छत्तीसगढ़
मंगलदास महंत का निधन
कोरबा। गोपालपुर से बरेडीमुडा निवासी कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेश दास महंत के पिता मंगलदास महंत का आज आकस्मिक निधन हो गया है। जिनका अंतिम संस्कार गत 7 जनवरी रविवार को ग्राम बरेडीमुडा के मुक्तिधाम में किया गया। स्व. श्री. मंगलदास महंत के निधन पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने श्रद्धांजलि देते हुए अपनी शोक संवेदना व्यक्त की हैं। जयसिंह अग्रवाल के साथ-साथ राजेन्द्र तिवारी, सुधीर जैन, विनोद अग्रवाल, धुरपाल सिंह कंवर, मनीराम साहू, रामायण दास महंत, आशीष अग्रवाल, अमर दास, पुरान दास, रतन यादव, राकेश सारथी, राजेन्द्र सिंह ठाकुर, डॉ. एल.पी. साहू, संजय अग्रवाल, अंतराम प्रजापति, देवीदयाल तिवारी, सुनील पटेल आदि ने मृतात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की हैं।
छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात
रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।

उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास : 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात


रायपुर। छत्तीसगढ़ में शांति, विकास और विश्वास की नई तस्वीर सामने आई है। बीजापुर और कांकेर जिलों से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की खुशी साझा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से आत्मसमर्पण से पहले के जीवन और वर्तमान परिस्थितियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। संवाद के दौरान नक्सलियों ने बताया कि अब उनका जीवन पूरी तरह बदल चुका है—जहां पहले वे जंगलों में असुरक्षा और भय के बीच जीवन बिताते थे, वहीं अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्रों में अब सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे जीवन आसान हुआ है। कुछ आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार होली जैसे त्योहार को परिवार के साथ मनाया—यह उनके लिए एक नया और सुखद अनुभव रहा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी का मुख्यधारा में स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल व्यक्तिगत बदलाव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर सभी ने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा।
इस अवसर पर गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक भी उपस्थित थीं।

छत्तीसगढ़
रायपुर से नक्सली पेनड्राइव-कोडवर्ड से भेजते थे जानकारी:मजदूर बनकर रेकी करते थे, कॉल इंटरसेप्शन से पकड़े गए, 30 तोला सोना भी मिला
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को लेकर राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) ने बड़ा खुलासा किया है। बिलासपुर की विशेष कोर्ट में आज SIA ने 9 नक्सलियों के खिलाफ चार्ज सीट दाखिल किया है।
जिसमें बताया कि, यह नक्सली रायपुर के रिहायशी इलाकों में मजदूर बनकर रहते थे। पेनड्राइव-लेटर के जरिए जंगल में बैठे आकाओं तक खुफिया जानकारी पहुंचाते थे।
SIA की चार्जशीट के मुताबिक, नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य आकाश उर्फ पवन उर्फ पुष्कर मुआर्य रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में मजदूर बनकर किराए के मकान में रह रहा था।
जिससे किसी को शक न हो। उसने संगठन के डीवीसी जग्गू कुरसम और उसकी पत्नी कमला कुरसम को भी रायपुर लाकर रुकवाया। यह मकान शहरी नेटवर्क का मुख्य केंद्र बन गया था। वहीं, SIA ने गिरफ्तार नक्सलियों से 30 तोला सोना भी बरामद किया था।

पेनड्राइव, लेटर और कोडवर्ड में भेजते थे जानकारी
जांच में सामने आया है कि, नक्सली पेनड्राइव और लिफाफों में बंद पत्रों के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे। ये आरोपी रायपुर, सिमगा, नवापारा राजिम और बिलासपुर में मीटिंग करते थे।
मीटिंग में शामिल होने के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। इसमें गिरधर नाग, संदेव पोडियम और अन्य आरोपी जंगल से शहर तक कूरियर (जानकारियों का आदान–प्रदान करने वाला) का काम करते थे।
वे बड़े नेताओं के निर्देश पर विस्फोटक सामग्री और सूचनाएं लेकर शहर आते और यहां से जरूरत का सामान वापस ले जाते थे। एसआईए ने जांच के दौरान इन नक्सलियों से 300 ग्राम सोना (बिस्किट के रूप में), 2.5 लाख कैश, लैपटॉप, बड़ी संख्या में पेनड्राइव और मोबाइल फोन मिले थे।

नक्सलियों ने इस घर को बनाया था अपना ठिकाना।
सितंबर 2025 में चंगोरा भाठा में रेड मारी थी एसआईए ने
दरअसल, 23 सितंबर 2025 को रायपुर के डीडी नगर थाने में नक्सलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने विवेचना SIA को सौंपी थी। गिरफ्तार 9 आरोपियों के खिलाफ भादंवि (BNS) और यूएपीए (UAPA) की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
SIA ने रायपुर, बीजापुर और नारायणपुर में दबिश देकर इस नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफलता पाई है। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

कॉल इंटरसेप्शन से फंसे थे रायपुर में रह रहे नक्सल दंपत्ति।
कॉल इंटरसेप्शन में फंसे पति-पत्नी
इस मामले में इंटेलिजेंस एजेंसियों को जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में कॉल इंटरसेप्शन के जरिए सुराग मिला। रायपुर लोकेशन से बस्तर बेल्ट में संपर्क होने के तकनीकी इनपुट की छानबीन की गई।
जानकारी मिलने के बाद इनपुट डीडी नगर पुलिस को भेजा गया। पड़ोसियों के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे कुछ लोग सिविल ड्रेस में घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया।
उस वक्त दोनों आरोपी कमरे में ही मौजूद थे। दरवाजा खुलते ही टीम ने उन्हें दबोच लिया था। तलाशी में पुलिस को 10 तोले का सोने का बिस्किट, 1 लाख 14 हजार रुपए कैश, दो टच स्क्रीन मोबाइल और अन्य सामान मिला था।

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