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ब्रिटिश PM स्टार्मर ने रानी मुखर्जी के साथ फिल्म देखी:यशराज स्टूडियो का दौरा किया, आज 100 मेंबर का डेलिगेशन लेकर मुंबई पहुंचे
मुंबई,एजेंसी। ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को मुंबई में बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी के साथ फिल्म देखी। उन्होंने यशराज स्टूडियो का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीईओ अक्षय विधानी से भी मुलाकात की। उन्होंने कौन सी फिल्म देखी इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
स्टार्मर आज ही मुंबई पहुंचे हैं। 2024 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। उनके साथ व्यापार, संस्कृति और दूसरे क्षेत्रों के 100 से अधिक लोगों का एक डेलिगेशन भी आया है, जिसमें आईटी, ऑटो-मोबाइल सहित कई क्षेत्रों के कारोबारी भी शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्मर आज कूपरेज ग्राउंड में एक फुटबॉल कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। इसके अलावा शाम में विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात कर सकते हैं।
स्टार्मर-रानी मुखर्जी मुलाकात की तस्वीरें…

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यशराज स्टूडियो का दौरा किया।

स्टार्मर ने बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी और सीईओ अक्षय विधानी के साथ फिल्म देखी।

स्टार्मर ने फिल्म देखने के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी के साथ फोटो खिंचवाई।
ब्रिटेन में यशराज की 3 बड़ी फिल्मों की शूटिंग
यशराज फिल्म्स (YRF) ने आज यह पुष्टि की है कि वह अपनी तीन बड़ी फिल्मों की शूटिंग 2026 की शुरुआत से यूनाइटेड किंगडम (UK) में करेगी। ब्रिटिश पीएम ने कहा कि इस कदम से ब्रिटेन में 3,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी।
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा, “बॉलीवुड ब्रिटेन में वापसी कर रहा है। यह पार्टनरशिप भारत-ब्रिटेन ट्रेड डील के असली मकसद को पूरा करती है।”
यशराज फिल्म्स के सीईओ अक्षय विधानी ने कहा —“यूके हमेशा हमारे लिए बेहद खास रहा है। हमारी सबसे बड़ी फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (DDLJ) वहीं फिल्माई गई थीं। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का हमारे स्टूडियो आना और इस साझेदारी पर हस्ताक्षर करना हमारे लिए सम्मान की बात है।”
9 अक्टूबर को पीएम मोदी से मिलेंगे स्टार्मर
स्टार्मर और पीएम मोदी के बीच कल मुंबई में एक कार्यक्रम में मुलाकात होगी और ‘विजन 2030’ के तहत साझेदारी के डेवलपमेंट पर चर्चा करेंगे।
इसी साल जुलाई में भारत-ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर दस्तखत हुआ था। यह समझौता का मकसद आपसी व्यापार को 2030 तक दोगुना करके 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
FTA से भारतीय प्रोडक्ट्स जैसे- कपड़े, चमड़ा और एग्री प्रोडक्ट को ब्रिटेन में बेचना आसान हो जाएगा। अब स्टार्मर का दौरा दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्टार्मर के भारत दौरे की फुटेज…

इससे पहले, साल 2013 में पूर्व ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन 100 लोगों के डेलिगेशन के साथ भारत यात्रा पर आए थे, इसमें 4 मंत्री और 9 सांसद शामिल थे। उनके 12 साल बाद स्टार्मर इतना बड़ा डेलिगेशन लेकर पहुंचे हैं।

ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने भारत के दो दिवसीय दौरे पर रवाना होने से पहले अपने जंबो डेलिगेशन के साथ लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर एक तस्वीर खिंचवाई। फिर वे आज सुबह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने PM स्टार्मर का एयरपोर्ट पर स्वागत किया।

स्टार्मर ने मुंबई के ताज महल पैलेस में साथ आए डेलिगेशन से बात की।

स्टार्मर मुंबई के ताज महल पैलेस में व्यापारिक नेताओं से बात करते हुए एक डिस्पोजेबल कैमरा दिखाते हुए।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की भारत यात्रा के दौरान मुंबई में सड़कों पर स्वागत पोस्टर लगे हुए हैं।
स्टार्मर बोले- ट्रेड डील में वीजा का रोल नहीं
स्टारमर ने कहा है कि उनका देश भारत के लिए वीजा नियमों में कोई ढील नहीं देगा। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और सांस्कृतिक रिश्ते बढ़ाने के बड़े मौके हैं, लेकिन भारतीय कामगारों या छात्रों के लिए नए वीजा रास्ते खोलने की कोई योजना नहीं है।
लेबर सरकार इस समय ब्रिटेन में आने वाले प्रवासियों की संख्या घटाने की कोशिश कर रही है। भारत की ओर उड़ान भरते समय पत्रकारों से बात करते हुए स्टार्मर ने दोहराया कि भारत के साथ हुए व्यापार समझौते में वीजा का कोई रोल नहीं था और इस मामले में स्थिति जस की तस है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रम्प के अमेरिका में H-1B वीजा नियम बदलने के बाद ब्रिटेन तकनीकी प्रतिभाओं को आकर्षित करने पर विचार करेगा, तो उन्होंने कहा कि ब्रिटेन दुनिया भर से बेहतरीन प्रतिभाओं को लाना चाहता है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले, लेकिन उन्होंने फिर से साफ कहा कि भारत के लिए नए वीजा रास्तों की कोई योजना नहीं है।
स्टार्मर बोले- ये ब्रिटेन का सबसे बड़ा व्यापारिक मिशन
स्टार्मर ने मुंबई आने से पहले डेलिगेशन का अनोखे अंदाज में स्वागत किया। उन्होंने खुद कॉकपिट में जाकर घोषणा की, ‘मैं आपका प्रधानमंत्री बोल रहा हूं। यह कोई साधारण उड़ान नहीं है, बल्कि ब्रिटेन का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक मिशन है। जो भारत के साथ नए व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए आयोजित किया गया है।
स्टार्मर ने इंस्टाग्राम पर इस पल का वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘आप सभी का इस फ्लाइट में स्वागत है। हम नए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत सभी संभावनाओं को तलाशने के लिए उत्सुक हैं।’
स्टार्मर के भारत दौरे में 4 अहम मुद्दों पर बात होगी
- व्यापार और निवेश: दोनों देशों ने हाल ही में एक बड़ा व्यापार समझौता (CETA) किया है। इस पर चर्चा होगी ताकि व्यापार को और बढ़ाया जा सके, जिससे दुकानों, कारोबार और नौकरियों में बढ़ोतरी हो।
- तकनीक और इनोवेशन: फिनटेक (डिजिटल पैसे का लेन-देन), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग (नई तरह के सुपरफास्ट कंप्यूटर) और साइबर सिक्योरिटी (ऑनलाइन सुरक्षा) जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
- डिफेंस और सिक्योरिटी: आतंकवाद को रोकने, खालिस्तानी गतिविधियों पर नजर रखने और आर्थिक अपराधियों को पकड़ने के लिए बात होगी।
- जलवायु, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपसी रिश्ते: दोनों देश पर्यावरण को बचाने, साफ ऊर्जा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और लोगों के बीच दोस्ती बढ़ाने पर भी ध्यान देंगे।
मोदी-स्टार्मर मंबई के फिनटेक इवेंट में शामिल होंगे
स्टार्मर और मोदी मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में हिस्सा लेंगे। यह दुनिया का सबसे बड़ा फिनटेक इवेंट है, जो 7 से 9 अक्टूबर तक चलेगा।
इसका एजेंडा AI ऑपरेटेड फाइनेंस को मजबूत बनाना है। इसमें फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी को ज्यादा समावेशी, तेज और मजबूत बनाने पर चर्चा होगी। यहां कई ग्लोबल लीडर, रेगुलेटर और इनोवेटर आएंगे। फिनटेक कंपनियों के लिए नए मौके तलाशे जाएंगे।
इसमें 75 से अधिक देशों के 100,000 से ज्यादा प्रतिभागियों के आने की उम्मीद है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े फिनटेक समारोहों में से एक बन जाएगा। इस आयोजन में लगभग 7,500 कंपनियां, 800 वक्ता, 400 प्रदर्शक और भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों क्षेत्राधिकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले 70 नियामक शामिल होंगे।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इंग्लैंड में मोदी से मुलाकात की थी।
बेंगलुरु में इन्वेस्टमेंट और टेक्नोलॉजी पर बात करेंगे
कीर स्टार्मर मुंबई के बाद बेंगलुरु जाएंगे। बेंगलुरु भारत का टेक्नोलॉजी हब है, जहां वे निवेश और तकनीक पर बात करेंगे।
उनका मकसद भारत-ब्रिटेन टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव (TSI) को तेज करना है। इसमें AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक जैसे सेक्टर शामिल हैं। FTA के बाद निवेश बढ़ाने पर खास जोर होगा।
स्टार्टअप्स को सपोर्ट: बेंगलुरु में स्टार्मर स्टार्टअप्स के साथ बात करेंगे। वे उन्हें ब्रिटेन में बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे और सहयोग के नए मौके तलाशेंगे।
टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव (TSI): भारत और ब्रिटेन ने हाल ही में TSI नाम का एक प्रोग्राम शुरू किया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम होगा। स्टार्मर बेंगलुरु में टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स से मिलेंगे और इस प्रोग्राम को तेज करने की योजना बनाएंगे।
निवेश बढ़ाने का प्लान: स्टार्मर ब्रिटिश कंपनियों को भारत में ज्यादा पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, खासकर टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में। इससे भारत में नई नौकरियां पैदा होंगी और अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।
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बुनियादी उद्योगों का उत्पादन मार्च में 0.4% घटा, पांच माह की पहली गिरावट
नई दिल्ली,एजेंसी। कोयला, कच्चे तेल, उर्वरक और बिजली के उत्पादन में गिरावट के कारण मार्च में आठ बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। पांच माह में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन पहली बार घटा है। फरवरी, 2026 में, आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 2.8 प्रतिशत बढ़ा था।
वित्त वर्ष 2025-26 में बुनियादी उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। वित्त वर्ष 2024-25 में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 4.5 प्रतिशत बढ़ा था।

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बिंदी-तिलक विवाद में Lenskart को झटका, डूबे 4500 करोड़!
मुंबई, एजेंसी। देश की बड़ी आईवियर कंपनी में से एक Lenskart को बिंदी, तिलक से जुड़ा विवाद काफी महंगा पड़ गया। सोमवार को कंपनी के शेयर में बड़ी गिरावट आई है, जिससे इसकी मार्केट वैल्यूएशन में करीब 4,500 करोड़ रुपए की कमी आ गई।
विवाद की वजह कंपनी की एक पुरानी इंटरनल ग्रूमिंग पॉलिसी बनी, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस पॉलिसी में कथित तौर पर कर्मचारियों को बिंदी, तिलक जैसे कुछ धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोकने की बात कही गई थी। इसके बाद ऑनलाइन विरोध तेज हो गया और कंपनी के बहिष्कार की मांग भी उठने लगी।

शेयर में गिरावट
BSE पर कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 5% तक गिरकर 508.70 रुपए के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी आई और यह 533.70 रुपए के आसपास बंद हुआ।
गिरावट के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन घटकर लगभग 88,331 करोड़ रुपए रह गई, जो पहले करीब 92,872 करोड़ रुपए थी यानी एक ही सत्र में करीब 4,540 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बाद में आंशिक सुधार के साथ वैल्यूएशन में कुछ बढ़त भी दर्ज की गई।
कंपनि ने दी थी सफाई
इस विवाद पर कंपनी के फाउंडर Peyush Bansal ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है और मौजूदा पॉलिसी को नहीं दर्शाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी में किसी भी धार्मिक पहनावे या प्रतीकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है और इस गलतफहमी के लिए माफी भी मांगी।
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बंगाल की पहचान बचाने की लड़ाई है यह विधानसभा चुनाव, PM मोदी का बड़ा दावा
झाड़ग्राम, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को राज्य की पहचान बचाने की लड़ाई बताते हुए राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर मूल निवासियों के बजाय ‘घुसपैठियों’ के पक्ष में राजनीति करने का आरोप रविवार को लगाया। मोदी ने आदिवासी बहुल झाड़ग्राम जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ”घुसपैठियों के लिए घुसपैठियों की सरकार’ बनाना चाहती है और मतदाताओं से इसे सत्ता से हटाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ”यह चुनाव इस भूमि की समृद्ध विरासत को बचाने के लिए है। यह बंगाल की पहचान को बचाने के लिए है। आज बंगाल को अपनी पहचान खोने का डर है।” उन्होंने आरोप लगाया, “तृणमूल जिस रास्ते पर चल रही है वह बहुत खतरनाक है। तृणमूल कांग्रेस ‘घुसपैठियों के लिए घुसपैठियों की और सरकार बनाना चाहती है। एक ऐसी सरकार जो बंगाल की जनता के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करने के बजाय केवल घुसपैठियों के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करेगी।”
मोदी ने दावा किया कि ऐसी सरकार के लिए सबसे बड़ी बाधा पश्चिम बंगाल के आम लोग होंगे। उन्होंने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस की घुसपैठियों वाली सरकार के लिए, अगर कोई शत्रु है, तो वे यहीं बैठे भाई-बहन होंगे, जो घुसपैठियों के शत्रु होंगे।” प्रधानमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ असंतोष राज्य के सभी समुदायों और क्षेत्रों में फैल गया है। उन्होंने कहा, “इसलिए, बंगाल के हर समुदाय, हर वर्ग, हर क्षेत्र ने इस बार ठान लिया है और तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया है।”
मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने और भ्रष्टाचार व जबरन वसूली की व्यवस्था चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, “अगर किसी को घर बनाना है, तो उसे तृणमूल कांग्रेस के सिंडिकेट पर निर्भर रहना पड़ता है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद और विधायक आपकी समस्याओं की परवाह नहीं करते। वे अपनी जेबें भरने में व्यस्त हैं।”
प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेता राज्य के कई हिस्सों में आदिवासियों की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने कब्जा कर लिया है।” पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। झाड़ग्राम में 23 अप्रैल को मतदान होगा।
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