कोरबा
मनरेगा का नाम बदलने पर भड़कीं सांसद ज्योत्सना, कहा-अब भाजपा राम के नाम पर भी लोगों को ठग रही
मनरेगा बचाओ संघर्ष: ली प्रेसवार्ता, पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक रहे उपस्थित
कोरबा। आज प्रात: 11.00 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय टी पी नगर कोरबा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिशा निर्देश पर प्रभारी कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने मनरेगा बचाओ संघर्ष के तहत प्रथम चरण में पत्रकारवार्ता ली और केन्द्र की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना और नाम बदलकर विकसित भारत-जी राम जी करना महात्मा गांधी और भगवान राम का भी अपमान है। राम तो दिलों मेें बसते हैं और राम आस्था का नाम है। जी राम जी करना आस्था पर चोट है। उन्होंने केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अब राम के नाम पर गरीबों को ठग रही है। पहले मनरेगा में 8 महीने से पैसा जारी नहीं किया और अब इसे बदल कर वी बी- जी राम जी कर दिया गया।
काम के अधिकार पर कटौती
कांग्रेस गरीब, मजदूर और किसानों की हितैषी है, जबकि भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है और देश भर की सबसे बड़ी योजना का नाम बदल दिया। यह भाजपा की पुरानी आदत है और कांग्रेस की अच्छी-अच्छी योजनाओं का नाम बदल रही है। भाजपा को महात्मा गांधी और कांग्रेस दोनों से एलर्जी है। मनरेगा में हर गरीब, किसान और मजदूरों को साल के 365 दिनों तक काम उपलब्ध कांग्रेस कराती रही और जरूरत के हिसाब से 100 दिन का काम कर आर्थिक संबल प्रदान कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी, लेकिन मोदी मिशन में ना तो काम की गारंटी है और न ही मजदूरी की। ग्राम पंचायतों में जी राम जी मिशन के तहत ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण, किसान, मजदूरों का पलायन बढ़ेगा। मोदी सरकार ने काम के अधिकार को छीन लिया।
मनरेगा ने पलायन रोका
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी, इससे काफी हद तक पलायन रूका और कांग्रेस ने सबके लिए आजीवका के लिए साधन उपलब्ध कराया था, जिससे पलायन रूका, क्योंकि सभी को गांव में ही काम मिलने लगा था। 2006 से काम की गारंटी योजना मनरेगा प्रारंभ थी, लेकिन मोदी सरकार को विश्व की यह सबसे बड़ी योजना राश नहीं आई और मनरेगा योजना की जगह जी राम जी मिशन ले आए। यह मजदूरी के अधिकार का हनन है, इससे गांव-गांव में पलायन बढ़ेगा।
राज्यों में आर्थिक बोझ बढ़ेगा
मनरेगा की सम्पूर्ण राशि केन्द्र से आती थी, जबकि जी राम जी के लिए 60-40 का रेशियो तय कर दिया गया है, जिससे राज्यों का आर्थिक बोझ बढ़ेगा और राज्यों की आर्थिक व्यवस्था डगमगाएगी। कोविड जैसी महामारी के अलावा सूखे, बाढ़ या अन्य आपदा के समय मनरेगा से लोगों का जीवन सामान्य था, लेकिन मोदी मिशन से लोगों का जीवन दूभर होगा।

मनरेगा से पर्यावरण में सुधार, देश का जल स्तर बढ़ा
मनरेगा में लोगों के हाथों को काम मिला। मनरेगा में अधिकतर तालाब, कुंआ खुदाई, पर्यावरण संरक्षण एवं विस्तार के काम होते थे जिससे देश की हरितक्रांति को बल मिला, देश का जल स्तर तेजी से सुधर रहा था, लेकिन मोदी मिशन से यह सब ठप्प पड़ जाएगा।
मोदी मिशन से गांव बदहाल और लोगों का जीवन होगा दूभर
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मनरेगा जीवन रेखा थी, इसे बंद करने/बदलाव करने से लोगों के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। बेरोजगारी बढ़ेगी, न्यूनतम मजदूरी तय न होने से श्रम का शोषण होगा। पलायन बढ़ेगा, पंचायतों की शक्तियां, अधिकार और प्रासंगिगता समाप्त हो जाएगी।
कांग्रेस का मनरेगा बचाओ:चार मांगें पूरी करे मोदी सरकार
ज्योत्सना महंत ने कहा कि केन्द्र सरकार काम की गारंटी दे, मजदूरी की गारंटी दे, जवाबदेही की गारंटी दे।
मनरेगा में बदलाव की तत्काल वापसी करे।
काम के संवैधानिक अधिकार को पूर्ण रूप से बहाल करे।
न्यूनतम मजदूरी 400 रूपए तय करे।
श्रीमती महंत ने कहा कि हमारा संघर्ष किसानों, मजदूरों, ग्रामीणों को हक दिलाने के लिए जारी रहेगा और यदि मोदी सरकार इनकी हितैषी है तो मनरेगा को बहाल करे।
शांति का टापू छत्तीसगढ़ बना अपराध गढ़
ज्योत्सना महंत ने राज्य सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि शांति का टापू छत्तीसगढ़ इन दो सालो में अपराध गढ़ बन चुका है। आए दिन लूट, डकैती, हत्याएं हो रही हैं और कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। गृहमंत्री अपने जिले को ही संभाल नहीं पा रहे हैं और पूरे प्रदेश में अराजकता फैल चुकी है। लोग परेशान और भयभीत हैं। प्रदेश में दारू की नदिया बह रही है। विकास कार्य ठप्प पड़ गए हैं।
एक हजार का महतारी वंदन, तीन हजार का बिजली बिल
ज्योत्सना महंत ने कहा कि कांग्रेस के शासन में प्रदेश में चारों तरफ खुशहाली और समृद्धि दिख रही थी, लेकिन 2 साल के विष्णु सरकार में सुशासन सिर्फ नाम का है। 1000 का महतारी वंदन देकर लंबे चौड़े बिजली बिल थमा कर जनता को लूटा जा रहा है और कहते हैं सुशासन आ गया है।
विष्णु सरकार किसानों को भी ठग रही है, बड़े किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा है, छोटे किसानों का रकबा घटाना और कई तरह से परेशान किया जा रहा है। मोदी सरकार और विष्णु सरकार किसान, ग्रामीण एवं मजदूर विरोधी है, यह सब अब जनता जान चुकी है।
लगा रहे एक पेड़ मां के नाम और काट रहे लाखों पेड़ अडाणी के नाम
प्रदेश की हरियाली खत्म करने पर अमादा है विष्णु सरकार। प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के हर राज्यों में भाजपा सरकार पेड़ काट कर हरियाली खत्म कर रही है। प्रदेश में एक पेड़ मां के नाम लगाने का ढोंग रचा जा रहा है और दूसरी तरफ अडाणी के नाम लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं।
प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक फूलसिंह राठिया, पूर्व विधायक पुरषोत्म कंवर, पूर्व जनपद अध्यक्ष दिलेश्वरी सिदार, अध्यक्ष द्वय मनोज चौहान, मुकेश राठौर, युवा कांंग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसूम द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
कोरबा
अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार, 1 जेसीबी समेत 9 वाहन जप्त
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश एवं उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में खनिज विभाग कोरबा द्वारा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न संदिग्ध क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 1 जेसीबी, 1 ट्रेलर, 2 टीपर एवं 5 ट्रैक्टर सहित कुल 9 वाहनों को जप्त किया।
खनिज विभाग की टीम ने सीतामढ़ी, बरमपुर, कपाटमुड़ा, सुराकछार, बांकीमोगरा, तिलसरा, गुरसिया सहित अन्य क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान बांकीमोगरा, कोसावाड़ी, बरमपुर, घरीपखना एवं गुरसिया क्षेत्र में गिट्टी, मिट्टी और रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लगे वाहनों को पकड़कर जप्त किया गया। जप्त वाहनों को बांकीमोगरा थाना, रामपुर थाना, बांगो थाना तथा खनिज जांच चौकी रामपुर-कटघोरा में अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग के अनुसार जिले में अवैध खनन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवैध उत्खनन के 12 प्रकरणों में 6 लाख 74 हजार 100 रुपये, अवैध परिवहन के 89 प्रकरणों में 7 लाख 37 हजार 931 रुपये तथा अवैध भण्डारण के 10 प्रकरणों में 7 लाख 14 हजार 810 रुपये की वसूली की गई है। इस अवधि में कुल 18 लाख 70 हजार 473 रुपये राजस्व की वसूली की जा चुकी है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के खिलाफ अभियान लगातार संचालित किया जाता रहेगा।
कोरबा
पीएम किसान उत्सव दिवस पर किसानों को मिली 15.72 करोड़ की सम्मान निधि
कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कोरबा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में ‘‘पीएम किसान उत्सव दिवस‘‘ के तहत किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने भाग लेकर कृषि की नवीन तकनीकों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर कोरबा जिले के 78 हजार 620 किसानों के खातों में 15.72 करोड़ रुपये की सम्मान निधि राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जैविक एवं प्राकृतिक खेती, बीज पंजीयन, प्रमाणित बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा कृषि से अधिक आय अर्जित करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। कृषि विभाग द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के तहत फसल संरक्षण, मृदा परीक्षण, जल संरक्षण एवं समेकित कीट प्रबंधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग तथा कृषि उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम में 75 किसानों सहित कुल 92 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। अंत में किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाकर गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग तथा शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया गया।
कोरबा
बेहतर खेती, बेहतर भविष्य, नैनो तकनीक अपना रहे किसान
आधुनिक नवाचार का मिला लाभ, किसान ब्रजेश रात्रे ने दोहराया भरोसा
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा खेती को अधिक लाभकारी, किफायती और टिकाऊ बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके और उनकी आय में वृद्धि हो। इसी दिशा में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उन्नत कृषि नवाचार किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। किसानों के बीच इन उर्वरकों की बढ़ती स्वीकार्यता आधुनिक कृषि नवाचारों के प्रति बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।

कोरबा जिले के ग्राम बाता निवासी कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। छोटे कृषक श्री रात्रे लगभग एक एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे आवश्यक कृषि आदान सामग्री प्राप्त करने सहकारी समिति कनबेरी पहुंचे, जहां से उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्राप्त किया।
श्री रात्रे ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष पहली बार अपनी फसल में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया था। इसके परिणाम उत्साहजनक रहे, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने इस वर्ष भी नैनो उर्वरकों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में तीन भाई खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उनके सकारात्मक अनुभव को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अपनी खेती में नैनो उर्वरकों का उपयोग शुरू कर दिया है। इससे पूरे परिवार को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिल रहा है।
श्री रात्रे ने बताया कि पहले वे पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग करते थे, लेकिन नैनो उर्वरकों के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होता है, उर्वरकों की अनावश्यक बर्बादी कम होती है तथा फसलों को आवश्यक पोषण प्रभावी ढंग से प्राप्त होता है। यही कारण है कि किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति रुचि और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से समय पर नैनो उर्वरकों की उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इससे किसानों को खेती की तैयारियां समय पर करने में सुविधा मिल रही है और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिल रहा है।
अंत में कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे ने जिले के किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि खेती में नवाचारों को अपनाने में किसी भी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। समय के साथ कृषि पद्धतियों में बदलाव लाकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक तकनीकें न केवल बेहतर उत्पादन और लागत में बचत सुनिश्चित करती हैं, बल्कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
