कोरबा
25 साल पुराने बीडीएम कॉलेज का मिटेगा अस्तित्व! कोर्ट भवन के लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी
0 तहसीलदार ने कैसे दी मंजूरी, समझ से परे- प्रशांत मिश्रा
कोरबा/पाली। पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र का सबसे पुराना एवं पाली ब्लाक मुख्यालय में स्थित 25 साल पुराना बीडीएम कॉलेज का क्या अब अस्तित्व मिट जाएगा। प्रशासन ने बीडीएम कॉलेज की करीब एक एकड़ जमीन को कोर्ट भवन के लिए अधिग्रहण की तैयारी कर ली है, उधर बीडीएम कॉलेज के संचालक प्रशांत मिश्रा ने कॉलेज के अस्तित्व पर खतरा मंडराने की आशंका पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह समझ से परे है कि तहसीलदार ने आखिर इसकी मंजूरी कैसे दी? तहसीलदार ने कलेक्टर को गलत जानकारी प्रेषित की है कि बीडीएम कॉलेज बंद हो चुका है, वहीं श्री मिश्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में नए कोर्स के लिए आवेदन दिया गया है और अगले सत्र में बच्चों को प्रवेश के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है, ऐसे में यदि प्रशासन द्वारा बीडीएम कॉलेज की जमीन को कोर्ट भवन के लिए अधिग्रहित की जाती है तो बीडीएम कॉलेज का अस्तित्व मिट सकता है। श्री मिश्रा ने क्षेत्र के सबसे पुराने कॉलेज को बचाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र का सबसे प्रथम और क्षेत्र की पहचान बनाने वाला बीडीएम कॉलेज का अस्तित्व अब खतरे में दिखाई दे रहा है। पाली व्यवहार नालय हेतु बीडीएम कॉलेज की एक एकड़ से अधिक जमीन को प्रशासन द्वारा अधिग्रहित करने की तैयारी कर ली गई है। कलेक्टर ने इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
0 पूर्व छात्रों एवं कांग्रेसजनों द्वारा प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध0
पाली विकासखंड मुख्यालय में स्थित क्षेत्र की उच्च शिक्षा के लिए जाना जाने वाला बीडीएम कॉलेज का अस्तित्व अब खतरे में दिखाई दे रहा है। 25 साल पूर्व इस कॉलेज की स्थापना इस सोच के साथ की गई थी कि पिछड़े हुए क्षेत्र के बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करेंगे। बीडीएम कॉलेज क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहचान भी है। इसके अस्तित्व को मिटाने अब प्रशासन अमादा है। यहां के पूर्व छात्रों एवं कांग्रेसजनों ने इसका विरोध किया है। प्रतिक्रिया देते हुए कॉलेज के डायरेक्टर प्रशांत मिश्रा ने कहा कि बीडीएम कॉलेज पाली-तानाखान विधानसभा क्षेत्र का सबसे पुराना कॉलेज है और यहां से सैकड़ों बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। इसके अस्तित्व को मिटाने से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान मिट जाएगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट का भवन जरूरी है और यह न्याय का मंदिर है, इसके लिए प्रशासन क्षेत्र में कई जगह उपलब्ध जमीन का अधिग्रहण करे और बीडीएम कॉलेज के अस्तित्व को न मिटाए। पूर्व छात्रों सहित कांग्रेसियों ने प्रशासन की इस कार्यवाही को न्याय संगत नहीं बताया है और इसका विरोध किया है।
0 कई लोगों ने की है आपत्ति0
व्यवहार न्यायालय के लिए भवन बन जाए, यह पाली वाले भी चाहते हैं और यह गौरव की बात है। पाली क्षेत्र का केन्द्र बिन्दु है और यहां व्यवहार न्यायालय की स्थापना न्याय जगत के लिए गौरव की बात है। वर्तमान में स्टेडियम के बाजू में स्थित शासकीय भूमि जिसमें कई लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान बना लिया है। पहले पोड़ी में जगह की तलाश की गई लेकिन यहां के ग्रामीणों ने चयनित स्थल पर भवन बनाने पर आपत्ति दर्ज की। अब पाली में स्टेडियम के पास शासकीय भूमि जिसमें कई लोगों ने आवास बना रखा है एवं बीडीएम कॉलेज के भवन एवं भूमि को कोर्ट के लिए चयनित किया गया है। इसके लिए विधिवत प्रक्रिया पूरी की गई, दावा आपत्ति भी मंगाए गए और कई लोगों ने इस पर आपत्ति भी की। पर्याप्त दस्तावेज के साथ आपत्ति न मिलने के कारण प्रशासन ने लोगों की दावा आपत्ति को खारिज कर दिया और कोर्ट भवन के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया। कलेक्टर ने इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
0 बीडीएम कॉलेज का 25 वर्षों से संचालन0

लगभग ढाई दशक पूर्व पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए एक भी कॉलेज नहीं था। इसके लिए शासकीय कॉलेज की स्थापना के लिए लगातार मांग होती रही। प्रशासन के अनसुना एवं क्षेत्र की उपेक्षा के कारण शासकीय कॉलेज की स्थापना नहीं हो पायी, ऐसे में क्षेत्र के आदिवासी बच्चे, खासकर छात्राएं 12वीं की पढ़ाई के बाद पढ़ाई छोड़ देते थे, यह उनकी मजबूरी थी, क्योंकि आसपास क्षेत्र में एक भी कॉलेज नहीं था। क्षेत्र में नागरिकों एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की छात्राओं द्वारा विशेष मांग की गई, जिस पर सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा ने बीडीएम कॉलेज का संचालन प्रारंभ किया और गत 25 वर्षों से इसका संचालन श्री मिश्रा द्वारा किया जा रहा है। संसाधन के अभाव होने के बाद भी श्री मिश्रा इस ऐतिहासिक बीडीएम कॉलेज का संचालन लगातार जारी रखा। 25 वर्ष पूर्व जब इस कॉलेज की नींव रखी गई तो चारों तरफ खुशहाली दिखी, आदिवासी बच्चियों का सपना पूरा होने लगा। युवाओं में उत्साह देखा गया। सैकड़ों की संख्या में यहां से बच्चे बीए, बीएससी, बी कॉम की पढ़ाई करने लगे। इतना ही नहीं यहां की गुणवत्ता देखकर युनिवर्सिटी ने इसे परीक्षा केन्द्र भी बनाया। छात्रवृत्ति के जरिए आरक्षित वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा भी दी जा रही थी। पाली में शासकीय महाविद्यालय खुलने से और कोरोना काल में संसाधन और आर्थिक कारणों के कारण इस विद्यालय के संचालन में दिक्कत हुई, लेकिन प्रशांत मिश्रा ने बताया कि आगामी सत्र से यहां प्रवेश की तैयारी पूरी कर ली गई है, ऐसे में प्रशासन को इस पर संज्ञान लेने की जरूरत है, ताकि बीडीएम कॉलेज का अस्तित्व और क्षेत्र का गौरव बना रहे।
0 युनिवर्सिटी के रिकार्ड में कॉलेज अभी भी नियमित0
बीडीएम कॉलेज के डायरेक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि बीडीएम कॉलेज आज भी युनिवर्सिटी के वेबसाईट, पोर्टल और रिकार्ड में नियमित है और आगामी सत्र से यहां प्रवेश की प्रक्रिया हेतु पूरी तैयारी कर ली गई है। पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के प्रथम महाविद्यालय को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है, इसके लिए प्रयास होना चाहिए ना कि अस्तित्व मिटाने की।
जमीन अधिग्रहण के लिए दी एनओसी, बीडीएम भवन के लिए नहीं-उमेश चंद्रा

बिसाहू दास महंत कॉलेज पाली की जगह पर कोर्ट भवन के लिए जमीन अधिग्रहण करने के मामले में नगर पंचायत पाली ने जमीन अधिग्रहण के लिए एनओसी दी है, ना कि बीडीएम भवन की। नगर पंचायत पाली अध्यक्ष उमेश चंद्रा ने बताया कि पाली में व्यवहार न्यायालय के लिए भवन अपरिहार्य है और कोर्ट भवन बन जाने के बाद यहां के आसपास लोगों को न्याय का मंदिर मिल पाएगा, लेकिन पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र का पहला कॉलेज का अस्तित्व भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि जनसरोकार से जुड़े होने के कारण कोर्ट भवन बनना जरूरी है। नगर पंचायत क्षेत्र में आने के कारण प्रशासन को एनओसी जरूरी थी, हमने जमीन के लिए एनओसी दी है, ताकि कोर्ट भवन का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने बताया कि पाली एसडीएम से निवेदन किया गया है कि बीडीएम कॉलेज भवन को छोड़ दिया जाए, बाकी पर्याप्त जगह में कोर्ट भवन बनाया जाए। उन्होंने बताया कि वैसे भी उक्त खसरा नंबर वाली जमीन नगर पंचायत की नहीं, बल्कि राजस्व जमीन है।
जमीन अधिग्रहण के लिए प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी ही नहीं की, जनसुनवाई होनी थी-विधायक प्रतिनिधि मरकाम

पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम से प्रतिक्रिया न मिल पाने के कारण उनके प्रतिनिधि कुलदीप सिंह मरकाम से बात की गई। उन्होंने बताया कि कोर्ट भवन के लिए बीडीएम कॉलेज भवन-जमीन अधिग्रहण किये जाने की जानकारी मिली है, लेकिन प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए पूरी प्रक्रिया अपनायी ही नहीं। इसके लिए जनसुनवाई होनी थी, लेकिन प्रशासन ने जनसुनवाई नहीं की और प्रभावित एवं लाभान्वित लोगों को अपनी बात रखने का मौका प्रशासन ने नहीं दिया। श्री मरकाम ने कहा कि बीडीएम कॉलेज पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र का पहला कॉलेज है, इसके लिए पुर्नस्थापना के लिए पहल होनी चाहिए , ना कि इसे पूर्णत: बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोर्ट भवन पाली के लिए अपरिहार्य है और प्राथमिकता के साथ इसका निर्माण हो, लेकिन बीडीएम कॉलेज भवन को अधिग्रहित नहीं करना चाहिए, खाली जमीन में इसका निर्माण हो। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि इसके लिए जनसुनवाई या त्रिपक्षीय वार्ता भी हो, ताकि क्षेत्र के लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका मिले।
नए कोर्स के लिए की गई है एप्लाई, 2023-24 से प्रारंभ करने की तैयारी, निरीक्षण के लिए आने वाली है टीम

बीडीएम कॉलेज प्रबंधन ने सत्र 2023-24 से डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए युनिवर्सिटी को 5 हजार का डिमांड ड्राप्ट 18 जुलाई 2022 को जमा किया और नए कोर्स पीजीडीसीए, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए एप्लाई किया है और आगामी सत्र से कॉलेज को पुन: प्रारंभ करने की तैयारी पूरी कर ली है। नए कोर्स प्रारंभ करने और कॉलेज को पुन: प्रारंभ करने प्रबंधन के प्रस्ताव दिए जाने के बाद युनिवर्सिटी की टीम आने वाली है, लेकिन प्रशासन द्वारा बीडीएम कॉलेज भवन को भी अधिग्रहित किये जाने की संभावना के कारण इस पर संशय का संकट आ खड़ा हुआ है। क्षेत्र को उच्च शिक्षा के लिए मार्ग प्रशस्त करने प्रशांत मिश्रा ने प्रशासन से बीडीएम कॉलेज भवन की 30 डिसमील जमीन को अधिग्रहण से मुक्त रखने की अपील की है।
सम्बद्धता शुल्क हर साल हो रहा जमा

सत्र 2023-24 के लिए बीडीएम कॉलेज प्रबंधन ने 29 जुलाई 2022 को सम्बद्धता शुल्क की राशि 27 हजार जमा की है और ड्राप्ट के माध्यम से युनिवर्सिटी को उक्त राशि जमा की है।





कोरबा
महिला पंच के अपहरण का दावा झूठा निकला:अविश्वास प्रस्ताव से पहले सरपंच पर लगा था अगवा करने का आरोप
कोरबा। कोरबा जिले में सरपंच चुनाव से पहले एक महिला पंच, उनके पति और दो बच्चों के अपहरण का मामला झूठा निकला। यह आरोप करूमौहा ग्राम पंचायत की सरपंच और उनके समर्थकों पर लगाया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार अपने एक रिश्तेदार के यहां घूमने गया था। यह मामला राजगामार चौकी क्षेत्र का है।
ग्वाल राम यादव नामक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि 16 मार्च को वार्ड क्रमांक 4 की पंच निर्मला, उनके पति दिलमोहन और दो बच्चों को सरपंच कविता कांदे सहित लक्ष्मीनारायण खांडे, अंतुलाल रात्रे, गंगा राम रात्रे, चैतराम मंझवार, छबिराम मंझवार और चंद्रकुमारी रात्रे एक सफेद टाटा पंच कार में ले गए थे।

पूछने पर बताया गया था कि वे चंद्रहासिनी देवी के दर्शन कर देर शाम तक लौट आएंगे, लेकिन तीन दिन बाद भी वे घर नहीं लौटे और न ही उनसे संपर्क हो पाया।
अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला ग्राम पंचायत करूमौहा में सरपंच के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ा है। बीते वर्ष हुए पंचायत चुनाव में कविता कांदे सरपंच चुनी गई थीं। हालांकि, बाद में पंचों ने उन पर मनमानी और गांव के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाया। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने इस प्रस्ताव पर मतदान के लिए 25 मार्च की तिथि निर्धारित की है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि अपहरण की बात पूरी तरह से झूठी है। शिकायत मिलने के बाद तत्काल जांच शुरू की गई। परिजनों से बातचीत में पता चला कि परिवार अपने रिश्तेदार के यहां घूमने गया था। उनके लौटने के बाद बयान दर्ज किए जाएंगे और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कटघोरा
लायन्स क्लब कटघोरा-छुरी विधायक प्रेमचन्द पटेल के आतिथ्य में निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का का किया शुभारंभ
कोरबा/कटघोरा। नगर में जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लायंस क्लब कटघोरा-छुरी द्वारा निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल रहे, जबकि नगर पालिका कटघोरा के अध्यक्ष राज जायसवाल एवं नगर निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान संचालन कर रहे क्लब के संरक्षक अजय धनोंदिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का स्वागत किया तथा निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा की आवश्यकता और उसके उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सेवा नगर और आसपास के क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों के लिए आपातकालीन परिस्थितियों में अत्यंत उपयोगी साबित होगी और समय पर मरीजों को अस्पताल पहुँचाने में मदद करेगी।
मुख्य अतिथि विधायक प्रेमचंद पटेल ने अपने उद्बोधन में लायंस क्लब की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज सेवा के ऐसे कार्य लोगों के जीवन को बचाने और जरूरतमंदों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने क्लब के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को इस जनहितकारी कार्य के लिए बधाई दी।
विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल ने भी अपने संबोधन में कहा कि लायंस क्लब द्वारा शुरू की गई यह निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा नगरवासियों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी व क्लब की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इसकी सराहना की व बताया नगर के लिए भी यह सम्मान की बात है कि ऐसी संस्था के द्वारा नगर के सांथ आसपास के छेत्रो में लगातार निःस्वार्थ भाव से सेवा के कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा ,मण्डल अध्यक्ष अभिषेक गर्ग,सहायक निरीक्षक राजेन्द्र सिंह राजपूत,समंजित सिंह,अनुराग दुहलानी,मनोज नायडू,सर्वजीत सिंह,अमित जायसवाल,मंदीप जायसवाल,रूपेश जायसवाल,मनोज दुबे,डाकेश्वर शुक्ला,क्लब अध्यक्ष मनोज अग्रवाल,संरक्षक अजय धनोंदिया,अजय गर्ग,दीपक गर्ग,कोषाध्यक्ष राकेश गोयल,डॉ गोपाल बन गोस्वामी,मुकेश गोयल,नरेंद्र अग्रवाल,राकेश शर्मा,सहित सभी सदस्यगण एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राज जायसवाल ने की वाटर कूलर की घोषणा
क्लब के द्वारा गर्मी को देखते हुए नगर पालिका के अध्यक्ष राज जायसवाल से एक नग वाटर कूलर की मांग की जिस पर अध्यक्ष के द्वारा तत्काल अपने अध्यक्ष निधि से 1 नग वाटर कूलर देने की घोषणा की जिसका उपस्थित सभी जनसमुदाय ने ताली बजाकर अभिनंदन किया गया।

कोरबा
धान का ओवरलोड परिवहन, हादसे की आशंका, जिम्मेदार जांच नहीं कर रहे
कोरबा। जिले में धान का उठाव जारी है और ट्रकों में ओवरलोड परिवहन हो रहा है। इससे हादसे की आशंका है। ट्रक के डाले के दोनों ओर धान की बोरी झुकी रहती है। यह अगर गिर जाए, तो अन्य वाहन चपेट में आ सकते हैं। यह ट्रक सड़क पर लगे बोर्ड कोरबा से भी मुश्किल से पार हो रहे हैं। रायपुर में धान लोड ट्रक के पलटने की घटना हो चुकी है। धान खरीदी का जिम्मा प्रशासन का होने से राइस मिलर भी मनमानी करते हैं। उरगा-कटघोरा हाईवे या बिलासपुर रोड पर ओवरलोड ट्रक आसानी से देखे जा सकते हैं।


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