Connect with us

छत्तीसगढ़

सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, पर रिहाई नहीं:21 महीने से रायपुर जेल में है निलंबित अफसर; कोल स्कैम में हुई है गिरफ्तारी

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ कोल घोटाला मामले में जेल में बंद राज्य सेवा की निलंबित अफसर सौम्या चौरसिया को जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने बुधवार को अंतरिम जमानत मंजूर कर ली। हालांकि सौम्या का जेल से निकलना अभी मुश्किल है।

बताया जा रहा है कि सौम्या को मनी लॉन्ड्रिंग केस में सशर्त जमानत दी गई है। इसमें कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट के सामने पेश होती रहेंगी। पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट के पास जमा रहेगा। वहीं EOW/ ACB की ओर दर्ज केस में सुनवाई नहीं हुई है।

मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुइयां की डबल बेंच में हुई है। सौम्या चौरसिया को दिसंबर 2022 में ED ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही वह रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं।

वकील ने कहा- न मुकदमा शुरू किया, न रिहाई मिली

सौम्या की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने कहा कि, उनकी मुवक्किल ने करीब एक साल और 9 महीने हिरासत में बिताए हैं। इस दौरान उन्हें एक बार भी रिहा नहीं किया गया है। अभी तक मुकदमा भी शुरू नहीं हुआ है। 3 सह-आरोपियों को अंतरिम जमानत मिल चुकी है।

वहीं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने ED की ओर से तर्क दिया कि सौम्या, जो एक सिविल सेवक थीं, अंतरिम जमानत दिए गए 3 व्यक्तियों के मुकाबले एक अलग पायदान पर खड़ी हैं। मामले में विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है। साथ ही एएसजी ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

कोरिया : करीब 150 मीटर लम्बे सुरंग में अवैध कोयला खनन पर सख्ती, सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड की बड़ी कार्रवाई

Published

on

देवखोल और भालूमाड़ा में खनन क्षेत्र चिन्हित, ब्लास्टिंग कर बंद करने के निर्देश

अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण में लगे लोगों में मचा हड़कंप

करीब 150 मीटर लम्बे सुरंग में अवैध कोयला खनन पर सख्ती, सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड की बड़ी कार्रवाई
करीब 150 मीटर लम्बे सुरंग में अवैध कोयला खनन पर सख्ती, सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड की बड़ी कार्रवाई
करीब 150 मीटर लम्बे सुरंग में अवैध कोयला खनन पर सख्ती, सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड की बड़ी कार्रवाई

कोरिया। कोरिया जिला में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार दूसरे दिन व्यापक कार्रवाई की। रायपुर से पहुंची सेंट्रल प्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने रविवार को देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का निरीक्षण कर अवैध खनन स्थलों का चिन्हांकन किया और उन्हें ब्लास्टिंग कर स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए।

इस दौरान जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स, जिसमें खनिज, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे, ने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। टीम ने बताया कि निरीक्षण के समय मौके पर कोई कोयला या खनन सामग्री नहीं मिली, लेकिन पूर्व में यहां बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इस कार्रवाई से एक दिन पहले, शनिवार को संयुक्त टीम ने पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में सघन अभियान चलाया था। इस दौरान अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6 टन से अधिक कोयला जब्त किया गया। साथ ही कई अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया गया, जिनका उपयोग लंबे समय से कोयला निकालने के लिए किया जा रहा था।
अभियान के दौरान टीम ने करीब 150 लंबी सुरंगों के भीतर प्रवेश कर न केवल कोयला बरामद किया था, बल्कि खनन में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए थे।
 
रविवार को की गई कार्रवाई में कोरिया के अलावा सूरजपुर, मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिलों के खनिज अधिकारी, स्थानीय पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। 

अधिकारियों ने बताया कि वन एवं खनिज विभाग के साथ-साथ एसईसीएल के समन्वय से इन क्षेत्रों की निगरानी और सख्त की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कोयला खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए चिन्हित स्थानों को ब्लास्टिंग कर बंद किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही क्षेत्र में लगातार निगरानी और संयुक्त अभियान जारी रखने की भी बात कही गई है।
इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस तरह के अभियानों को और तेज किया जाएगा।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

भूपेश बोले-अनिल अग्रवाल और नवीन जिंदल चोर-चोर मौसेरे भाई:सरकार भी साथ खड़ी है, महिला आरक्षण बिल पर कहा- इनसे ज्यादा मूर्ख कोई नहीं

Published

on

दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। पूर्व सीएम ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इनसे ज्यादा मूर्ख कोई नहीं हो सकता।

भूपेश बघेल ने सक्ती प्लांट हादसे को लेकर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अनिल अग्रवाल के पक्ष में नवीन जिंदल खड़े हो गए हैं। पूर्व सीएम ने अनिल अग्रवाल और नवीन जिंदल को चोर-चोर मौसेरे भाई बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार भी उनके साथ खड़ी नजर आ रही है।

इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोठानों में शराब बेची जा रही है, गांजा की तस्करी हो रही है और अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

खेल कार्यक्रम में पहुंचे थे पूर्व सीएम

दरअसल पूर्व सीएम भूपेश बघेल रविवार को भिलाई के सेक्टर-6 में आयोजित खेल कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने केंद्र-राज्य और भाजपा पर निशाना साधा।

भूपेश बघेल ने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण बिल लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, जब बिल पहले ही पास हो गया था, तो ढाई साल तक उसे लागू क्यों नहीं किया गया। हाल ही में नोटिफिकेशन जारी करने का क्या मतलब है, जब तक इसे जमीन पर लागू नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार जनगणना और परिसीमन का बहाना बना रही है। अगर सरकार चाहे तो पहले जनगणना और जाति जनगणना करा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जनगणना के परिसीमन करने से SC, ST और OBC वर्गों को नुकसान होगा और छोटे राज्यों पर भी असर पड़ेगा।

भिलाई में कार्यक्रम में शामिल हुए भूपेश बघेल।

भिलाई में कार्यक्रम में शामिल हुए भूपेश बघेल।

वसुंधरा राजे के पत्र का किया जिक्र

भूपेश बघेल ने वसुंधरा राजे की ओर से मोहन भागवत को लिखी चिट्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि उसे पढ़ना चाहिए, जिससे स्पष्ट होता है कि इस मुद्दे पर क्या राय है। उन्होंने कहा कि सरकार एसआईआर (SIR) करा सकती है, लेकिन जनगणना क्यों नहीं करा रही है। जाति जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही है।

मंच पर उन्होंने बीजेपी के खिलाफ जमकर हमला बोला।

मंच पर उन्होंने बीजेपी के खिलाफ जमकर हमला बोला।

महिलाएं शुरू से समझदार, जानती हैं किसकी नियत क्या है

भूपेश बघेल ने आगे कहा कि बीजेपी ने इस बिल को अपने स्वार्थ के लिए लाया है, लेकिन देश की महिलाएं मूर्ख नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं शुरू से समझदार रही हैं और जानती हैं कि किसकी नियत क्या है।

उन्होंने कहा कि 2023 में बिल पास होने के बाद भी इसे लागू क्यों नहीं किया गया, जब एक बिल पहले से पारित है, तो दूसरे को लाने की क्या आवश्यकता है? वहीं उन्होंने यह भी कहा कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रधानमंत्री राष्ट्र के नाम संदेश दे रहे हैं और उसमें राजनीतिक दलों पर टिप्पणी कर रहे हैं।

विजेताओं को सम्मानित करते पूर्व सीएम भूपेश बघेल।

विजेताओं को सम्मानित करते पूर्व सीएम भूपेश बघेल।

चुनाव के बाद तेजी से बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

पूर्व सीएम ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें चुनाव के चलते फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही इनके दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा।

उनके अनुसार यह स्थिति 29 अप्रैल तक बनी रह सकती है, क्योंकि चुनाव जारी हैं, लेकिन चुनाव के बाद तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी होने की आशंका है।

कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

भूपेश बघेल ने कहा कि आज गोठानों में शराब बेची जा रही है, गांजा की तस्करी हो रही है और अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, उनमें ED को जांच करनी चाहिए, लेकिन एजेंसी अब तक सक्रिय नहीं दिख रही।

उन्होंने दावा किया कि दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, लेकिन उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपेंगे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

वेदांता प्लांट हादसा…NGSL के पास थी ऑपरेशन-मेंटेनेंस की जिम्मेदारी:इसकी भूमिका भी जांच के दायरे में, बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 24 लोगों की मौत

Published

on

सक्ती, एजेंसी। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है। जांच अब केवल हादसे तक सीमित न रहकर ऑपरेशन फेलियर की ओर भी इशारा कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि, प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही एनटीपीसी जीई पावर सर्विस लिमिटेड (एनजीएसएल) की भूमिका अब जांच के केंद्र में है।

एनजीएसएल, एनटीपीसी और जीई पावर इंडिया लिमिटेड का एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दोनों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एनटीपीसी देश की सबसे बड़ी सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी है, जबकि जीई पावर इंडिया निजी क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी है, जो 1999 से पावर सेक्टर में सक्रिय है। इसके बावजूद, 600 मेगावॉट क्षमता वाली यूनिट का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित नहीं हो सका।

क्या सुरक्षा अलार्म को अनदेखा किया गया ?

यह हादसा सिंघीतराई प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में हुआ था, जिसका संचालन स्टेशन हेड राजेश सक्सेना के अधीन था। मजिस्ट्रियल जांच में अब इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि क्या बॉयलर का दबाव बढ़ने के बावजूद सुरक्षा अलार्म को अनदेखा किया गया था। साथ ही, निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

इस पूरे मामले की जांच सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के नेतृत्व में की जा रही है। जिला प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीय टीम को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

राजेश सक्सेना पर थी संचालन की जिम्मेदारी

सिंघीतराई प्रोजेक्ट में एनजीएसएल की टीम तैनात है, जिसमें राजेश सक्सेना प्रोजेक्ट हेड और साइट इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। वे वरिष्ठ महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी हैं। वेदांता प्रबंधन और एनजीएसएल कॉर्पोरेट ऑफिस के बीच समन्वय की मुख्य कड़ी माने जाते हैं। यूनिट-1 के दैनिक संचालन की सीधी जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास थी।

इसके अलावा मेंटेनेंस टीम बॉयलर, टरबाइन और अन्य सहायक उपकरणों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार थी। ऐसे में ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़े सभी अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है।

ऑपरेशन-मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी एनजीएसएल के पास

जानकारी के अनुसार, वेदांता की तरफ से 2022 में प्लांट अधिग्रहित करने के बाद पिछले साल एनजीएसएल को संचालन और रखरखाव की अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई थी। इसमें मशीनों की नियमित निगरानी, तकनीकी खामियों की समय पर पहचान और सुधार, सुरक्षा मानकों का पालन, कर्मचारियों और उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था।

औद्योगिक सुरक्षा विभाग के सहायक संचालक अश्विनी पटेल ने बताया कि, सिंघीतराई प्लांट में ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य एनजीएसएल की तरफ से किया जा रहा था। वहीं, वेदांता कंपनी के पीआरओ दीपक विश्वकर्मा ने भी पुष्टि की है कि बॉयलर यूनिट-1 की जिम्मेदारी एनजीएसएल के पास थी।

जांच की दिशा बदली, जवाबदेही तय होना बाकी

हादसे के बाद अब जांच की दिशा स्पष्ट रूप से ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़ी लापरवाही की ओर मुड़ गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि क्या तकनीकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया, या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ।

फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में यह तय होगा कि इस भीषण हादसे के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाती है। प्रबंधन, ऑपरेशन टीम या मेंटेनेंस एजेंसी।

अब तक 24 श्रमिकों की मौत, बाकी का इलाज जारी

गौरतलब है कि वेदांता प्लांट मे हुए हादसे में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। बाकी घायलों का इलाज कई अस्पतालों मे जारी है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677