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विजय रूपाणी के बेटे बोले-हादसे से पहले बात हुई थी:बेटी राधिका ने सुनाए बचपन के किस्से, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में पूर्व CM की जान गई थी
अहमदाबाद,एजेंसी। कल 12 जुलाई को अहमदाबाद विमान दुर्घटना को एक महीना हो जाएगा। इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भी निधन हो गया है। वो पैसेंजर लिस्ट में पैसेंजर नंबर 12 थे।
विजय रूपाणी के बेटे ऋषभ ने बताया कि पापा से दुर्घटना से कुछ समय पहले ही बात हुई थी। जैसे ही प्लेन क्रैश की खबर आई तो मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। वहीं, विजय रूपाणी की बेटी राधिका का कहना है कि मुझे एक बार और अपने पिता के साथ रहने का मौका मिले, तो मैं कुछ भी त्यागने को तैयार हूं।
इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री के बचपन के किस्से उनके भविष्य के सपनों के साथ ही उनके कई पहलुओं के बारे में बेटे ऋषभ और बेटी राधिका ने सबसे पहले दिव्य भास्कर से बात की।

पिता विजय के साथ बेटी राधिका और बेटे ऋषभ की फाइल फोटो।
बेटा ऋषभ बोला- मैं उस पल को कभी नहीं भूल पाऊंगा
मेरे पिता पिछले चुनाव में भी पंजाब के संगठन प्रभारी थे। वहां भाजपा की ताकत और वोट शेयर कैसे बढ़ाया जाए और कार्यकर्ताओं को पार्टी से कैसे जोड़ा जाए, यही उनका पिछले तीन सालों की कोशिश थी। वे इसमें काफी हद तक सफल भी रहे।
मैं उस समय अमेरिका में था। रात को एअर इंडिया से मेरे एक दोस्त का फोन आया। फिर हमें जो भी पहली उड़ान मिली, उससे हम भारत आने के लिए रवाना हो गए। हादसे से कुछ घंटों पहले ही मैंने अपनी मां और बड़ी बहन से फोन पर बात की थी।
हमारे परिवार में एक रिवाज है। हम सब रोजाना सुबह-शाम इकट्ठे होते हैं और वीडियो कॉल पर बात करते हैं। उस दिन भी हमने वीडियो कॉल पर बात की। कुछ घंटों पहले ही हमारी बात हुई थी। मेरी बड़ी बहन का लंदन में एक धार्मिक कार्यक्रम भी था, तो हमने उसकी तैयारियों के बारे में भी बात की। हमने इस बारे में भी बात की कि वहां कौन-कौन सी पूजन सामग्री ले जाएंगे।
पापा मेरी बेटी से भी लगातार बात करते थे। वो उनकी लाड़ली थी। जब मेरी बेटी को उनका फोन आता, तो वो सब कुछ भूलकर उनसे देर-देर तक बातें करती रहती थी। यहां तक कि हमारे फोन भी हमसे ये कहकर फोन ले लेती थी कि मुझे अपने दादा से बात करनी है। मेरी बेटी सिर्फ दो साल की है, लेकिन वो उनकी हर बात समझ जाती थी। दादा-पोती रोजाना ही फोन पर बात करते थे।
विजय रूपाणी की बेटी राधिका ने कहा, ‘मैं उस समय विएना (ऑस्ट्रिया) में थी। मेरे ऑफिस में मीटिंग थी। तभी मेरी मां का फोन आया। उनका कॉल रिसीव करते ही मैंने कहा- मां, मैं मीटिंग में हूं, बाद में फोन करूंगी। उन्होंने मुझे दोबारा फोन किया। थोड़ी चिंता के साथ मैं मीटिंग से बाहर निकली। मां से बात हो पाती कि इससे पहले कि मैं मां से आगे बात करती, चारों तरफ से न्यूज आने लगीं।
राधिका ने विजय रूपाणी को पिता के रूप में आंकने के सवाल के जवाब में कहा कि अगर मुझे एक बार और अपने पिता के साथ रहने का मौका मिले, तो मैं कुछ भी त्यागने को तैयार हूं। पापा न केवल परिवार के लिए, बल्कि अपने सभी दोस्तों, प्रियजनों और भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए भी पिता समान थे।

‘पापा का दया भावना को मैं आज भी याद करती हूं। जब भी कोई आपदा आती या राहत कार्य होता, पापा तुरंत वहां पहुच जाते थे।
पिता के साथ बचपन की एक घटना को याद करते हुए राधिका ने बताया कि जब मैं चार-पांच साल की थी, तब पापा नगर निगम में स्थायी समिति के अध्यक्ष थे। उस समय राजकोट में भारी बारिश हो रही थी। मैं जीप में बैठी थी और उसका वाइपर लगातार घूम रहा था। इसी दौरान, मैने देखा कि पापा डूब रहे एक बाड़े में कूद गए और अंदर जाकर गायों को बचाने लगे।

ऋषभ, पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, पत्नी, बेटी- दामाद (बाएं से दाएं)।
राधिका ने बताया, ‘ मुझे याद है जब मैं छोटी थी, तो पापा मुझे सुलाने के लिए ‘सो जा राजकुमारी सो जा..’ गाना सुनाया करते थे। जब वे कहीं बाहर होते थे हमेशा वीडियो कॉल में मुझे यह पूरा गाना सुनाते थे। पापा को गाने का बहुत शौक था। ‘मनुष्य तू बड़ा महान है’, ‘जननी जन्मभूमि’, ‘आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं’ ये सभी उनके पसंदीदा गाने थे।’
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FTA का लाभ उठाने की भारत की दर साझेदार देशों से बहुत कम
नई दिल्ली, एजेंसी। मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ उठाने की भारत की दर महज 20-30 प्रतिशत तक सीमित है, जबकि भारत को निर्यात करने वाले साझेदार देशों में यह उपयोग दर 60-70 प्रतिशत तक है। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। निजी शोध संस्था जीटीआरआई की रिपोर्ट कहती है कि भारत के निर्यातक उच्च अनुपालन लागत और कई देशों में पहले से ही कम शुल्क के कारण एफटीए से मिलने वाले लाभों का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों के चलते उलटे शुल्क ढांचे की समस्या और जटिल हो गई है, क्योंकि कई तैयार उत्पाद अब आसियान, जापान, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया जैसे साझेदार देशों से शून्य या कम शुल्क पर भारत में आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कच्चे माल और उत्पादन सामग्रियों पर अपेक्षाकृत अधिक आयात शुल्क लगता है, जबकि उन्हीं सामग्रियों से बने तैयार उत्पाद एफटीए के तहत कम या शून्य शुल्क पर आयात हो जाते हैं, जिससे घरेलू उद्योगों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है।
जीटीआरआई ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि इस्पात और एल्युमीनियम पर 7.5 से 10 प्रतिशत तक सर्वाधिक तरजीही देश (एमएफएन) शुल्क लगता है लेकिन इन्हीं से बने मशीनरी और उपकरण कई एफटीए के तहत बिना शुल्क भारत में प्रवेश कर सकते हैं। जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, “भारत के एफटीए साझेदार देशों में औसतन एमएफएन शुल्क बहुत कम या लगभग शून्य है, जबकि भारत का औसत व्यापार-भारित एमएफएन शुल्क लगभग 12.6 प्रतिशत है।”
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों में भारत का आसियान, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ औसत वार्षिक व्यापार घाटा लगभग 62 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है। थिंक टैंक ने सुझाव दिया कि भारत को शुल्क संरचना में सुधार, उलटी शुल्क संरचना को ठीक करने, घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और एफटीए उपयोग की निगरानी के लिए एक अलग संस्था बनाने पर विचार करना चाहिए।
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Salary Hike: सैलरी में होगा इजाफा, कंपनियां कर सकती हैं 8.6-10.2% तक वेतन बढ़ोतरी
मुंबई, एजेंसी। चालू वित्त वर्ष में कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में 8.6 प्रतिशत से 10.2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। कुशल एवं बेहतर निष्पादन वाले कर्मचारियों की लगातार बढ़ती मांग के कारण यह वृद्धि देखने को मिल रही है। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई। टीमलीज सर्विसेज की रोजगार एवं वेतन परिदृश्य पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान औसत वेतन वृद्धि 8.6 प्रतिशत से 10.2 प्रतिशत के दायरे में रह सकती है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ईवी अवसंरचना, वित्तीय-प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और औषधि जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की प्रमुख भूमिका रहने वाली है।

रिपोर्ट कहती है कि ईवी और उससे जुड़े क्षेत्र में 9.6 प्रतिशत से 10.2 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसमें इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक और साइट इंजीनियर जैसी भूमिकाओं में सबसे अधिक वृद्धि होने का अनुमान है। टीमलीज सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालासुब्रमण्यम ए ने कहा, “भारत का वेतन ढांचा पहले की तुलना में अधिक विविध और प्रदर्शन-आधारित होता जा रहा है। अब वेतन बढ़ोतरी के रुझान अलग-अलग क्षेत्रों की वृद्धि और विशेष कौशल पर निर्भर कर रहे हैं। वेतन वृद्धि अब केवल बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। छोटे और उभरते शहर भी अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहे हैं।”
रिपोर्ट के मुताबिक, वाहन, बीमा और बीपीओ जैसे क्षेत्रों में इस साल वेतन वृद्धि 8.9 प्रतिशत से 9.5 प्रतिशत के बीच रह सकती है। वहीं बैंकिंग, निर्माण एवं रियल एस्टेट, दूरसंचार और कपड़ा जैसे क्षेत्रों में वेतन वृद्धि 8.6 प्रतिशत से 8.8 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। रिपोर्ट कहती है कि विभिन्न कार्य क्षेत्रों में वेतन वृद्धि का सबसे अधिक असर बिक्री एवं विपणन, इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्रों में देखा जा रहा है।
शहरों के स्तर पर चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद वेतन वृद्धि के मामले में आगे रह सकते हैं। इनके अलावा विशाखापट्टनम और नागपुर जैसे उभरते शहरों में भी अच्छी वृद्धि देखे जाने की संभावना है। इसके उलट सूरत, चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में पिछले वर्ष की तुलना में वेतन वृद्धि की दर में थोड़ी गिरावट देखी गई है।
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LPG Connection Rule: घर में हैं दो LPG कनेक्शन…तो जान लें सरकार का नियम, वरना हो सकती है कार्रवाई
नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने एलपीजी कनेक्शन को लेकर कई नियम तय किए हैं, जिनके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। अक्सर कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या एक ही परिवार में दो एलपीजी कनेक्शन हो सकते हैं। अगर आपके घर में भी दो गैस कनेक्शन हैं या दूसरा कनेक्शन लेने की सोच रहे हैं तो पहले सरकारी नियमों को समझ लें।
सरकारी नियमों के अनुसार सामान्य तौर पर एक परिवार को एक ही एलपीजी कनेक्शन रखने की अनुमति होती है। परिवार में पति-पत्नी, माता-पिता और बच्चे यदि एक ही घर और एक ही रसोई का इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें एक ही परिवार माना जाता है। ऐसे में परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर अलग-अलग गैस कनेक्शन लेना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है।

डबल बाटल कनेक्शन सुविधा
जिन परिवारों को गैस की खपत अधिक होती है, उनके लिए तेल कंपनियां डबल बाटल कनेक्शन (DBC) की सुविधा देती हैं। इसमें ग्राहक को एक ही कनेक्शन के तहत दो सिलेंडर दिए जाते हैं ताकि एक सिलेंडर खाली होने पर दूसरा तुरंत इस्तेमाल किया जा सके।
कब मिल सकता है दूसरा कनेक्शन
अगर एक ही मकान में दो अलग-अलग परिवार रहते हैं या दो अलग रसोई हैं तो विशेष परिस्थितियों में अलग गैस कनेक्शन की अनुमति मिल सकती है। इसके लिए अलग पहचान पत्र, पता प्रमाण और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। गैस एजेंसी जांच के बाद नियमों के आधार पर फैसला करती है।
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
सरकार और गैस एजेंसी फर्जी या अनावश्यक गैस कनेक्शनों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। यदि किसी परिवार के पास नियमों के खिलाफ एक से अधिक कनेक्शन पाए जाते हैं, तो संबंधित एजेंसी कार्रवाई कर सकती है।
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