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जयपुर में सिलेंडरों में ब्लास्ट, सीट पर खोपड़ी-मांस का लोथड़ा:बचने के लिए खेतों में भागे लोग, अजमेर हाईवे पर उल्टी दौड़ाईं गाड़ियां
जयपुर,एजेंसी। 7 अक्टूबर की रात केमिकल टैंकर ने घरेलू गैस सिलेंडर भरे खड़े ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसा जयपुर-अजमेर एक्सप्रेस-वे पर सरावदा गांव के पास हुआ था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पलभर में 35 हजार लीटर खतरनाक ज्वलनशील केमिकल से भरे टैंकर का केबिन आग का गोला बन गया।
कुछ ही देर में गैस सिलेंडरों ने भी आग पकड़ ली। देखते ही देखते सिलेंडर ब्लास्ट होने लगे। सिलेंडर 40 से 50 फीट तक उछलकर ब्लास्ट हुए। धमाके 3 से 4 किमी तक सुनाई दे रहे थे। बचने के लिए लोग खेतों में छिप गए तो ड्राइवरों ने उल्टी गाड़ियां दौड़ाईं।
टैंकर ड्राइवर के चीथड़े उड़ गए थे। ड्राइवर सीट पर दांत, खोपड़ी के टुकड़े, पैरों की उंगलियां और मांस का लोथड़ा पड़ा था। मेरी तो रूह कांप गई। हमने ये सब थैली में समेटा और एसएमएस की मॉर्च्युरी में भेज दिया।
मैं केबिन में लेटा मोबाइल पर रील देख रहा था। अचानक तेज आवाज आई। देखा तो पीछे एक टैंकर का केबिन आग का गोला बन गया था। सिलेंडर से भरा ट्रक आग की चपेट में आ गया था। मैं ट्रक से कूदकर खेतों में भाग गया। 3 से 5 मिनट में दो जलते सिलेंडर मेरे ट्रक के केबिन से आकर टकराए। थोड़ी देर हो जाती तो मैं भी कोयला बन गया होता।
पहला बयान सिविल डिफेंस के असरार अहमद, 108 एम्बुलेंस के कर्मचारी हनीफ व दूसरा बयान उस ट्रक के ड्राइवर रवि का है, जो सिलेंडर वाले ट्रक के पास खड़ा था।

हादसे के बाद एक के बाद एक कई सिलेंडरों में ब्लास्ट हुए। इनके धमाके कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दिए।
हादसे में केमिकल से भरे टैंकर के ड्राइवर के चीथड़े उड़ गए। सबसे पहले टैंकर तक पहुंचने वाले सिविल डिफेंस के सीनियर कर्मचारी असरार अहमद और 108 एम्बुलेंस के कर्मचारी हनीफ ने बताया- आग बुझाने के बाद हम केबिन तक पहुंचे।
अंदर देखा ड्राइवर सीट पर कोई नहीं था। बस मांस का एक लोथड़ा पड़ा हुआ था। वह लोथड़ा बुरी तरह सीट से चिपक गया था। सीट पर दांत, खोपड़ी के टुकड़े, पांव की अंगुलियां व अन्य अवशेष थे। सबकाे समेटकर थैली में भरा और पोस्टमॉर्टम/डीएनए के लिए एसएमएस की मॉर्च्युरी में भिजवाया गया। बताया जा रहा है कि केमिकल से भरा यह ट्रक नसीराबाद (अजमेर) से आ रहा था।
एक अन्य घायल 27 वर्षीय सद्दाम को पहले दूदू और वहां से एसएमएस रेफर किया गया। टैंकर के ड्राइवर की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। सिलेंडर से भरे ट्रक का ड्राइवर लापता है।
आग पर काबू पाने के लिए किशनगढ़ (अजमेर), सांभर (जयपुर), फुलेरा (जयपुर), जयपुर शहर और मुहाना (जयपुर) से तीन दर्जन से भी अधिक दमकल की गाड़ियां पहुंची थीं। जयपुर से आए दमकल कर्मी कानाराम के दाएं पांव में बचाव कार्य के दौरान चोट आई है। इन्हें एसएमएस हॉस्पिटल ले जाया गया।
सिविल डिफेंस टीम के असरार अहमद ने बताया कि हम जब मौके पर पहुंचे तब केवल एक ही दमकल गाड़ी मौजूद थी। यह सड़क के दूसरी ओर खड़ी थी। बड़ी मुश्किलों से आग पर काबू पाया गया। कलेक्टर भी हमारे साथ ही मौके पर पहुंचे थे।

25 से 30 फीट ऊंची थीं आग की लपटें
108 एम्बुलेंस के कर्मचारी हनीफ हादसे के बाद मौके पर सबसे पहले पहुंचने वालों में से एक हैं। हनीफ बताते हैं- हम सरावदा पहुंचे तो आग की लपटें 25 से 30 फीट ऊंची थी। हिम्मत ही नहीं हुई कि ट्रक तक जा पाते। करीब एक किलोमीटर दूर से ही घटना के वीडियो बनाए और आग कम होने का इंतजार करते रहे।
इस बीच सिलेंडर फटने शुरू हो गए। सिलेंडर दिवाली के पटाखों की तरह एक के बाद एक फट रहे थे। आसमान में सिर्फ आग के गोले नजर आ रहे थे। दो सिलेंडर तो सड़क के दूसरी ओर बने सांवरिया होटल पर जा गिरे। एक कुर्सियों से टकराया। तीन-चार प्लास्टिक की कुर्सियों और खिड़की को भी नुकसान पहुंचा है। दूसरा सिलेंडर होटल के पीछे खाली मैदान में गिरा।

थैली में टैंकर चालक के शव के अवशेष। थैले में रखकर अवशेष को एसएमएस हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भेजा गया।
5 मिनट की फुर्ती ने बचा ली जान, वरना कोयला बन जाता
जिस गैस सिलेंडर से लदे ट्रक में टैंकर ने टक्कर मारी, उसके आगे एक और ट्रक खड़ा था। उसका ड्राइवर रवि गुजरात के मोरबी से लोडिंग माल लेकर कन्नौज (UP) जा रहा था।
रवि ने बताया- मैं शाम 5 बजे महादेव ढाबे पर खाना खाने और आराम करने के लिए रुका था। रात 10 बजे मैं मेरे ट्रक के केबिन में लेटकर मोबाइल पर रील देख रहा था। अचानक पीछे से जोरदार टक्कर हुई। आवाज सुनकर मैं घबरा गया। नीचे उतरकर देखा तो पीछे एक टैंकर का केबिन आग का गोला बन गया था। गैस सिलेंडर से भरा ट्रक भी आग की चपेट में था। मैं भागकर महादेव ढाबे के पीछे खेतों में दुबक गया।
इसके 3 से 5 मिनट बाद ही दो जलते हुए सिलेंडर मेरे ट्रक के केबिन से आकर टकराए। पूरा केबिन तहस-नहस हो गया। मैंने निकलने में थोड़ी भी देर की होती तो आज जिंदा नहीं होता।
सांवरिया होटल मालिक संतोष सिंह रावत ने बताया कि सालों से यहां ढाबा चला रहा हूं। पहली बार ऐसा हादसा देखा। हादसा हुआ तब मैं काउंटर संभाल रहा था। जैसे ही हादसे का पता चला, हम लोग होटल छोड़कर भाग गए। लौटकर देखा तो तबाही के मंजर से रूह कांप गई।

केमिकल से भरे टैंकर पर पांच घंटे तक डाला पानी
आशंका जताई जा रही है कि ट्रक में भरे करीब 200 सिलेंडर फट गए। हालांकि अंधेरे और अफरा-तफरी के चलते सिलेंडरों की सही संख्या का अंदाजा लगा पाना अभी मुश्किल है। लोहे की मोटी चादर से बने इन सिलेंडरों को देखकर कहना मुश्किल था कि इनमें से सिलेंडर कौन सा है और ट्रक की बॉडी कौन सी। सिलेंडरों के फटे और टूटे हुए टुकड़े हादसे से करीब 30 फीट दूर तक बिखरे मिले।
आग की गर्मी का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हादसे के 3 घंटे बाद तक सड़क किनारे पड़ा बारिश का पानी गुनगुना था। केमिकल से भरे टैंकर का तापमान न बढ़े इसके लिए उस पर लगातार 5 घंटे तक पानी डाला गया। हादसे के बाद दूदू से लेकर मोखमपुरा तक ट्रैफिक जाम हो गया। बुधवार सुबह 4 बजे ट्रैफिक सुचारू हो पाया।

केमिकल से भरे टैंकर का तापमान कम करने के लिए लगातार पानी डाला गया।
ट्रक ड्राइवर बोले- RTO करता है परेशान, इसलिए हादसे
हाईवे के ढाबों और होटलों पर मौजूद ड्राइवरों ने बताया- हाईवे पर दूदू से लेकर सावरदा, गिदानी, धर्म कांटा, मोखमपुरा, पड़ासोली, दांतरी और बगरू तक आरटीओ वाले लोडिंग ट्रक ड्राइवरों को परेशान करते हैं। पैसे की डिमांड करते हैं। इनसे बचने के लिए ड्राइवर इन स्पॉट से स्पीड में गाड़ी भगाने की कोशिश करते हैं। कई बार पीछा करने के चलते भी बड़े भारी वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं।
साल भर में 20 से ज्यादा लोगों की जान चुकी है। 27 सितंबर को भी सावरदा से पहले इसी हाईवे पर दो ट्रक की टक्कर में पीछे एक ट्रक का ड्राइवर जिंदा जलकर मर गया था।

हादसे के बाद अधजले सिलेंडर पूरी कहानी बयां कर रहे थे।
डेढ़ से दो घंटे कोई पास भी न जा सका
एम्बुलेंस कर्मी दिलीप सिंह मीणा ने बताया- रात 10 बजे हादसा हुआ। आग इतनी भयानक थी कि डेढ़ से दो घंटे तक हम आग बुझाने के लिए करीब नहीं जा सके। जब हालात कुछ सामान्य हुए तो बचाव कार्य शुरू किया।
दूदू के जीतू धमाके सुनकर वहां पहुंचे थे। जीतू बताते हैं- यहां पहुंचने के बाद मेरे सामने ही 7-8 सिलेंडर में ब्लास्ट हुआ। पुलिस और प्रशासन ने समय से स्थिति को काबू कर ट्रैफिक रोक दिया। ऐसे में हादसे के आस-पास करीब 5 किलोमीटर तक कोई वाहन नहीं था।
सवारी बस के ड्राइवर लक्ष्मण सिंह कहते हैं- जिस टैंकर से एक्सीडेंट हुआ, मैं उससे तीन वाहन पीछे चल रहा था। टैंकर स्पीड में था। जाकर सीधे ट्रक में भिड़ गया। भिड़ंत के तुरंत बाद आग लग गई थी। सिलेंडर फटने शुरू हुए। हमने सवारियों को खेतों और हादसे से दूर सुरक्षित स्थान पर भागकर छुप जाने को कहा।
मध्य प्रदेश से अजमेर आए मनीष पाटीदार ने बताया- मेरी गाड़ी में 6 लोग थे। टक्कर मारने वाले टैंकर से 100 मीटर पीछे ही चल रहा था। टक्कर लगने के बाद ट्रक से सिलेंडर गिरने लगे। आग लग गई। यह देख मुझे खतरे का आभास हो गया था। मैंने तुरंत यू टर्न लिया और बैक में गाड़ी को हादसे से दूर ले गया।

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‘भारतीय हवाई या जमीनी रास्ते से ईरान की न करें यात्रा…’ विदेश मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी
तेहरान/नई दिल्ली, एजेंसी। क्षेत्रीय तनाव और अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को स्पष्ट रूप से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है।

हवाई और जमीनी यात्रा पर रोक
दूतावास द्वारा जारी बयान के अनुसार, हालांकि भारत और ईरान के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू होने की खबरें हैं, लेकिन नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई या जमीनी मार्ग से ईरान की यात्रा न करें। दूतावास ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र (Airspace) पर प्रतिबंध और परिचालन संबंधी अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं।
ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए निर्देश
जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में हैं, उन्हें दूतावास ने सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दूतावास के साथ समन्वय करते हुए निर्धारित जमीनी सीमा मार्गों (land border routes) के माध्यम से देश छोड़ दें। सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मार्गदर्शन और सहायता के लिए दूतावास के निरंतर संपर्क में रहें।
वर्तमान स्थिति
ईरान ने हाल ही में इमाम खुमैनी और मेहराबाद जैसे अपने प्रमुख हवाई अड्डों को फिर से खोलना शुरू किया है और मशहद हवाई अड्डे से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी गई है। हालांकि, यह स्थिति 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पैदा हुए क्षेत्रीय संघर्ष के कारण अस्थिर बनी हुई है। भले ही वर्तमान में एक नाजुक संघर्ष विराम (ceasefire) है, लेकिन यात्रा और सुरक्षा स्थितियों को लेकर अभी भी गहरा संशय बना हुआ है।
मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर किसी भी सहायता या आपात स्थिति के लिए, भारतीय दूतावास ने निम्नलिखित मोबाइल नंबर साझा किए हैं, जिन पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकते हैं:
- +989128109115
- +989128109109
- +989128109102
- +989932179359
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जुलाई में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे PM मोदी, मेलबर्न में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित
नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर जा सकते हैं। शुक्रवार को राजनयिक सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। पीएम मोदी का यह दौरा उनके क्षेत्रीय प्रवास का हिस्सा होगा, जिसमें वे इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भी करेंगे।

दौरे का संभावित कार्यक्रम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले इंडोनेशिया जाएंगे। 7 और 8 जुलाई को वे न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को दो दिवसीय यात्रा के लिए प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुँचेंगे।
मेलबर्न में होगा भव्य ‘प्रवासी कार्यक्रम’
इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय समुदाय (Diaspora) के साथ होने वाला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। सूत्रों के मुताबिक, सिडनी के बजाय इस बार मेलबर्न को एक बड़े सामुदायिक जमावड़े के लिए चुना गया है। अधिकारियों ने मेलबर्न में दो बड़े इनडोर स्टेडियमों का निरीक्षण किया है, जिनकी क्षमता 14,000 से 35,000 के बीच है। जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की ठंड और बारिश को देखते हुए इनडोर वेन्यू (छत वाले स्टेडियम) को प्राथमिकता दी जा रही है।

सिडनी में होगी आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता
जहाँ एक ओर मेलबर्न में मेगा कम्युनिटी इवेंट होगा, वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस का कार्यालय सिडनी में पीएम मोदी की मेजबानी के लिए उत्सुक है। यहाँ दोनों देशों के बीच व्यापारिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें होने की संभावना है।
व्यापारिक संगठनों में मची होड़
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कई बड़े बिजनेस इवेंट्स के लिए भी होड़ मची है। ऑस्ट्रेलिया इंडिया बिजनेस काउंसिल (AIBC) अपनी 40वीं वर्षगांठ मना रहा है और वे पीएम मोदी की मेजबानी करना चाहते हैं। साथ ही ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम’ भी एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग की रेस में है। हालांकि, माना जा रहा है कि आधिकारिक तौर पर केवल एक ही संगठन को कार्यक्रम की अनुमति मिलेगी।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी
इससे पहले पीएम मोदी मई 2023 में सिडनी गए थे, जहाँ उन्होंने ‘क्वाड’ सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उस यात्रा के दौरान ब्रिस्बेन में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास और बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास खोलने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई थीं। एबीसी (ABC) के विदेश मामलों के संवाददाता स्टीफन डज़ेडज़िक ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि यह दौरा तय होता है, तो यह ऑस्ट्रेलिया के लिए कूटनीतिक रूप से एक बड़ा साल होगा, जिसमें कारने, वॉन डेर लेयेन और ताकाइची के बाद अब मोदी भी शिरकत करेंगे।
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Railway News: भारतीय रेल का बड़ा ऐलान: 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच Rail चलाएगा 18,262 समर स्पेशल ट्रेन फेरे
नई दिल्ली,एजेंसी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ एक बैठक कर गर्मी के मौसम के दौरान चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनों के परिचालन की प्रगति की समीक्षा की। गौरतलब है कि रेलवे अधिक मांग वाले मार्गों और गलियारों पर बड़े पैमाने पर विशेष ट्रेनों को चलाकर यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने की कोशिश कर रहा है।
गर्मियों में यात्रा के सबसे व्यस्त समय (15 अप्रैल-15 जुलाई) के दौरान रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने और भीड़भाड़ कम करने के लिए ‘summer special’ trains 18,262 फेरे चलाने की योजना बनाई है। अब तक, 11,878 ट्रेन फेरों की घोषणा की जा चुकी है और यात्रियों के लाभ के लिए शेष ट्रेनों की घोषणा भी की जा रही है। यह बड़े पैमाने पर ट्रेनों को चलाना एक सुनियोजित द्दष्टिकोण को दर्शाता है, जिसे बेहतर ‘रेक’ (ट्रेन के डिब्बों) की उपलब्धता, बेहतर समय-सारिणी और लगातार निगरानी का समर्थन प्राप्त है।

रेलवे की ओर से गुरुवार को जारी विज्ञप्ति से अनुसार नयी दिल्ली, मुंबई (LTT, GSAT, Pune सहित), सूरत (उधना सहित), अहमदाबाद, बेंगलुरु आदि जैसे स्टेशनों पर यात्रियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत, उधना स्टेशन पर पश्चिम रेलवे द्वारा किए गए सक्रिय उपाय-जैसे कि भीड़ का ‘रियल-टाइम’ प्रबंधन, ज़मीन पर बेहतर सहायता और ट्रेनों का कुशल संचालन यह दर्शाते हैं कि कैसे क्षेत्रीय स्तर की पहलें यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और परेशानी-मुक्त यात्रा का अनुभव प्रदान करने के प्रयास को प्रभावी ढंग से पूरा कर रही हैं। गृह नगरों की यात्रा करने वाले यात्रियों पर विशेष ध्यान दिया गया और ट्रेन में चढ़ने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ज़मीन पर बेहतर व्यवस्थाएं की गईं।
रेलवे के अनुसार इन्हीं प्रयासों के अनुरूप अपने गृह नगरों की यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर बेहतर और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं लागू की गईं। ट्रेन संख्या 19045 ‘उधना-थावे ताप्ती गंगा एक्सप्रेस’ में, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कर्मियों ने यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से ट्रेन में चढ़ने में सहायता की।
भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रा का सुगम अनुभव सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन में चढ़ने और बैठने की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से प्रबंधित किया गया। रेलवे ने बताया है कि भारतीय रेल सक्रिय योजना और तत्परतापूर्ण संचालन के माध्यम से यात्रा के व्यस्त समय के दौरान यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये प्रयास सेवा वितरण में सुधार करने और गर्मियों की भीड़ के दौरान सुगम, सुरक्षित और परेशानी-मुक्त यात्राएं सुनिश्चित करने में लक्षित हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता को उजागर करते हैं।
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