छत्तीसगढ़
5 लाख 11 हजार आवास हितग्राहियों को 2044 करोड़ ट्रांसफर:PM मोदी ने जारी की पहली किस्त; CM बोले- शिकायत पर होगी कलेक्टर्स पर कार्रवाई
रायपुर,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के 5 लाख 11 हजार PM आवास हितग्राहियों को 2044 करोड़ की पहली किस्त की राशि ट्रांसफर किए हैं। इसी बीच CM विष्णुदेव साय ने मोर आवास, मोर अधिकार कार्यक्रम में एक महिला हितग्राही के पैर धोए। हितग्राही के सामने हाथ जोड़े और मकान भी सौंपा।
रायपुर में मंगलवार काे इंडोर स्टेडियम में कार्यक्रम के दौरान CM साय ने कहा कि PM आवास के लिए किसी को भी एक पैसा देने की जरूरत नहीं है। अगर एक रुपए की भी वित्तीय शिकायत आती है तो सीधे कलेक्टर्स पर कार्रवाई की जाएगी।

महिला के पैर पखारने के बाद यूं हुआ अभिवादन।
ग्रामीण क्षेत्रों में 8 लाख 46 हजार 932 आवास
CM साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 8 लाख 46 हजार 932, शहरी आवास योजना के 23 हजार 71 हितग्राहियों को आवास दिए जा रहे हैं। देशभर में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का 30 प्रतिशत आवास छत्तीसगढ़ में स्वीकृत हुआ है, यह बड़ी बात है।

सीएम साय ने किया डॉ रमन का स्वागत।
18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति देंगे
साय ने कहा कि PM ने कहा था कि सरकार बनते ही वंचित हितग्राहियों को 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की मंजूरी देंगे। वो पूरा हो रहा है। साय ने कहा कि 8 लाख 46 हजार 932 हितग्राहियों को पैसे जारी किए जा चुके हैं।
वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि ऐसे लोग जिनका नाम आवास की लिस्ट में रह गया था। उनको भी नाम जोड़ने का अवसर मिलेगा। विजय शर्मा ने कहा कि 2011 के आवासहीनों की सूची जिसे परमानेंट वेटिंग लिस्ट कहा जाता है, वह छत्तीसगढ़ में पूरी हुई है।
छूटे लोगों के नाम जोड़े जाएंगे
आवास प्लस की सूची में भी लगता था कि हमारे गांव में कुछ लोग हैं, जिनका नाम अब भी छूटा हुआ है। ऐसे छूटे हुए लोगों के नाम भी जोड़े जा सकेंगे। 17 सितंबर को ही लगभग 1 लाख 96 हजार वो प्रधानमंत्री आवास जो साय सरकार बनने के बाद प्रदेश में बने हैं, उनका भी गृह प्रवेश होगा।
इन्हें मिलेगा मकान विजय शर्मा ने बताया कि अभी जिनके पास टू व्हीलर है, मछली पकड़ने की नाव है, रेफ्रीजरेटर है, लैंडलाइन फोन है, या जिनकी आय 10 हजार रुपए थी। वह अब 15 हजार तक है, जिनके पास ढाई एकड़ सिंचित या पांच एकड़ असिंचित भूमि है, वे सभी प्रधानमंत्री आवास के लिए पात्र होंगे।

आवास योजना की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
बता दें कि रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री लखन लाल देवांगन, मंत्री दयाल दस बघेल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी आदिवासी महिलाओं के पैर पखारे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह भी पहुंचे।
छत्तीसगढ़
रायपुर : जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की मुलाकात
बस्तर से सरगुजा तक के अनुभव साझा कर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया छत्तीसगढ़ को अद्भुत प्रदेश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। यहां के लोग सरल, सहज, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन की सफलता तथा राज्य के विकास की यात्रा से अवगत कराया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और विकास के नए अवसरों पर भी अपने अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए।
अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है। यहां के लोगों के स्नेह, जनजातीय परंपराओं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है।
मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और प्रेरणादायक प्रसंग भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी।
उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक एवं ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक प्रणव सिंह उपस्थित थे।
कोरबा
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी आमजनों की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद माध्यम
’कोरबा जिले में 142 से अधिक आवेदनों का निराकरण, विभिन्न विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई जारी
कोरबा। शासन की जनहितकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आमजनों तक समय पर पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सशक्त माध्यम बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और मांगों पर जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखते हुए शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है।
कोरबा जिले में अब तक ’राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, खाद्य, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 505 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 142 से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण कर संबंधित आवेदकों को राहत पहुंचाई गई है। शेष प्रकरणों पर भी विभागीय स्तर पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी विभाग प्रमुखों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता, संवेदनशीलता एवं समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उनके मार्गदर्शन में विभागीय अधिकारी नियमित रूप से प्रकरणों की समीक्षा कर शिकायतों के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जिले के नागरिकों को ’नवीन राशन कार्ड, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, लंबित भुगतान, विद्युत व्यवस्था में सुधार, सड़क मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, नालियों की सफाई, स्वच्छता संबंधी कार्य, सीमांकन, नामांतरण तथा अन्य राजस्व संबंधी मामलों’ में त्वरित राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक पहुंचने का सरल और सुलभ माध्यम प्राप्त हुआ है। शिकायतों के निराकरण की पारदर्शी व्यवस्था से नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
जिला प्रशासन का सतत प्रयास है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित हो, ताकि आमजनों को त्वरित राहत मिल सके और सुशासन की भावना धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई दे।
कोरबा
समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से जारी, मौसमी बिमारी, उल्टी-दस्त, सर्पदंश तथा अन्य दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
कोरबा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरबा जिले के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने बताया कि जिले के समस्त ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में ओपीडी एवं आईपीडी सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों एवं बुजुर्गाे के लिए विशेष सेवाएं उपलब्ध है। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर संचारी रोगों की जॉंच एवं उपचार जैसी सेवाए भी निरंतर प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिले में सभी शहरी एवं ग्रामीण सामु.स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला चिकित्सालय में मौसमी बिमारी,उल्टी-दस्त तथा सर्पदंश कि घटनाओं के उपचार के लिए एंटी स्नेक वेनम(एएसवी) तथा अन्य आवश्यक दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं किसी भी दवाई की कमी नहीं है, मरीजों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाईयां प्रदान की जा रही हैं । इस हेतु स्वास्थ्य संस्थाओं की नियमित निगरानी एवं समीक्षा की जा रही है जिससे आमजन को बेहतर एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होती रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि स्वास्थ्य संबधी किसी भी समस्या होने पर अपने निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र में संपर्क कर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।
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