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कोरबा

मंत्री लखनलाल ने पूर्व राजस्व मंत्री की 10 हजार एकड़ जमीन और 500 करोड़ की स्वर्ण सिटी पर उठाए सवाल

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की संपत्ति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान मंत्री देवांगन ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री अग्रवाल के पास 10 हजार एकड़ से अधिक जमीन है और कोरबा शहर में 500 करोड़ रुपये की लागत से स्वर्ण सिटी का निर्माण करवा रहे हैं।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ दिन पहले कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी उषा तिवारी के नामांकन के दौरान पूर्व मंत्री अग्रवाल ने भाजपा को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर उनकी संपत्ति में कुछ भी गलत या फर्जी पाया जाता है, तो वे जेल जाने को तैयार हैं।

पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल

पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल

मंत्री देवांगन ने इस मुद्दे पर कहा कि पूर्व मंत्री की इतनी बड़ी संपत्ति की जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि इतना पैसा आया कहां से। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर भी संपत्ति के स्रोत को लेकर सवाल उठाए। देवांगन ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में नेताओं द्वारा अर्जित की गई संपत्तियां जांच का विषय हैं।

इस तरह नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिसमें नेताओं की संपत्ति प्रमुख मुद्दा बन गई है।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल बोले- भाजपा लगा रही है फर्जी आरोप, करा लें मेरी जांच जेल जाने के लिए तैयार

28 जनवरी को कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती उषा तिवारी के नामांकन दाखिल करने के बाद जयसिंह अग्रवाल के कड़े तेवर देखने को मिले और एक मंत्री द्वारा उनके ऊपर बार-बार आरोप लगाने से आक्रोशित दिखे और कहा कि मेरी संपत्ति की जांच करा ली जाए और गलत ढंग से संपत्ति अर्जित किया हूं , तो जेल जाने के लिए तैयार हूंं। बार-बार फर्जी आरोप भाजपा द्वारा लगाया जा रहा है।

पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल मीडिया से रूबरू हुए। आज उनके तेवर काफी आक्रामक थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि अपने विधायक कार्यकाल के दौरान उन्होंने नगर निगम से नल कनेक्शन की मांग की थी

Former minister Jaisingh Agrawal said BJP is making false allegations in Korba

पूर्व मंत्री जयसिंह व अन्य

नगर निगम चुनाव के लिए कोरबा क्षेत्र में 11 फरवरी को मतदान होना है। निगम क्षेत्र के 2 लाख 67 हजार 103 मतदाता इस बात को तय करेंगे की अगला महापौर कौन होगा। चुनाव प्रचार की शुरुआत होने के साथ अब कई प्रकार की चीज सामने आ रही है। कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस बात का खुलासा किया कि पिछले वर्षों में उन्हें नल कनेक्शन देने से इनकार किया गया जबकि हमने अपने कार्यकाल में 10000 निशुल्क कनेक्शन बांट दिए।

विधानसभा चुनाव के बड़े अरसे बाद पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल मीडिया से रूबरू हुए। आज उनके तेवर काफी आक्रामक थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि अपने विधायक कार्यकाल के दौरान उन्होंने नगर निगम से नल कनेक्शन की मांग की थी जिस पर इंकार कर दिया गया था। जबकि नगर निगम में कांग्रेस की महापौर रेनू अग्रवाल के कार्यकाल में लोगों को 10000 नल कनेक्शन निशुल्क देने का काम हमने किया।

पूर्व मंत्री ने भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए आगे अगर उसमें दम है तो वह एसईसीएल से क्षेत्रीय विकास के लिए 30 करोड रुपए लेकर दिखाएं। पूर्व मंत्री का कहना था कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सड़क विकास के लिए 300 करोड़ की राशि दिलवाई है।

पूर्व मंत्री की नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि उन्होंने एक सड़क के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी जिसका काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। लोगों को  पट्टा दिए जाने से संबंधित सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री ने बताया कि कांग्रेस ने पिछले वर्षों में इस तरह की सुविधा दी है जबकि भाजपा सरकार इस पर सवाल खड़े कर रही है।

पूर्व राजस्व मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी फर्जी आरोप लगाती है मेरे हर काम की जांच कर ले मेरी प्रॉपर्टी की जांच कर ले मैं मंत्री था अगर एक तिनका भी गलत मिलता है तो उसे जेल भेज दे वह तैयार है। केवल और केवल भाजपा सरकार आरोप प्रत्यारोप लगती है कांग्रेस कार्यकाल के दौरान उन्होंने गरीबों को पट्टा दिया भाजपा के 5 सालों में 1 साल तो गुजर गए हैं 4 साल बाकी है पट्टा देकर दिखाएं। कांग्रेस कार्यकाल में उन्होंने 10000 पट्टा वितरण किया है जिसे जनता आज खुश है और इसका परिणाम आगे जरुर देखने को मिलेगा।

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कोरबा

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई

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आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही

कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है।  नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है।  इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।

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कोरबा

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित

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मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,

प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।

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कोरबा

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को

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कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।

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