देश
मोदी बोले- मुंबई हमले का जवाब देना चाहती थी सेना:कांग्रेस ने विदेशी दबाव में रोक दिया, आतंकियों के सामने घुटने टेके
मुंबई,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 2008 में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान कांग्रेस सरकार ने कार्रवाई न कर कमजोरी का संदेश दिया था और आतंकियों के सामने घुटने टेके थे।
उन्होंने कहा कि हमारी सेनाएं पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार थी, लेकिन सरकार ने विदेशी दबाव में ऐसा नहीं करने दिया। उन्होंने यह बात नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन के दौरान कही।
पीएम ने मनमोहन सरकार में गृह मंत्री रहे पी चिदंबरम का नाम लिए बिना उनके बयान का जिक्र किया। 30 सितंबर को चिदंबरम ने कहा, “26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद उनके मन में भी बदला लेने का विचार आया था, लेकिन उस वक्त की कांग्रेस सरकार ने सैन्य कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया।”
पीएम ने 22 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, जीएसटी रिफॉर्म और विकसित भारत का जिक्र किया। PM बुधवार को दो दिन के दौरे पर मुंबई पहुंचे। गुरुवार को वे ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर से मिलेंगे।
PM मोदी की स्पीच की बड़ी बातें…
2008 में कांग्रेस ने कमजोरी का मैसेज दिया: साथियों मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी के साथ सबसे वाइब्रेंट शहरों में से एक है। 2008 में आतंकियों ने भी मुंबई शहर को बड़े हमले के लिए चुना। तब की कांग्रेस सरकार ने कमजोरी का मैसेज दिया। आतंकियों के सामने घुटने टेके। हाल ही में कांग्रेस के बड़े नेता और जो देश के गृह मंत्री तक रह चुके हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि मुंबई हमले के बाद हमारी सेनाएं पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार थीं। पूरा देश भी यही चाहता था, लेकिन उस नेता की माने तो किसी दूसरे देश के दबाव के कारण कांग्रेस सरकार ने भारत की सेनाओं को पाकिस्तान पर हमला करने से रोका।
गरीबों का सशक्तीकरण आज देश की प्राथमिकता है: गरीब हो मिडिल क्लास हो इनका सशक्तीकरण आज देश की प्राथमिकता है। इन परिवारों को सुविधा-सम्मान देना उनका सामर्थ्य बढ़ाता है। जीएसटी रिफॉर्म से जो चीजे सस्ती हुईं उससे भी देश का सामर्थ्य बढ़ा है। मार्केट के आंकड़े बताते हैं, इस बार नवरात्रि में बिक्री के कई साल के रिकॉर्ड टूटे। मेरा आग्रह है कि गर्व से कहो हम स्वदेशी है, स्वदेशी को अपनाएं। हर घर-बाजार का यही मंत्र होना चाहिए।
आज मुंबई का लंबा इंतजार खत्म हुआ: यहां दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना। ये एयरपोर्ट इस क्षेत्र को एशिया के सबसे बड़े कनेक्टिविटी हब के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। आज मुंबई को पूरी तरह से अंडरग्राउंड मेट्रो मिली। इससे सफर आसान होगा। ये विकसित होते भारत का प्रतीक है। मुंबई जैसे शहर में जमीन के नीचे सभी इमारतों को सुरक्षित रखते हुए शानदार मेट्रो बनाई गई है।
महाराष्ट्र के किसान यूरोप से जुड़ जाएंगे: नवी मुंबई एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में विकसित भारत की झलक है। कमल के फूल जैसा आकार है। यानी संस्कृति का प्रतीक है। महाराष्ट्र के किसान यूरोप से जुड़ जाएंगे। जिससे उनकी उपज इंटरनेशनल मार्केट में पहुंचेगी। निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग और कारखाने लगेंगे। जब सपने को सिद्ध करने का संकल्प और इच्छा शक्ति हो तो नतीजे भी मिलते हैं।
2030 तक भारत एमआरओ हब बनेगा: भारत ने 1000 से ज्यादा नई उड़ानों का ऑर्डर दिया है। इसके लिए मेंटेनेंस की सुविधा भी डेवलप होगी। 2030 तक भारत एमआरओ हब बनेगा। जिससे रोजगार मिलेगा युवाओं को। हम सबसे युवा देश हैं। हमारा फोकस युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने का है। सरकार इसी ओर गतिमान है। इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्ट, एयरपोर्ट पर निवेश से रोजगार बढ़ रहा है। हमारे संस्कार में राष्ट्रनीति ही राजनीति का आधार है। दूसरी तरफ ऐसी धारा है जो जनता नहीं, सत्ता की सुविधा को ऊपर रखते हैं। जनता के विकास पर बाधा डालते हैं। ये लोग घोटाले करते हैं।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन, 2 करोड़ यात्रियों की क्षमता
प्रधानमंत्री मोदी ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन किया। पहले फेज में एक टर्मिनल और रनवे बनाया गया है। अभी इसकी क्षमता सालाना 2 करोड़ यात्रियों की है और रोजाना 60 फ्लाइट उड़ सकेंगी।
पहले फेज में करीब 19,647 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। एयरपोर्ट पर 4 टर्मिनल बनाए जाने हैं। सभी फेज पूरे बन जाने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता सालाना 9 करोड़ यात्री की हो जाएगी। वहीं, रोजाना 300 फ्लाइट उड़ सकेंगी।
नवी मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल को कमल के डिजाइन में डेवलप किया गया है। दिसंबर से यहां से रेगुलर उड़ानें शुरू हो जाएंगी। ये मुंबई का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। इसका नाम किसान नेता डीबी पाटिल के नाम पर रखा गया है।
एयरपोर्ट में अडाणी ग्रुप की 74% हिस्सेदारी
- इस एयरपोर्ट को अडाणी ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार का लैंड डेवलपमेंट प्राधिकरण (CIDCO) मिलकर बना रहा है। इसमें अडाणी ग्रुप की 74% हिस्सेदारी है और CIDCO के पास 26% हिस्सेदारी है। ये जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक के पास है, जिससे मुंबई में बढ़ती हवाई यात्रा की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।
- इसका नाम किसान नेता डीबी पाटिल के नाम पर रखा गया है। पाटिल एक प्रमुख किसान नेता थे जिन्होंने महाराष्ट्र में किसानों और स्थानीय लोगों के हकों के लिए संघर्ष किया। पाटिल ने ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान विस्थापित गांववालों के हक की लड़ाई लड़ी थी।
- एयरपोर्ट की तस्वीरें…

नवी मुंबई एयरपोर्ट का पहला फेज भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट है, जिसे सार्वजनिक और निजी भागीदारी (PPP) में बनाया गया है।
टर्मिनल में कमल जैसी डिजाइन में 12 खूबसूरत और 17 मजबूत खंभे हैं जो छत को सपोर्ट करते हैं।
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर्यावरण के लिए अनूकूल होगा। इसमें इलेक्ट्रिक बस सेवा और देश का पहला वाटर टैक्सी कनेक्शन होगा।
इस हवाई अड्डे में ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) सर्विस होगी, जो सभी टर्मिनलों और शहर से हवाई अड्डे को जोड़ेगा।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 1,160 हेक्टेयर (11.6 वर्ग किलोमीटर) में बन रहा है। जो कई फेज में बनेगा। इस प्रोजेक्ट में चार टर्मिनल बनाए जाने हैं।
एयरपोर्ट शुरू होने में 2 महीने का समय लगेगा
नवी मुंबई एयरपोर्ट खोलने में अभी 2 महीने से ज्यादा लगेंगे। दिसंबर लास्ट तक ही ये शुरू हो पाएगा। इसके पीछे की वजह- उद्घाटन के बाद इसे ORAT टेस्ट से गुजरना होगा।
इसमें चेक-इन, बैगेज, सिक्योरिटी और एयर ट्रैफिक सिस्टम की असली हालात में जांच होती है। इसका मोटिव यह है कि पहले दिन से ही उड़ानें सुरक्षित और बिना परेशानी के संचालित हो।
पीएम मोदी ने मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन किया
PM ने बुधवार को रू.37,270 करोड़ की लागत से बनी मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) का उद्घाटन किया। यह मुंबई की पहली पूरी अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन है।
PM ने मुंबई मेट्रो लाइन-3 के लास्ट फेज 2B का उद्घाटन किया, जो आचार्य अत्रे चौक से कफी पारेड तक फैला है। इसका निर्माण लगभग रू.12,200 करोड़ में हुआ है।
इसके साथ रू.37,270 करोड़ लागत में बनी मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) का उद्घाटन भी किया। यह मुंबई की पहली पूरी अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन है।
‘मुंबई वन’ एप और स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी लॉन्च किया
पीएम मोदी ने “मुंबई वन” नाम का मोबिलिटी एप भी लॉन्च किया, जो मेट्रो, मोनोरेल, बस और रेलवे सेवाओं को जोड़ेगा। एप से यात्री डिजिटल टिकट बुकिंग, यात्रा अपडेट और सुरक्षा सुविधा पाएंगे।
साथ ही STEP स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किया, जिसमें 2,500 बैच होंगे, महिलाओं और नई तकनीकों में प्रशिक्षण शामिल होगा, जिससे रोजगार और कौशल वृद्धि होगी।
देश
RBI ने 2000 रुपये के नोटों की वापसी पर जारी की ताजा रिपोर्ट, क्या रद्दी बन गए हैं बाकी बचे नोट?
मुंबई, एजेंसी। कभी भारतीय बटुए की शान कहे जाने वाले गुलाबी नोट अब इतिहास के पन्नों में सिमटने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 3 मार्च 2026 को अपनी नवीनतम रिपोर्ट जारी करते हुए यह साफ कर दिया है कि 2000 रुपये के नोटों को वापस लाने का महाभियान अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। जहां अधिकांश लोगों को लगा था कि अब तक सारे नोट खजाने में लौट चुके होंगे, वहीं ताजा आंकड़े बताते हैं कि अभी भी कुछ ‘गुलाबी जादुई नोट’ जनता की जेबों या पुराने संदूक में छिपे हुए हैं।
98 प्रतिशत से ज्यादा की हुई घर वापसी
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, 19 मई 2023 को जब इन नोटों को चलन से बाहर करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था, तब बाजार में कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2000 के नोट मौजूद थे। ताजा अपडेट के मुताबिक, इनमें से 98.44 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली में सफलतापूर्वक लौट आए हैं। गणितीय आधार पर देखें तो अब केवल 1.56 प्रतिशत नोट ही बाजार या आम लोगों के पास बचे हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश की जनता ने इस बदलाव को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है और भारी मात्रा में मुद्रा वापस सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है।
क्या रद्दी बन गए हैं बाकी बचे नोट?
बचे हुए नोटों को लेकर मन में डर होना स्वाभाविक है, लेकिन RBI ने राहत भरी बात कही है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि ये नोट आज भी ‘लीगल टेंडर’ हैं, यानी इनकी कागजी कीमत शून्य नहीं हुई है। हालांकि, अब आप इन्हें पास के किसी भी सामान्य बैंक या ATM में जाकर जमा नहीं कर सकते। इन बचे हुए नोटों को बदलने या जमा करने के लिए अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं। पहला यह कि आपको RBI के देश भर में स्थित 19 क्षेत्रीय कार्यालयों (Regional Offices) पर व्यक्तिगत रूप से जाना होगा। दूसरा विकल्प भारतीय डाक (Post Office) का है, जिसके जरिए आप सुरक्षित तरीके से अपने नोटों को RBI तक भेज सकते हैं।
आखिर कहां अटक गए करोड़ों के नोट?
विशेषज्ञों और रिपोर्ट के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि जो नोट अब तक वापस नहीं आए, उनके पीछे कई रोचक कारण हो सकते हैं। कई लोग शायद अपने Locker, पुराने कपड़ों या घर के गुप्त कोनों में रखे इन नोटों को भूल गए हैं। इसके अलावा, विदेश में रह रहे भारतीयों (NRIs) के पास मौजूद मुद्रा को वापस आने में लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, देश के कई धार्मिक स्थलों के दान पात्रों और पुराने गुल्लकों में भी ये नोट अभी भी मिल रहे हैं।
घबराएं नहीं, पर सक्रिय रहें
यदि आपको भी अपने किसी पुराने पर्स या डायरी के बीच दबा हुआ 2000 का नोट मिल जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपका पैसा सुरक्षित है, बस उसे बदलने की प्रक्रिया थोड़ी मशक्कत भरी हो गई है। RBI का यह मिशन अब अपने समापन की ओर है और 98.44 प्रतिशत की रिकवरी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अब बस यह देखना बाकी है कि शेष बचे Note System में लौटते हैं या फिर वे भविष्य के लिए केवल एक यादगार बनकर रह जाएंगे।
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ईरान की जंग… सोने के दामों में महा-विस्फोट! क्या चांदी तोड़ेगी ₹3 लाख का रिकॉर्ड?
मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल तेज कर दी है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने बुलियन मार्केट (Gold-Silver Market) को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। भारतीय वायदा बाजार में जहां सोने की कीमतों में करीब 1.5% का उछाल आया है, वहीं चांदी ने 3% की लंबी छलांग लगाई है। जानकारों का दावा है कि यदि तनाव और बढ़ा, तो चांदी जल्द ही 3 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार कर सकती है।
सोने में जोरदार उछाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। सुबह करीब 10:15 बजे सोना 2,200 रुपये से अधिक की बढ़त के साथ 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान कीमतें 1.63 लाख रुपये से ऊपर के स्तर तक पहुंच गईं। हालांकि इससे पहले के सत्र में सोने में तेज गिरावट आई थी और भाव 1.61 लाख रुपये के आसपास फिसल गए थे। लेकिन ताजा वैश्विक घटनाक्रम ने बाजार का रुख बदल दिया है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना रहता है तो घरेलू बाजार में सोना 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
चांदी पहुंच सकती 3 लाख रुपए के पार
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में चांदी 6,000 रुपये से अधिक की बढ़त के साथ 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई। सत्र के दौरान कीमतें 2.73 लाख रुपये के स्तर तक भी पहुंचीं। गौरतलब है कि पिछले दो कारोबारी दिनों में चांदी में भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। जानकारों का कहना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर भी छू सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड में करीब 1 फीसदी की बढ़त देखी गई और यह 5,100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी मजबूती रही। इस वर्ष अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में मजबूत रिटर्न देखने को मिला है। वहीं, चांदी में भी गिरावट के बाद रिकवरी दर्ज की गई और कीमतें फिर से ऊपर की ओर बढ़ीं। दूसरी ओर प्लैटिनम और पैलेडियम में भी सीमित बढ़त दर्ज की गई। वहीं प्लेटिनम 1% की बढ़त के साथ 2,104 डॉलर और पैलेडियम 1,653 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के सैन्य और नौसैनिक ठिकानों पर हमले की रिपोर्ट के बाद डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। युद्ध की इस स्थिति में शेयर बाजार (Stock Market) धड़ाम हो गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा केवल कीमती धातुओं और कच्चे तेल पर टिका है।
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इजराइल-ईरान जंग,भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया:जेद्दा से अहमदाबाद 200 यात्री आए, 4 दिन में भारतीय एयरलाइंस की 1117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द
नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें भारतीय नागरिकों के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पोस्ट में इसकी जानकार दी।
इधर, जंग से बने विपरीत हालातों के चलते मिडिल ईस्ट के देशों से भारतीयों का लौटना जारी है। मंगलवार देर रात जेद्दा, दुबई से कई भारतीय दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए। भारत आने पर लोगों ने कहा कि अपने देश वापस आकर अच्छा लग रहा है।
ईरान ने जंग के कारण दुनिया का सबसे अहम होर्मुज रूट (समुद्र का रास्ता) बंद कर दिया है। इसके चलते भारतीय झंडे वाले 37 जहाज और उनमें सवार 1,109 भारतीय नाविक वर्तमान में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के 8 देशों ने एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिए हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय एयरलाइंस ने 1,117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द की हैं। इससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं।
खामेनेई की मौत के कुछ ही घंटों के अंदर, पाकिस्तान में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कराची में US कॉन्सुलेट पर धावा बोलने की कोशिश की और इस्लामाबाद में डिप्लोमैटिक इलाके के बाहर पुलिस से भिड़ गए। सिक्योरिटी फोर्स के साथ झड़प में कम से कम 34 लोग मारे गए। 120 से ज्यादा घायल हुए हैं।

इजराइल-ईरान जंग और खामेनेई की मौत का विरोध





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