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कोरबा

मनरेगा के तहत युक्तधारा पोर्टल से जिले की 355 ग्राम पंचायतों के लेबर बजट की कार्ययोजना तैयार

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वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 03 हजार से अधिक कार्यों की बनाई गई योजना

वाटर बजटिंग को दी गईं है प्रथमिकता

कोरबा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, मनरेगा अंतर्गत निर्माण कार्यों की योजना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने हेतु कोरबा जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले की 355 ग्राम पंचायतों के लेबर बजट की कार्ययोजना युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक तैयार कर ली गई है। पोर्टल के जरिए 3,000 से अधिक कार्यों की व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है। इसमें वाटर बजटिंग को प्रथमिकता दी गई है जिसके तहत गांवों में जल सरंक्षण एवं जल संवर्धन संबंधी कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। शेष ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।

मनरेगा के तहत योजनाओं के निर्माण और निगरानी में युक्तधारा पोर्टल एक मजबूत तकनीकी सहयोगी के रूप में उभरकर सामने आया है। इसके माध्यम से योजना निर्माण, परिसंपत्ति विकास, जियो-टैगिंग, डेटा संकलन, डिजिटल डाक्यूमेंटेशन तथा पारदर्शिता को नई दिशा मिलेगी। यह प्लेटफॉर्म भू-स्थानिक डेटा आधारित अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसके कारण ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों के चयन से लेकर निगरानी तक की प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी बनती है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने बताया कि युक्तधारा पोर्टल योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे इस तकनीकी प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग कर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक आदर्श एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें, ताकि ग्रामीण हितग्राहियों को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

क्या है युक्तधारा पोर्टल?

युक्तधारा पोर्टल, मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन के लिए विकसित भू-स्थानिक नियोजन प्लेटफॉर्म है। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
यह पोर्टल रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक का उपयोग कर परिसंपत्तियों का जियो-टैगिंग करता है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता, दक्षता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित होता है। साथ ही, यह कार्यों के दोहराव या अनियमितता की संभावनाओं को भी न्यूनतम करता है।

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कोरबा

वेदांता समूह की दो कंपनियों को इक्रा से मिली AA+ रेटिंग

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नई दिल्ली, एजेंसी। वेदांता समूह की दो कंपनियों वेदांता लिमिटेड और वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड को घरेलू साख निर्धारक एजेंसी इक्रा से एए प्लस रेटिंग मिली है। ये दोनों कंपनियां गत मई से विभिन्न कारोबारों को अलग-अलग करने के बाद बनी हैं। एजेंसी ने समूह की शॉर्ट-टर्म रेटिंग को भी‘ए1 प्लस’पर बरकरार रखा है। समूह का कहना है कि साल 2014 के बाद यह उसकी सबसे ऊंची घरेलू रेटिंग है। इक्रा ने रेटिंग के साथ‘स्टेबल’आउटलुक दिया है और रेटिंग को‘वॉच विद डेवलपिंग इम्पलीकेशन्स’की श्रेणी से हटा दिया है। 

अंतररष्ट्रीय साख निर्धारक एजेंसी मूडीज की सहयोगी कंपनी इक्रा ने समूह की एक अन्य कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड की रेटिंग‘ए प्लस/ वॉच डेवलपिंग’से‘एए-/स्टेबल’में अपग्रेड किया है। वेदांता ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘यह समूह के लिए एक अहम पड़ाव भी है, क्योंकि कारोबारों को अलग-अलग करने प्रक्रिया से अलग हुए दो सबसे बड़े व्यवसायों को अब ‘एए प्लस’ रेटिंग मिल गई है। समूह के दीर्घावधि ऋण में इन दोनों व्यवसायों की हिस्सेदारी 75 फीसदी से अधिक है।’ इक्रा ने उम्मीद जतायी है कि कॅमोडिटी की अनुकूल परिस्थितियों, बेहतर लागत संरचनाओं तथा एल्युमीनियम, जिंक और तेल एवं गैस व्यवसायों में कमाई की मजबूत संभावनाओं के चलते ये रुझान मौजूदा वित्त वर्ष में भी जारी रहेंगे। 

वेदांता का कारोबार जिंक, सिल्वर, एल्युमिनियम, कॉपर, निकेल, लौह अयस्क, तेल एवं गैस और बिजली उत्पादन तक फैला हुआ है। प्रमुख अंतररष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों एस एंड पी, मूडीज एवं फिच ने पिछले दो महीने में वेदांता की होल्डिंग कंपनी वेदांता रिसोर्सेज की रेटिंग को अपग्रेड किया है। 

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कोरबा

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ

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जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला

कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।

कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।

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कोरबा

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना

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कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।

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