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कोरबा

मनरेगा को समाप्त कर नया मिशन वीबी- जी राम जी के विरोध में कांग्रेस का सामूहिक उपवास

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कोरबा। केन्द्र की भाजपा सरकार ने सुधार के नाम पर झांसा देकर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को खत्म कर दिया है । यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और गरीब मजदूरों से काम का अधिकार छीनने की जानबूझकर किया गया कुत्सित प्रयास है ।
उक्त बातें नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरण दास महंत ने रविवार को गांधी चौक कोरबा में आयोजित सामुहिक उपवास कार्यक्रम में व्यक्त किया । डॉ. महंत ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनेरगा) अब तक सविंधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाले अधिकारों पर आधारित गारंटी थी। नया फ्रेमवर्क ने इसे एक कंडीशनल, केन्द्र द्वारा कंट्रोल की जाने वाली स्कीम में बदल दिया है ।
उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का नाम बदले जाने पर राष्ट्रीय कांग्रेस ने मोर्चा खोला है । कांग्रेस इसके विरोध में चरण बद्ध तरीके से दिनांक 10 जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान चलाने का निर्णय लिया है । मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के दूसरे चरण में रविवार को गांधी चौक कोरबा से एक दिवसीय उपवास (व्रत) रखकर मनरेगा के नाम एवं नियम बदले जाने के लिए विरोध जताया है।


इस अवसर पर सर्वप्रथम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर उन्हें नमन किया गया। तत्पश्चात् सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मनरेगा रोजगार गारंटी योजना के तहत् मजदूरों को काम देने का कानून था । श्रमिक को काम लेने का अधिकार था । इस योजना के तहत् सरकारी फरमान से कभी काम नहीं रोका गया । सांसद श्रीमती महंत ने आगे कहा कि पिछले दो दशक से यह योजना 12 करोड़ से भी अधिक मनरेगा मजदूरों के लिए लाइफलाईन रहा है । कोविड महामारी के समय भी यह योजना आर्थिक सुरक्षा के तौर पर संजीवनी साबित हुआ था ।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मनरेगा स्कीम देश के गरीब से गरीब लोगों के लिए रोजगार का सहारा रहा है । मनरेगा, रोजगार का गारंटी अधिकार था लेकिन अब इसमें नाम के साथ – साथ नियमों में बदलाव किया गया, जो पूरी तरह से केन्द्र सरकार की मर्जी पर निर्भर रहेगा। इस बदलाव से रोजगार का अधिकार समाप्त हो जाएगा। श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि मनरेगा, रोजगार के अधिकार के नियमों में कुछ त्रुटि रही होगी, उसे बेहतर किया जा सकता था, नाम बदलना और रोजगार का अधिकार समाप्त करना जरूरी नहीं था।
पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा ने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम पर एक बार फिर झूठ बोल रही है। वीबी-जी राम जी में जो राम जी बता रहे उसमें कहीं भी भगवान राम नहीं है। वीबी-जी राम जी का फुल फार्म विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण है।
पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि मनरेगा अधिनियम को वर्ष 2005 में मनमोहन सिंह सरकार ने लागू किया था। यह अधिकार आधारित कानून था जो प्रत्येक ग्रामीण को मजदूरी का वैधानिक अधिकार देता था। अब इस योजना के नियमों को परिवर्तन कर वैधानिक अधिकार को खत्म किया जा रहा है ।
जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाई ने बताया कि मनरेगा कानून के तहत् 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाता था या फिर बेरोजगारी भत्ता देना होता था। यही गारंटी मनरेगा की मूल विशेषता थे जिसे तोड़ा – मोड़ा जा रहा है ।
पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की रीढ़ की हड्डी रहा है, जो पलायन रोकता था, ग्रामीण मजदूरी बढ़ाता था ।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि ग्रामीण आजीविकाओं पर इस गंभीर हमले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संघर्ष… राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन शुरू किया है ताकि रोजगार के अधिकार की रक्षा की जा सके और मनरेगा को उसके मूल अधिकार आधारित स्वरूप में बहाल किया जा सके।
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि मनरेगा के स्थान पर नया अधिनियम काम की वैधानिक गारंटी को समाप्त करता है । ग्राम सभाओं और पंचायतों को कमजोर करेगा । केन्द्र सरकार ने मजदूरी अंशदान को कम कर राज्य सरकार पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है । फसल के समय रोजगार नहीं देना ग्रामीण संकट में वृद्धि करना सिद्ध होगा । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना ग्राम स्वराज के उनके सपने को तार – तार करना है ।
कार्यक्रम में श्रीमती कुसुम द्विवेदी, श्रीमती सपना चौहान, गजानंद साहु, मो. शाहिद, सुरेश सहगल, पुष्पा पात्रे, मनीष शर्मा, तनवीर अहमद, एफ डी मानिकपुरी, पोषक दास महंत, अशरफ मेमन फरियाद अली रिजवी, सुनील जैन, नवीन कुकरेजा, नारायण कुर्रे, रवि चंदेल, बद्री किरण, बी डी महंत, अविनाश बंजारे, गिरधारी बरेठ, सुकसागर निर्मलकर, अनुज जायसवाल, रवि खुंटे, संगीता श्रीवास्तव, शांता मंडावे, गोपाल कुर्रे, शशि अग्रवाल, ममता अ्ग्रवाल, सुरती कुलदीप, ममता यादव, बसंत चंद्रा, राजीव लखनपाल, संतोष राठौर, दुष्यंत शर्मा, द्रोपती तिवारी, शालु पनरिया, मनक साहु, रजनी सिंह, विमला सिंह, डॉ.रामगोपाल यादव, प्रशांति सिंह, भुनेश्वरी दास, प्रशांति सिंह, डॉ.आदिले, दिनेश सोनी, एस एस कंवर, रामकुमार, ओमप्रकाश चंद्रवंशी, कुंजबिहारी साहु, मधुसुदन दास, गोरेलाल यादव, ओमप्रकाश चंद्रवंशी, गंगा बरेठ, रेखा गुप्ता, दिलीप सिंह, आबिद अली, ज्योति दास दिवान, राकेश चौहान, ओमप्रकाश महंत, भावेश गोस्वामी, अमृत केंवट, सत्यप्रकाश साहु, भीमलाल भैना, धनंजय दिवान, श्रवण कश्यप, मनबोध दास, टिंकी महंत, रेशम दास मानिकपुरी, संतोष दास मानिकपुरी, नारायण दास महंत, राकेश देवांगन, समसुद्दीन, मुस्लिम खान, निजामुद्दीन, सेत मसीह, गया प्रसाद, संतोष दास, अमन, अभिषेक बाजपेई, हेमंत कुमार, एशवर्धन, जयकरण सिंह, प्रशांत सिंह, कमल बेलदार, अमृत बाध, देवशरण सिंह, चंद्रकुमार पाण्डेय, मो.आवेश कुरैशी, संदीप डहरिया, हेमंत साहनी सहित सैंकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन मनोज चौहान ने किया और आभार मुकेश राठौर ने व्यक्त किया।

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कोरबा

बिलासपुर जोन की 10 ट्रेनें कैंसिल:13-14 सितंबर को रायपुर-उरकुरा सेक्शन में काम, तीजा पर मायके जाने वाली महिलाओं की बढ़ी परेशानी

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।

इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।

यात्रियों के लिए जरूरी बात

तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।

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बालको में सितंबर 2008 बैच का 18 साल पूरा, मिलन समारोह हुआ

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कोरबा/बालको नगर। बालको में सितंबर 2008 बैच के कर्मचारियों ने 18 वर्षों की सेवा पूरी होने पर वार्षिक मिलन समारोह का आयोजन किया। समारोह में बैच के 35 कर्मियों ने हिस्सा लिया और अपने बालको में बिताए 18 साल के अनुभव साझा किए। उपलब्धियां और चुनौतियों को सामने रखा। बालको कर्मियों ने अपने सेवाकाल के कई यादगार किस्से सुनाए। पुराने साथियों से मिलकर माहौल उत्साह से भरा रहा।

इस आयोजन से कर्मियों के बीच आपसी स्नेह, सौहार्द, भाईचारा, एकजुटता मजबूत हुई। समारोह में राजशेखर साहू, गगन गुप्ता, टिकेश्वर चेलक, अमित शर्मा, कमलेश बोहरपी, ज्ञानेंद्र, सुमन यादव, देवेंद्र प्रताप, सुमित सोनी, कुंदन, आशीष शुक्ला, आशीष दुबे, मधुरेश श्रीवास्तव, संजय न नारवानी, जितेंद्र द्विवेदी, अभिषेक साहू, दुर्गेश साहू, पूर्णानंद साहू, केशव साहू, हेमंत वर्मा, अरविंद, विकास गुरुदीवान, लेखराज लोधी, प्रकाश ठाकुर, प्रकाश रघुवंशी समेत अन्य उपस्थित थे।

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कोरबा

तेल से भरे टैंकर में लगी आग आसपास के घर खाली कराए

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कोरबा/कटघोरा। पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में गुरुवार को आग की लपटें उठी तो विस्फोट की आशंका पर आसपास घरों को खाली कराया गया। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। लेकिन कटघोरा- अंबिकापुर हाइवे पर लगभग 2 घंटे आवाजाही थमी रही।

कोरबा से तेल से भरी टैंकर कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाइवे के रास्ते से वाड्रफनगर जाने रवाना हुआ। बांगो थाना क्षेत्र के गुरसिया ढाबा के पास टैंकर चालक ने खाना खाने वाहन रोका। कुछ देर बाद वहां से चालक आगे बढ़ने टैंकर स्टार्ट किया, तभी बैटरी में चिंगारी उठी और केबिन तक आग की लपटें उठने लगी। संभवत: शार्ट सर्किट से आग वाहन तक फैली होगी। टैंकर में 12 हजार लीटर तेल भरने की कैपिसिटी है। सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हाइवे पर आवाजाही को रोकवाया। साथ ही आसपास के घरों को खाली कराया गया। इस तरह सुरक्षा के जरूरी ऐहतियात बरते गए।

सूचना पर बांगो, कटघोरा नगर पालिका, सीएसईबी कोरबा की दमकल टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल कर्मियों ने पानी और फोम से आग बुझाई। इसमें करीब दो घंटे लग गए। आग पर काबू पा लेने के बाद हाइवे पर आवाजाही सामान्य हुई। एनएएआई की टीम को सूचना देने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंची। कटघोरा-अंबिकापुर हाइवे के साथ बायपास पर दो साल के भीतर वाहनों में आग लगने की यह तीसरी घटना है। इसी महीने कटघोरा-बायपास के हुकरा क्षेत्र में एक तेज रफ्तार 407 वाहन रोड किनारे पेड़ से टकराया। इसके बाद वाहन में आग लगने की घटना सामने आई। चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। साल 2024 में 28-29 दिसंबर की रात अंबिकापुर-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांगो थाना क्षेत्र के चोटिया टोल प्लाजा के पास ट्रक और कार में भिड़ंत हो गई थी। इस दुर्घटना में ट्रक पलट गया, वहीं कार सवार दो युवकों की वाहन में आग लगने पर जलकर मौत हो गई।

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