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एक्टर धर्मेंद्र अस्पताल से डिस्चार्ज:डॉक्टर बोले- परिवार घर पर इलाज चाहता है, सांस की दिक्कत के कारण 2 दिन पहले भर्ती हुए थे

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मुंबई, एजेंसी। एक्टर धर्मेंद्र को बुधवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उनके परिवार ने फैसला किया है कि अब उनका इलाज घर पर ही किया जाएगा। यह जानकारी उनके डॉक्टर ने दी।

मीडिया से बात करते हुए डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि धर्मेंद्र पिछले कई हफ्तों से कभी अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, तो कभी घर लौट रहे थे। उन्हें सुबह करीब 7:30 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।

डॉ. प्रतीत समदानी आंतरिक रोगों और गंभीर मरीजों की देखभाल (क्रिटिकल केयर) के विशेषज्ञ हैं।

डॉ. प्रतीत समदानी आंतरिक रोगों और गंभीर मरीजों की देखभाल (क्रिटिकल केयर) के विशेषज्ञ हैं।

ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज हुए धर्मेंद्र।

ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज हुए धर्मेंद्र।

डिस्चार्ज के बाद परिवार ने प्राइवेसी की अपील की

वहीं, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद परिवार ने प्राइवेसी की अपील करते हुए आधिकारिक बयान में कहा,

धर्मेंद्र जी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और अब वे घर पर आराम करेंगे। हम मीडिया और लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और इस समय उनकी तथा परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। हम सभी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने धर्मेंद्र जी की अच्छी हेल्थ और लंबी उम्र के लिए दुआ की। कृपया उनका सम्मान करें क्योंकि वे आप सभी से बहुत प्यार करते हैं।

धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद जुहू में उनके घर वाली गली पुलिस ने बंद कर दी है, ताकि भीड़ जमा न हो सके।

डायरेक्टर गुड्डू धनोआ धर्मेंद्र के घर पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया धर्मेंद्र अब ठीक हैं।

डायरेक्टर गुड्डू धनोआ धर्मेंद्र के घर पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया धर्मेंद्र अब ठीक हैं।

प्रोड्यूसर असित मोदी, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद उनके घर उनसे मिलने पहुंचे।

प्रोड्यूसर असित मोदी, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद उनके घर उनसे मिलने पहुंचे।

धर्मेंद्र की सलामती की दुआ मांगते हुए एक फैन ने पोस्टर पर 'गेट वेल सून' लिखा।

धर्मेंद्र की सलामती की दुआ मांगते हुए एक फैन ने पोस्टर पर ‘गेट वेल सून’ लिखा।

धर्मेंद्र 10 नवंबर को तबीयत बिगड़ने के बाद से ही मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

सनी देओल की टीम ने मंगलवार को बताया था कि धर्मेंद्र की सेहत में सुधार आ रहा है। उनकी अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए दुआ करिए।

परिवार ने निधन की फर्जी खबरों पर नाराजगी जताई थी

इससे पहले 11 नवंबर की सुबह मीडिया में एक्टर की निधन की फर्जी खबर आई थी, जिसके बाद उनकी बेटी ईशा देओल और पत्नी हेमा मालिनी ने नाराजगी जताई थी।

ईशा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था-

मीडिया पूरी तरह गलत खबरें फैला रहा है। पापा की हालत स्थिर है और वे रिकवर कर रहे हैं। हम सभी से निवेदन करते हैं कि हमारे परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। पापा की जल्दी सेहतमंदी के लिए दुआ करने के लिए धन्यवाद।

हेमा मालिनी ने भी निधन की खबरें सामने आने के बाद नाराजगी जताते हुए लिखा था-

जो हो रहा है, वह माफ करने लायक नहीं है। जिम्मेदार चैनल किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में झूठी खबरें कैसे फैला सकते हैं जो इलाज का जवाब दे रहा है और ठीक हो रहा है? यह बेहद असम्मानजनक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। कृपया परिवार और उनकी निजता की आवश्यकता का सम्मान करें।

हेमा मालिनी ने 9 बजकर 40 मिनट पर धर्मेंद्र के निधन की खबरों पर नाराजगी जताई है।

हेमा मालिनी ने 9 बजकर 40 मिनट पर धर्मेंद्र के निधन की खबरों पर नाराजगी जताई है।

मंगलवार सुबह धर्मेंद्र के निधन की खबर मीडिया में आई थी। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर शोक जताया। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी पोस्ट हटा ली थी।

ये पोस्ट डिलीट हो चुकी है।

ये पोस्ट डिलीट हो चुकी है।

जावेद अख्तर ने भी धर्मेंद्र के निधन की खबर मिलने के बाद शोक व्यक्त किया।

जावेद अख्तर ने भी धर्मेंद्र के निधन की खबर मिलने के बाद शोक व्यक्त किया।

अस्पताल में धर्मेंद्र से मिलने पहुंचे थे परिवार के सदस्य

मंगलवार की रात सनी देओल और बॉबी देओल दोनों पिता से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। बॉबी अस्पताल से बाहर बेहद भावुक दिखे थे।

पिता से मिलने के बाद घर जाते बॉबी देओल।

पिता से मिलने के बाद घर जाते बॉबी देओल।

अस्पताल से बाहर निकलते सनी देओल।

अस्पताल से बाहर निकलते सनी देओल।

देर शाम बेटी ईशा और भतीजे अभय देओल के साथ अस्पताल से बाहर जातीं हेमा मालिनी।

देर शाम बेटी ईशा और भतीजे अभय देओल के साथ अस्पताल से बाहर जातीं हेमा मालिनी।

बॉबी देओल अल्फा की शूटिंग बीच में छोड़ सोमवार देर रात ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे।

बॉबी देओल अल्फा की शूटिंग बीच में छोड़ सोमवार देर रात ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे।

सनी देओल सोमवार को बेहद भावुक दिखे थे।

सनी देओल सोमवार को बेहद भावुक दिखे थे।

सोमवार को सनी देओल के दोनों बेटे करण और राजवीर हॉस्पिटल पहुंचे थे।

सोमवार को सनी देओल के दोनों बेटे करण और राजवीर हॉस्पिटल पहुंचे थे।

धर्मेंद्र को देखने कई सेलेब्स ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे-

आमिर खान गर्लफ्रेंड गौरी के साथ मंगलवार को धर्मेंद्र को देखने अस्पताल पहुंचे थे।

आमिर खान गर्लफ्रेंड गौरी के साथ मंगलवार को धर्मेंद्र को देखने अस्पताल पहुंचे थे।

सलमान खान सोमवार को ही ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।

सलमान खान सोमवार को ही ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।

शाहरुख खान भी बेटे आर्यन के साथ धर्मेंद्र का हाल जानने ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।

शाहरुख खान भी बेटे आर्यन के साथ धर्मेंद्र का हाल जानने ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।

गोविंदा भी सोमवार रात हॉस्पिटल पहुंचे थे।

गोविंदा भी सोमवार रात हॉस्पिटल पहुंचे थे।

अस्पताल से निकलते समय अमीषा पटेल भावुक नजर आईं।

अस्पताल से निकलते समय अमीषा पटेल भावुक नजर आईं।

31 अक्टूबर को भी हुए थे अस्पताल में भर्ती

धर्मेंद्र को 31 अक्टूबर को भी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रिपोर्टर विक्की ललवानी ने अपनी पोस्ट में बताया था कि सांस लेने में तकलीफ होने के चलते धर्मेंद्र को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। उन्हें ICU में रखा गया था। उनके सारे शरीर के पैरामीटर ठीक होने पर उन्हें कुछ ही घंटों में डिस्चार्ज कर दिया गया था।

इसी साल की शुरुआत में धर्मेंद्र की कॉर्निया ट्रांसप्लांट सर्जरी हुई थी। उनकी बाईं आंख की पारदर्शी परत यानी कॉर्निया डैमेज हो गई थी, जिसके बाद उनका कॉर्निया ट्रांसप्लांट (केराटोप्लास्टी) किया गया था।

धर्मेंद्र को साल 2015-2020 के बीच कई बार पीठ दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और कमजोरी की शिकायत हुई थी। उन्हें पीठ दर्द और थकान की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।

जल्द रिलीज होगी धर्मेंद्र की फिल्म

धर्मेंद्र फिल्म इक्कीस में नजर आएंगे। ये फिल्म भारत-पाकिस्तान के बीच हुई जंग के यंग सोल्जर अरुण खेत्रपाल की कहानी है। अमिताभ बच्चन के नातिन अगस्त्य नंदा ने फिल्म में अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई है, जबकि धर्मेंद्र उनके पिता एम.एल.खेत्रपाल के रोल में हैं।

एक नजर धर्मेंद्र के फिल्मी सफर पर-

धर्मेंद्र की कहानी शुरू होती है 1935 से…

ब्रिटिश इंडिया में पंजाब के गांव सहनेवाल के हेडमास्टर केवल किशन देओल के घर 8 दिसंबर 1935 को धर्मेंद्र का जन्म हुआ। जिन्हें नाम दिया गया था धरम केवल किशन। पंजाबी जट परिवार में धर्मेंद्र का बचपन सहनेवाल में ही बीता। जिस गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उनके पिता हैडमास्टर थे, वहीं से धर्मेंद्र ने पढ़ाई की। धर्मेंद्र जब दसवीं में थे तब उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म ‘शहीद’ देखी। उन्हें फिल्म इस कदर पसंद आई कि उन्होंने खुद भी हीरो बनने का फैसला कर लिया।

धर्मेंद्र करीब 19 साल के ही थे, जब 1954 में उनके पिता ने उनकी शादी प्रकाश कौर से करवा दी। इसी समय एक दिन अखबार में फिल्मफेयर मैगजीन एक टेलेंट हंट कॉम्पिटिशन का इश्तिहार पढ़ा। इसमें जीतने वाले को फिल्मों में काम मिलने वाला था। नई-नई शादी हुई थी, तो उनके लिए पत्नी को छोड़कर मुंबई जाना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने घरवालों को मना ही लिया।

पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ धर्मेंद्र। इस शादी से उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हैं।

पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ धर्मेंद्र। इस शादी से उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हैं।

धर्मेंद्र चंद रुपए लेकर बॉम्बे (अब मुंबई) पहुंचे और देशभर से आए युवाओं को मात देकर कॉम्पिटिशन जीत गए। शर्त के अनुसार विजेता धर्मेंद्र को फिल्म दी जाने वाली थी, लेकिन उनके साथ कोई फिल्म नहीं बनाई गई। हीरो बनने के लिए धर्मेंद्र बॉम्बे में ही रुके और गुजारे के लिए नौकरी ढूंढ ली। उन्होंने एक ड्रिलिंग फर्म में नौकरी की जहां उनकी तनख्वाह थी 200 रुपए। नौकरी के साथ-साथ वो कई प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काटा करते थे।

मामूली तनख्वाह से कभी भरपेट खाना मिल जाता था, तो कभी खाली पेट ही सो जाया करते थे। ऐसे ही एक रोज धर्मेंद्र काम से लौटे तो भूख से बेहोशी आने लगी। न घर में खाना था, न पैसे। भूख से तड़पते हुए धर्मेंद्र की नजर टेबल पर पड़े इसबगोल के पैकेट पर पड़ गई। उन्हें कुछ नहीं सूझा और उन्होंने पूरा पैकेट एक ग्लास पानी में घोलकर गटक लिया। चंद मिनटों के लिए भूख तो शांत हुई, लेकिन उसके बाद इसबगोल ने अपना काम शुरू कर दिया। आम तौर पर इसबगोल को कब्ज मिटाने या पाचन के लिए इस्तेमाल किया जाता था। धर्मेंद्र के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और उन्हें दस्त लग गए। कुछ घंटों के इंतजार के बाद उनके साथ रहने वाले रूम पार्टनर ने गंभीरता से समझते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जब डॉक्टर को पूरा हाल बताया तो डॉक्टर ने हंसते हुए कहा, इन्हें दवा की नहीं खाने की जरूरत है।

इसी तंगी के दौर में मशक्कत करते हुए उन्हें अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे मिल गई। इस फिल्म के लिए उन्हें मात्र 51 रुपए मिले थे। वो अर्जुन हिंगोरानी के गैरेज में रहते थे। कुछ समय बाद फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई। शूटिंग चल ही रही थी कि धर्मेंद्र को पीलिया हो गया। वजन घट गया और जब रिकवरी के बाद दोबारा शूटिंग शुरू हुई तो उनका चेहरा मुरझा चुका था। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र ने बताया कि जब वो फिल्म के प्रीमियर में पहुंचे तो खुद की शक्ल नहीं पहचान पा रहे थे। अपने लुक से निराश होकर वो फिल्म आधी भी नहीं देख सके और थिएटर छोड़कर निकल गए। उन्हें लगा कि उन्हें कोई पसंद नहीं करेगा, लेकिन हुआ इसका उल्टा।

1960 में रिलीज हुई फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरा जबरदस्त हिट रही और पहली ही फिल्म से धर्मेंद्र को देशभर में पहचान मिल गई। पॉपुलैरिटी मिलते ही धर्मेंद्र को सूरत और सीरत (1962), अनपढ़ (1962), बंदिनी (1963), आई मिलन की बेला (1964), बहारें फिर आएंगी (1966), दिल ने फिर याद किया (1966), दुल्हन एक रात की (1967) जैसी कई हिट फिल्में मिलने लगीं। इन फिल्मों की बदौलत उन्हें 60 के दशक में रोमांटिक हीरो का दर्जा मिला।

फिल्म इंडस्ट्री में तो धर्मेंद्र नाम का हीरो पहचान बना चुका था, लेकिन उन्हें स्टार का दर्जा मिलना अभी बाकी था। ये काम किया मीना कुमारी ने। साल 1964 की फिल्म ‘मैं भी लड़की हूं’ में साथ नजर आए। पहली फिल्म से ही मीना कुमारी धर्मेंद्र को पसंद करने लगीं। उस समय मीना और उनके पति कमाल अमरोही के रिश्ते में दरार आ चुकी थी। मीना कुमारी अपने प्रोड्यूसर्स के सामने शर्त रख दिया करती थीं कि वो तब ही फिल्म की हीरोइन बनेंगी, जब धर्मेंद्र फिल्म के हीरो रहेंगे।

मीना कुमारी जैसी बड़ी एक्ट्रेस को कास्ट करने के लिए फिल्ममेकर्स उनकी हर शर्त मान लेते थे। धर्मेंद्र और मीना कुमारी फिल्म पूर्णिमा, काजल, मंझली दीदी, बहारों की मंजिल और फूल और पत्थर में साथ दिखे और धर्मेंद्र को स्टार का दर्जा मिल गया।

जिन दिलीप कुमार को देखकर हीरो बने, वो धर्मेंद्र जैसा बनना चाहते थे

1997 में 42वें फिल्मफेयर अवॉर्ड सेरेमनी में धर्मेंद्र को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया था। यह अवॉर्ड दिलीप कुमार ने खुद धर्मेंद्र को दिया और कहा- जब मैंने पहली बार धरम (धर्मेंद्र) को देखा, तो देखते ही मेरे दिल में उमंग पैदा हुई, अल्लाह मुझे ऐसा ही बनाया होता तो क्या जाता?

धर्मेंद्र को जब दिलीप कुमार ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया तो वे काफी भावुक हो गए थे।

धर्मेंद्र को जब दिलीप कुमार ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया तो वे काफी भावुक हो गए थे।

देव आनंद भी चाहते थे धर्मेंद्र जैसी शक्ल

पहली बार जब देव आनंद ने धर्मेंद्र को देखा था, तो वे बोले थे कि हे भगवान तुमने ये शक्ल मुझे क्यों नहीं दी। इस बात का खुलासा डायरेक्टर अशोक त्यागी ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान किया। अशोक त्यागी ने कहा- ‘जब धरम जी मुंबई फिल्मफेयर कॉन्टेस्ट में भाग लेने आए थे, उस समय कॉन्टेस्ट में जितने लोग भाग लेने आए सभी कंटेस्टेंट्स को शूटिंग दिखाने के लिए ले जाया गया। उस समय देव साहब की फिल्म की शूटिंग चल रही थी।

देव साहब ने अशोक त्यागी को बताया था कि धर्मेंद्र को दूर भीड़ में खड़े देखकर बोले थे कि हे भगवान तुमने मुझे ये शक्ल क्यों नहीं दी। इतना ही नहीं, देव साहब दूर खड़े धर्मेंद्र की पर्सनैलिटी से इस कदर प्रभावित हुए कि उनको बुलाकर अपना लंच भी शेयर किया था।

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देश

राहुल गांधी ने मोबाइल पर मंत्री को टूटी सड़कें दिखाईं:रायबरेली में अफसरों से पूछा- सरकार पैसे दे रही तो काम क्यों नहीं हो रहा?

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रायबरेली, एजेंसी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रायबरेली में बुधवार को बैठक में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को अपने मोबाइल पर टूटी सड़कें दिखाईं। राहुल ने डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेटिंग कमेटी (दिशा) की मीटिंग में जर्जर सड़कों और गड्‌ढों की तस्वीरें दिखाकर PWD अधिकारियों और डीएम से पूछा कि सड़कों की हालत ऐसी क्यों है?

राहुल ने कहा कि जब सरकार फंड दे रही है तो काम क्यों नहीं हो रहा है? आप लोग क्या कर रहे हैं? इस मीटिंग में ऊंचाहार से BJP विधायक मनोज पांडेय, एमएलसी और राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

कलेक्ट्रेट में करीब ढाई घंटे बैठक से पहले राहुल ने सुबह जनता दरबार लगाया, जहां महिला कांग्रेस नेता ने उन्हें राखी बांधी। राहुल ने यहां सपा नेताओं ने भी मुलाकात की।

कार्यक्रमों के बाद राहुल लखनऊ रवाना हो गए, जहां से वे दिल्ली जाएंगे। 2024 में सांसद बनने के बाद राहुल का यह 8वां रायबरेली दौरा था। इससे पहले वे 19-20 मई को दो दिवसीय दौरे पर आए थे।

राहुल मंगलवार दोपहर दिल्ली से एयर इंडिया की फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे थे। पहली बार में विमान लैंड नहीं कर पाया था। 25 मिनट हवा में चक्कर लगाने के बाद दूसरे प्रयास में विमान ने लैंडिंग की थी।

रायबरेली में सर्राफा कारोबारी के घर बैठक के दौरान राहुल ने बच्ची से हाथ मिलाया। महिलाओं ने उन्हें बुके दिया।

रायबरेली में सर्राफा कारोबारी के घर बैठक के दौरान राहुल ने बच्ची से हाथ मिलाया। महिलाओं ने उन्हें बुके दिया।

रायबरेली में राहुल गांधी के जनता दरबार के दौरान भुएमऊ गेस्ट हाउस पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

रायबरेली में राहुल गांधी के जनता दरबार के दौरान भुएमऊ गेस्ट हाउस पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

रायबरेली में राहुल गांधी ने 3 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें बारात घर, ट्रांसफॉर्मर और सड़कें शामिल हैं।

रायबरेली में राहुल गांधी ने 3 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें बारात घर, ट्रांसफॉर्मर और सड़कें शामिल हैं।

सपा विधायकों ने प्रदर्शन किया, पोस्टर लहराए

रायबरेली में सपा विधायक राहुल लोधी, श्याम सुंदर भारती ने दिशा की मीटिंग के दौरान हॉल के बाहर प्रदर्शन किया। हालांकि, राहुल के पहुंचने से पहले पुलिस ने उनसे पोस्टर और बैनर छीन लिए।

पोस्टर पर लिखा था- स्कूल बंद, फर्जी मुकदमे लिखे जा रहे, जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं। जिले में आम लोगों की समस्याएं जस की तस हैं, तो ऐसे में दिशा की बैठक का क्या औचित्य है?

रायबरेली में हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी और बछरावां से सपा विधायक श्याम सुंदर भारती ने पोस्टर-बैनर लेकर दिशा बैठक हॉल के बाहर प्रदर्शन किया।

रायबरेली में हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी और बछरावां से सपा विधायक श्याम सुंदर भारती ने पोस्टर-बैनर लेकर दिशा बैठक हॉल के बाहर प्रदर्शन किया।

सांसद-जनप्रतिनिधि अफसरों से सरकारी योजनाओं को लेकर सवाल करते हैं। जनता को योजनाओं का फायदा मिल रहा है या नहीं, काम में देरी को लेकर जवाब मांगते हैं।

‘दिशा’ (DISHA) बैठक की अध्यक्षता क्षेत्र के सांसद करते हैं। इसमें जिले के सभी विधायक, डीएम, एसपी और सभी सरकारी विभागों के बड़े अफसर एक साथ बैठते हैं।

राहुल ने मंत्री के सामने दिखाए खराब सड़कों के वीडियो

दिशा बैठक के दौरान अपने मोबाइल में राहुल गांधी ने रायबरेली की सड़कों के गड्ढे दिखाए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे भी वीडियो देखते रहे। राहुल गांधी ने PWD विभाग के अधिकारियों और डीएम से इन सड़कों की बदहाली को लेकर सवाल पूछा। राहुल ने पूछा कि जिले की सड़कें इतनी खराब क्यों हैं? जब सरकार फंड दे रही है तो सड़कों पर काम क्यों नहीं हो रहा है। पूरे जिले के मुख्स मार्ग और ग्रामीण लिंक रोड बहुत खराब हैं। इसे लेकर क्या कर रहे हैं?

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खेल

एशियन गेम्स से 10 दिन पहले जापान में बाढ़:400 खिलाड़ी-स्टाफ को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया, मेयर बोले- इवेंट पर असर नहीं पड़ेगा

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नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। एशियन गेम्स की शुरुआत से 10 दिन पहले जापान के नागोया में बाढ़ आ गई। स्थिति यह बनी की एशियन गेम्स में भाग लेने आए 400 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया।

बाढ़ में नागोया शहर की सड़कें और घर डूब गए। मेयर इचिरो हिरोसावा ने दावा किया कि एशियन गेम्स के लिए कोई चिंता की बात नहीं है। टूर्नामेंट का आयोजन तय समय पर होगा।

नागोया में 19 सितंबर को एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी होनी है।

नागोया बाढ़ की तस्वीरें…

बाढ़ के पानी में सड़कें डूब गई हैं।

बाढ़ के पानी में सड़कें डूब गई हैं।

बाढ़ में फंसी गाड़ी को धक्का मारते लोग।

बाढ़ में फंसी गाड़ी को धक्का मारते लोग।

नागोया में बाढ़ के पानी में गाडियों के टायर डूब गए।

नागोया में बाढ़ के पानी में गाडियों के टायर डूब गए।

3500 लोगों ने इमरजेंसी शेल्टर में शरण ली

बस और मेट्रो सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं। करीब 3,500 लोगों ने इमरजेंसी शेल्टर में शरण ली। नागोया और इची में एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने हैं।

रिपोर्ट- वेन्यू में कुछ जगह छतों से पानी टपक रहा

जापानी मीडिया में शहर की सड़कों और मेट्रो स्टेशनों में भरे पानी की तस्वीरें दिखाई गईं। न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, वेन्यू की कुछ जगहों पर छतों से पानी टपकने की घटनाएं भी हुईं। हालांकि मेयर हिरोसावा ने कहा कि एशियन गेम्स के दर्जनों वेन्यू को गंभीर नुकसान नहीं हुआ है।

भारत गेम्स में 768 सदस्यीय दल भेज रहा

खेल मंत्रालय ने जापान के आइची और नागोया में होने वाले 20वें एशियन गेम्स के लिए 503 खिलाड़ी और 255 सपोर्ट स्टाफ भेजने की जानकारी दी है। सपोर्ट स्टाफ में कोच, मैनेजर, फिजियो और मेडिकल टीम आदि शामिल है।

  • 36 खेलों में उतरेगा भारत: पहले 35 खेलों के 492 एथलीटों को मंजूरी दी गई थी, लेकिन 4 सर्फर्स सहित नए नाम जुड़ने से अब भारत 36 खेलों में हिस्सा लेगा।
  • एथलेटिक्स दल में सबसे बड़ी बढ़ोतरी: एथलेटिक्स टीम के खिलाड़ियों की संख्या 73 से बढ़ाकर 79 कर दी गई है। एथलेटिक्स और क्रिकेट को सबसे ज्यादा सपोर्ट स्टाफ दिया गया है।
  • दल के प्रमुख अधिकारी: दल प्रमुख के रूप में सहदेव यादव और मुख्य मेडिकल अधिकारी के रूप में डॉ. दिनशॉ पार्डीवाला भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे।

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम 19 सितंबर को रवाना होगी

डिफेंडिंग चैंपियन भारत एशियन गेम्स के लिए टीम घोषित कर चुका है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम में युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं। भारतीय टीम 19 सितंबर को सानो के लिए रवाना होगी। इसगे अगले दिन टीम प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लेगी।

महिला क्रिकेट टीम पहले पहुंचेगी

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई में एशिया कप खेलने के बाद 13 सितंबर को भारत लौटेगी और 14 सितंबर को नागोया के लिए रवाना होगी।

महिला टीम एशियन गेम्स में सीधे क्वार्टर फाइनल से अभियान शुरू करेगी। उसका पहला मुकाबला 18 सितंबर को होगा। महिलाओं का यह टूर्नामेंट 22 सितंबर तक चलेगा।

गेम्स में ठहरने की व्यवस्थाओं पर भी विवाद था

इससे पहले खबर आई थी कि BCCI और PCB गेम्स के आयोजकों से नाराज है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि खिलाड़ियों को स्टेडियम से 20 किमी दूर छोटे होटल कमरों में ठहराया गया है, जहां बैग खोलने तक की जगह नहीं है। वहीं ड्रेसिंग रूम पक्के मकान की जगह टेंट में बने हैं और वॉशरूम 500 मीटर दूर है।

इसपर JCA के CEO नाओकी एलेक्स मियाजी ने कहा था- ‘हमने क्रिकेट टीम को होटल का विकल्प दिया है। जबकि कई अन्य खेलों के खिलाड़ियों के लिए क्रूज शिप या कंटेनर होटल जैसी सीमित सुविधाएं हैं।’

  • प्लेयर एरिया में टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मैदान पर बने ड्रेसिंग रूम भले ही अस्थाई हों, लेकिन इन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि खिलाड़ियों और अधिकारियों को पूरा आराम मिले।
  • पिच और आउटफील्ड कम समय में सीमित संसाधनों के बीच तैयार की गई है। यह एशियन गेम्स के इतिहास में क्रिकेट की सबसे बेहतरीन प्लेइंग सरफेस होगी। श्रीलंकाई क्यूरेटर्स की मदद से यहां टर्फ और हाइब्रिड पिच तैयार की जा रही है।

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देश

बिहार में 8 नदियां उफान पर, 14 जिलों में बाढ़:यूपी के 3 जिलों में स्कूल बंद, उत्तराखंड के पौड़ी में लैंडस्लाइड, एमपी में बारिश थमी

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नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार में गंगा समेत 8 नदियां उफान पर हैं। राज्य के 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इससे करीब 35.89 लाख लोग प्रभावित हैं। कोसी, गंडक और घाघरा नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। सारण में माही नदी पर बना जमींदारी बांध टूटने से स्थिति गंभीर हो गई है।

उत्तर प्रदेश में बारिश के चलते लखीमपुर और बरेली में कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। वाराणसी में प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे, जबकि कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे। आज वाराणसी और प्रयागराज समेत 23 जिलों में बारिश का अलर्ट है।

उत्तराखंड के पौड़ी में लैंडस्लाइड के कारण घरों और दुकानों में दरारें आ गई हैं। पहाड़ी जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

इधर, मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर 3 दिन का ब्रेक लिया है। मौसम विभाग, भोपाल ने 11 सितंबर तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अनुमान नहीं जताया है।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

बिहार के भागलपुर के राघोपुर में 10 लोगों से भरी नाव गंगा नदी में समा गई। SDRF की टीम ने सभी को बचा लिया।

बिहार के भागलपुर के राघोपुर में 10 लोगों से भरी नाव गंगा नदी में समा गई। SDRF की टीम ने सभी को बचा लिया।

झारखंड में धनबाद के सिजुआ में मंगलवार को जमीन धंस गई। इस घटना में दो बच्चों समेत करीब छह महिलाएं घायल हो गईं।

झारखंड में धनबाद के सिजुआ में मंगलवार को जमीन धंस गई। इस घटना में दो बच्चों समेत करीब छह महिलाएं घायल हो गईं।

बिहार के खगड़िया में बाढ़ के बीच खाने का इंतजाम करते लोग।

बिहार के खगड़िया में बाढ़ के बीच खाने का इंतजाम करते लोग।

उत्तराखंड के पौड़ी में लैंडस्लाइड से घरों और दुकानों में दरारें आ गई।

उत्तराखंड के पौड़ी में लैंडस्लाइड से घरों और दुकानों में दरारें आ गई।

उत्तराखंड में चंपावत के घाट-पनार मार्ग पर पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कार क्षतिग्रस्त हुई।

उत्तराखंड में चंपावत के घाट-पनार मार्ग पर पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कार क्षतिग्रस्त हुई।

बिहार में बाढ़ से 40 लाख लोग प्रभावित

बिहार में पिछले 5 दिनों से हो रही तेज बारिश के बाद 14 जिलों में 40.21 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर है।

छत्तीसगढ़: दो-तीन दिन में बदल सकता है मौसम

छत्तीसगढ़ में अभी बारिश की एक्टिविटी कम है, लेकिन अगले 2-3 दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, कल यानी 10 सितंबर से पूरे प्रदेश में बारिश की एक्टिविटी बढ़ने के आसार हैं।

पंजाब: 3 जिलों में बारिश के आसार

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून कमजोर पड़ गया है। आज पठानकोट, रूपनगर और होशियारपुर को छोड़कर ज्यादातर हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। इन तीन जिलों में भी कुछ स्थानों पर ही हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा।

हरियाणा: 10 से ज्यादा शहरों में पारा 35°C पार

हरियाणा में मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ते ही पश्चिमी हवाओं ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। प्रदेश के 10 से अधिक प्रमुख शहरों व केंद्रों में अधिकतम पारा 35 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है।

बिहार: 14 जिलों के 36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

बिहार में गंगा समेत 8 नदियां अभी भी उफान पर हैं। राज्य के 14 जिलों के 62 प्रखंडों की 491 पंचायतों में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। इससे करीब 35.89 लाख लोग प्रभावित हैं। गंगा के अलावा कोसी, गंडक और घाघरा नदियां भी लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। सारण में माही नदी पर बना जमींदारी बांध टूटने से स्थिति गंभीर हो गई है।

मध्य प्रदेश: मानसून का ब्रेक…3 दिन भारी बारिश नहीं

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक फिर 3 दिन का ब्रेक लिया है। मौसम केंद्र (IMD ) भोपाल ने 11 सितंबर तक प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अनुमान नहीं जताया है। इसी दिन पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) एक्टिव होगा। जिसका अगले दिन यानी, 12 सितंबर से असर दिखना शुरू होगा।

राजस्थान: 3 दिन बाद बारिश की संभावना

राजस्थान में मानसून के कमजोर होने के कारण तीन दिन बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर से एक नया लो-प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बनेगा, जिसके असर से 12​ सितंबर से पूर्वी जिलों में हल्की बारिश का दौर शुरू हो सकता है

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