 3163 एस.के.कंवर द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के टी.पी.हंस सचिव के पास 11 अप्रैल तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 11 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।
कोरबा
मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया का मतदाता सूची प्रकाशित
दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित
कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया पंजीयन क्रमांक 39 जी.आर. भतरा द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के हरिलाल/सदस्य के पास 09 अप्रैल तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 11.30 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।
कोरबा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी
भीषण गर्मी में लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय अपनाने हेतु किया गया आग्रह
कोरबा। ग्रीष्म कालीन मौसम प्रारंभ होने पर तथा अधिक गर्मी पड़ने से शुष्क वातावरण में लू (तापाघात) की संभावना अधिक होती है। जो घातक या जानलेवा हो सकती है। जिले में बढ़ रही गर्मी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय अपनाने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में लगातार मौसम परिवर्तन के बाद तेज धूप एवं गर्मी प्रारंभ हो गया है। जिसके कारण लू लगने की संभावना बढ़ गई है। सूर्य की तेज गर्मी के दुष्प्रभाव से शरीर के तापमान में विपरीत प्रभाव पड़ता है जिससे शरीर में पानी और खनिज लवण नमक की कमी हो जाती है इसे लू लगना या हीट-स्ट्रोक कहा जाता है। वर्तमान में घर से बाहर जाकर ऑफिस वर्क करने वाले, खेती कार्य मे लगे आमजन तथा बाजार में खरीददारी आदि कार्य करने वाले व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी एवं पेय पदार्थो का सेवन नहीं कर पाते हैं। इस कारण वे निर्जलीकरण के शिकार हो जाते हैं, जिसका समय पर उपचार ना मिलने के कारण मरीज की हालत गंभीर हो जाती है।

लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय –
आम लोगों के द्वारा आवश्यक उपाय अपनाकर लू (तापाघात ) से बचाव किया जा सकता है। जिसके अंतर्गत गर्मी के दिनों में हमेशा घर से बाहर जाते समय सफेद, सूती या हल्के रंग के कपड़े पहनना, भोजन करके तथा पानी पीकर ही घर से बाहर निकलना, घर से बाहर जाते समय गर्दन के पिछले भाग कान एवं सिर को कपड़े/ गमछे से ढककर ही निकलना, छतरी एवं रंगीन चश्मे का प्रयोग करना, गर्मी के दिनों में अधिक मात्रा में पानी पिना तथा ज्यादातर पेय पदार्थों का सेवन करना सहित अन्य उपाय अपना सकते है। इसी प्रकार बाहर जाते समय पानी साथ रखें, धूप में बेवजह बाहर जाने से बचें, बच्चों बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें, साथ ही उन्हें समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करें एवं सुपाच्य भोजन एवं तरल पदार्थों का सेवन कराएं। गर्मी के दिनों में तीव्र धूप को घर के अंदर आने से रोकें तथा जहाँ तक संभव हो अधिक से अधिक समय तक धूप में रहकर व्यायाम तथा मेहनत का काम ना करें, धूप में नंगे पांव ना चलें। इन सावधानियों को अपनाकर स्वयं को लू (तापघात) से बचा जा सकता है।
लू (तापाघात) के लक्षण-
लू का शिकार होने पर व्यक्ति में सिर दर्द, बुखार, उल्टी एवं अत्यधिक पसीना आना, बेहोशी, चक्कर आना, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, कमजोरी महसूस होना, शरीर में ऐंठन तथा त्वचा लाल एवं सूखी होना जैसे अन्य लक्षण शामिल है।
लू से बचाव हेतु प्राथमिकी उपचार –
लू (तापाघात) होने पर रोगी को छायादार स्थान पर कपड़े गीले कर लिटायें एवं हवा करें। रोगी को बेहोशी की स्थिती में कोई भी भोज्य/पेय पदार्थ का सेवन नहीं कराएं एवं उसे तत्काल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएं। रोगी के होश में आने की स्थिति में उसे ठंडे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पना आदि पेय पदार्थों का सेवन कराएं। रोगी के शरीर के तापमान को कम करने के लिए उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियाँ रखें, प्रभावित व्यक्ति को शीघ्र ही नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिए ले जाए।
सीएमएचओ ने बताया कि जिले के मेडिकल कॉलेज, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों में लू (तापघात) से बचाव हेतु पर्याप्त मात्रा में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां एवं ओ. आर. एस. की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
कलेक्टर श्री दुदावत तथा सीएमएचओ ने जिले के नागरिकों से गर्मी के मौसम में लू (तापाघात) से बचाव हेतु आवश्यक उपाय को अपनाने का आग्रह किया है। जिससे स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।
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