छत्तीसगढ़
जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज ने ली समाधि-डोंगरगढ़ के चन्द्रगिरि में अंतिम संस्कार, छत्तीसगढ़-एमपी में आधे दिन का राजकीय शोक

डोंगरगढ़, एजेंसी। दिगंबर मुनि परंपरा के आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने शनिवार (17 फरवरी) देर रात 2.35 बजे अपना शरीर त्याग दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चन्द्रगिरि तीर्थ में आचार्य पद का त्याग करने के साथ 3 दिन का उपवास और मौन धारण कर लिया था। उनके शरीर त्यागने की खबर मिलने के बाद जैन समाज के लोग डोंगरगढ़ में बड़ी संख्या में पहुंचे। पूजन के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं मध्यप्रदेश में सरकार के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। इसके अलावा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आधे दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
मैं शोक में हूं- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आचार्य विद्यासागर को नमन किया, श्रद्धांजलि दी। कहा- मैं शोक में हूं, मेरे लिए ये व्यक्तिगत क्षति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विधानसभा चुनाव के दौरान 5 नवंबर को डोंगरगढ़ भी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आचार्य विद्यासागर जी महाराज से चंद्रगिरी पर्वत में मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने उनसे आशीर्वाद लिया और चर्चा की थी।
1946 में कर्नाटक में हुआ जन्म
आचार्य विद्यासागर महाराज का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को शरद पूर्णिमा को कर्नाटक के बेलगांव जिले के सद्लगा ग्राम में हुआ था। दिगंबर मुनि परंपरा के आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज देश के ऐसे अकेले आचार्य थे, जिन्होंने 505 मुनियों को दीक्षा दी। आचार्य श्री कुन्थु सागर महाराज का नाम दूसरे नंबर पर आता है, उन्होंने अब तक 325 मुनियों को दीक्षा दी है। दमोह के कुंडलपुर में चल रहे महोत्सव में आचार्य श्री अब एक साथ 500 से ज्यादा दीक्षा देने जा रहे हैं। वर्तमान में आचार्य श्री का ससंघ देश का सबसे बड़ा ससंघ है। जिसमें 300 से ज्यादा मुनि श्री और आर्यिका हैं। विद्यासागर जी महाराज ने 505 मुनियों को दीक्षा दी।
गुरु ज्ञान सागर महाराज ने आचार्य पद दिया था
विद्यासागर महाराज को आचार्य पद की दीक्षा आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज ने 22 नवंबर 1972 को अजमेर राजस्थान के नसीराबाद में दी थी। इसके बाद आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज ने आचार्य श्री के मार्गदर्शन में ही 1 जून 1973 को समाधि ली थी। विद्या सागर महाराज ने 22 नवंबर 1972 को आचार्य पद की दीक्षा ली थी। विद्यासागर जी ने 1980 में दी थी पहली दीक्षा विद्यासागर जी ने 8 मार्च 1980 को पहली दीक्षा छतरपुर में मुनि श्री समय सागर महाराज को दी। दूसरी दीक्षा सागर जिले में योग सागर और नियम सागर महाराज को दी थी। दीक्षा लेने वालों में आचार्य श्री के गृहस्थ जीवन के भाई मुनि श्री समय सागर और मुनि श्री योग सागर हैं। आचार्य श्री की दो बहनें शांता और सुवर्णा दीदी भी दीक्षा ले चुकी हैं। आचार्य श्री की ओर से पिछले 4 साल से दीक्षा नहीं दी गई। आखिरी बार उत्तरप्रदेश के ललितपुर में 28 नवंबर 2018 को दीक्षांत समारोह हुआ। इसमें 10 को मुनि दीक्षा दी गई थी।
विद्यासागर जी ने 22 की उम्र में दीक्षा ली थी-आजीवन नमक-चीनी, हरी सब्जी, दूध-दही नहीं खाया; दिन में एक बार पानी पीते थे
जैन मुनि विद्यासागर जी महाराज ने शनिवार रात 2.30 बजे देह त्याग दी थी। आज दोपहर उनका अंतिम संस्कार किया गया। आचार्यश्री का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को कर्नाटक प्रांत के बेलगांव जिले के सदलगा गांव में हुआ था। उस दिन शरद पूर्णिमा थी। उन्होंने 30 जून 1968 को राजस्थान के अजमेर में अपने गुरु आचार्य श्रीज्ञानसागर जी महाराज से मुनिदीक्षा ली थी। आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज ने उनकी कठोर तपस्या को देखते हुए उन्हें अपना आचार्य पद सौंपा था। आचार्य ने 44 साल पहले कहा था-बुलाने को तरस जाओगे,आचार्य विद्यासागर की बात सच हुई, फिर राजस्थान नहीं आए, दीक्षा में होने लगी थी बारिश दिगंबर मुनि परंपरा के आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का राजस्थान से विशेष लगाव रहा था। उन्होंने अजमेर में दीक्षा ली थी। नसीराबाद में उन्हें आचार्य की उपाधि मिली थी। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चन्द्रगिरि तीर्थ में शनिवार देर रात 2.35 बजे मुनि श्री ने शरीर त्याग दिया। 44 साल पहले उन्होंने अजमेर में विहार (आए थे) किया था। उस समय कहकर गए थे- आप मेरे यहां पर दर्शन के लिए तरस जाएंगे। उनकी ये बात सत्य भी हुई। इसके बाद उन्होंने न तो राजस्थान में विहार किया और न ही चातुर्मास के लिए यहां आए।
छत्तीसगढ़
तोखन साहू बोले–समय पर काम हो, वरना होगी कार्रवाई:विकास-कार्यों में देरी को लेकर CMO पर भड़के,जनप्रतिनिधियों को नहीं बुलाने पर भी जताई नाराजगी
बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नगर पालिका के सीएमओ अमरेश सिंह को फटकार लगाई। केंद्र सरकार के 12 सालों की उपलब्धियों पर आधारित कार्यक्रम के दौरान में जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने और विकास कार्यों में देरी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई।
तोखन साहू ने कहा कि इतनी शिकायतें मिल रही हैं यहां, आपने किसी को बताया नहीं। मैं तो अपने से आया हूं, आप बुलाए नहीं हैं। विधायक जी को बुलाना चाहिए था, सभी पार्षद और अध्यक्ष को बुलाना चाहिए था, लेकिन आपने किसी को बुलाया ही नहीं।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान होना चाहिए और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करें।

तखतपुर नगर पालिका में था कार्यक्रम
दरअसल, शनिवार को तखतपुर नगर पालिका में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में पहुंचने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को जानकारी मिली कि केंद्र सरकार के कार्यक्रम के लिए न तो उन्हें और न ही स्थानीय विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों को विधिवत आमंत्रित किया गया था।
इस पर उन्होंने मंच से ही सीएमओ अमरेश सिंह को बुलाकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर भी सवाल उठाए। तोखन साहू ने पूछा कि मंच निर्माण के लिए 25 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे, फिर अब तक निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, “जब मैं पैसा दिया हूं और वही काम नहीं हो पाया है, तो बाकी विभाग कैसे चलता होगा?” तोखन साहू ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
43 सेकेंड का वीडियो वायरल
कार्यक्रम के बाद मंत्री की नाराजगी का 43 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इससे पहले भी केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिजली संकट समेत अन्य मुद्दों को लेकर अधिकारियों के प्रति नाराजगी जता चुके हैं।
छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा : योग हमारी सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवन का आधार है : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
बीमारियों के आने का इंतजार नहीं, पहले से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना जरूरी : मंत्री चौधरी
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और नागरिकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
मलखंभ खिलाड़ी डिंपी सिंह को 25 हजार रुपये की सहायता, जिले को मिली तीन नई एंबुलेंसों की सौगात



जांजगीर-चांपा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय स्थित भीमा तालाब के जाज्वल्य देव द्वार परिसर में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों तथा नागरिकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने जिलेवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों के कारण योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर को अपना रही है। उन्होंने कहा कि योग “विकास भी, विरासत भी” की अवधारणा का जीवंत उदाहरण है, जिसने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को विश्व मंच पर सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग जैसी जीवनशैली आधारित बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। असंतुलित दिनचर्या और अनियमित जीवनशैली धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती है। इसलिए बीमारियों के उत्पन्न होने की प्रतीक्षा करने के बजाय पहले से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। योग, प्राकृतिक चिकित्सा और संतुलित जीवनशैली अपनाकर अनेक रोगों से बचाव संभव है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मानुशासन और सकारात्मक सोच का भी आधार है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त जीवन जीने तथा संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया तथा स्वस्थ, निरोग और समृद्ध समाज के निर्माण का संदेश दिया।
मलखंभ खिलाड़ी को मिला प्रोत्साहन
योग दिवस कार्यक्रम के दौरान पामगढ़ विकासखंड के ग्राम कुटराबोड़ के युवा मलखंभ खिलाड़ी डिंपी सिंह ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर प्रभारी मंत्री श्री चौधरी ने स्वेच्छानुदान मद से 25 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण
कार्यक्रम के उपरांत प्रभारी मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत भीमा तालाब परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया।
जिले को मिली तीन नई एंबुलेंस
विश्व योग दिवस के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण सौगात भी मिली। प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवागढ़, पामगढ़ और अकलतरा विकासखंड के लिए उपलब्ध कराई गई तीन नई एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन एंबुलेंसों के संचालन से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी होगी।
इस अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष जांजगीर-नैला श्रीमती रेखा देवा गढ़ेवाल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठनों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़
राजनांदगांव: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : योग स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग – विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
अभूतपूर्व उमंग एवं उल्लास के माहौल में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन
विधानसभा अध्यक्ष ने मल्लखंब प्रदर्शन की सराहना की, बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप स्वेच्छानुदान मद से 51 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की
योगाभ्यास करने के साथ ही योग की विभिन्न विशेषताओं से नागरिकों को कराया गया परिचित


राजनांदगांव। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अभूतपूर्व उमंग एवं उल्लास के माहौल में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन आज सुबह दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के स्वस्थ और निरोग जीवन की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी नागरिकों से इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि योग केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं तथा हाल ही में हुई सर्जरी के कारण कार्यक्रम में योगाभ्यास नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से वे शीघ्र ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अगले वर्ष योगाभ्यास में शामिल होंगे।

उन्होंने अबूझमाड़ से आए बच्चों द्वारा प्रस्तुत मल्लखंब प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों ने अद्भुत संतुलन और कौशल का परिचय दिया है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप स्वेच्छानुदान मद से 51 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि योग में केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है। योग मन को स्थिर करता है और सर्वाेच्च स्थान पर पहुंचाता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में किए गए प्रस्ताव के बाद आज योग विश्व के 177 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि योग भारत की उस परंपरा का प्रतीक है जो पूरी दुनिया को एक साथ जोडऩे का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि योग मन, शरीर और आत्मा का समन्वय है। योग व्यक्ति को प्रकृति, समाज और ईश्वर से जोडऩे का माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से केवल 21 जून को ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से योग करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं को समझने, आत्मचिंतन करने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा देता है। आज के समय में जब लोग बाहरी दुनिया और परिस्थितियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, योग हमें अपने भीतर झांकने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है। कलेक्टर ने कहा कि स्वयं की सेवा और आत्मविकास ही समाज सेवा की मजबूत आधारशिला है, क्योंकि जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होता है, तभी वह दूसरों की बेहतर सेवा कर सकता है। उन्होंने कहा कि योग जीवन का अभिन्न हिस्सा है और सभी नागरिकों से इसे नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
योगाभ्यास की विभिन्न विशेषताओं से नागरिकों को कराया गया परिचित-
मंगलाचरण वंदन प्रार्थना के साथ योग सत्र प्रारंभ किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि योग-प्राणायाम ध्यान की त्रिवेणी है। योग प्रशिक्षक ने बताया कि योग शरीर को तथा प्राणायाम मन एवं बुद्धि को मजबूत बनाते हैं। योग अंतर्गत शिथलीकरण की प्रक्रिया, कड़ी संचालन, गर्दन के लिए योगाभ्यास सिखाया गया। जो सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस की बीमारी के लिए फायदेमंद है। नागरिकों को ताड़ासन कराया गया। ताड़ासन मानसिक तनाव दूर करने में उपयोगी है। ताड़ासन से शरीर का संतुलन बना रहता है। वृक्ष की तरह प्रणाम की मुद्रा में आसन करना होता है। त्रिकोणासन कराया गया। साथ ही यह जानकारी दी गई की यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। भद्रासन से पैरों की मांसपेशियां तथा घुटने मजबूत बनते हैं। वज्रासन से पेट की तकलीफ, मानसिक तनाव दूर होता है। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि वज्रासन स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए कार्य करता है। वक्रासन डायबिटीज की बीमारी के लिए उपयोगी है। इस अवसर पर मकरासन, सेतुबंध आसन, पवनमुक्तासन, शवासन किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि ज्ञानमुद्रा से जोड़ों का दर्द दूर होता है। कपालभाति प्राणायाम मास्टर प्राणायाम है, जिससे 99 प्रतिशत बीमारियां दूर होती है। कपालभाति प्राणायाम से शरीर की प्रत्येक कोशिका में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। इस आसन से तनाव दूर होता है तथा स्वस्थ होने की अनुभूति होती है। योग करने से शरीर की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। इससे शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां दूर होती हैं। मास्टर प्राणायाम अनुलोम-विलोम प्राणायाम से शरीर में शक्ति जाग्रत होती है और विभिन्न तरह की व्याधियां दूर होती हैं। इसके साथ ही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। इस प्राणायाम से एकाग्रता एवं जीवन शक्ति बढ़ती है तथा तनाव कम होता है। शीतलीकरण प्राणायाम से मस्तिष्क को शीतलता मिलती है तथा इससे रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सामूहिक योगाभ्यास के पश्चात अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के बच्चों द्वारा विशेष मल्लखंब योग प्रदर्शन एवं योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग से निरोग रहने के लिए तथा नियमित योग अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया।
आयुष विभाग राजनांदगांव की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों को रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले स्वास्थ्यवर्धक काढ़ा का वितरण किया गया। इस दौरान अंकुरित मंूग, चना, मूंगफल्ली एवं केला का नाश्ता दिया गया। कार्यक्रम में पतंजलि, उदयाचल एवं अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं की भी सहभागिता रही। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल नीलू शर्मा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्याय श्रीमती पूर्णिमा साहू, पूर्व विधायक रामजी भारती, खूबचंद पारख, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, आईजी बालाजी राव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम गौतम पाटिल सहित अन्य पार्षद, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे, खिलाड़ी, नागरिकगण उपस्थित थे।
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
