खेल
पिंक बॉल से हारा भारत, हार के 4 कारण:फ्लड लाइट कंडीशन का फायदा नहीं उठा सके गेंदबाज, बैटर्स स्विंग-बाउंस में फंसे
एडिलेड ,एजेंसी। टीम इंडिया को एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 10 विकेट की करारी हार झेलनी पड़ी है। पिंक बॉल से खेले गए इस डे-नाइट टेस्ट में भारतीय टीम बैटिंग-बॉलिंग-फील्डिंग तीनों ही डिपार्टमेंट में बिखरी-बिखरी सी दिखी।
सवा दो दिन तक चले मुकाबले में भारत ने अपने 20 विकेट महज 81 ओवर्स में गंवा दिए। भारत ने दोनों पारियों में मिलाकर 355 रन बनाए, जबकि कंगारू टीम ने पहली पारी में ही 337 रन बना डाले। मेजबानों ने महज 10 विकेट गंवाए।
दूसरी पारी में भारतीय टीम की ओर से 30 रन से ज्यादा की पार्टनरशिप नहीं हो सकी, जो हार का सबसे बड़ा कारण रही।
आगे 4 पॉइंट्स में समझिए हार के अन्य कारण…
1. पिंक बॉल की स्विंग-बाउंस से मात खा गए
भारतीय बल्लेबाज पिंक बॉल की स्विंग और एक्स्ट्रॉ बाउंस से मात खा गए। पहले दिन बॉल 1.6 डिग्री तक स्विंग कर रही थी। ऐसे में भारतीय टीम पहले दिन के शुरुआती 2 सेशन में ही ढेर हो गई। रोहित ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी।
कप्तान की जगह ओपन करने उतरे केएल राहुल और विराट कोहली एक ही तरीके से आउट हुए। दोनों को मिचेल स्टार्क ने पवेलियन भेजा। भारतीय बैटर्स ऑफ स्टंप से बाहर की ओर स्विंग लेती उछाल भरी बॉल पर कैच आउट हुए। अन्य बल्लेबाज भी पिंक बॉल की एक्ट्रा स्विंग और बाउंस का सामना नहीं कर सके। एक समय भारत का स्कोर 71/1 था। फिर अगले 10 रन बनाने में राहुल, विराट और गिल के विकेट गंवा दिए।
2. फ्लड लाइट्स में विकेट नहीं ले सके गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अगुआई वाला इंडियन पेस अटैक फ्लड लाइट्स में विकेट निकालने में नाकाम रहा। पहले दिन शाम होते-होते ऑस्ट्रेलियन बैटर्स क्रीज पर थे। भारतीय टीम के ऑलआउट होने के बाद लगा था कि आखिरी सेशन में इंडियन पेसर्स कंगारुओं की नाक में दम कर देंगे, लेकिन हुआ इसका उल्टा। ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 86 रन बना लिए थे।
3. अंडर लाइट कंडीशन में खेलने में फेल रहे शनिवार को शाम होते-होते इंडियन बैटर्स क्रीज पर थे, लेकिन भारतीय बैटर्स दूसरी पारी की अंडर लाइट कंडीशन में खेलने में फेल रहे। दूसरे दिन स्टंप्स तक भारत का स्कोर 128/5 था। ओपनर केएल राहुल 7, विराट कोहली 11 और रोहित शर्मा 6 रन बनाए आउट हुए। इस बार पैट कमिंस और स्कॉट बोलैंड ने 2-2 विकेट झटके।
4. ट्रैविस हेड के 2 कैच छूटे, 65 रन ज्यादा बनाए
ट्रैविस हेड को 2 जीवनदान मिले। पहले मौके पर मोहम्मद सिराज से उनका कैच ड्रॉप हो गया। तब वे 75 रन पर खेल रहे थे, फिर विकेटकीपर ऋषभ पंत, हर्षित राणा की बॉल पर कैच पकड़ नहीं पाए। बाद में ट्रैविस हेड ने 140 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी के सहारे ऑस्ट्रेलिया ने 337 रन का स्कोर खड़ा किया, जिससे कंगारुओं को 157 रन की बड़ी बढ़त मिली। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मैच के दूसरे दिन के शुरुआती दो सेशन में 251 रन बना डाले।
भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच गूगल के टॉप ट्रेंड पर
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को एडिलेड टेस्ट में 10 विकेट से हराया। भारत के आने के बाद से भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच गूगल के टॉप ट्रेंड में आ गया। नीचे देखें गूगल ट्रेंड्स
खेल
भारतीय शूटिंग जगत में शोक: जसपाल राणा का निधन, राजस्थान शूटिंग से रहा गहरा जुड़ाव
जयपुर, एजेंसी। भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के दिग्गज निशानेबाज और प्रसिद्ध कोच Jaspal Rana का असमय निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से लौटते समय फ्लाइट में उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मात्र 49 वर्ष की उम्र में उनके निधन से भारतीय शूटिंग जगत में शोक की लहर है।

जसपाल राणा न सिर्फ एक महान खिलाड़ी थे, बल्कि वे भारतीय निशानेबाजी के प्रमुख कोचों में से एक भी थे। उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर जैसी खिलाड़ी भी शामिल हैं। उनकी कोचिंग शैली तकनीकी मजबूती और मानसिक दृढ़ता पर आधारित मानी जाती थी।
राजस्थान के शूटिंग जगत में भी जसपाल राणा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनका राज्य से गहरा जुड़ाव रहा और वे लंबे समय तक राजस्थान के उभरते निशानेबाजों के मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते रहे। जयपुर स्थित जगतपुरा शूटिंग रेंज के विकास और तकनीकी सुधारों में भी उनका योगदान माना जाता है। उन्होंने कई बार जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं और चयन ट्रायल्स में भाग लिया और खिलाड़ियों को बारीक प्रशिक्षण दिया।
राजस्थान के खेल हलकों में उनका नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता था। यहां के कई निशानेबाजों ने उन्हें अपना गुरु और प्रेरणा स्रोत बताया है। उन्होंने राजस्थान राइफल एसोसिएशन के साथ मिलकर कई तकनीकी सुधारों पर सुझाव दिए, जिससे राज्य की शूटिंग सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की ओर बढ़ीं।
उनके संबंध ओलंपिक पदक विजेता कर्नल Rajyavardhan Singh Rathore से भी बेहद करीबी और सम्मानजनक रहे। दोनों ने मिलकर भारत में शूटिंग खेल के विकास और ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। खिलाड़ियों, कोचों और खेल प्रशासकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा भारतीय शूटिंग इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
खेल
रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव से क्रिकेटर आयुष पाण्डेय ने की सौजन्य मुलाकात
छत्तीसगढ़ के उभरते क्रिकेटर आयुष को श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया-ए टीम में मिली है जगह
रणजी ट्रॉफी में लगा चुके हैं चार शतक, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे और सी.के. नायडू ट्रॉफी भी खेल चुके
सीसीपीएल में बिलासपुर बुल्स की कर रहे कप्तानी

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से छत्तीसगढ़ के उभरते क्रिकेटर और श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया-ए टीम में चुने गए आयुष पाण्डेय ने सौजन्य मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री श्री साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान श्री साव ने उन्हें भारतीय टीम में चयन पर बधाई दी। उन्होंने श्रीलंका में अच्छे प्रदर्शन के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आयुष के खेल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, क्षमता, मेहनत और प्रदर्शन से इंडिया-ए टीम में जगह बनाई है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की ओर से रणजी ट्रॉफी में वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अपने अच्छे प्रदर्शन और दमखम से उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर चर्चा में आए आयुष
आयुष पाण्डेय छत्तीसगढ़ के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में से एक हैं। वे बाएं हाथ के आक्रामक ओपनर बैट्समैन हैं। वे रणजी ट्रॉफी में लगातार बड़े स्कोर कर चर्चा में आए हैं। उनमें नई गेंद को अच्छी तरह खेलने और लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। आक्रामक बल्लेबाजी और कवर ड्राइव उनकी ताकत है।
इंडिया-ए श्रीलंका में खेलेगी दो टेस्ट मैच, ओपनर के रूप में आयुष पर भरोसा
ध्रुव जुरेल की कप्तानी में दो टेस्ट मैच खेलने श्रीलंका जा रही 15 सदस्यीय भारतीय टीम में चयनकर्ताओं ने ओपनिंग बैट्समैन के रूप में आयुष पाण्डेय पर भरोसा जताया है। रायपुर के रहने वाले 23 साल के आयुष पिछले तीन सीजन से छत्तीसगढ़ के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। वे सेंट्रल जोन की टीम से दलीप ट्रॉफी खेल चुके हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी और सी.के. नायडू ट्रॉफी में भी अपनी प्रतिभा दिखाई है।
आयुष ने रणजी ट्रॉफी में एक दोहरा शतक सहित चार शतक लगाए हैं। उन्होंने 2024 में तमिलनाडु के खिलाफ अपना पहला रणजी शतक (124 रन) लगाया था। उन्होंने 2024-25 के सीजन में असम के विरुद्ध 211 रन की यादगार पारी खेली थी। वे रणजी मैचों में दिल्ली (161 रन) और मुंबई (117 रन) जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी शतक लगा चुके हैं।
आयुष नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इन दिनों चल रहे सीसीपीएल (छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग) में बिलासपुर बुल्स की कप्तानी कर रहे हैं। वे लगातार चौथा सीजन खेल रहे हैं। वे टी-20 में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
खेल
पहली बार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी का इंडिया A में चयन:आयुष पांडेय श्रीलंका के खिलाफ खेलेंगे, 25 जून से होने वाले 4 दिवसीय-सीरीज में दिखेंगे
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश के रणजी खिलाड़ी और बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे का चयन भारतीय ए टीम में हुआ है। राज्य में यह पहली बार है, जब किसी खिलाड़ी का चयन भारतीय ए टीम के लिए हुआ है।

आयुष 25 जून 2026 से शुरू होने वाली श्रीलंका ए के खिलाफ चार दिवसीय सीरीज में भारत ए टीम का हिस्सा होंगे। आयुष पांडे ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में छत्तीसगढ़ की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था।
उन्होंने 7 मैचों की 13 पारियों में 57.30 की औसत से 573 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 2 अर्धशतक निकले। उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन रहा। रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर आयुष का चयन दलीप ट्रॉफी के लिए भी हुआ था।
वहां भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। दलीप ट्रॉफी में 2 मैचों की 3 पारियों में उन्होंने 53.92 की औसत से 102 रन बनाए।
भारत A टीम क्या है?
भारत A टीम को भारतीय क्रिकेट की “दूसरी राष्ट्रीय टीम” या राष्ट्रीय टीम की फीडर टीम कहा जाता है। इसमें घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे आदि) में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य सीनियर भारतीय टीम के संभावित खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी प्रतिस्पर्धा में परखना होता है।

भारत A टीम का रोल क्या होता है?
- सीनियर भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों की तैयारी करना।
- घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच की खाई को कम करना।
- चयनकर्ताओं को यह देखने का मौका देना कि खिलाड़ी विदेशी या मजबूत विपक्ष के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करता है।
- टेस्ट क्रिकेट के संभावित खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप के मैचों में परखना।
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