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असम में बारिश-लैंड स्लाइड के चलते 16 की जान गई:मणिपुर में शहरों में भरा पानी, लाइफ बोट चलानी पड़ीं; श्रीनगर-लेह हाईवे पर आया एवलॉन्च

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नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ,एजेंसी। पूर्वोत्तर भारत में समय से पहले पहुंचा मानसून तबाही मचाने लगा है। दो दिन में 32 लोगों की मौत हो गई। असम में 16, अरुणाचल में 9, मिजोरम में 4 और मेघालय में 3 लोगों की जान गई।

असम में सभी मौतें लैंडस्लाइड-बाढ़ के चलते हुईं। अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट कामेंग जिले में हाईवे 13 पर भूस्खलन की चपेट में आई कार गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो परिवारों के 7 लोग मारे गए।

एक अन्य घटना में 2 लोगों की जान गई। मिजोरम के सेरछिप में 13 घर ढह गए। एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं उत्तरी सिक्किम में करीब 1500 पर्यटक फंसे हैं।

मणिपुर में पिछले 48 घंटों में बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण 3,802 लोग प्रभावित हुए हैं और 883 घरों को नुकसान पहुंचा।

हिमाचल प्रदेश में आज और कल के लिए आंधी-बारिश और तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 1 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों के लिए चेतावनी जारी की गई है। 2 जून को सोलन और सिरमौर के लिए अलर्ट है।

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SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, YONO App में होने जा रहा बदलाव

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मुंबई, एजेंसी। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। अगर आप एसबीआई योनो ऐप (YONO App) का इस्‍तेमाल करते हैं तो जल्‍द ही इसका बड़ा फायदा मिलने वाला है। एसबीआई के चेयरमैन चल्‍ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने बताया कि बैंक ने दिसंबर 2025 में एसबीआई के YONO ऐप 2.0 का वर्जन लॉन्‍च किया था। बैंक जल्द ही YONO 3.0 को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।

एसबीआई चेयरमैन ने बताया कि YONO 2.0 को शानदार प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने बताया कि जून 2026 की शुरुआत तक ऐप से 4.5 करोड़ से अधिक ग्राहक जुड़ चुके हैं और यह संख्‍या जल्द ही 5 करोड़ के पार हो सकती है।

शेट्टी ने बताया कि YONO पर रोजाना करीब 2 करोड़ ग्राहक लॉग इन करते हैं और मुझे नहीं लगता कि अन्‍य कोई भी ऐसा बैंकिंग ऐप होगा, जिस पर इतनी बड़ी संख्‍या में ट्रैफिक आता है। बैंक का दावा है कि ऐप 99.9 फीसदी उपलब्‍धता और स्थिकता के लक्ष्‍य को पूरा कर चुका है।

योनो ऐप पर फंड ट्रांसफर, बिना कार्ड के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा, पानी-बिजली-गैस-मोबाइल और कार्ड के बिल भरने की सुविधा भी मिलती है। इसके अलावा सभी तरह के लोन का एप्‍लीकेशन, बीमा प्रोडक्‍ट खरीदने की सुविधा, निवेश और बचत के प्रोडक्‍ट भी यहां मिलते हैं। आप एफडी, आरडी, एमएफ, टैक्‍स का भुगतान करना, खरीदारी और होटल-फ्लाइट बुकिंग जैसी सर्विस भी इस ऐप पर मिल जाती है। योनो के 3.0 वर्जन में इन सभी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।

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शेयर बाजार में रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल, इन 5 वजहों से आई तेजी

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मुंबई, एजेंसी। मंगलवार (9 जून) को शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों हरे निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 394.50 अंक उछल कर 73,918.76 पर बंद हुआ, तो निफ्टी में भी 119.10 अंक की तेजी आई, 23,242.10 के स्तर पर बंद हुआ।  

शेयर बाजार में तेजी की वजह

जियोपॉलिटिकल टेंशन में नरमी

ईरान और इजरायल ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर उन्होंने एक-दूसरे पर हमले बंद कर दिए हैं। इससे मार्केट में रौनक आ गई।

कच्चे तेल में गिरावट

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स फिसलकर प्रति बैरल $97 से टूटकर रू.93 के आसपास आ गया।

बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक, दोनों के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक तेजी आई। इन्हें मिनिमम तीन साल के मेच्योरिटी वाले विदेशी कर्ज को लेकर कंसेशनल स्वैप फैसिलिटी को आरबीआई की मंजूरी से सपोर्ट मिला है। 

एशियाई बाजारों में रौनक

दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7% से अधिक, इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में करीब 5%, ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब 3%, जापान के निक्केई 225 में 2% से अधिक और चीन के शंघाई कंपोजिट में आधे फीसदी से अधिक तेजी है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाला इंडिया विक्स फिसलकर 17 के नीचे आया तो मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 5.05% की गिरावट के साथ 16.17 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है इसका कम होना।

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FTA का लाभ उठाने की भारत की दर साझेदार देशों से बहुत कम

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नई दिल्ली, एजेंसी। मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ उठाने की भारत की दर महज 20-30 प्रतिशत तक सीमित है, जबकि भारत को निर्यात करने वाले साझेदार देशों में यह उपयोग दर 60-70 प्रतिशत तक है। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। निजी शोध संस्था जीटीआरआई की रिपोर्ट कहती है कि भारत के निर्यातक उच्च अनुपालन लागत और कई देशों में पहले से ही कम शुल्क के कारण एफटीए से मिलने वाले लाभों का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। 

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों के चलते उलटे शुल्क ढांचे की समस्या और जटिल हो गई है, क्योंकि कई तैयार उत्पाद अब आसियान, जापान, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया जैसे साझेदार देशों से शून्य या कम शुल्क पर भारत में आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कच्चे माल और उत्पादन सामग्रियों पर अपेक्षाकृत अधिक आयात शुल्क लगता है, जबकि उन्हीं सामग्रियों से बने तैयार उत्पाद एफटीए के तहत कम या शून्य शुल्क पर आयात हो जाते हैं, जिससे घरेलू उद्योगों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है। 

जीटीआरआई ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि इस्पात और एल्युमीनियम पर 7.5 से 10 प्रतिशत तक सर्वाधिक तरजीही देश (एमएफएन) शुल्क लगता है लेकिन इन्हीं से बने मशीनरी और उपकरण कई एफटीए के तहत बिना शुल्क भारत में प्रवेश कर सकते हैं। जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, “भारत के एफटीए साझेदार देशों में औसतन एमएफएन शुल्क बहुत कम या लगभग शून्य है, जबकि भारत का औसत व्यापार-भारित एमएफएन शुल्क लगभग 12.6 प्रतिशत है।” 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों में भारत का आसियान, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ औसत वार्षिक व्यापार घाटा लगभग 62 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है। थिंक टैंक ने सुझाव दिया कि भारत को शुल्क संरचना में सुधार, उलटी शुल्क संरचना को ठीक करने, घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और एफटीए उपयोग की निगरानी के लिए एक अलग संस्था बनाने पर विचार करना चाहिए।

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