कोरबा
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की अध्यक्षता में समय सीमा की बैठक हुई आयोजित
विभागवार कार्यों की समीक्षा कर निराकरण के लिए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
लंबित आवेदनों को शीघ्रता से निराकृत करने हेतु किया निर्देशित
कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में आयुक्त नगर निगम कोरबा आशुतोष पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक आयोजित हुई। उन्होंने विभागवार कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यो को शीघ्रता से निराकृत करने के निर्देश दिए।

आयुक्त पाण्डेय ने लगातार हो रही बरसात को ध्यान में रखते हुए सभी लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारियों को मुस्तैद रहने व सतर्कता से कार्य करने कहा। साथ ही कृषि, राजस्व, नगर निगम , पंचायत, विद्युत सहित अन्य विभागों को बारिश से होने वाली क्षति का समय पर आकलन कर पीड़ितों को राहत पहुँचाने हेतु निर्देशित किया। बैठक में पाण्डेय ने शासकीय योजनाओं एवं विभागीय कार्यो की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शासन की योजनाओं का आमजनों को प्राथमिकता से लाभ पहुँचाने हेतु निर्देशित किया। इस हेतु जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन पर गम्भीरता से ध्यान देने की बात कही। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में अनावश्यक बिजली कटौती की समस्याओं को गम्भीरता से दूर करने के लिए कहा इस हेतु विभाग के निचले अमले लाईनमैन की फील्ड पर उपस्थिति सुनिश्चित करने व उन्हें सक्रियता से कार्य करने की हिदायत दी। साथ ही जिले के दूरस्थ क्षेत्रो के विद्युतविहीन बसाहटों, मजरा टोलों में विद्युत कनेक्शन पहुँचाने हेतु किए जा रहे सर्वे कार्य को भी यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने अनुविभाग अंतर्गत योजनाओं के क्रियान्वयन में पिछड़े विभागों से समन्वय कर कार्य मे प्रगति लाने की बात कही साथ ही उन्हें अपने क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, पिछड़ा वर्ग की भलाई सहित अन्य जनहित कार्यों में व्यक्तिगत रुचि लेकर विशेष कार्य करने के लिए कहा। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के मरीज वार्ड में एसी लगाने के कार्य मे भी प्रगति लाने के लिए कहा। आयुष्मान कार्ड निर्माण प्रगति की जानकारी लेते हुए शत प्रतिशत पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने की बात कही। प्राकृतिक आपदा आरबीसी 6-4, सड़क दुर्घटना में मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि के प्रकरणों को भी जल्दी से निराकृत करने के लिए कहा। नक्शा सुधार के कार्य व कोटवारी जमीन को वापस राजस्व भूमि में दर्ज करने की कार्यवाही को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने विभिन्न विभागों में समय सीमा के लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही पीजीएन , मुख्यमंत्री जनदर्शन, मानव अधिकार आयोग, कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य जनशिकायत पोर्टलो में लंबित आवेदनों को भी शीघ्रता से परीक्षण कर निराकरण करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग अपर कलेक्टर मनोज बंजारे सहित सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
कोरबा
मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित
मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,
प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना
कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।
कोरबा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को
कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।
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