नई दिल्ली,एजेंसी। अब नया वोटर आईडी कार्ड बनवाना हो या उसमें नाम, पता, फोटो या किसी और जानकारी में बदलाव करवाना हो, यह सब कुछ मात्र 15 दिनों के भीतर हो सकेगा। न लंबी लाइनें, न महीनों का इंतज़ार और न ही अधिकारियों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत।
क्या बदला है नई प्रक्रिया में?
डिजिटल प्रोसेस: अब अधिकांश प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।
तेज सत्यापन: दस्तावेजों का वेरिफिकेशन पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से होगा।
ट्रैकिंग की सुविधा: अब आप अपने आवेदन की स्थिति को आसानी से ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।
15 दिन में निष्पादन: चुनाव आयोग का दावा है कि अब हर वैध आवेदन सिर्फ 15 दिन में निपटाया जाएगा।
कैसे करें आवेदन?
NVSP पोर्टल (https://www.nvsp.in) या Voter Helpline App के ज़रिए ऑनलाइन आवेदन करें।
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें – पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण और फोटो।
फॉर्म सबमिट करें और आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा जिससे आप अपनी एप्लिकेशन को ट्रैक कर सकते हैं।
किन सेवाओं पर मिलेगा लाभ?
नया वोटर आईडी बनवाना
नाम, जन्मतिथि, पता या फोटो में बदलाव
किसी और राज्य या निर्वाचन क्षेत्र में ट्रांसफर
मृतकों के नाम हटवाना या दोहराव हटाना
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
पहली बार वोटर बनने वाले युवा
जो लोग नए पते पर शिफ्ट हुए हैं
नाम, फोटो या अन्य जानकारी में सुधार करवाने वाले लोग
जिनका कार्ड अभी तक नहीं बना या खो गया है
क्यों है यह बदलाव अहम?
अब तक लाखों लोग सिर्फ इसलिए वोट नहीं दे पाते थे क्योंकि उन्हें या तो रजिस्ट्रेशन का समय नहीं मिल पाता था, या फिर कार्ड आने में महीनों लग जाते थे। लेकिन अब यह देरी खत्म हो जाएगी और लोग समय पर अपना वोटर कार्ड पाकर चुनावों में भाग ले सकेंगे।
वाशिंगठन/नई दिल्ली, एजेंसी। अपने विवादित बयानों और रवैये कारण सुर्खियों में रहने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) एक बार फिर अपने व्यवहार को लेकर चर्चा में हैं। भारत का सहयोगी होने का दावा करने वाले ट्रम्प का दोगला चेहरा फिर बेनकाब हो गया है। व्हाइट हाऊस ( White House) में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला पत्रकार के भारत के बारे में पूछे सवाल पर वह अचानक भड़क गए और उसे बीच में ही “OUT” कहकर बाहर जाने को कह दिया।
Tried to ask the President about two vessels in the Strait of Hormuz who were allegedly fired upon by Iranian gunboats.
दरअसल, CBS News की रिपोर्टर ओलिविया रिनाल्डी (Olivia Rinaldi) ने होर्मुज (Strait of Hormuz) में भारतीय जहाजों पर ईरानी हमले को लेकर सवाल पूछा। ट्रंप ने सवाल पूरा होने से पहले ही उन्हें रोक दिया और बाहर का रास्ता दिखा दिया, जिससे प्रेस रूम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। होर्मुज से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरानी गनबोट्स द्वारा फायरिंग की घटना को लेकर सवाल पर ट्रम्प के इस रवैये से दुनिया हैरान है । इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
2024 अमेरिकी चुनाव अभियान को कवर कर चुकी और CBS Evening News में प्रोडक्शन टीम का हिस्सा रहींओलिविया रिनाल्डी ने खुद भी क्लिप शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने जहाजों पर हमले से जुड़ा सवाल पूछा था, लेकिन जवाब देने के बजाय उन्हें बाहर जाने को कह दिया गया। इस बीच ट्रम्प ने ईरान पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उसने संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान नहीं माना, तो उसके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
चेन्नई, एजेंसी। चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को आतंकवादी कहा। खरगे अपने इस बयान पर चंद मिनटों सफाई देते हुए बोले- ‘मैंने आतंकवादी नहीं कहा, मैंने कहा कि वे आतंकित कर रहे हैं।’
नई दिल्ली,एजेंसी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मंगलवार को गुजरात के दाहोद जिले में एक शादी समारोह में कथित तौर पर दूषित भोजन खाने से 200 लोगों के बीमार पड़ने के मामले में राज्य के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा। इसके साथ ही खाद्य नियामक ने कहा कि इस घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दाहोद जिले के अभलोड गांव में सोमवार रात शादी के भोज के बाद 200 से अधिक लोग बीमार पड़ गए, जिनमें से करीब 60 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सभी की हालत स्थिर बताई गई है। दाहोद के कलेक्टर योगेश निर्गुडे ने कहा, “करीब 230 लोगों ने उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत की। लगभग 400 मेहमानों ने रात करीब आठ बजे भोजन किया था, जिसमें आम का जूस भी शामिल था और कई लोग रात 11 बजे के आसपास बीमार पड़ने लगे।”
एफएसएसएआई ने राज्य के खाद्य आयुक्त से इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और नमूनों के संग्रह एवं जांच में गुजरात प्रशासन की मदद भी कर रहा है। प्रभावित लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि सभी साक्ष्य एकत्र करने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।