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शेयर बाजार में धमाल मचाने के लिए तैयार 5 नए IPO, 8 कंपनियों की होंगी लिस्टिंग, बड़ा मुनाफा कमाने का मौका

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मुंबई ,एजेंसी।  नए सप्ताह की शुरुआत निवेशकों के लिए शानदार अवसर लेकर आ रही है। 13 जनवरी से शुरू होने वाले सप्ताह में 5 नए IPO निवेश के लिए खुलने वाले हैं, जिनमें से केवल Laxmi Dental IPO मेनबोर्ड सेगमेंट में है, जबकि बाकी SME सेगमेंट से हैं। इसके अलावा पहले से खुले 2 SME IPO में भी निवेश का विकल्प मौजूद रहेगा। वहीं, इस हफ्ते 8 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही हैं, जिससे निवेशकों को बड़ा मुनाफा कमाने का मौका मिल सकता है।

नए खुल रहे IPO

Laxmi Dental IPO: 698 करोड़ रुपए का पब्लिक इश्यू 13 जनवरी को खुल रहा है। IPO में 407-428 रुपए प्रति शेयर के भाव पर पैसे लगा सकेंगे। लॉट साइज 33 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 15 जनवरी को होगी। शेयरों की ​लिस्टिंग BSE, NSE पर 20 जनवरी को होगी।

Kabra Jewels IPO

40 करोड़ रुपए का इश्यू 15 जनवरी को खुलेगा और 17 जनवरी को बंद होगा। शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 22 जनवरी को होगी। IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड 121-128 रुपए प्रति शेयर और लॉट साइज 1000 शेयर है।

Rikhav Securities IPO

कंपनी इससे 88.82 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 15 जनवरी को खुलकर 17 जनवरी को बंद होगा। शेयर BSE SME पर 22 जनवरी को लिस्ट होंगे। IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड 82-86 रुपए प्रति शेयर और लॉट साइज 1600 शेयर है।

Land Immigration IPO

40.32 करोड़ रुपए साइज का इश्यू 16 जनवरी को ओपन होगा। इसमें 70-72 रुपए प्रति शेयर के भाव पर बोली लगेगी। लॉट साइज 1600 शेयर है। 20 जनवरी को IPO क्लोज होने के बाद शेयर BSE SME पर 23 जनवरी को लिस्ट होंगे।

EMA Partners IPO

यह 17 जनवरी को खुलेगा और 21 जनवरी को बंद होगा। कंपनी 76.01 करोड़ रुपए हासिल करना चाहती है। शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 24 जनवरी को होगी। प्राइस बैंड 117-124 रुपए प्रति शेयर और लॉट साइज 1000 शेयर है।

पहले से खुले IPO

Sat Kartar Shopping IPO

33.80 करोड़ रुपए का इश्यू 10 जनवरी को खुला और 14 जनवरी को बंद होगा। अभी तक यह 5 गुना भरा है। शेयर NSE SME पर 17 जनवरी को लिस्ट होंगे। इश्यू में बोली 77-81 रुपए प्रति शेयर के भाव पर लगाई जा सकती है। लॉट साइज 1600 शेयर है।

Barflex Polyfilms IPO

यह भी 10 जनवरी को ओपन हुआ और 15 जनवरी को बंद हो जाएगा। IPO फुली सब्सक्राइब हो चुका है। 39.42 करोड़ रुपए के इश्यू में 57-60 रुपए प्रति शेयर के भाव पर और 2000 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE SME पर 20 जनवरी को लिस्ट होंगे।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 13 जनवरी को NSE, BSE पर Standard Glass Lining के शेयर और BSE SME पर Indobell Insulation के शेयर लिस्ट होंगे। 14 जनवरी को BSE, NSE पर Quadrant Future Tek IPO और Capital Infra Trust Invit लिस्ट होगा। इसी दिन NSE SME पर Delta Autocorp IPO और BSE SME पर Avax Apparels And Ornaments IPO, B.R.Goyal IPO लिस्ट होगा। 17 जनवरी को NSE SME पर Sat Kartar Shopping के शेयरों की लिस्टिंग होगी।

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ईरान ने ठुकराया ट्रंप का सीजफायर एक्सटेंशन ! होर्मुज से भारत आ रहे जहाज को बनाया निशाना, IRGC ने 2 शिप किए जब्त

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तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन/नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सेना के शक्तिशाली बल Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने  Strait of Hormuz में दो जहाजों को जब्त करने का बड़ा दावा किया है। ईरान के सरकारी मीडिया Islamic Republic of Iran Broadcasting के अनुसार, इन जहाजों के नाम “MSC-FRANCESCA” और “EPAMINODES” बताए गए हैं। उनमें से एक जहाज दुबई से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट आ रहा था। इन जहाजों को अब ईरानी जलक्षेत्र में ले जाया जा रहा है। IRGC का कहना है कि ये जहाज ईरान के समुद्री नियमों का बार-बार उल्लंघन कर रहे थे और बिना अनुमति इस रणनीतिक जलमार्ग से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ईरान द्वरा जब्त जहाज एपामिनोंडास का गंतव्य गुजरात का मुंद्रा पोर्ट था। ये जहाज दुबई से अपनी यात्रा शुरू कर भारत की ओर आ रहा था, जब इसे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने कब्जे में ले लिया।

ईरान ने  आरोप लगाया है कि इन जहाजों ने नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की, जिससे समुद्र में सुरक्षित आवाजाही को खतरा पैदा हुआ। इसके बाद IRGC ने खुफिया निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों जहाजों को रोका और उन्हें ईरानी जलक्षेत्र में ले जाकर जांच के लिए भेज दिया। IRGC ने साफ कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर “पूरी निगरानी” रखे हुए है और जो भी जहाज नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे अस्थायी युद्धविराम (ceasefire) को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। लेकिन इसके बावजूद जमीन और समुद्र दोनों जगह तनाव बना हुआ है। दरअसल, United States ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक दबाव और बंदरगाहों पर पाबंदियां जारी रखी हैं। ईरान इन कदमों को “आर्थिक और सैन्य घेराबंदी” मानता है और उसी के जवाब में सख्त रुख अपना रहा है। इसी दिन पहले भी United Kingdom Maritime Trade Operations ने दो अलग-अलग घटनाओं की जानकारी दी थी, जिसमें जहाजों पर फायरिंग और हमले हुए।

एक जहाज के पास हथियारबंद बोट पहुंची और गोलीबारी की गई, जबकि दूसरे जहाज को भी निशाना बनाया गया। हालांकि इन सभी घटनाओं में क्रू सुरक्षित रहा, लेकिन खतरा बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव या टकराव सीधे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर, यह घटनाएं दिखाती हैं कि सीजफायर के बावजूद ईरान और अमेरिका के बीच भरोसे की कमी बनी हुई है। समुद्र में बढ़ती कार्रवाई और जहाजों पर हमले यह संकेत दे रहे हैं कि हालात अभी भी बहुत नाजुक हैं और आने वाले समय में तनाव और बढ़ सकता है।

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Rupee Fall: लगातार तीसरे दिन गिरा रुपया, डॉलर के मुकाबले आज इतनी आई गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। रुपए में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट आई और यह 39 पैसे टूटकर 93.83 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता से पश्चिम एशिया में संघर्ष कम होने की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। इसके साथ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई जिससे घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने भी भारतीय मुद्रा पर दबाव डाला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.69 प्रति डॉलर पर खुला। 

कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 93.87 के निचले स्तर तक पहुंचा। अंत में घरेलू मुद्रा डॉलर के मुकाबले 93.83 (अस्थायी) पर रही जो पिछले बंद भाव से 39 पैसे की गिरावट है। रुपया मंगलवार को 28 पैसे की गिरावट के साथ 93.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण रुपये में गिरावट आई है। विदेशी पूंजी की निकासी के दबाव के कारण रुपए में नकारात्मक रुझान रहने का अनुमान है। 

चौधरी ने कहा, ”हालांकि, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से रुपए में तेज गिरावट को रोका जा सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपए का हाजिर भाव 93.60 से 94.20 रुपए के दायरे में रहने का अनुमान है।” इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.15 पर रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 756.84 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,516.49 अंक पर जबकि निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.81 प्रतिशत टूटकर 24,378.10 अंक पर बंद हुआ। 

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.75 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,918.99 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

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पश्चिम एशिया संकट से भारत का राजकोषीय घाटा लक्ष्य से जा सकता है ऊपर

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नई दिल्ली,एजेंसी। पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच सरकारी नीतियों से सार्वजनिक वित्त पर पड़ने वाले दबाव से भारत का राजकोषीय घाटा बजटीय लक्ष्य को पार कर सकता है और जीडीपी के 4.5 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। शोध फर्म बीएमआई ने बुधवार को एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया था। यह वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.4 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से थोड़ा कम है। 

बीएमआई को उम्मीद है कि सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजे व्यवधानों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण साधनों को प्रमुख उद्योगों की ओर मोड़ने, व्यावसायिक लागतों को नियंत्रित करने और कंपनियों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की नीतियां लागू करेगी। बीएमआई का अनुमान है कि सरकार सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले हीलियम और सल्फर जैसे दुर्लभ कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबंध भी लगा सकती है। सल्फर उर्वरक बनाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण घटक है, इसलिए सरकार कृषि क्षेत्र में व्यवधानों को कम करने का प्रयास करेगी, जिसमें भारत के 43 प्रतिशत कार्यबल को रोजगार मिलता है। 

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से प्रभावित व्यवसायों की लागत वृद्धि को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए का आर्थिक स्थिरीकरण कोष स्थापित किया है। बीएमआई का अनुमान है कि यह वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय व्यय में जीडीपी का 0.1 प्रतिशत योगदान देगा। होर्मुज जलडमरूमध्य पोत परिवहन का एक प्रमुख मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल गुजरता है। 

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