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छत्तीसगढ़

नड्डा करेंगे नेताओं की मॉनिटरिंग, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस:सांसद-विधायकों को मिले 5 अहम मंत्र, भ्रष्टाचार से दूर रहें, जनता से जुड़े रहें, कांग्रेस ने बताया नौटंकी

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रायपुर,एजेंसी। अंबिकापुर में चल रहे भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण शिविर खत्म हो चुका है। मैनपाट में 3 दिनों तक जनता के चुने हुए नेता इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल रहे। शिविर में सरकार के सभी मंत्री, सांसद और विधायकों ने संगठन के बड़े नेताओं की बातों को सुना।

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, शिव प्रकाश, विनोद तावड़े और वी सतीश जैसे नेताओं की क्लास इन छत्तीसगढ़ के जनप्रतिनिधियों ने अटेंड की। शिविर में नेताओं को खास नसीहत दी गई। एक व्यवहार ठीक रखे दूसरा भ्रष्टाचार से दूर रहे। जेपी नड्डा खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।

मैनपाट में कुछ विधायक वीडियो बनवाते और तस्वीर भी खिंचवाते दिखे, इस पर कांग्रेस ने तंज कसा है। इस पूरे प्रशिक्षण शिविर को लेकर कांग्रेस ने राजनीतिक बयान बाजी भी की।

आखिर तीन दिनों तक पूरी सरकार मैनपाट में क्यों रही ? और क्या कुछ सीखा ? इसका क्या असर होगा पढ़िए इस रिपोर्ट में:-

इस तरह किसी क्लास के स्टूडेंट की तरह सभी नेताओं ने तीन दिन तक ट्रेनिंग ली।

इस तरह किसी क्लास के स्टूडेंट की तरह सभी नेताओं ने तीन दिन तक ट्रेनिंग ली।

तो नेताओं को यहां क्या सिखाया और समझाया गया

संगठन के नेताओं का फोकस इस बात पर था कि नेता ज्यादा से ज्यादा जनता से जुड़ें। जनता के बीच उनका व्यवहार ऐसा हो कि लोग भारतीय जनता पार्टी से कनेक्ट रहें। भ्रष्टाचार की वजह से सरकार और पार्टी दोनों की छवि बिगड़ती है। इसे लेकर भी बेहद ध्यान से व्यवहार करने के निर्देश सांसद विधायकों को मिले हैं।

यह भी बताया गया कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर आक्रामक तरीके से घेरना होगा। इसके लिए अधिक से अधिक सोशल मीडिया का उपयोग करने की सलाह मिली है।

केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रदेश में अधिक से अधिक फायदा मिले इसकी भी जिम्मेदारी दी गई है। नेताओं को यह भी नसीहत दी गई है कि अच्छा काम नहीं किया तो जिम्मेदारी से हटा दिए जाएंगे, कार्रवाई भी होगी।

प्रशिक्षण का उद्घाटन जेपी नड्‌डा ने किया था।

प्रशिक्षण का उद्घाटन जेपी नड्‌डा ने किया था।

सिर्फ सांसद-विधायकों की ट्रेनिंग इस वजह से

इस प्रशिक्षण शिविर में सिर्फ सांसदों और विधायकों को बुलाने का महत्वपूर्ण मकसद था। दरअसल भाजपा सरकार की छवि का मेकओवर चाहती है।

संगठन के बड़े नेताओं से सांसद और विधायकों का इंटरेक्शन करवाया गया। कामकाज को लेकर नसीहतें दी गईं। इसके पीछे का उद्देश्य सरकार के कामकाज को और बेहतर करना था।

सभी सांसदों विधायकों तीन दिन इस अंदाज में रहे।

सभी सांसदों विधायकों तीन दिन इस अंदाज में रहे।

‘घपले घोटाले की शिकायत ना आए’

अलग-अलग सेशन में बार-बार बड़े नेता इस बात को दोहराते हुए नजर आए कि सरकार और पार्टी की छवि जनता के बीच बेहतर बने। छत्तीसगढ़ सरकार काम करती हुई सरकार दिखाई दे, विपक्ष को किसी बात का मुद्दा बनाने का अवसर न मिले, सरकार का एक्शन प्रभावी ढंग से जनता के बीच जाए।

पार्टी को घपले घोटाले में अपने नेता न फंसे इसकी चिंता है, जेपी नड्‌डा ने साफ शब्दों में कहा है कि ऐसी शिकायतें न आने पाएं।

शिवराज सिंह चौहान भी प्रशिक्षण शिविर में आए थे।

शिवराज सिंह चौहान भी प्रशिक्षण शिविर में आए थे।

इस प्रशिक्षण के ये बड़े असर होंगे

  • संगठन और सरकार का कोऑर्डिनेशन- सरकार और संगठन के नेताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाने पर जोर दिया गया है। पार्टी के अभियान, आइडियोलॉजी पर काम करने कहा गया है। सरकार के फैसलों को लोग पार्टी से जोड़कर भी देखते हैं, इसलिए ये अहम है।
  • मॉनिटरिंग होगी- नेताओं को इस प्रशिक्षण शिविर से ये बताने का प्रयास किया गया है कि आप जो कर रहे हैं उसकी मॉनिटरिंग हो रही है। इससे नेताओं की जवाबदेही तय होगी।
  • जनता से कनेक्ट- बार बार सभी बड़े नेता लोगों के बीच रहकर काम करने की बात पर फोकस करते दिखे। ये भी कहा गया कि लोगों से व्यवहार अच्छा रखें। ऐसा करने से जनता सरकार और पार्टी से जुड़ाव महसूस कर सकेगी।
  • योजनाओं पर फोकस- केंद्र और राज्य सरकार के पास ऐसी योजनाएं हैं जिससे लोगों को आर्थिक फायदा मिल रहा है। इसके प्रचार पर जोर दिया जाएगा और अधिक लोगों को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
  • चुनावी तैयारी शुरू- इस प्रशिक्षण शिविर के बाद अब भाजपा 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों के हिसाब से प्लानिंग शुरू करने जा रही है। कई तरह के अभियान लॉन्च होंगे, जिनका सीधा असर चुनावी नतीजों पर होगा।
  • एक्टिव दिखेगी सरकार- सरकार अब एक्टिव दिखेगी, कंस्ट्रक्शन के काम, लोगों को योजनाओं के सामान देने की बात हो, या किसी मुद्दे पर फैसला लेना हो इस प्रशिक्षण शिविर के बाद इसके बेहतर होने की स्थिति बनेगी।
  • विपक्ष पर होंगे आक्रामक- सरकार विधानसभा में कांग्रेस पर आक्रामक दिखेगी, सदन के बाहर भी चाहे सोशल मीडिया हो या कोई कार्यक्रम कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों को फैक्ट के साथ घेरने की सलाह दी गई है।
तीन दिनों तक नेता योग ध्यान भी करते रहे।

तीन दिनों तक नेता योग ध्यान भी करते रहे।

नड्‌डा के बताए 5 मंत्र

  • समाज, संगठन और सरकार के प्रति जागरूक हो। तैयारी अगले चुनाव की रखिए, आपके काम और व्यवहार का प्रभाव जनता पर होता है।
  • भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि विचार, मूल्य और सेवा का एक समर्पित आंदोलन है। जनता को इससे जोड़ना है।
  • सरकार में मौजूद सांसद-विधायकों को संगठन के साथ अधिक तालमेल बैठाकर जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।
  • बूथ स्तर पर पार्टी की उपस्थिति हो केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम आपका है। विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यपूर्ण जवाब देने की रणनीति हमें अपनानी है।
  • ये प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, यह नेतृत्व को तैयार करने, संगठन को सशक्त बनाने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का माध्यम है।
  • देश और प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के विकास कार्यों और इनिशिएटिव को छत्तीसगढ़ के गांव–गांव, घर–घर पहुंचाना है।
CM, डिप्टी CM सभी ने बड़े नेताओं के लेक्चर सेशन को ज्वाइन किया।

CM, डिप्टी CM सभी ने बड़े नेताओं के लेक्चर सेशन को ज्वाइन किया।

CM बोले ये सुशासन के लिए कारगर

प्रशिक्षण शिविर पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- 12 सत्र में यह प्रशिक्षण वर्ग चला और समाप्त हुआ। इसमें अलग-अलग विषयों पर संगठन के नेताओं ने अपने व्याख्यान दिए और उपस्थित सभी सांसद विधायकों को मार्गदर्शन मिला।

हम जो जनप्रतिनिधि हैं जनता के सुख दुख में हम साथ खड़े हैं उनका विकास हो, छत्तीसगढ़ का विकास करने के लिए और अपने-अपने क्षेत्र में विकास करने के लिए यह प्रशिक्षण वर्ग बहुत ही कारगर सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा पार्टी में मंडल इकाई से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक नियमित प्रशिक्षण की परंपरा है, जिससे कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को न केवल संगठन की रीति-नीति, कार्यक्रम और कार्ययोजना की जानकारी मिलती है, बल्कि समसामयिक विषयों पर भी गहन मार्गदर्शन प्राप्त होता है।

यह प्रशिक्षण हमें अपनी कार्यशैली को और अधिक प्रभावी, समन्वित और जनसेवी बनाने में सहायता करेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस ट्रेनिंग के बाद संगठन के बीच अच्छे काम होंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस ट्रेनिंग के बाद संगठन के बीच अच्छे काम होंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले ये ऐतिहासिक रहा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बताया कि सांसदों-विधायकों को पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने समापन सत्र में संबोधित किया।

प्रशिक्षण वर्ग में कुल 12 सत्र हुए जिनमें राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, वी. सतीश, प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा शामिल रहे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन का 3 दिन प्रशिक्षण वर्ग में मार्गदर्शन रहा।

देव ने कहा- सांसदों-विधायकों ने एक साथ तीन दिन एक स्थान पर रहकर भाजपा की रीति-नीति की बारीकियों को समझा है। यह बताता है कि भाजपा में एक परिवार का भाव इसी तरह प्रगाढ़ होता है। छत्तीसगढ़ की जो ताकत है, जो क्षमता है, उसके माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण, यहां के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दृष्टि से यह प्रशिक्षण वर्ग ऐतिहासिक रहा है।

कांग्रेस की पोस्ट।

कांग्रेस की पोस्ट।

अमित शाह नहीं आए तो दाल में कुछ काला

प्रशिक्षण शिविर में देश के गृहमंत्री अमित शाह काे भी आना था। मगर ठीक एक दिन पहले खबर आई कि वो नहीं आएंगे। दूसरे कार्यक्रमों की व्यस्तता की वजह से शाह के न आने की बात सामने आई। मगर इस बीच दिल्ली में प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका की शाह से मुलाकात हुई।

इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने पोस्ट किया और लिखा- दाल में कुछ काला नहीं पूरी दाल काली है, राज्यपाल मान. रमन डेका जी लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं जोकि सरकार की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

नई दिल्ली में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और आज अमित शाह का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम जो कि मैनपाट में आयोजित भाजपा की प्रशिक्षण शिविर में शामिल होना था, उसे रद्द कर दिया। आखिर राज्यपाल ने ऐसा क्या फीडबैक दिया, जिसके चलते गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ भाजपा का निमंत्रण ठुकरा दिया?

कांग्रेस ने विधायकों के फोटोशूट पर उठाए सवाल।

कांग्रेस ने विधायकों के फोटोशूट पर उठाए सवाल।

कांग्रेस ने पूरे कार्यक्रम सवाल उठाए इसे सिर्फ पिकनिक बताया।

कांग्रेस ने पूरे कार्यक्रम सवाल उठाए इसे सिर्फ पिकनिक बताया।

कांग्रेस ने पूछा- भ्रष्ट मंत्रियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

भाजपा के प्रशिक्षण शिविर को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंत्री और विधायकों को ठेकेदारों और भ्रष्ट लोगों से दूर रहने की जो हिदायत दी है वह सिर्फ राजनीतिक नौटंकी है भाजपा सरकार से त्रस्त जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है।

बैज ने कहा- जब नड्डा को पता है कि उनके मंत्री और विधायक ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं, कमीशन और भ्रष्टाचार की काली कमाई में भाजपा के मंत्री विधायकों की हिस्सेदारी है।

ऐसे में वह भ्रष्ट मंत्री और विधायकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं? भाजपा की सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, कोई भी काम बिना लेनदेन के होता नहीं है। इन्हें अब तक पद से क्यों नहीं हटाया गया?

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

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समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात

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चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास,  फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।

प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम है नंदनवन जंगल सफारी

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320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र

  •  धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
  •  अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी
 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर

नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।

 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर
मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर
    नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी।
    इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर
    नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
    विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
शाकाहारी सफारी
    30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।
भालू सफारी
    20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है।
बाघ सफारी
    20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं।
सिंह सफारी
    20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है।
जू जोन
    50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।

दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण
    नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।
देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक
    वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।
रायपुर से आसान पहुंच
    नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र
नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है ।

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