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छत्तीसगढ़

नड्डा करेंगे नेताओं की मॉनिटरिंग, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस:सांसद-विधायकों को मिले 5 अहम मंत्र, भ्रष्टाचार से दूर रहें, जनता से जुड़े रहें, कांग्रेस ने बताया नौटंकी

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रायपुर,एजेंसी। अंबिकापुर में चल रहे भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण शिविर खत्म हो चुका है। मैनपाट में 3 दिनों तक जनता के चुने हुए नेता इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल रहे। शिविर में सरकार के सभी मंत्री, सांसद और विधायकों ने संगठन के बड़े नेताओं की बातों को सुना।

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, शिव प्रकाश, विनोद तावड़े और वी सतीश जैसे नेताओं की क्लास इन छत्तीसगढ़ के जनप्रतिनिधियों ने अटेंड की। शिविर में नेताओं को खास नसीहत दी गई। एक व्यवहार ठीक रखे दूसरा भ्रष्टाचार से दूर रहे। जेपी नड्डा खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।

मैनपाट में कुछ विधायक वीडियो बनवाते और तस्वीर भी खिंचवाते दिखे, इस पर कांग्रेस ने तंज कसा है। इस पूरे प्रशिक्षण शिविर को लेकर कांग्रेस ने राजनीतिक बयान बाजी भी की।

आखिर तीन दिनों तक पूरी सरकार मैनपाट में क्यों रही ? और क्या कुछ सीखा ? इसका क्या असर होगा पढ़िए इस रिपोर्ट में:-

इस तरह किसी क्लास के स्टूडेंट की तरह सभी नेताओं ने तीन दिन तक ट्रेनिंग ली।

इस तरह किसी क्लास के स्टूडेंट की तरह सभी नेताओं ने तीन दिन तक ट्रेनिंग ली।

तो नेताओं को यहां क्या सिखाया और समझाया गया

संगठन के नेताओं का फोकस इस बात पर था कि नेता ज्यादा से ज्यादा जनता से जुड़ें। जनता के बीच उनका व्यवहार ऐसा हो कि लोग भारतीय जनता पार्टी से कनेक्ट रहें। भ्रष्टाचार की वजह से सरकार और पार्टी दोनों की छवि बिगड़ती है। इसे लेकर भी बेहद ध्यान से व्यवहार करने के निर्देश सांसद विधायकों को मिले हैं।

यह भी बताया गया कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर आक्रामक तरीके से घेरना होगा। इसके लिए अधिक से अधिक सोशल मीडिया का उपयोग करने की सलाह मिली है।

केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रदेश में अधिक से अधिक फायदा मिले इसकी भी जिम्मेदारी दी गई है। नेताओं को यह भी नसीहत दी गई है कि अच्छा काम नहीं किया तो जिम्मेदारी से हटा दिए जाएंगे, कार्रवाई भी होगी।

प्रशिक्षण का उद्घाटन जेपी नड्‌डा ने किया था।

प्रशिक्षण का उद्घाटन जेपी नड्‌डा ने किया था।

सिर्फ सांसद-विधायकों की ट्रेनिंग इस वजह से

इस प्रशिक्षण शिविर में सिर्फ सांसदों और विधायकों को बुलाने का महत्वपूर्ण मकसद था। दरअसल भाजपा सरकार की छवि का मेकओवर चाहती है।

संगठन के बड़े नेताओं से सांसद और विधायकों का इंटरेक्शन करवाया गया। कामकाज को लेकर नसीहतें दी गईं। इसके पीछे का उद्देश्य सरकार के कामकाज को और बेहतर करना था।

सभी सांसदों विधायकों तीन दिन इस अंदाज में रहे।

सभी सांसदों विधायकों तीन दिन इस अंदाज में रहे।

‘घपले घोटाले की शिकायत ना आए’

अलग-अलग सेशन में बार-बार बड़े नेता इस बात को दोहराते हुए नजर आए कि सरकार और पार्टी की छवि जनता के बीच बेहतर बने। छत्तीसगढ़ सरकार काम करती हुई सरकार दिखाई दे, विपक्ष को किसी बात का मुद्दा बनाने का अवसर न मिले, सरकार का एक्शन प्रभावी ढंग से जनता के बीच जाए।

पार्टी को घपले घोटाले में अपने नेता न फंसे इसकी चिंता है, जेपी नड्‌डा ने साफ शब्दों में कहा है कि ऐसी शिकायतें न आने पाएं।

शिवराज सिंह चौहान भी प्रशिक्षण शिविर में आए थे।

शिवराज सिंह चौहान भी प्रशिक्षण शिविर में आए थे।

इस प्रशिक्षण के ये बड़े असर होंगे

  • संगठन और सरकार का कोऑर्डिनेशन- सरकार और संगठन के नेताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाने पर जोर दिया गया है। पार्टी के अभियान, आइडियोलॉजी पर काम करने कहा गया है। सरकार के फैसलों को लोग पार्टी से जोड़कर भी देखते हैं, इसलिए ये अहम है।
  • मॉनिटरिंग होगी- नेताओं को इस प्रशिक्षण शिविर से ये बताने का प्रयास किया गया है कि आप जो कर रहे हैं उसकी मॉनिटरिंग हो रही है। इससे नेताओं की जवाबदेही तय होगी।
  • जनता से कनेक्ट- बार बार सभी बड़े नेता लोगों के बीच रहकर काम करने की बात पर फोकस करते दिखे। ये भी कहा गया कि लोगों से व्यवहार अच्छा रखें। ऐसा करने से जनता सरकार और पार्टी से जुड़ाव महसूस कर सकेगी।
  • योजनाओं पर फोकस- केंद्र और राज्य सरकार के पास ऐसी योजनाएं हैं जिससे लोगों को आर्थिक फायदा मिल रहा है। इसके प्रचार पर जोर दिया जाएगा और अधिक लोगों को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
  • चुनावी तैयारी शुरू- इस प्रशिक्षण शिविर के बाद अब भाजपा 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों के हिसाब से प्लानिंग शुरू करने जा रही है। कई तरह के अभियान लॉन्च होंगे, जिनका सीधा असर चुनावी नतीजों पर होगा।
  • एक्टिव दिखेगी सरकार- सरकार अब एक्टिव दिखेगी, कंस्ट्रक्शन के काम, लोगों को योजनाओं के सामान देने की बात हो, या किसी मुद्दे पर फैसला लेना हो इस प्रशिक्षण शिविर के बाद इसके बेहतर होने की स्थिति बनेगी।
  • विपक्ष पर होंगे आक्रामक- सरकार विधानसभा में कांग्रेस पर आक्रामक दिखेगी, सदन के बाहर भी चाहे सोशल मीडिया हो या कोई कार्यक्रम कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों को फैक्ट के साथ घेरने की सलाह दी गई है।
तीन दिनों तक नेता योग ध्यान भी करते रहे।

तीन दिनों तक नेता योग ध्यान भी करते रहे।

नड्‌डा के बताए 5 मंत्र

  • समाज, संगठन और सरकार के प्रति जागरूक हो। तैयारी अगले चुनाव की रखिए, आपके काम और व्यवहार का प्रभाव जनता पर होता है।
  • भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि विचार, मूल्य और सेवा का एक समर्पित आंदोलन है। जनता को इससे जोड़ना है।
  • सरकार में मौजूद सांसद-विधायकों को संगठन के साथ अधिक तालमेल बैठाकर जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।
  • बूथ स्तर पर पार्टी की उपस्थिति हो केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम आपका है। विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यपूर्ण जवाब देने की रणनीति हमें अपनानी है।
  • ये प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, यह नेतृत्व को तैयार करने, संगठन को सशक्त बनाने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का माध्यम है।
  • देश और प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के विकास कार्यों और इनिशिएटिव को छत्तीसगढ़ के गांव–गांव, घर–घर पहुंचाना है।
CM, डिप्टी CM सभी ने बड़े नेताओं के लेक्चर सेशन को ज्वाइन किया।

CM, डिप्टी CM सभी ने बड़े नेताओं के लेक्चर सेशन को ज्वाइन किया।

CM बोले ये सुशासन के लिए कारगर

प्रशिक्षण शिविर पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- 12 सत्र में यह प्रशिक्षण वर्ग चला और समाप्त हुआ। इसमें अलग-अलग विषयों पर संगठन के नेताओं ने अपने व्याख्यान दिए और उपस्थित सभी सांसद विधायकों को मार्गदर्शन मिला।

हम जो जनप्रतिनिधि हैं जनता के सुख दुख में हम साथ खड़े हैं उनका विकास हो, छत्तीसगढ़ का विकास करने के लिए और अपने-अपने क्षेत्र में विकास करने के लिए यह प्रशिक्षण वर्ग बहुत ही कारगर सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा पार्टी में मंडल इकाई से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक नियमित प्रशिक्षण की परंपरा है, जिससे कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को न केवल संगठन की रीति-नीति, कार्यक्रम और कार्ययोजना की जानकारी मिलती है, बल्कि समसामयिक विषयों पर भी गहन मार्गदर्शन प्राप्त होता है।

यह प्रशिक्षण हमें अपनी कार्यशैली को और अधिक प्रभावी, समन्वित और जनसेवी बनाने में सहायता करेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस ट्रेनिंग के बाद संगठन के बीच अच्छे काम होंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस ट्रेनिंग के बाद संगठन के बीच अच्छे काम होंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले ये ऐतिहासिक रहा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बताया कि सांसदों-विधायकों को पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने समापन सत्र में संबोधित किया।

प्रशिक्षण वर्ग में कुल 12 सत्र हुए जिनमें राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, वी. सतीश, प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा शामिल रहे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन का 3 दिन प्रशिक्षण वर्ग में मार्गदर्शन रहा।

देव ने कहा- सांसदों-विधायकों ने एक साथ तीन दिन एक स्थान पर रहकर भाजपा की रीति-नीति की बारीकियों को समझा है। यह बताता है कि भाजपा में एक परिवार का भाव इसी तरह प्रगाढ़ होता है। छत्तीसगढ़ की जो ताकत है, जो क्षमता है, उसके माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण, यहां के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दृष्टि से यह प्रशिक्षण वर्ग ऐतिहासिक रहा है।

कांग्रेस की पोस्ट।

कांग्रेस की पोस्ट।

अमित शाह नहीं आए तो दाल में कुछ काला

प्रशिक्षण शिविर में देश के गृहमंत्री अमित शाह काे भी आना था। मगर ठीक एक दिन पहले खबर आई कि वो नहीं आएंगे। दूसरे कार्यक्रमों की व्यस्तता की वजह से शाह के न आने की बात सामने आई। मगर इस बीच दिल्ली में प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका की शाह से मुलाकात हुई।

इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने पोस्ट किया और लिखा- दाल में कुछ काला नहीं पूरी दाल काली है, राज्यपाल मान. रमन डेका जी लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं जोकि सरकार की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

नई दिल्ली में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और आज अमित शाह का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम जो कि मैनपाट में आयोजित भाजपा की प्रशिक्षण शिविर में शामिल होना था, उसे रद्द कर दिया। आखिर राज्यपाल ने ऐसा क्या फीडबैक दिया, जिसके चलते गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ भाजपा का निमंत्रण ठुकरा दिया?

कांग्रेस ने विधायकों के फोटोशूट पर उठाए सवाल।

कांग्रेस ने विधायकों के फोटोशूट पर उठाए सवाल।

कांग्रेस ने पूरे कार्यक्रम सवाल उठाए इसे सिर्फ पिकनिक बताया।

कांग्रेस ने पूरे कार्यक्रम सवाल उठाए इसे सिर्फ पिकनिक बताया।

कांग्रेस ने पूछा- भ्रष्ट मंत्रियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

भाजपा के प्रशिक्षण शिविर को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंत्री और विधायकों को ठेकेदारों और भ्रष्ट लोगों से दूर रहने की जो हिदायत दी है वह सिर्फ राजनीतिक नौटंकी है भाजपा सरकार से त्रस्त जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है।

बैज ने कहा- जब नड्डा को पता है कि उनके मंत्री और विधायक ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं, कमीशन और भ्रष्टाचार की काली कमाई में भाजपा के मंत्री विधायकों की हिस्सेदारी है।

ऐसे में वह भ्रष्ट मंत्री और विधायकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं? भाजपा की सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, कोई भी काम बिना लेनदेन के होता नहीं है। इन्हें अब तक पद से क्यों नहीं हटाया गया?

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छत्तीसगढ़

कोंडागांव : छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष ने शिल्पनगरी में 40 शिल्पियों को वितरित किए आधुनिक टूल किट

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 छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष ने शिल्पनगरी में 40 शिल्पियों को वितरित किए आधुनिक टूल किट
 छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष ने शिल्पनगरी में 40 शिल्पियों को वितरित किए आधुनिक टूल किट

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने गुरुवार को कोंडागांव स्थित शिल्पनगरी का दौरा कर शिल्पकारों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिले के 40 शिल्पियों को आधुनिक टूल किट वितरित किए। इसमें 20 बेलमेटल एवं 20 लौहशिल्प के शिल्पकार शामिल हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन स्थानीय कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्प के संरक्षण, संवर्धन तथा शिल्पकारों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोंडागांव की शिल्पकला जिले की विशिष्ट पहचान है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि शिल्पकार अपनी कलाकृतियों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए शबरी एम्पोरियम एक माध्यम है। साथ ही आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण लेकर बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करें, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि शिल्पकारों को केवल प्रोत्साहन देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक बाजार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी आवश्यक है।

बोर्ड की अध्यक्ष ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड शिल्पकारों द्वारा निर्मित उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी विपणन के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक तकनीकों का समावेश करते हुए शिल्पकारों की आवश्यकताओं के अनुरूप हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएं। नगरपालिका अध्यक्ष नरपति पटेल ने कहा कि कोंडागांव अपनी समृद्ध पारंपरिक शिल्पकला के कारण शिल्पनगरी के नाम से प्रसिद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक टूल किट शिल्पकारों के कार्य को अधिक सुगम, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर श्रीमती लक्ष्मी ध्रुव, सुश्री सोनामणि पोयाम, श्रीमती सुषमा खोब्रागड़े, कुलवंत चहल, जितेन्द्र सुराना, दयाराम पटेल, नागेश देवांगन एवं हस्त शिल्प कोण्डागांव के सहायक प्रबंधक आर. डी. खूंटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में शिल्पकार उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

सूरजपुर : बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से बेटियों को मिल रही सुरक्षा और सशक्तिकरण की नई दिशा

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साइबर सुरक्षा, महिला अधिकार, आत्मरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

सूरजपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में संचालित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत बालिकाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के विकासखंड प्रतापपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंछीडांड़ (केरता) में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल अधिकार, लैंगिक समानता, वित्तीय साक्षरता तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें सुरक्षित एवं जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घरेलू हिंसा से संरक्षण, महिला उत्पीड़न की रोकथाम, मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह के दुष्परिणाम तथा बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी दी। विद्यार्थियों को आवश्यकता पड़ने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा आपातकालीन सेवा 112 का उपयोग करने के बारे में भी बताया गया। साथ ही यातायात नियमों एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर भी जागरूक किया गया।

शिविर के दौरान नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना तथा महतारी वंदन योजना सहित राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता सेवाओं से भी छात्राओं एवं उपस्थित महिलाओं को अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में छात्राओं को आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया गया तथा जागरूकता संबंधी ब्रोशर वितरित किए गए। विद्यालय परिवार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा विशेषज्ञों के सहयोग से आयोजित यह शिविर बालिकाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : प्रतिभा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

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31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन, 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे कर सकते हैं आवेदन

रायपुर। बच्चों की असाधारण प्रतिभा, नवाचार, साहस और सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश का सर्वाेच्च बाल सम्मान माना जाता है, जो उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हों। यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।

विभागीय जानकारी के अनुसार 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इस पुरस्कार के लिए पात्र हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अभिभावक, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं और अन्य व्यक्ति भी योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं।

सभी आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेश के नवाचारी, प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी बच्चों से इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया है। आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए awards.gov.in⁠ पर विजिट किया जा सकता है।

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