कोरबा
अंधेरे से उजाले की ओर, हो रही विकास की नई भोर,कोरबा जिले में लिखी जा रही विकास की नई गाथा
शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर डीएमएफ से मिल रही विकास कार्यों को नई दिशा
शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना सहित सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कराये जा रहे विकास कार्य
विशेष लेख-कमलज्योति

कोरबा । यह समय का पहिया है, जो समय के साथ लगातार आगे ही बढ़ता जा रहा है। समय के साथ बदलते हुए परिवेश में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान रखकर जिले के विकास को नई दिशा दी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा न सिर्फ शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राथमिकता दी जा रही है, अपितु यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डीएमएफ की राशि का सदुपयोग भी पारदर्शिता के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में किया जा रहा है। अधोसंरचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ ही जिले की पहचान विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार पहाड़ी कोरवा, बिरहारों को नौकरी देकर आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर समाज की मुख्य धारा में जोड़ने की पहल की गई है। आंगनबाड़ी से लेकर विद्यालय के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने जर्जर भवनों की जगह नये भवन, नाश्ता, शिक्षकों की भर्ती के साथ उच्च शिक्षा के लिए भी बेहतर प्रयास किये गये हैं। इन्हीं नये प्रयासों से यह कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में कोरबा जिले में विकास की नई भोर होगी।
जिले में शासन की योजनाओं के क्र्रि्रयान्वयन और डीएमएफ से हुए महत्वपर्ण कार्य-
महतारी वंदन योजना –
प्रदेश में मार्च 2024 से लगभग 70 लाख माताओं और विवाहित बहनों के खातों में प्रति माह महतारी वंदन योजना के माध्यम से 01 हजार की राशि अंतरित की जा रही है। कोरबा जिले में कुल 02 लाख 95 हजार 706 महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। अभी तक 10 किश्त खाते में दिए जा चुके हैं। इस राशि का उपयोग कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रहीं हैं। उन्हें जरूरत के समय किसी से पैसा उधार लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
धान खरीदी –

जिले में 14 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया जारी है। पंजीकृत लगभग 54 हजार किसानों से 03 लाख 20 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जा रही है। किसान प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान बेच सकते हैं। धान की देश में सर्वाधिक कीमत छत्तीसगढ़ में है।
जल जीवन मिशन –

जिले में 01 लाख 41 हजार घरों में जल जीवन मिशन के माध्यम से नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। एकल ग्राम जल प्रदाय योजना मार्च 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 62 ग्रामों में हर घर जल का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा, कटघोरा, पाली विकासखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों के 245 ग्रामों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। इस योजना में हसदेव बांगो बांध ऐतमानगर से पानी लेकर पाईप के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इस योजना से 01 वर्ष के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करते हुए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
वय वंदन योजना –
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने वय वंदन योजना प्रारंभ की गई है। जिले में लगभग 70 हजार हितग्राहियों को वय वंदन योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। सभी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाकर योजना से लाभान्वित किया जाएगा। वय वंदन योजना में 05 लाख रूपए तक उपचार की सुविधा है। वर्तमान में शिविर लगाकर कार्ड बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना –
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत जिले में 63 हजार आवास स्वीकृत किए गए। इस वर्ष 44 हजार पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 20 हजार आवास हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्वीकृत है। हाथी प्रभावित क्षेत्र में पीएम आवास योजना के तहत पक्का मकान बनने पर ग्रामीणों का भय खत्म होगा और हाथी से जानमाल का नुकसान भी नहीं होगा।
पीएम जनमन योजना-
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जिले के सभी पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र का वितरण, आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के पहाड़ी कोरवाओं, बिरहोरों के 43 बसाहटों को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के माध्यम से 36 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। कुल 140.63 किलोमीटर की सड़क इस योजना से बनाई जाएगी। इसके अलावा पीएम जनमन आवास भी बनाकर दिया जा रहा है। पीवीटीजी परिवारों को योजनाओं से लाभान्वित करने सभी के बैंक खाते खोले जा रहे हैं। वंचित परिवारों के राशन कार्ड एवं आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। पीएम जनमन अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समुदाय को 160 वनाधिकार पत्र वितरित किया जा रहा है। पीएम जनमन अंतर्गत पहली बार नगरीय क्षेत्र के हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र दिया गया है। पाली नगरीय निकाय क्षेत्र में 32 लोगों को वनाधिकार पत्र भी दिया गया है।
श्री रामलला दर्शन योजना –
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का दर्शन कराने श्री रामलला दर्शन योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से जिले के 01 हजार से अधिक तीर्थ यात्री भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन लाभ ले चुके हैं। सभी दर्शनार्थियों को घर से अयोध्या तक लाने-ले जाने एवं उनके ठहरने तथा खाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई। जिले से 110 तीर्थ यात्री ग्रामीण क्षेत्रों एवं 36 यात्री नगरीय निकाय क्षेत्रों से चयनित किए जाते हैं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना –
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में एक दूरगामी प्रयास है। इस योजना के तहत कुल 8633 पंजीयन किए गए हैं। जिसमें से 17 इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं।
वन –

वनोपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर वनांचलों में रहने वाले परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में 805 संग्राहकों से वनोपजों की खरीदी कर 46 लाख 26 हजार 161 रूपए का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना –
पीएम विश्वकर्मा योजना अंतर्गत कुल प्राप्त 48906 आवेदनों मे से 5636 कारीगरों/ शिल्पकारों का चिंहांकन किया गया है। जिसमें से 3013 कारीगरों/शिल्पकारों को टेलर, बार्बर, राजमिस्त्री, लोहार, कुम्हार, बांस टोकरी निर्माण, झाड़ू निर्माण, बढ़ई आदि व्यवसायों मे प्रशिक्षण प्रदाय किया जा चुका है।
डीएमएफ से जिले के विकास को मिल रही नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास मद से जिले को राशि स्वीकृति हेतु प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर वसंत द्वारा जिले के विकास में पारदर्शी तरीके से डीएमएफ की राशि खर्च की जा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में 500 से ज्यादा अतिथि शिक्षकों तथा व्याख्याताओं एवं 300 से ज्यादा चतुर्थ श्रेणी के पदों पर जिला खनिज संस्थान न्यास मद (डी.एम.एफ.) से नियुक्तियों की गई। इनमें पहाड़ी कोरवा तथा बिरहोर जनजाति के 120 से ज्यादा युवाओं को नियोजित किया गया। जिले के 2100 से ज्यादा सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में छात्र / छात्राओं को उनकी पसंद के अनुरूप विद्यालय प्रारंभ होने के समय नाश्ता प्रदान किया जा रहा है। जिले के 5000 से अधिक विद्यालय, आँगनबाड़ी केन्द्रों तथा आश्रम-छात्रावासों में रसोईया दीदीयों तथा बहनों को रिफिलिंग के साथ गैस सिलेंडर की सुविधा प्रदान की गई है। इससे एक ओर जहाँ उनकों धुएं से मुक्ति मिल गई है, वहीं वृक्षों की कटाई रूकने से तथा पर्यावरण सरंक्षण में मदद मिलेगी। लगभग 25 करोड रूपये की लागत से जिले में नये विद्यालय भवनों का निर्माण हो रहा है।
सुदूर क्षेत्रों में शिक्षकों के आवासों की कमी को दूर करने के लिए 20 स्थानों पर शिक्षक आवास स्वीकृत किये गये हैं। जिले के मेंधावी 100 बच्चों को रायपुर में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तैयारी हेतु मदद की जा रही है। इन छात्र/छात्राओं को प्रशिक्षण शुल्क के अतिरिक्त प्रतिमाह 7500 रूपये छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान किया जा रहा है। 20 करोड रूपये की लागत से जिले में आदिवासी आश्रम / छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। इस तरह पिछले एक वर्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 75 करोड़ से अधिक राशि शिक्षा के क्षेत्र में खर्च की गई है। जिले में महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने हेतु अतिरिक्त कक्ष तथा विभिन्न समाग्रियों हेतु 10 करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने के पश्चात् 300 से ज्यादा कॉलेज छात्राओं को रहने हेतु हॉस्टल की सुविधा भी प्राप्त हो सकेगी।
इसी तरह स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को देखते हुये स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों पर 114 अभ्यर्थियों को संविदा नियुक्ति दी गई है। स्वास्थ्य कर्मीयों के लिए सुदूर क्षेत्रों में 33 जगहों पर आवास की स्वीकृति दी गई है। लोगों को घर बैठ जाँच की सुविधा हेतु जिले में लैब ऑन-व्हील की शुरूवात की गई है। जर्जर एवं भवन विहीन उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के विस्तार हेतु 05 करोड़ के विभिन्न मशीनों का कय तथा 07 करोड़ के विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमियों को पूरा करने के लिए डी.एम.एफ. से मानदेय में वृद्धि की गई, ताकि मेडिकल कॉलेज आगामी सत्र में पी.जी. की कक्षाओं हेतु तैयार हो सके। मेडिकल कॉलेज में सी.टी. स्केन के सुविधा हेतु डी.एम.एफ. से 10 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगभग 40 करोड रूपये की स्वीकृति दी गई है।
जिले में आधारभूत संरचनाओं के विस्तार हेतु जिले की बहुप्रतिक्षित मांग के रूप में सुनालिया रेल्वे कॉसिंग पर अण्डर पास की स्वीकृति दी गई। जिस हेतु डी. एफ.एफ. से 15 करोड़ तथा रेल्वे के द्वारा 15 करोड़ दिया जायेगा। सुदूर आदिवासी अंचल में 09 करोड़ रूपये लागत की चिर्रा श्यांग मार्ग की स्वीकृति दी गई है। साथ ही अमलडीहा से जिले के अंतिम छोर स्थित मालीकछार हेतु सडक निर्माण के लिए 04 करोड की स्वीकृति दी गई है। नगर निगम क्षेत्र में भी बिजली व सडक की कमियों को दूर करने हेतु 05 करोड रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता को बनाये रखने के लिए ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन हेतु 3.5 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। कमजोर वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुये जिले में वृद्धा आश्रम तथा दिव्यांग विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। जिनमें वृद्धा आश्रम का हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया है। नव गठित नगर पालिका परिषद् बांकी मोंगरा के विकास कार्य हेतु 05 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन क्षेत्रों में जहां बिजली नहीं पहुंची है, वहां विद्युत लाईन तथा ट्रांसफार्मर के विस्तार हेतु भी डी.एम.एफ. से राशि स्वीकृत की जा रही है। आगामी 06 माह में ऐसे सभी क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जावेगी। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा हेतु 05 करोड़ रूपये के लागत से क्रेडा को हाईमास्क लाईट की स्वीकृति दी गई है। उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा आश्रम छात्रावासों में विद्युत की निर्बाध आपूर्ति हेतु सोलर प्लांट लगाने के लिए क्रेडा को 05 करोड़ रूपये की राशि की स्वीकृति दी गई है।
कोरबा
जनहित में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन ने लाया रंग, झुका एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन, 20 अप्रैल से पूर्व फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने पर हुआ लिखित समझौता
काेरबा। आम जनता को हो रही भारी परेशानियों को मद्देनजर रख, जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा पूर्व घोषणा के अनुसार 24 मार्च मंगलवार को तय समय पर शुरू हुआ धरना प्रदर्शन ने सुखद रंग लाया है । प्रात 9 बजे से सायं 4 तक क्षेत्रवासियों के साथ धरने पर डटे कांग्रेसियों ने आखिरकार एसईसीएल प्रबंधन के साथ साथ जिला प्रशासन को झुकने विवश कर दिया और 20 अप्रैल से पूर्व फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करा देने के लिखित आश्वासन एवं समझौते के बाद ही धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया । इस दौरान धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं को अवगत कराया गया कि फिलहाल ओव्हरब्रिज का निर्माण न्यायालय में लंबित है । जिसका निराकरण होते ही इसका भी निर्माण कार्य तत्काल शुरू करा दिया जाएगा ।

गौरतलब है कि सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचेना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण एवं कुसमुण्डा के इमलीछापर चौक पर ओव्हरब्रिज निर्माण पुन: प्रारंभ कराने और राहगीरों को राहत दिलाने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर के नेतृत्व मे एकदिवसीय धरना प्रदर्शन मंगलवार को किया गया । इस आंदोलन को कुसमुण्डा व्यापारी संघ एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिला जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे । जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने बताया कि पिछले 2 साल से भी अधिक समय से सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य ठप पड़ा है, वहीं कुसमुण्डा के ईमलीछापर चौक पर ओव्हरब्रिज का निर्माण कार्य भी अधुरा पड़ा है, इस कारण से 2 सालों से लोंगो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।

श्री राठौर ने बताया कि इस संबंध में पिछले दो वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधि पार्षद गीता गभेल पत्राचार के माध्यम से आवाज उठाती रही हैं, बावजूद प्रशासन ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया, तब पार्षद श्रीमती गीता गभेल ने विगत दिनों प्रशासन को पत्र प्रेषित कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान किया था, लेकिन प्रदर्शन के एक दिन पहले पार्षद गीता गभेल के पुत्र एवं पुत्री का सड़क दुर्घटना में घायल हो जाने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल के बजाए एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें स्वर्स्फुत ही क्षेत्रवासी जुड़ते गये। देखते ही देखते लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और चक्का जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई थी, हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया था । इस संदर्भ में कांग्रेस के कुसमुण्डा ब्लाॅक अध्यक्ष बसंत चंद्रा ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों से इमलीछापर रेल्वे फाटक के पास ओव्हरब्रिज बनाने का काम अटका हुआ है। वहीं पिछले साल वर्षा ऋतु के दौरान भरे बारिश में एसईसीएल प्रबंधन ने ओव्हरब्रिज बनाने के लिए एक दर्जन अवैध मकानों को तोड़ दिया था, लेकिन दस माह गुजरने के बाद भी इस स्थान पर ओव्हरब्रिज निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका है ।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर, मनोज चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष बसंत चंद्रा, पूर्व अध्यक्ष नत्थुलाल यादव, उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ठाकुर, राजेन्द्र तिवारी, ए डी जोशी, पार्षद गीता गभेल, नवीन कुकरेजा, ब्लाॅक अध्यक्ष संजय आजाद, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु, व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक राठौर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, जिला महामंत्री रवि चंदेल, ब्लॉक अध्यक्ष गोरेलाल यादव, पूर्व पार्षद सनीष कुमार, मधुसुदन दास, रवि बरेठ, ममता अग्रवाल, भुनेश्वरी महंत, तेज प्रताज सिंह, दीपक कुमार, गिरधारी बरेठ, ललिता यादव, विक्की ललित यादव, हरा बाई, रजनी श्रीवास, सुमन मरावी, चित्ररेखा, विजय अग्रवाल एवं गौतम ठाकुर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे ।
पूर्व मंत्री के प्रयासों से मिली थी बड़ी राशि
मंगलवार को हुए धरना प्रदर्शन के दौरान निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी । उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान क्षेत्रिय विधायक और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने न केवल सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने में अपनी महती भूमिका निभाई थी बल्कि शहर की कई महत्वपूर्ण जर्जर सड़काें का भी अपने प्रयासों से राशि उपलब्ध कराकर जीर्णोध्दार कराया था । खासकर सर्वमंगला चौक से ईमलीछापर कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के लिए एसईसीएल प्रबंधन से एक बड़ी राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई थी ताकि इसका कार्य जल्द से जल्द पूर्ण हो सके और लोंगो को परेशानियों से राहत मिले
समझौते में कहा गया निर्माण प्रारंभ होते तक दी जाएगी राहत
धरना प्रदर्शन के दौरान एसईसीएल प्रबंधन, पीडब्लयुडी विभाग, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने निम्न विषयों पर वार्ता कर लिखित समझौता किया जिसमें 20 अप्रैल 2026 से पहले फोरलेन सड़क निर्माण प्रारंभ करा देने की बात पर हस्ताक्षर किये गये तथा ओव्हरब्रिज के निर्माण के बारे में बताया गया यह मामला न्यायालय में लंबित है जैसे ही न्यायालय का निर्णय आवेगा उसी आधार पर आगे का कार्य योजना बनाया जावेगा, इसके अलावा प्रतिदिन की जाम से राहत दिलाने के लिए भारी वाहनों को ऊपर के रास्तों से भेजा जावेगा, इसके लिए एसईसीएल प्रबंधन की ओर से पांच कर्मचारी तैनात रहेंगे । समझौता वार्ता के दौरान बताया गया कि 10 अप्रैल 2026 तक कुचैना मोड़ से ईमलीछापर ओव्हरब्रिज तक डामरीकरण का कार्य पूरा हो जावेगा, वहीं कुचैना मोड़ से सर्वमंगला चौक तक स्ट्रीट लाईट एवं साईन बोर्ड पीडब्ल्युडी विभाग द्वारा 10 अप्रैल 2026 तक लगाया जावेगा । समझौता में इस बात पर भी संज्ञान लाया गया कि यह आंदोलन जनहित के लिए जरूरी हो गया था, इसलिए किसी व्यक्ति विशेष पर अपराध दर्ज नहीं किया जावेगा । समझौता पत्र पर प्रशासन की ओर से दीपका तहसीलदार अमित केरकेट्टा, पीडब्ल्युडी के एसडीओ प्रदीप कुमार मरकाम एवं इंजीनियर प्रदीप कुमार कश्यप, कुसमुण्डा एसईसीएल के एच आर हेड सुनील कुमार एवं ठाकुर आलोक सिंह ने हस्ताक्षर किये हैं।


कोरबा
खतरनाक एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्यवाही, थार जप्त
- वाहन जप्त – वाहन क्रमांक CG 04 NG 8300 (थार कार)
कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा Siddharth Tiwari के निर्देशन में जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सतत कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में थाना सिविल लाइन रामपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 19.03.2026 को दोपहर लगभग 03:30 बजे से 04:00 बजे के मध्य घंटाघर ओपन थियेटर मैदान में कुछ वाहन चालकों द्वारा लापरवाहीपूर्वक एवं खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त कृत्य से वहां उपस्थित आम नागरिकों के लिए दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो रही थी। - प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 236/2026 धारा Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 की धारा 281, 3(5) तथा Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 184 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 11 AA 6166 (स्कॉर्पियो), CG 12 BJ 2975 (बोलेरो), CG 12 BF 3890 (स्विफ्ट) एवं CG 04 NG 8300 (थार) के चालकों के विरुद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया गया।
- जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 04 NG 8300 (थार) का चालक रामकृष्ण साहू निवासी डेंगू नाल, कोरबा पाया गया तथा वाहन का स्वामी नंदूलाल साव निवासी दर्री, कोरबा होना पाया गया। वाहन मालिक का पता लगाकर उक्त वाहन को जप्त कर लिया गया है तथा अन्य वाहनों की तलाश जारी है। वाहनों की जप्ती के उपरांत मोटर व्हीकल एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

- उक्त प्रकरण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध थाना सिविल लाइन रामपुर में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है, जिनमें—
हिमांशु बैरागी, निवासी बुधवारी, बजरंग चौक के पास, रामपुर, जिला कोरबा।
मुकेश कुमार बैगा, निवासी रामकिशन साहू के पास, नागपुर बस्ती, आईटीआई रामपुर, जिला कोरबा।
रामकिशन साहू, पिता अरुण साहू, उम्र 20 वर्ष, निवासी रामपुर बस्ती, जिला कोरबा।
उक्त तीनों के विरुद्ध **Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 की धारा 170 एवं 126/135 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।
पुलिस द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के विरुद्ध सतत अभियान चलाकर निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिला पुलिस कोरबा आम नागरिकों से अपील करती है कि यातायात नियमों का पालन करें, तेज गति एवं स्टंट जैसे खतरनाक कृत्यों से बचें तथा सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध या खतरनाक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
कोरबा
महास्वच्छता अभियान में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए चलाए जा रहे विशेष महास्वच्छता अभियान के तहत वार्ड क्रमांक 57, शक्तिनगर क्रमांक 2 NTPC Limited टाउनशिप में व्यापक स्वच्छता कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

नगर निगम द्वारा पूर्व में भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में शहर को अच्छी रैंक प्राप्त हुई थी। इसी क्रम में 25 फरवरी 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक विशेष सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना है।

अभियान के अंतर्गत चिन्हित वार्डों में सड़कों, नालियों एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई, अपशिष्ट का उठाव एवं परिवहन, जीवीपी (गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट) स्थलों की सफाई, तालाब/रेड स्पॉट की सफाई, मलबा एवं निर्माण सामग्री पर कार्रवाई, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही सड़कों एवं फुटपाथों पर अतिक्रमण हटाने, स्ट्रीट लाइट मरम्मत तथा जल आपूर्ति संबंधी समस्याओं का समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

इस अभियान में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए स्वच्छता कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान आयुक्त आशुतोष पांडेय, उप आयुक्त विनय मिश्रा, वार्ड क्रमांक 57 के पार्षद अजय कुमार चंद्रा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष नवदीप नंदा, एनटीपीसी सीएसआर से उप प्रबंधक वीरेंद्र कुमार देशमुख, सह अधिकारी राम बेन, जोन कमिश्नर लीलधार पटेल एवं स्वच्छता अधिकारी शैलेन्द्र नामदेव, इंजीनियर जोगी सहित निगम के कर्मचारी एवं समर्पित सफाई कर्मी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।


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