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कोरबा

लोक अदालत का सार ना जीत ना हार:दिनांक 21 सितम्बर 2024 को हुआ वर्ष 2024 का तृतीय हाईब्रीड नेशनल लोक अदालत का आयोजन 9096 प्रकरणों का हुआ निराकरण

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  1. लोक अदालत ने माता-पुत्र विवाद को किया समाप्त, वृद्ध महिला को मिला जीने का सहारा

कोरबा । प्रत्येक व्यक्ति को जीवन जीने तथा जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की आवश्यकता होती है, ऐसे में वृद्ध जन जो शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके है, वे मजबूरन बुढ़ापे में अपने बच्चों पर निर्भर करने लगते है। भरण-पोषण हेतु गुजारा भत्ता का भुगतान न केवल कानूनी अधिकार है, बल्कि बच्चों/परिजनों पर लगाया गया एक सामाजिक और नैतिक दायित्व भी है। ऐसे ही घटना जिला न्यायालय कोरबा के न्यायालय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय कोरबा में विचाराधीन था, उक्त प्ररकण में आवेदिका जो अनावेदक की वृद्ध माता है,के द्वारा न्यायालय में दिए आवेदन के अनुसार सन् 2010 में अपने पति के मृत्यु के पश्चात एसईसीएल. विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदिका ने अपने अनावेदक पुत्र को नामित किया तथा अनावेदक को नौकरी मिल जाने पर आवेदिका तथा उनकी तीन पुत्रियां साथ में रहने लगे। कुछ समय पश्चात नौकरी मिल जाने के बाद अनावेदक रोज शराब पीकर गाली-गलौच एवं मारपीट करने लगा तथा समय के साथ आवेदिका के द्वारा कई बार थाने में शिकायत दर्ज की गई परंतु थाने से समझाईश दिए जाने तथा कठोर कार्यवाही नहीं किए जाने पर अनावेदक का हौसला बुलंद हो चला तथा आवेदिका को उचित भरण-पोषण नहीं देने तथा ईलाज हेतु मेडिकल कार्ड में ईलाज हेतु सहमति नहीं देना जैसे प्रताडना देकर मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक रूप से प्रताडित करने लगा। प्रताडना से तंग आकर आवेदिका ने घर छोड दिया तथा अपनी बहन के घर रहने लगी। जिस कारण आवेदिका ने मान. न्यायालय के समक्ष अंतर्गत धारा 144 बी.एन.एस.एस. वास्त भरण-पोषण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में आवेदिका एवं अनावेदक पुत्र ने हाईब्रीड नेशनल लोक अदालत में संयुक्त रूप से समझौता कर आवेदन पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें हाइब्रीड नेशनल लोक अदालत का लाभ लेते हुए आवेदकगण ने 150000/- रूपये (पंद्रह हजार रूपये) बिना किसी डर-दबाव के भरण-पोषण प्रदाय किए जाने हेतु राजीनामा किया जिसे अनावेदक आवेदिका के बैंक खाते में प्रत्येक माह के 10 तारीख तक सीधे जमा किए जाने अथवा भुगतान किए जाने का निर्देश दिया गया इस प्रकार बेसहारा परिवारजनों को जीवन जीने का एक सहारा नेशनल लोक अदालत ने प्रदान किया।

  1. बेसहारा वृद्ध महिला को मिला न्याय, लोक अदालत बना सहारा

न्यायालय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय कोरबा में विचाराधीन एक और प्रकरण में वृद्ध माता, आवेदिका ने प्रस्तुत आवेदन के अनुसार जो बुढापे तथा खराब स्वास्थ्य के कारण कोल इंडिया स्पेशल फिमेल वांिलटियर स्कीम 2014 के तहत आवेदिका ने अपने एकमात्र पुत्र अर्थात अनावेदक को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदाय किया था। उक्त स्कीम के प्रावधानों के तहत अनावेदक को आवेदिका को अपने वेतन का 50 प्रतिशत राशि प्रतिमाह भरण-पोषण हेतु दिए जाने का आश्वासन सहित शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था। कुछ समय पश्चात अनावेदक के शादी के पश्चात से अनावेदक आवेदिका को भरण पोषण देने से मना कर दिया तथा मानसिक, शारीरिक रूप से प्रताडित करने लगा, तथा सत्र 2022 से घर से पृथक कर दिया ऐसे में वृद्ध आवेदिका मजबूरी में अन्य रिश्तेदारों के साथ रहने में विवश हो गई। उक्त संबंध में आवेदिका के द्वारा एसईसीएल प्रबंधन में शिकायत दर्ज कराई गई जिसमें प्रबंधन के द्वारा आवेदिका को न्यायालयीन आदेश उक्ताशय का प्राप्त करने हेतु कहा जा रहा है, जिस कारणवश आवेदिका की ओर से न्यायालय के समक्ष अनावेदक के विरूद्ध धारा 144 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया। आज हाईब्रीड नेशनल लोक अदालत में मान. खंडपीठ के द्वारा उभयपक्ष के मध्य सुलह कराया गया, जिसके बाद उभयपक्षों ने आपसी समझौतानामा पेश कर प्रकरण समाप्त करने का अनुरोध किया। उभयपक्ष नेशनल लोक अदालत में बिना किसी डर दबाव के आपसी सहमति से राजीनामा आधार पर अनावेदक, आवेदिका को 30000/- रूपए प्रतिमाह भरण-पोषण राशि प्रदाय किए जाने में सहमति प्रदान कर अपने प्रकरण का निराकरण किया और ऐसे एक वृद्ध महिला को अपने जीवन जीवन जीने का एक सहारा नेशनल लोक अदालत ने प्रदान किया।

  1. 10 वर्षीय मामले के निराकरण
    न्यायालय रूपल अग्रवाल न्याया. मजि0 प्रथम श्रेणी कटघोरा के न्यायालय में लंबित प्रकरण क्रमांक 933/2015 पक्षकार राज्य वि0 देवनारायण वगै0 में प्रार्थी श्याम कुमार निषाद पिता रामअवतार निषाद, उम्र 32 वर्ष निवसी पसान ने आरोपीगण देवनारायण, भारत मरकाम, पन्ना लाल, संतु उर्फ संतराम एवं श्यामरतन के विरूद्ध में वर्ष 2014 में थाना पसान में रिपोर्ट दर्ज करायी थी, कि आरोपीगण ने उसे 6 नग नकली सोने की बट्टी को असली बताकर प्रार्थी श्याम कुमार निषाद से 4,96000/-रूपये प्राप्त कर ठगी किया है। उक्त मामले में प्रार्थी श्यामकुमार निषाद ने न्यायालय में उपस्थित होक अभियुक्तगण से राजीनामा किया। उक्त प्रकरण में अभियुक्तगण की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अशोक कुमार ताम्रकार एवं अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार निषाद प्रयासों से भी प्रकरण में सफरलता पूर्वक राजीनामा किया गया।
  2. वर्ष 2012 से चल रहे श्रमिक कानून से संबंधित प्रकरण का हुआ निराकरण
    दिनांक 21 सितम्बर 2024 में वर्ष 2012 से श्रमिक कानून से संबंधित मामले का कंपनी एवं श्रमिकों के मध्य राजीनामा आधार पर श्रम न्यायालय के समक्ष मान. खंडपीठ के समझाईश के द्वारा आज नेशनल लोक अदालत में बिना किसी डर दबाव के आपसी सहमति से राजीनामा आधार पर निराकरण किया गया।

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कोरबा

आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु पोंड़ी उपरोड़ा में प्रशिक्षण का आयोजन 13 फरवरी को

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कोरबा। आरजीआई पोर्टल से आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु 13 फरवरी को जनपद पंचायत पोंड़ी उपरोड़ा के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक तथा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया जायेगा।
जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोंड़ीउपरोड़ा, समस्त प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल रहेंगे और दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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कोरबा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों  पर भर्ती हेतु 27 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित

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कोरबा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ,जिला कोरबा द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों पर पात्र इच्छुक अभ्यर्थियों से 27 फरवरी शाम 5.30 बजे तक आवेदन पत्र  आमंत्रित किये गये हैं।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सूचना पटल पर देखा जा सकता है एवं जिला कोरबा के बेबसाईट www.korba.gov. in   में उपलब्ध है जिसका अवलोकन किया जा सकता है।

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कोरबा

शासकीय महाविद्यालय पाली में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का हुआ गठन

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रोजगार मूलक ट्रेड प्रारंभ कर प्रशिक्षण आयोजित करने के दिए निर्देश

कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के सभी मतदान केंद्रों, सभी हायर सेकेण्डरी स्कूलों, कॉलेजों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब गठित की जा रही हैं। इसी कड़ी में  आज 11 फरवरी  को शासकीय नवीन महाविद्यालय पाली में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ई.एल.सी) का गठन किया गया।
इस अवसर पर मतदाता साक्षरता क्लब (ई.एल.सी.) एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर) के महत्व पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित ई.एल.सी. क्लब के मेंबर्स, युवा छात्र -छात्राओं को सम्बोधित करते हुए सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने मतदाता साक्षरता क्लब के गठन के उद्देश्यों के बारें में बताया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के महत्व के बारें में जानकारी देते हुए मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण में युवाओं को एक मतदाता के रूप में पंजीकृत होकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए प्रेरित किये। सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने नवीन मतदाता के रूप में पहली बार मतदाता बनने जा रहें सभी युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्य को निभाने के लिए एक मतदाता के रूप में अनिवार्य रूप से अपना नाम पंजीकृत करवाने के लिए अपील की।


इस अवसर पर डॉ. हर्ष पांडेय प्राध्यापक समाजशास्त्र एवं मतदाता साक्षरता क्लब के मेम्बर्स छात्र -छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। महाविद्यालय की छात्राओं के द्वारा आकर्षक रंगोली बनाई गई एवं हाथों में मेंहदी सजाकर मतदाता साक्षरता क्लब एवं एस.आई.आर.के महत्व को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रीता पटेल महाविद्यालयीन स्वीप  नोडल अधिकारी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण – टी.आर. कश्यप, डॉ.शेख तस्लीम अहमद, डॉ. कविता ठक्कर, संत राम खांडेकर, वर्षा लकड़ा सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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