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कोरबा

25 साल पुराने बीडीएम कॉलेज का मिटेगा अस्तित्व! कोर्ट भवन के लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी

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0 तहसीलदार ने कैसे दी मंजूरी, समझ से परे- प्रशांत मिश्रा
कोरबा/पाली। पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र का सबसे पुराना एवं पाली ब्लाक मुख्यालय में स्थित 25 साल पुराना बीडीएम कॉलेज का क्या अब अस्तित्व मिट जाएगा। प्रशासन ने बीडीएम कॉलेज की करीब एक एकड़ जमीन को कोर्ट भवन के लिए अधिग्रहण की तैयारी कर ली है, उधर बीडीएम कॉलेज के संचालक प्रशांत मिश्रा ने कॉलेज के अस्तित्व पर खतरा मंडराने की आशंका पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह समझ से परे है कि तहसीलदार ने आखिर इसकी मंजूरी कैसे दी? तहसीलदार ने कलेक्टर को गलत जानकारी प्रेषित की है कि बीडीएम कॉलेज बंद हो चुका है, वहीं श्री मिश्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में नए कोर्स के लिए आवेदन दिया गया है और अगले सत्र में बच्चों को प्रवेश के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है, ऐसे में यदि प्रशासन द्वारा बीडीएम कॉलेज की जमीन को कोर्ट भवन के लिए अधिग्रहित की जाती है तो बीडीएम कॉलेज का अस्तित्व मिट सकता है। श्री मिश्रा ने क्षेत्र के सबसे पुराने कॉलेज को बचाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र का सबसे प्रथम और क्षेत्र की पहचान बनाने वाला बीडीएम कॉलेज का अस्तित्व अब खतरे में दिखाई दे रहा है। पाली व्यवहार नालय हेतु बीडीएम कॉलेज की एक एकड़ से अधिक जमीन को प्रशासन द्वारा अधिग्रहित करने की तैयारी कर ली गई है। कलेक्टर ने इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

0 पूर्व छात्रों एवं कांग्रेसजनों द्वारा प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध0

पाली विकासखंड मुख्यालय में स्थित क्षेत्र की उच्च शिक्षा के लिए जाना जाने वाला बीडीएम कॉलेज का अस्तित्व अब खतरे में दिखाई दे रहा है। 25 साल पूर्व इस कॉलेज की स्थापना इस सोच के साथ की गई थी कि पिछड़े हुए क्षेत्र के बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करेंगे। बीडीएम कॉलेज क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहचान भी है। इसके अस्तित्व को मिटाने अब प्रशासन अमादा है। यहां के पूर्व छात्रों एवं कांग्रेसजनों ने इसका विरोध किया है। प्रतिक्रिया देते हुए कॉलेज के डायरेक्टर प्रशांत मिश्रा ने कहा कि बीडीएम कॉलेज पाली-तानाखान विधानसभा क्षेत्र का सबसे पुराना कॉलेज है और यहां से सैकड़ों बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। इसके अस्तित्व को मिटाने से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान मिट जाएगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट का भवन जरूरी है और यह न्याय का मंदिर है, इसके लिए प्रशासन क्षेत्र में कई जगह उपलब्ध जमीन का अधिग्रहण करे और बीडीएम कॉलेज के अस्तित्व को न मिटाए। पूर्व छात्रों सहित कांग्रेसियों ने प्रशासन की इस कार्यवाही को न्याय संगत नहीं बताया है और इसका विरोध किया है।

0 कई लोगों ने की है आपत्ति0

व्यवहार न्यायालय के लिए भवन बन जाए, यह पाली वाले भी चाहते हैं और यह गौरव की बात है। पाली क्षेत्र का केन्द्र बिन्दु है और यहां व्यवहार न्यायालय की स्थापना न्याय जगत के लिए गौरव की बात है। वर्तमान में स्टेडियम के बाजू में स्थित शासकीय भूमि जिसमें कई लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान बना लिया है। पहले पोड़ी में जगह की तलाश की गई लेकिन यहां के ग्रामीणों ने चयनित स्थल पर भवन बनाने पर आपत्ति दर्ज की। अब पाली में स्टेडियम के पास शासकीय भूमि जिसमें कई लोगों ने आवास बना रखा है एवं बीडीएम कॉलेज के भवन एवं भूमि को कोर्ट के लिए चयनित किया गया है। इसके लिए विधिवत प्रक्रिया पूरी की गई, दावा आपत्ति भी मंगाए गए और कई लोगों ने इस पर आपत्ति भी की। पर्याप्त दस्तावेज के साथ आपत्ति न मिलने के कारण प्रशासन ने लोगों की दावा आपत्ति को खारिज कर दिया और कोर्ट भवन के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया। कलेक्टर ने इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

0 बीडीएम कॉलेज का 25 वर्षों से संचालन0

लगभग ढाई दशक पूर्व पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए एक भी कॉलेज नहीं था। इसके लिए शासकीय कॉलेज की स्थापना के लिए लगातार मांग होती रही। प्रशासन के अनसुना एवं क्षेत्र की उपेक्षा के कारण शासकीय कॉलेज की स्थापना नहीं हो पायी, ऐसे में क्षेत्र के आदिवासी बच्चे, खासकर छात्राएं 12वीं की पढ़ाई के बाद पढ़ाई छोड़ देते थे, यह उनकी मजबूरी थी, क्योंकि आसपास क्षेत्र में एक भी कॉलेज नहीं था। क्षेत्र में नागरिकों एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की छात्राओं द्वारा विशेष मांग की गई, जिस पर सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा ने बीडीएम कॉलेज का संचालन प्रारंभ किया और गत 25 वर्षों से इसका संचालन श्री मिश्रा द्वारा किया जा रहा है। संसाधन के अभाव होने के बाद भी श्री मिश्रा इस ऐतिहासिक बीडीएम कॉलेज का संचालन लगातार जारी रखा। 25 वर्ष पूर्व जब इस कॉलेज की नींव रखी गई तो चारों तरफ खुशहाली दिखी, आदिवासी बच्चियों का सपना पूरा होने लगा। युवाओं में उत्साह देखा गया। सैकड़ों की संख्या में यहां से बच्चे बीए, बीएससी, बी कॉम की पढ़ाई करने लगे। इतना ही नहीं यहां की गुणवत्ता देखकर युनिवर्सिटी ने इसे परीक्षा केन्द्र भी बनाया। छात्रवृत्ति के जरिए आरक्षित वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा भी दी जा रही थी। पाली में शासकीय महाविद्यालय खुलने से और कोरोना काल में संसाधन और आर्थिक कारणों के कारण इस विद्यालय के संचालन में दिक्कत हुई, लेकिन प्रशांत मिश्रा ने बताया कि आगामी सत्र से यहां प्रवेश की तैयारी पूरी कर ली गई है, ऐसे में प्रशासन को इस पर संज्ञान लेने की जरूरत है, ताकि बीडीएम कॉलेज का अस्तित्व और क्षेत्र का गौरव बना रहे।

0 युनिवर्सिटी के रिकार्ड में कॉलेज अभी भी नियमित0

बीडीएम कॉलेज के डायरेक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि बीडीएम कॉलेज आज भी युनिवर्सिटी के वेबसाईट, पोर्टल और रिकार्ड में नियमित है और आगामी सत्र से यहां प्रवेश की प्रक्रिया हेतु पूरी तैयारी कर ली गई है। पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के प्रथम महाविद्यालय को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है, इसके लिए प्रयास होना चाहिए ना कि अस्तित्व मिटाने की।

जमीन अधिग्रहण के लिए दी एनओसी, बीडीएम भवन के लिए नहीं-उमेश चंद्रा


बिसाहू दास महंत कॉलेज पाली की जगह पर कोर्ट भवन के लिए जमीन अधिग्रहण करने के मामले में नगर पंचायत पाली ने जमीन अधिग्रहण के लिए एनओसी दी है, ना कि बीडीएम भवन की। नगर पंचायत पाली अध्यक्ष उमेश चंद्रा ने बताया कि पाली में व्यवहार न्यायालय के लिए भवन अपरिहार्य है और कोर्ट भवन बन जाने के बाद यहां के आसपास लोगों को न्याय का मंदिर मिल पाएगा, लेकिन पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र का पहला कॉलेज का अस्तित्व भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि जनसरोकार से जुड़े होने के कारण कोर्ट भवन बनना जरूरी है। नगर पंचायत क्षेत्र में आने के कारण प्रशासन को एनओसी जरूरी थी, हमने जमीन के लिए एनओसी दी है, ताकि कोर्ट भवन का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने बताया कि पाली एसडीएम से निवेदन किया गया है कि बीडीएम कॉलेज भवन को छोड़ दिया जाए, बाकी पर्याप्त जगह में कोर्ट भवन बनाया जाए। उन्होंने बताया कि वैसे भी उक्त खसरा नंबर वाली जमीन नगर पंचायत की नहीं, बल्कि राजस्व जमीन है।

जमीन अधिग्रहण के लिए प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी ही नहीं की, जनसुनवाई होनी थी-विधायक प्रतिनिधि मरकाम


पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम से प्रतिक्रिया न मिल पाने के कारण उनके प्रतिनिधि कुलदीप सिंह मरकाम से बात की गई। उन्होंने बताया कि कोर्ट भवन के लिए बीडीएम कॉलेज भवन-जमीन अधिग्रहण किये जाने की जानकारी मिली है, लेकिन प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए पूरी प्रक्रिया अपनायी ही नहीं। इसके लिए जनसुनवाई होनी थी, लेकिन प्रशासन ने जनसुनवाई नहीं की और प्रभावित एवं लाभान्वित लोगों को अपनी बात रखने का मौका प्रशासन ने नहीं दिया। श्री मरकाम ने कहा कि बीडीएम कॉलेज पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र का पहला कॉलेज है, इसके लिए पुर्नस्थापना के लिए पहल होनी चाहिए , ना कि इसे पूर्णत: बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोर्ट भवन पाली के लिए अपरिहार्य है और प्राथमिकता के साथ इसका निर्माण हो, लेकिन बीडीएम कॉलेज भवन को अधिग्रहित नहीं करना चाहिए, खाली जमीन में इसका निर्माण हो। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि इसके लिए जनसुनवाई या त्रिपक्षीय वार्ता भी हो, ताकि क्षेत्र के लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका मिले।

नए कोर्स के लिए की गई है एप्लाई, 2023-24 से प्रारंभ करने की तैयारी, निरीक्षण के लिए आने वाली है टीम


बीडीएम कॉलेज प्रबंधन ने सत्र 2023-24 से डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए युनिवर्सिटी को 5 हजार का डिमांड ड्राप्ट 18 जुलाई 2022 को जमा किया और नए कोर्स पीजीडीसीए, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए एप्लाई किया है और आगामी सत्र से कॉलेज को पुन: प्रारंभ करने की तैयारी पूरी कर ली है। नए कोर्स प्रारंभ करने और कॉलेज को पुन: प्रारंभ करने प्रबंधन के प्रस्ताव दिए जाने के बाद युनिवर्सिटी की टीम आने वाली है, लेकिन प्रशासन द्वारा बीडीएम कॉलेज भवन को भी अधिग्रहित किये जाने की संभावना के कारण इस पर संशय का संकट आ खड़ा हुआ है। क्षेत्र को उच्च शिक्षा के लिए मार्ग प्रशस्त करने प्रशांत मिश्रा ने प्रशासन से बीडीएम कॉलेज भवन की 30 डिसमील जमीन को अधिग्रहण से मुक्त रखने की अपील की है।

सम्बद्धता शुल्क हर साल हो रहा जमा

सत्र 2023-24 के लिए बीडीएम कॉलेज प्रबंधन ने 29 जुलाई 2022 को सम्बद्धता शुल्क की राशि 27 हजार जमा की है और ड्राप्ट के माध्यम से युनिवर्सिटी को उक्त राशि जमा की है।


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कोरबा

बांकीमोंगरा क्षेत्र का निगरानी बदमाश धरम पुलिस के गिरफ्त में,,, 40 से अधिक अपराध दर्ज बांकी थाने में, इस बार कर दी 40 लाख का लोहा चोरी….देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकी मोंगरा :- कुछ माह पहले दिनांक 17 फरवरी को प्रार्थी अनीश कुमार सिंह पिता शतेन्द्र सिंह निवासी कटघोरा स्थाई पता सुल्तानपुर उत्तरप्रदेश ने थाना बाँकी मोगरा पहुंच लिखित शिकायत दर्ज कराया कि आर. एस. इन्फा प्रोजेक्ट कंपनी द्वारा सुराकछार से सेन्दुरगढ़ पसान तक निर्माणाधीन रेलवे लाईन में ओवर हेड इलेक्ट्रिकल विद्युत पोल गड़ाकर विद्युत लाईन बिछाकर कार्य किया जा रहा था जिसमें चोरी द्वारा बड़ी मात्रा में समानों की चोरी कर ली गई है जिसकी मशरूका लगभग 42 लाख रुपए है ।

चोरी की गई समान में लगभग 100 नग रेलवे विद्युत खंभा और लोहे के अन्य बहुत सारे समान चोरी कर ली गई है जो बांकी 04 नंबर बायपास रोड किनारे स्थित वैचिंग प्लांट के पास डम्प कर रखा गया था ।

शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी बाँकी मोगरा चमन लाल सिंहा ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जिनके दिशा निर्देश पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र. 35/2026 धारा 303 (2), 3 (5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, विवेचक सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव के विवेचना के दौरान प्रकरण में चोरी गई मशरूका रेलवे विद्युत खंभा का थाना अकलतरा में धारा 106 बीएनएस के प्रकरण में ट्रक क. सीजी 10 आर 1744 के साथ जप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई जो प्रार्थी गवाहों के साथ जाकर तस्दीक किया गया जो सही पाया गया ।

ट्रक वाहन स्वामी से पूछताछ पर बताया गया कि धरम सिंह राजपूत निवासी बांकीमोंगरा एवं फिरोज उर्फ राजा खान निवासी कुसमुण्डा के द्वारा उक्त ट्रक को कोयला ट्रांसपोर्टिंग हेतु किराये में लिया गया था, पर वाहन का चालक अशोक चौहान उन आरोपियों के साथ मिलकरउसमें चोरी का सामान ले गए थे।

निगरानी बदमाश आरोपी धरम राजपूत पर बांकी थाने में पूर्व से अब तक लगभग 40 अपराधिक मामले दर्ज है, जिसमें चोरी, डकैती, लूटपाट, गोली कांड, लोहा चोरी, कोयला चोरी जैसी बहुत सारे संगीन मामले दर्ज है।

आरोपी फिरोज उर्फ राजा खान जो पूर्व में डीज़ल चोरी का सरगना एवं महारत हासिल कर चुका है ।

आरोपियों की जानकारी के बाद आरोपी धरम राजपूत और फिरोज उर्फ राजा खान फरार चल रहे थे, 13/05/2026 को स्थाई वारंट पता तलाश हेतु टीम गठित कर ग्राम पाली रवाना किया गया था जहां मुखबीर के सूचना पर प्रकरण के आरोपी धरम सिंह राजपूत एवं राजा खान उर्फ फिरोज को हिरासत में ले लिया गया और थाना लाकर पूछताछ किया गया जिसमें दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना करना स्वीकार कर लिया, आरोपी धरम सिंह राजपूत के निशादेही पर अपराध में प्रयुक्त गैस सिलेण्डर, कटर को जप्त किया गया एवं आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय कटघोरा में पेश किया गया जहां से दोनों आरोपियों को उपजेल कटघोरा में दाखिल कर दिया गया है।

मिली जानकारी अनुसार रेलवे का सामान चोरी करने के बाद उसे खपाने चांपा की ओर गए थे जहां इतने संख्या में चोरी का सामान खपत न होने के कारण उसका सारा चोरी का सामान आरोपियों के द्वारा अमरताल के नहर में पलटी कर दिया गया था जहां से उस सामान को अकलतरा थाना द्वारा कब्जे में लिया गया था जो अब अकलतरा थाने में जप्त है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बांकीमोंगरा निरीक्षक चमन सिन्हा, सउनि चन्द्रशेखर वैष्णव, नरेन्द्र टेकाम, प्र.आर. राजेश कंवर, आर. रोहित राठौर, आर. हरीश मरावी, आर रघुवीर प्रताप की भूमिका सराहनीय रही।

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गिधौरी में सुशासन तिहार का सफल आयोजन, हितग्राही हुए लाभान्वित

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 43 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण

कोरबा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु ग्राम पंचायत गिधौरी में सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण शिविर में करतला जनपद पंचायत क्षेत्र के कुल 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जिनमें गिधौरी, तुमान, औराई, चिकनीपाली, दादरकला, ढोंढातराई, फत्तेगंज, गाड़ापाली, जुनवानी, लबेद, लीमडीह, पकरिया, पठियापाली एवं सुपातराई शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान कुल 627 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 43 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।  

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत करतला की अध्यक्ष श्रीमती अशोका बाई कंवर उपस्थित रहीं। उनके साथ उपाध्यक्ष मनोज कुमार झा और जनपद सदस्यगण बेदराम चन्द्राकर, श्रीमती नीता यादव, श्रीमती देवी बाई राजवाड़े एवं विश्राम सिंह भी सम्मिलित हुए। स्थानीय सरपंच श्रीमती विज्ञानी कंवर सहित क्लस्टर के अन्य सरपंचों ने भी इस आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।  

शिविर में विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उत्कृष्ट आवास निर्माण हेतु श्रीमती संतोषी बाई कंवर, श्रीमती राधिका वैष्णव, संजीव राजीव कुमार एवं प्यारेलाल साहू को सांकेतिक चाबियाँ सौंपी गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा भगत राम को बैसाखी और रतिराम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। कृषि विभाग की शाकंभरी योजना के तहत दीनदयाल यादव को विद्युत पंप और मत्स्य विभाग द्वारा सुक्रांति बाई को आइस बॉक्स का वितरण किया गया। साथ ही, खाद्य विभाग द्वारा गायत्री कंवर, भुरी कुमारी, सुरेश कुमार और शीतल बाई सहित अन्य पात्र हितग्राहियों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए।  

स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष पहल करते हुए टीबी मुक्त घोषित पंचायतों, जिनमें गाड़ापाली, लबेद, लीमडीह और पकरिया शामिल हैं, के सरपंचों को गांधी जी मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही टीबी मरीजों को पोषण सहायता के लिए फूड बॉक्स का वितरण भी किया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन से शासन की योजनाओं की जानकारी और पहुँच आम लोगों तक बढ़ी है, जिससे समस्याओं के निराकरण में तेजी आई है। इस अवसर पर जनपद सीईओ वैभव कौशिक, अन्य अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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पीपीएचटी प्रवेश परीक्षा 21 मई को, जिले के दो केंद्रों में 573 परीक्षार्थी होंगे शामिल

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कोरबा। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित पीपीएचटी प्रवेश परीक्षा 21 मई को प्रातः 10.00 बजे से अपरान्ह 01.15 तक जिले के 02 परीक्षा केन्द्रों में संपन्न होगी, जिसमें कुल 573 परीक्षार्थी शामिल होगें। परीक्षा के सफल संचालन हेतु व्यापम के निर्देशों के तहत् सभी आब्जर्वर, केन्द्राध्यक्ष एवं उड़नदस्ता दल को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया है। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थीओं के लिए निर्देश जारी किया गया है।
परीक्षार्थियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 09.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थी को परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र में पहुंचना होगा, वहीं पुलिसकर्मी ढाई घंटे पूर्व अनिवार्य रूप से पहुंचेगे ताकि मेटल डिटेक्टर एवं फ्रिस्किंग जांच सुचारू रूप से की जा सके।
निर्देशानुसार परीक्षार्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनेंगे तथा फुटवियर में केवल चप्पल की अनुमति होगी। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी इत्यादि ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अनुचित साधनों के प्रयोग पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहनावा रखने वाले अभ्यर्थियों की अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जाएगी। परीक्षा को नकलमुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए गए हैं।
जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से निर्देशों का पालन करने एवं समय से उपस्थित रहने की अपील की है।

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