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ईरान में हालात बिगड़े, भारतीयों को तुरंत निकलने की सलाह

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तेहरान में आज एक साथ 300 शवों को दफनाया जाएगा, प्रदर्शनकारी को सरेआम फांसी मिलेगी

तेहरान/वॉशिंगटन डीसी/नई दिल्ली,एजेंसी। ईरान में हिंसक प्रदर्शन की वजह से भारत सरकार ने बुधवार को नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि जो भी भारतीय नागरिक, चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यापारी हों या पर्यटक, इस समय ईरान में हैं, उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकल जाना चाहिए।

इस एडवाइजरी में कहा गया है कि यह सलाह 5 जनवरी की पिछली एडवाइजरी के आगे की कड़ी है और ईरान की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए दी गई है।

सरकार ने यह भी दोहराया है कि सभी भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहना चाहिए।

ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें और स्थानीय मीडिया पर नजर रखें ताकि किसी भी नई जानकारी से अवगत रहें।

ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने यह पोस्ट किया है…

दावा- ईरान में 12 हजार लोगों की मौत

ईरान में बुधवार शाम 300 शवों को दफनाया जाएगा। अंग्रेजी अखबार द गार्डियन के मुताबिक, शवों में प्रदर्शनकारियों के साथ सुरक्षा बलों के शव भी शामिल होंगे। ये कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा के बीच तेहरान यूनिवर्सिटी के कैंपस में हो सकता है।

प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या पर नजर रखने वाली अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अब तक 2,550 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं।

हालांकि ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि देशभर में कम से कम 12 हजार लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं।

26 साल के प्रदर्शनकारी को फांसी दी जाएगी

ईरान में 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है। द गार्डियन के मुताबिक उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। 11 जनवरी को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई।

उन पर हिंसा भड़काने और ‘ईश्वर के खिलाफ जंग छेड़ने’ जैसा आरोप लगाया गया। इस मामले में आगे कोई ट्रायल नहीं होगा, परिवार को सिर्फ 10 मिनट के लिए आखिरी मुलाकात का मौका मिलेगा।

ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन का आज 18वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान में अधिकारी सरकार के खिलाफ विद्रोह पर कार्रवाई में लोगों को फांसी देना शुरू करते हैं तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा।

इसके बाद ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और इजराइली PM नेतन्याहू को ईरान में लोगों का हत्यारा बताया।

इरफान सुलतानी तेहरान के पास कराज का रहने वाला है। उसे प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान गिरफ्तार किया गया था। (फाइल फोटो)।

इरफान सुलतानी तेहरान के पास कराज का रहने वाला है। उसे प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान गिरफ्तार किया गया था। (फाइल फोटो)।

सुल्तानी पर सरकार के खिलाफ जंग भड़काने का आरोप

सुल्तानी पर मोहरेबेह (भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना) का आरोप लगाया गया है। यह ईरानी कानून में सबसे गंभीर अपराधों में से एक है, जिसकी सजा मौत (फांसी) होती है।

यह आरोप आमतौर पर उन लोगों पर लगाया जाता है, जो सरकार के खिलाफ विद्रोह या जंग भड़काने के दोषी माने जाते हैं। सुल्तानी को ट्रायल, वकील या अपील का मौका नहीं दिया गया। गिरफ्तारी के बाद परिवार को बताया गया कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है और 14 जनवरी को इसे अमल में लाया जाएगा।

मानवाधिकार संगठन और एक्साइल एक्टिविस्ट्स का कहना है कि यह फास्ट-ट्रैक एक्जीक्यूशन (रैपिड/शो ट्रायल) का हिस्सा है। सरकार का मकसद डर फैलाकर बाकी हजारों प्रदर्शनकारियों (10,000+ गिरफ्तार) को चुप कराना है। यह विरोध प्रदर्शन के दौरान पहली फांसी होगी।

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के बाद ईरान दुनिया में सबसे अधिक लोगों को फांसी देने वाला देश है। नॉर्वे स्थित ईरान मानवाधिकार समूह के मुताबिक, पिछले साल ईरान ने कम से कम 1,500 लोगों को फांसी दी।

ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है

प्रदर्शनों के बीच ट्रम्प ने ईरान में लोगों को सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा-

ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें। मदद रास्ते में हैं। जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान के सभी 31 प्रांतों में 600 से ज्यादा प्रदर्शन हुए हैं। CNN के मुताबिक अब तक ईरान में मरने वालों की संख्या 2400 से ज्यादा हो गई है।

इटली के रोम में ईरान के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में उतरी एक महिला।

इटली के रोम में ईरान के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में उतरी एक महिला।

प्रदर्शनकारियों का फ्यूनरल आज

ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।

वही, ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक बुधवार को विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों और सुरक्षाकर्मियों का अंतिम संस्कार तेहरान यूनिवर्सिटी में किया जाएगा।

ट्रम्प ने ईरान पर मिलिट्री एक्शन का प्लान होल्ड पर डाला था

ट्रम्प ने मंगलवार सुबह ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई का प्लान फिलहाल होल्ड पर रख दिया था। हालांकि, अमेरिकी सेना को तैयार रहने के लिए कहा गया था, ताकि आदेश मिलते ही तुरंत एक्शन लिया जा सके।

न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक ट्रम्प का कहना था कि ईरान के अधिकारी व्हाइट हाउस से बातचीत करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा था कि ईरान की ओर से सार्वजनिक तौर पर जो बातें कही जा रही हैं, वे उन प्राइवेट मैसेजेस से अलग हैं जो अमेरिकी प्रशासन को मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इन मैसेजेस को समझना चाहते हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वे सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगे। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ये मैसेज किस तरह के हैं।

व्हाइट हाउस ने ईरान से बातचीत की कोशिशों पर भी ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन यह बताया कि राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ईरान से संपर्क में अहम भूमिका निभाएंगे।

ईरान से व्यापार करने वालों पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाएंगे ट्रम्प

वहीं, ट्रम्प ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने सोमवार रात ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से इस टैरिफ को लेकर आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं।

दूसरी तरफ ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू अब लगभग जीरो के बराबर पहुंच चुकी है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत सिर्फ 0.000079 रुपए रह गई है।

ईरान पर अमेरिका पहले ही कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान से व्यापार करने वाले प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। टैरिफ लागू होने पर इन देशों का अमेरिका के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है।

वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक ईरान ने 2022 में 147 देशों के साथ व्यापार किया था। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक ईरान ने 2022 में 147 देशों के साथ व्यापार किया था। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से सीक्रेट मुलाकात

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट एक्सियोस के मुताबिक ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने पिछले हफ्ते ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से सीक्रेट मुलाकात की। यह बैठक चुपचाप हुई और इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

रजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं। वह 1978 में अपने पिता के सत्ता से हटने से पहले ही ईरान छोड़ चुके थे। इसके बाद से वह ज्यादातर अमेरिका में ही रहे हैं, खासतौर पर लॉस एंजिल्स और वॉशिंगटन डीसी में।

ईरान में इंटरनेट बंद होने से पहले दिए गए अपने संदेशों में रजा पहलवी ने कहा था कि वह देश में सत्ता परिवर्तन की प्रोसेस का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ईरान में जनमत संग्रह कराने और बिना हिंसा के बदलाव की बात भी कही है।

निर्वासित क्राउन प्रिंस का मानना है कि ईरान एक संवैधानिक राजशाही बन सकता है, जहां शासक जनता की तरफ से चुना जाए, न कि सिर्फ वंश के आधार पर। पिछले साल जून में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा था कि शांति का एक ही रास्ता एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ईरान है।

ईरान में हिंसा से कश्मीरी परिवारों की चिंता बढ़ी

ईरान में तनाव के बीच वहां पढ़ाई कर रहे भारत के 2 हजार कश्मीरी छात्रों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। मध्य कश्मीर के फारूक अहमद का बेटा तेहरान के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है। उन्होंने बताया, ‘चार दिन पहले बात हुई थी। वह डरा हुआ था। उसने बताया कि हिंसा के साथ अमेरिका के हमले का भी डर है।’ इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। घाटी के कई अन्य परिवारों ने भी ऐसी ही चिंता जताई है।

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेशनल कन्वीनर नासिर खुहामी ने बताया कि 1,500 से ज्यादा कश्मीरी वहां काम के सिलसिले में मौजूद हैं।

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5 दिन की तेजी के बाद लुढ़का बाजार, निवेशकों को नुकसान

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मुंबई, एजेंसी। 5 दिन की तेजी के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों बाद 832 अंक गिरकर 76,578.08 के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी 229 अंक से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक फिसल गया। इस गिरावट का असर मार्केट कैप 1.35 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया। 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक तक फिसलकर 76,802.90 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 154.90 अंक टूटकर 24,013.10 के स्तर पर बंद हुआ।

कच्चे तेल में गिरावट

पश्चिम एशिया में तनाव थमने से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव और 0.58 प्रतिशत कम होकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। शुरुआती कारोबार में रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर आ गया। 

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था।

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जियो प्लेटफॉर्म्स सेबी के समक्ष दाखिल करेगा आईपीओ दस्तावेज: मुकेश अंबानी

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नई दिल्ली, एजेंसी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स शुक्रवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष आईपीओ लाने के लिए दस्तावेज दाखिल करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में यह जानकारी दी। विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है, जिसका संभावित मूल्यांकन 130–180 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच आंका जा रहा है। 

मुकेश अंबानी ने कहा, ”मेरे प्रिय शेयरधारकों, मुझे यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल ने आईपीओ दस्तावेज को आज मंजूरी दे दी। इसे आज ही सेबी के समक्ष दाखिल किया जाएगा।” रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 33.57 प्रतिशत में से मेटा और गूगल की संयुक्त हिस्सेदारी 17.71 प्रतिशत है।  

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सोसाइटी जनरल, प्रूडेंशियल समेत अन्य ने एंथम बायोसाइंसेज में 3% हिस्सेदारी 1275 करोड़ रुपए में खरीदी

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नई दिल्ली, एजेंसी। सोसाइटी जनरल, प्रूडेंशियल हांगकांग और गिसालो कैपिटल मैनेजमेंट के नेतृत्व में वैश्विक निवेशकों ने एंथम बायोसाइंसेज के एक प्रवर्तक अरुणा गणेश से खुले बाजार के सौदों के जरिये कंपनी में कुल तीन प्रतिशत हिस्सेदारी 1,275 करोड़ रुपए में खरीदी। इस लेनदेन के बाद, एंथम बायोसाइंसेज का शेयर एनएसई पर 798.25 रुपए प्रति शेयर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा। 

राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर मौजूद सौदे से जुडे़ आंकड़ों के अनुसार, इस सौदे में कई घरेलू म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और एक निवेश कंपनी ने भी भागीदारी की। इन निवेशकों ने बृहस्पतिवार को कुल 1,71,14,604 शेयर खरीदे (एंथम बायोसाइंसेज में 3.05 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर) और इनका औसत मूल्य 744.80 रुपये प्रति शेयर रहा। कुल लेनदेन मूल्य 1,274.69 करोड़ रुपए रहा। इस सौदे में भाग लेने वाले अन्य विदेशी निवेशकों में लक्जमबर्ग स्थित नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रेटेजीज एशिया प्राइवेट लिमिटेड और सोशल प्रोटेक्शन फंड शामिल रहे। 

घरेलू संस्थागत निवेशकों में भारतीय स्टेट बैंक म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, यूटीआई म्यूचुअल फंड, एडलवाइस म्यूचुअल फंड, केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड, 360 वन म्यूचुअल फंड, महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड और व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड खरीदारों में शामिल रहे। प्रेमजी इन्वेस्ट से संबद्ध पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ वी एलएलपी, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, बजाज लाइफ इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस भी उन निवेशकों में शामिल रहे जिन्होंने कंपनी के शेयर खरीदे। वहीं, प्रवर्तक अरुणा गणेश समान संख्या में शेयर बेचकर कंपनी से बाहर निकल गईं। इस सौदे से एंथम बायोसाइंसेज में प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूह की संयुक्त हिस्सेदारी 74.68 प्रतिशत से घटकर 71.63 प्रतिशत रह गई। एंथम बायोसाइंसेज एक पूर्णतः एकीकृत अनुबंध अनुसंधान, विकास एवं विनिर्माण संगठन है।  

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