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PM मोदी ने अर्जेंटीना के नेशनल हीरो को श्रद्धांजलि दी:सैन मार्टिन ने 3 देशों को आजादी दिलाई थी, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति जेवियर से मुलाकात की

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ब्यूनस आयर्स, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अर्जेंटीना के नेशनल हीरो और स्वतंत्रता सेनानी जनरल होसे दि सैन मार्टिन के स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। दक्षिण अमेरिकी देशों- अर्जेंटीना, चिली और पेरू को आजादी दिलाने वाले सैन मार्टिन को मुक्तिदाता भी कहा जाता है।

PM मोदी ने इसके बाद राष्ट्रपति जेवियर मिलई से मुलाकात की। राष्ट्रपति जेवियर ने राजधानी ब्यूनस आयर्स में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। PM मोदी और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर ने ब्यूनस आयर्स में डेलिगेशन लेवल पर बातचीत की।

PM बनने के बाद मोदी का दूसरा अर्जेंटीना दौरा भारत-अर्जेंटीना के बीच डिफेंस, एग्रीकल्चर, एनर्जी, परमाणु सहयोग, व्यापार और निवेश पर चर्चा हो सकती है। दोनों देशों में लिथियम सप्लाई पर भी समझौता संभव है। अर्जेंटीना के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लिथियम भंडार है।

PM मोदी शनिवार सुबह को दो दिन के दौरे पर अर्जेंटीना पहुंचे हैं। होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया। PM बनने के बाद मोदी का यह दूसरा अर्जेंटीना दौरा है। इससे पहले वे 2018 में G20 समिट में हिस्सा लेने अर्जेंटीना गए थे।

मोदी 2 जुलाई से 10 जुलाई तक, 5 देशों की यात्रा पर हैं। वे घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो के बाद अर्जेंटीना पहुंचें हैं। मोदी यहां भारतीय मूल के लोगों को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद उनका अगला पड़ाव ब्राजील है।

मोदी के अर्जेंटीना दौरे से जुड़ी तस्वीरें….

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलई ने राजधानी ब्यूनस आयर्स में पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया।

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलई ने राजधानी ब्यूनस आयर्स में पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया।

PM मोदी ने अर्जेंटीना के स्वतंत्रता सेनानी जनरल जोस डी सैन मार्टिन के स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।

PM मोदी ने अर्जेंटीना के स्वतंत्रता सेनानी जनरल जोस डी सैन मार्टिन के स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह ब्यूनस आयर्स के एजीजा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए।

पीएम मोदी भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह ब्यूनस आयर्स के एजीजा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए।

होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उनसे हाथ मिलाए।

पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उनसे हाथ मिलाए।

अर्जेंटीना में मोदी के दौरे का शेड्यूल

5 जुलाई:

  • अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलई से मुलाकात करेंगे।
  • भारत-अर्जेंटीना बिजनेस समिट 2025 में हिस्सा लेंगे।
  • महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर करेंगे।
  • भारतीय मूल के लोगों के साथ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे

6 जुलाई :

  • अर्जेंटीना के विदेश मंत्री, व्यापार मंत्री, और ऊर्जा मंत्री के साथ बैठक करेंगे।
  • लिथियम और लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई जैसे मुद्दों पर समझौता कर सकते हैं।
  • ब्राजील के लिए रवाना होंगे, जहां वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
  • अर्जेंटीना में लगभग 3 हजार भारतीय प्रवासी
  • अर्जेंटीना में लगभग 3 हजार भारतीय प्रवासी रहते हैं। दोनों देश डिफेंस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच फरवरी, 2025 में मिलिट्री ज्वाइंट एक्सरसाइज और इक्विपमेंट पर चर्चा हुई थी।
  • भारत और अर्जेंटीना G20, G77 और यूनाइटेड नेशन के सदस्य हैं। 2023 में G20 समिट की मेजबानी को लेकर अर्जेंटीना ने भारत की सराहना की थी और अफ्रीकन यूनियन (AU) को G20 में सदस्यता देने का समर्थन किया था।
  • भारत-अर्जेंटीना के बीच ₹53 हजार करोड़ का बिजनेस भारत, अर्जेंटीना का चौथा सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर है। दोनों देशों के बीच, 2019 और 2022 के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना से भी ज्यादा बढ़कर 6.4 बिलियन अमरीकी डॉलर (53 हजार करोड़ रुपए) पहुंच गया है।
  • भारत अर्जेंटीना को पेट्रोलियम तेल, कृषि रसायन और दोपहिया वाहन एक्सपोर्ट करता है, जबकि भारत, अर्जेंटीना से वनस्पति तेल (जैसे सोयाबीन और सूरजमुखी), लेदर और अनाज इंपोर्ट करता है।
  • दोनों देश शांतिपूर्ण न्यूक्लियर प्रोग्राम और एनर्जी में सहयोग पर भी जोर देते हैं। अर्जेंटीना, भारत की न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) सदस्यता का समर्थन करता है। भारत ने NSG सदस्यता के लिए 2016 में आवेदन किया था।
  • भारत-अर्जेंटीना के बीच लीथियम को लेकर दो बड़े समझौते हुए 15 जनवरी, 2024 में भारत ने अर्जेंटीना के साथ लिथियम माइनिंग खनन के लिए एक समझौता किया था।
  • 200 करोड़ रुपए की लागत वाले इस समझौते के तहत, भारत की सरकारी कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) को अर्जेंटीना में पांच लिथियम ब्राइन ब्लॉक आवंटित किए जाएंगे।
  • दोनों देशों ने लिथियम खोजने और खनन में सहयोग बढ़ाने के लिए 19 फरवरी, 2025 को एक समझौता (MoU) किया है। भारत अभी तक लिथियम के लिए चीन पर निर्भर है। यह समझौता चीन पर निर्भरता कम करने के लिए किया गया था।
  • अर्जेंटीना 100 सालों में 9 बार दिवालिया हुआ अर्जेंटीना 20वीं सदी की शुरुआत में दुनिया की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक था। यह कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से भी आगे था। इसके बावजूद, 1816 में स्पेन से आजादी के बाद से अर्जेंटीना 9 बार अपने कर्ज चुकाने में नाकाम रहा है।
  • 1930 से 1970 तक सरकार ने आयात पर निर्भरता कम करने, आत्मनिर्भरता को बढ़ाने और देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इम्पोर्ट पर टैरिफ को बढ़ा दिया।
  • इसका सबसे बुरा असर खेती पर पड़ा। इम्पोर्ट कम होने से देश में अनाज की कमी हो गई, जिससे 1940-50 के दशक में भुखमरी के हालात बन गए।
  • 1980 के दशक में तानाशाही के दौरान सरकारी खर्च और विदेशी कर्ज 75% तक बढ़ा। जरूरत की चीजों की कीमतें 5000% तक पहुंच गई। ब्रेड, दूध, और चावल, इस भयंकर मंहगाई से सबसे अधिक प्रभावित हुए।
  • वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अर्जेंटीना लैटिन अमेरिका की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसकी जीडीपी 474.8 बिलियन डॉलर (लगभग 40 लाख करोड़ रुपए) और प्रति व्यक्ति जीडीपी 12 हजार डॉलर (10 लाख रुपए) है। इसके बावजूद, ये देश आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा है।
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ईरान समझौता नेतन्याहू की हार और मोदी PM की विफलता: जयराम रमेश ने सरकार पर साधा निशाना

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नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में पाकिस्तान की भूमिका नरेन्द्र मोदी सरकार की विदेश नीति के लिए झटका है और “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लगातार तुष्टिकरण करना शर्मनाक और राष्ट्रविरोधी है।” पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन ईरान के लिए कई उपलब्धियां लेकर आया है तो यह इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पराजय भी है।

4 सूत्रीय इस्लामाबाद समझौता 
रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, “अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन अब आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। इस समझौते का नाम “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू)” रखा जाना ही इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान की क्षेत्रीय प्रतिष्ठा और वैश्विक प्रभाव में नया उभार आया है।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वही देश है जिसे नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद डॉ. मनमोहन सिंह ने वैश्विक मंच पर लगभग अलग-थलग कर दिया था। रमेश ने दावा किया कि यह प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की दिशा और शैली दोनों के लिए एक गंभीर झटका है।

आने वाले 60 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण 
कांग्रेस नेता ने कहा, “पाकिस्तान अब पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक और सुरक्षा संरचना में पहले से कहीं अधिक गहराई से शामिल हो चुका है, जिसके भारत के लिए गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।” रमेश ने कहा, “यदि यह एमओयू अपनी भावना और शब्दों, दोनों के अनुरूप लागू होता है, तो यह एक बड़ी प्रगति होगी। लेकिन इसमें दोनों पक्षों के लिए “मेमोरेंडम ऑफ मिसअंडरस्टैंडिंग” (गलतफहमी का समझौता) बन जाने की भी संभावना है। फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि आने वाले 60 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।

 एमओयू स्वयं ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण
कांग्रेस महासचिव ने कहा, “यह एमओयू स्वयं ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और कुछ हद तक अप्रत्याशित उपलब्धियां लेकर आया है। ईरान ने अपनी दृढ़ता और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया है। जिन जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) देशों ने ईरान के जवाबी हमलों का पूरा भार झेला है, उन्होंने इस एमओयू का सतर्कता के साथ स्वागत किया है। लेकिन वे निस्संदेह अन्य देशों के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करेंगे।” उनके मुताबिक, यह एमओयू इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की स्पष्ट पराजय है, हालांकि वह अब भी विभिन्न तरीकों से इसे विफल कर सकते हैं।
इज़राइल के प्रति अंधभक्ति देश को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर 
रमेश ने कहा, “बेंजामिन नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुके हैं। यहां तक कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से उनके प्रति अपनी नाराज़गी और निराशा व्यक्त की है। केवल प्रधानमंत्री मोदी ही लेबनान, गाज़ा और पश्चिमी तट सहित पूरे क्षेत्र में नेतन्याहू की कार्रवाइयों के समर्थन में अडिग बने हुए हैं। मोदी की इज़राइल के प्रति यह अंधभक्ति हमारे देश को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर रही है।

कांग्रेस नेता का कहना है कि यह एमओयू अमेरिका के लिए एक गंभीर झटका है, जिसने इज़राइल के साथ मिलकर 28 फ़रवरी, 2026 को ईरान के विरुद्ध अधिकतम उद्देश्यों के साथ युद्ध शुरू किया था, लेकिन वे लक्ष्य पूरे नहीं हो सके। उन्होंने दावा किया, “एक बार फिर सैन्य शक्ति की सीमाएं उजागर हो गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ट्रंप के प्रति लगातार अपनाई जा रही तुष्टिकरण की नीति का ताज़ा उदाहरण बुधवार रात देखने को मिला, जब ट्रंप–मोदी द्विपक्षीय बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय का आधिकारिक वक्तव्य जारी किया गया। यह (तुष्टिकरण) शर्मनाक है और वास्तव में राष्ट्र-विरोधी है।

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राज्यसभा चुनाव- झारखंड में क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस उम्मीदवार की हार:भाजपा समर्थित उद्योगपति नाथवानी जीते, 12 राज्यों की 26 सीटों में से 19 NDA को

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नई दिल्ली, एजेंसी। 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई। इनमें से 19 सीटें NDA को, इंडिया ब्लॉक को 6 और एक सीट मिजोरम की जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) को मिली। इस चुनाव में NDA और इंडिया ब्लॉक को एक-एक सीट का फायदा हुआ।

गुरुवार को झारखंड की 2 और मिजोरम की एक राज्यसभा सीटों के रिजल्ट आए। झारखंड में एक सीट NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार उद्योगपति परिमल नाथवानी और दूसरी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीती।

झारखंड में क्रॉस वोटिंग की वजह से परिमल को जीत दर्ज मिली। यहां 3 वोट अवैध पड़े। कांग्रेस ने आरजेडी और लेफ्ट पर साथ ना देने का आरोप लगाया। वहीं, मिजोरम की एक सीट पर जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) प्रत्याशी के. लल्टलुआंगकिमा जीते।

झारखंड में कैसे हुई वोटिंग, पूरा गणित समझें

झारखंड में 81 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। अभी की मौजूदा स्थिति में NDA के 24, JMM-कांग्रेस के गठबंधन के 56 और JKLM का एक विधायक है।

  • JMM के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को 31 वोट मिले हैं। इस तरह उनकी जीत तय हो गई।
  • दूसरी सीट के लिए NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी और कांग्रेस के प्रणव झा के बीच मुकाबला हुआ। नाथवानी को 30 वोट मिले, इनमें दो अवैध हो गए। वहीं, प्रणव झा को 20 मिले, इसके एक वोट अवैध हो गया।
  • नाथवानी को एनडीए के 24 और 4 वोट क्रॉस वोटिंग में मिले और वह जीत गए।

26 में से 23 सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार जीते

10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हुए। इनमें से 8 राज्यों की 21 सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध जीते, जबकि 2 राज्य (झारखंड और मिजोरम) की 3 सीटों पर उम्मीदवार ज्यादा होने की वजह से चुनाव हुए। वहीं, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक- एक सीट पर उपचुनाव हुए, इनमें भी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए।

मिजोरम से ZPM का कोई सांसद पहली बार राज्यसभा पहुंचा

के लल्टलुआंगकिमा (रेड टाई में) ने 5 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा था।

के लल्टलुआंगकिमा (रेड टाई में) ने 5 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा था।

मिजोरम की सत्तारूढ़ जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) का कोई सांसद पहली बार राज्यसभा पहुंचा है। के लल्टलुआंगकिमा ने राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट जीत ली है। लल्टलुआंगकिमा को 36 में से 26 वोट मिले, जबकि विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) की उम्मीदवार जोथानसांगी हमार को 10 वोट मिले।

भाजपा के दो और कांग्रेस के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जबकि ZPM के एक विधायक स्वास्थ्य कारणों से वोट नहीं डाल सके। 2017 में बनी ZPM के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। लल्टलुआंगकिमा पार्टी के पहले राज्यसभा सांसद बने हैं। वह 1972 के बाद राज्यसभा पहुंचने वाले मिजोरम के आठवें नेता हैं। राज्य में विधानसभा की 40 सीटें हैं।

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OTP और फिंगरप्रिंट के एक्टिवेट का झंझट खत्म: अब चेहरा दिखाते ही खुल जाएगा PF Account, जानें नया नियम

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मुंबई, एजेंसी। देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक बहुत बड़ी और राहत भरी घोषणा की है। अब पीएफ (PF) खाते से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करने के लिए न तो आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी (OTP) का इंतजार करना होगा और न ही बायोमेट्रिक मशीन पर उंगलियों के निशान (Fingerprints) देने होंगे। नेटवर्क की खराबी या पुराना मोबाइल नंबर बंद होने जैसी तकनीकी समस्याओं को खत्म करने के लिए ईपीएफओ ने UMANG ऐप पर ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (चेहरा पहचानने वाली हाई-टेक तकनीक) की नई शुरुआत कर दी है।

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किसे मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?

अब तक पीएफ खाते को ऑनलाइन मैनेज करने के लिए UAN एक्टिवेट करना पहला और सबसे जरूरी कदम होता था लेकिन इसमें कई अड़चनें आती थीं। कई बार आधार से जुड़ा फोन नंबर खो जाने या ओटीपी न आने के कारण कर्मचारियों का काम हफ्तों अटका रहता था। नई तकनीक से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है।

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बढ़ती उम्र या कठिन शारीरिक श्रम के कारण जिन बुजुर्ग या कामकाजी कर्मचारियों के उंगलियों के निशान (Thumb Impression) मशीन पर मैच नहीं हो पाते थे उनके लिए केवल चेहरा स्कैन करना ही काफी होगा।

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फोटो दिखाकर नहीं हो सकेगा फ्रॉड

इस आधुनिक सुरक्षा प्रणाली को बेहद सुरक्षित और फुलप्रूफ बनाया गया है ताकि किसी के पीएफ फंड के साथ कोई धोखाधड़ी न हो सके। इस पूरे सिस्टम को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की लाइव फेशियल रिकग्निशन तकनीक के साथ जोड़ा गया है।

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इस सुविधा का लाभ लेने के लिए फोन में गूगल प्ले स्टोर से ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप डाउनलोड होना जरूरी है। यह ऐप केवल लाइव चेहरे को पहचानता है। यानी कोई भी व्यक्ति आपकी पुरानी फोटो या वीडियो कैमरे के सामने दिखाकर आपके खाते को हैक या एक्टिवेट नहीं कर सकता।

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