छत्तीसगढ़
पायलट से विधायक की शिकायत…खुद को कर रहे प्रोजेक्ट:बड़े लीडर बोले- दिल्ली में प्रेस-कॉन्फ्रेंस कर खुद निर्णय ले रहे, संगठन को जानकारी नहीं
रायपुर,एजेंसी। कांग्रेस के बड़े लीडर ने प्रदेश के एक विधायक की शिकायत सचिन पायलट से की है। शिकायत में कहा गया है कि विधायक खुद को प्रोजेक्ट करने के चक्कर में अनुशासनहीनता कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे दिल्ली में खुद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस ले रहे हैं, खुद की निर्णय कर संगठन को बताए बिना काम कर रहे हैं।
हाल ही में धमतरी में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर उन्होंने वहां के युवकों के साथ प्रदर्शन और आंदोलन किया। संगठन को इसकी जानकारी नहीं थी। वो अपनी टीम बनाकर अलग दिशा में चल रहे हैं। हालांकि इसे लेकर सचिन पायलट ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि, हर संगठन में बेहतर करने की गुंजाइश रहती है। हम संगठन में मंडल से लेकर ऊपर तक चेंज भी चाहते हैं, प्रस्ताव भी इसे लेकर पास हुआ है, लेकिन इसपर अमल करना इतना आसान नहीं है, फिर भी हमलोग उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
वहीं राहुल गांधी के लंगड़े घोड़े बदले जाएंगे वाले बयान पर सचिन पायलट ने कहा कि, यहां सभी अश्वमेध के घोड़े हैं। पायलट ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि, प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार तो छोड़िए, राष्ट्रीय अध्यक्ष तक के लिए फैसला नहीं ले पा रहे हैं, यहां चुनाव प्रक्रिया क्या है ये भी स्पष्ट नहीं। मंगलवार को पायलट ने ये बातें रायपुर के राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही हैं।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने मीडिया से की चर्चा।
साय सरकार विश्वास खो चुकी- पायलट
इससे पहले पायलट ने कहा कि, साय सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां सरकार अपनी कामयाबी बता सके। यही कारण है कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को बार-बार बुलाकर अपनी पीठ थपथपानी पड़ रही है।
पायलट ने कहा कि पूरे प्रदेश में खाद की कमी है। किसानों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। ये कहते हैं कि डबल इंजन की सरकार है। किसानों की स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है? पूरे प्रदेश में लूट-रेप, डकैती, फिरौती, फायरिंग की वारदात हो रही है।
हिंसा किसी को भी स्वीकार नहीं- पायलट
हिंसा किसी को भी स्वीकार नहीं, शांति और विकास हम सभी चाहते हैं। भूपेश बघेल सरकार में हमने बहुत काम किए, पुलिस एक्शन के अलावा और भी काम नक्सल उन्मूलन के लिए होना चहिए। राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए
कांग्रेस नेताओं को टारगेट किया जा रहा
सचिन ने आगे कहा कि डेढ़ सालों में बघेल सरकार की 17 योजनाओं को भाजपा सरकार ने बंद कर दिया है, क्योंकि इसका श्रेय पिछली कांग्रेस सरकार को जाता। पुलिस-एजेंसी का इस्तेमाल कर कांग्रेस के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है। उनका चरित्र हनन करने उन पर केस किया जा रहा है।
पायलट ने बताया कि 7 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का छत्तीसगढ़ दौरा होगा। साइंस कॉलेज ग्राउंड में 11 बजे वे सभा को संबोधित करेंगे। इस सभा का नाम दिया गया है किसान, जवान, संविधान जनसभा। जनता की आवाज बनने हमें सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

सोमवार को पॉलिटिकल अफेयर्स की मीटिंग के दौरान सचिन पायलट।
मीटिंग में भूपेश बघेल ने जताई थी नाराजगी
बता दें कि सोमवार को राजीव भवन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने मैराथन बैठकें की। इस बीच पॉलिटिकल अफेयर्स की मीटिंग में भूपेश बघेल ने अनुशासनहीनता को लेकर नाराजगी जताई। इसके अलावा बताया जा रहा है कि, उन्होंने चरणदास महंत से भी पूछा कि, आप मुख्यमंत्री पर हमला करने से क्यों बचते हैं? कहा कि, नेता प्रतिपक्ष को सरकार के खिलाफ मुखर होना चाहिए।
पॉलिटिकल अफेयर्स की मीटिंग के बाद प्रदेश पदाधिकारियों और अलग-अलग प्रकोष्ठ-विभाग की बैठक हुई। इसके बाद जिला अध्यक्षों के साथ भी सचिन पायलट ने चर्चा की।
मीटिंग के बाद प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के बयान की बड़ी बातें
- दिल्ली से चलती है छत्तीसगढ़ सरकार, जनता ने अपने जनप्रतिनिधियों को चुना, लेकिन साय सरकार के हर फैसले दिल्ली से होते हैं।
- पहली बार ऐसी सरकार देखी जो विपक्ष पर आरोप लगाती है, एजेंसियों का दुरुपयोग करने के अलावा सरकार के पास कुछ नहीं।
- विधानसभा सत्र को लेकर कहा, साय सरकार सत्र कम चलाती है और जवाब देने से कतराती है।
- निष्पक्षता से साय सरकार सदन में चर्चा नहीं होने देती, क्योंकि सरकार के पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है।
पॉलिटिकल अफेयर्स की मीटिंग में और क्या हुआ?
बताया जा रहा है कि, बैठक में सीनियर नेताओं ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि, उन्हें जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है। जबकि सीनियर नेताओं के अनुभवों का लाभ लेना चाहिए। वहीं भूपेश बघेल ने कहा कि, कोई भी नेता कुछ भी बयान दे देता है। किसी के खिलाफ कोई भी टिप्पणी कर देता है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
कुछ दिन पहले भोपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं की तीन कैटेगरी बताई थीं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में तीन तरह के घोड़े होते हैं, रेस के, बारात के और लंगड़े घोड़े।
इसके बाद उन्होंने कहा था कि रेस के घोड़ों को दौड़ाया जाएगा। बारात के घोड़ों को बारात में भेजा जाएगा और लंगड़े घोड़ों को थोड़ा चारा-पानी देकर रिटायर कर दिया जाएगा। राहुल गांधी का आशय पार्टी के कर्मठ और कामचोर नेताओं से था। हालांकि, अब उनके शब्दों के चयन को लेकर बवाल हो रहा है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात
पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम


रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।


इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।


मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलरपूनाराम ठाकरे से की बात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
कोरबा
श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।
छत्तीसगढ़
PTRSU में एग्जाम फीस 46% तक बढ़ी:मार्कशीट वेरिफिकेशन के लिए देने होंगे 5 हजार, विरोध में उतरी ABVP, कहा- छात्रों के साथ अन्याय
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में परीक्षा और दूसरे शैक्षणिक शुल्क बढ़ाने के फैसले पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने नाराजगी जताई है। परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय ने एक साथ फीस में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

ABVP के मुताबिक, सेमेस्टर एग्जाम फीस रू.1075 और वार्षिक परीक्षा फीस रू.1085 से बढ़ाकर सीधे रू.1580 कर दी गई है। परिषद का दावा है कि यह करीब 46% की बढ़ोतरी है। संगठन का कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, मध्यमवर्गीय और ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्रों पर पड़ेगा।

ज्ञापन सॉफ्टवेयर हुए ABVP के वॉलिंटियर्स
नौकरी और एडमिशन के लिए महंगा पड़ेगा वेरिफिकेशन
परिषद ने इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि यूनिवर्सिटी ने मार्कशीट और सिलेबस वेरिफिकेशन फीस रू.5000 तय कर दी है। ABVP का कहना है कि नौकरी, एडमिशन या दूसरे शैक्षणिक कामों के लिए दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कराने वाले छात्रों और पूर्व छात्रों के लिए इतनी बड़ी रकम देना आसान नहीं होगा।

प्रदर्शन करते हुए ABVP के वॉलिंटियर्स
शिक्षा को महंगा बनाने का आरोप
रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि शिक्षा को आसान और सुलभ बनाने की बात की जाती है, लेकिन दूसरी तरफ छात्रों पर लगातार फीस का बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा फीस में भारी बढ़ोतरी और हर साल 5% फीस बढ़ाने का फैसला छात्रों के हित में नहीं है।
ABVP ने दी आंदोलन की चेतावनी
ABVP ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से परीक्षा फीस बढ़ोतरी वापस लेने, हर साल 5% फीस बढ़ाने का फैसला रद्द करने और वेरिफिकेशन फीस कम करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो छात्र हित में आंदोलन किया जाएगा।
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