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छत्तीसगढ़

रायपुर : अम्बेडकर अस्पताल में सीटी एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक सुविधा शुरू

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हृदय, मस्तिष्क, पेट, फेफड़े व अन्य अंगों की सटीक जांच

अम्बेडकर अस्पताल में सीटी एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक सुविधा शुरू

रायपुर। पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में अब सीटी एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक जांच सुविधा शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी, ब्रेन (सेरेब्रल), एब्डोमिनल, पेरिफेरल एवं पल्मोनरी एंजियोग्राफी जांच की जा रही है, जो नॉन इंवेसिव (Non-invasive) पद्धति पर आधारित है। विगत सप्ताह 29 मरीजों की विभिन्न बीमारियों में सीटी एंजियो जाँच हुई जिससे समय रहते उन्हें उचित उपचार मिला। 

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में अस्पतालों के उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और दूरदराज़ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से हृदय, मस्तिष्क, पेट, हाथ-पैर एवं फेफड़ों से संबंधित गंभीर रोगों के शीघ्र, सटीक एवं विश्वसनीय निदान में मदद मिल रही है।

  उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले मरीजों एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के लिए सभी जांचें निःशुल्क हैं। वहीं एपीएल श्रेणी के मरीजों के लिए ओपीडी में सीटी स्कैन रू.1000 एवं एमआरआई रू.2000 की दर से उपलब्ध है, जबकि भर्ती एपीएल मरीजों को ये जांच सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं।

 रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे ने बताया कि विभाग में उपलब्ध आधुनिक सीटी स्कैन मशीन एवं प्रेशर इंजेक्टर की सहायता से सभी जांच सेवाएं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सीटी एंजियोग्राफी की प्रक्रिया कम समय में पूरी हो जाती है, मरीज को असुविधा नहीं होती। इसमें पारंपरिक एंजियोग्राफी की तुलना में रिकवरी टाइम भी कम होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी में कैथेटराइजेशन की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह पारंपरिक एंजियोग्राफी की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक जांच है।

सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी के माध्यम से हृदय की कोरोनरी धमनियों में होने वाले संकुचन एवं ब्लॉकेज का उच्च गुणवत्ता की विस्तृत (Detailed) 3D इमेजिंग के साथ आकलन किया जाता है। वहीं ब्रेन एंजियोग्राफी से मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों जैसे स्ट्रोक, एन्यूरिज्म एवं धमनी-शिरापरक विकृति (एवीएम) की सटीक जांच संभव हो पाती है। इस जांच में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे मरीज जांच के बाद सामान्य दिनचर्या में शीघ्र लौट सकता है।

 उल्लेखनीय है कि सीटी एंजियोग्राफी एक आधुनिक जांच पद्धति है, जिसमें आयोडीन-आधारित कंट्रास्ट डाई की सहायता से शरीर की रक्त वाहिकाओं की स्पष्ट त्रि-आयामी (3D) तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। पूरी जांच प्रक्रिया सामान्यतः 15 से 20 मिनट में पूर्ण हो जाती है।

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कोरबा

जहरीले नाग के फनकार की आवाज़ सुनकर कुत्ते डर से भौंकने लगे, वही जितेंद्र सारथी को रेस्क्यु करते देख लोग डर से कांप उठे

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कोरबा। कोरबा जिले के बलगी क्षेत्र में आधी रात लगभग 10.30 बजे घर के बाहर भोजन के पश्चात टहल रहे लोग उस वक्त हक्के बक्के रह गए जब एक 5 फीट का जहरीला नाग रेंगता हुआ दिखाई दिया, जिसको भगाने का प्रयास भी किया गया, पर वो तो फन फैला कर एक बंद पड़े नाली में जाकर बैठ गया, फिर किसी की हिम्मत नहीं हुई उसे पकड़ कर जंगल छोड़ने का साथ ही उसको बचाने के उद्देश्य से और लोगों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेस्क्यु करवाना ही बेहतर समझा, जिसके बाद वहां के लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को दिया गया, जिस पर थोड़ी देर में पहुंचने की बात कही गई।

कुछ घंटे बाद जितेंद्र सारथी अपने टीम के सदस्य के साथ बलगी पहुंचे और टॉर्च के मदद से रेस्क्यु चालू किया, रात के समय सांप खतरा महसूस होने पर फन फैलाकर प्रहार करने लगा, आखिरकार बड़ी सावधानी से रेस्क्यु कर उसे थैले में आखिकार डाला गया तब जाकर सभी ने राहत भरी सांस लिया और रेस्क्यु टीम का आभार व्यक्त किया फिर इसकी जानकारी कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत को देकर उनके प्राकृतिक रहवास जंगल में रात्रि में ही छोड़ दिया गया।

जितेंद्र सारथी ने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब भी आप के घरों में सांप घुस जाएं तो घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल 8817534455 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे, ताकि सही समय पर सांप को रेस्क्यु कर उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ा जा सके, साथ ही सर्प दंश जैसी घटना को टाला जा सके।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़-खल्लारी मंदिर में रोपवे टूटा, 2 ट्रॉली खाई में गिरी:1 की मौत, 16 घायल, नवरात्रि पर दर्शन के लिए पहुंचे थे

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महासमुंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रोपवे टूटने से 16 श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि एक युवती की मौत हो गई। घायलों में 4 की हालत गंभीर है।

यह सभी लोग चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन करने आए थे। दर्शन के बाद कुछ श्रद्धालु रोपवे की ट्रॉली से नीचे उतर रहे थे। तभी अचानक केबल टूट गया। ट्रॉली पहाड़ी से टकराई और उसमें बैठे लोग करीब 20 फीट नीचे गिर गए।

इसी दौरान ऊपर जा रही दूसरी ट्रॉली भी संतुलन खोकर गिर गई। उसमें बैठे लोग भी घायल हो गए। ज्यादातर घायल रायपुर के रहने वाले हैं। कलेक्टर ने कहा है कि केबल कैसे टूटा, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज चल रहा है।

केबल टूटने से ट्रॉली झटके के साथ नीचे गिर गई।

केबल टूटने से ट्रॉली झटके के साथ नीचे गिर गई।

नीचे गिरकर ट्रॉली के पार्ट टूटकर अलग हो गए।

नीचे गिरकर ट्रॉली के पार्ट टूटकर अलग हो गए।

घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया।

घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया।

2 ट्रॉली हुई हादसे का शिकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोपवे की 2 ट्रॉली हादसे का शिकार हुई है। पहले ट्रॉली के श्रद्धालु दर्शन कर वापस लौट रहे थे। तभी केबल टूटने से ट्रॉली अनियंत्रित हो गई। लगभग 20 फीट नीचे पहाड़ी की चट्टान से जा टकराई। इस जोरदार झटके के कारण ट्रॉली में बैठे लोगों को गंभीर चोटें आईं। एक युवती ने दम तोड़ दिया।

इसी दौरान नीचे से ऊपर जा रही ट्रॉली भी बीच में अनियंत्रित हुई। जिससे ये ट्रॉली भी नीचे गिर गई। इसमें बैठे लोगों को भी चोट आई है। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया।

स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

नवरात्रि के कारण श्रद्धालुओं की भीड़

चैत्र नवरात्रि के कारण खल्लारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। स्थानीय लोगों ने रोप-वे के नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर इसका मेंटेनेंस किया जाता तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।

घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।

खल्लारी माता मंदिर जाने के लिए 800 सीढ़ियां

महासमुंद से 25 किलोमीटर दक्षिण की ओर खल्लारी गांव की पहाड़ी के शीर्ष पर खल्लारी माता का मंदिर स्थित है। हर साल क्वांर और चैत्र नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ इस दुर्गम पहाड़ी में दर्शन के लिए आती है।

हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर मेले लगता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी होती है। ऐसी मान्यता है कि महाभारत युग में पांडव अपनी यात्रा के दौरान इस पहाड़ी की चोटी पर आए थे।

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छत्तीसगढ़

कृषक प्रशिक्षण में भाग लेने किसान कटक के लिये रवाना

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जिपं. के सभापति व उप संचालक हरि झंडी दिखा किया रवाना

जांजगीर-चाम्पा। एक्सटेंशन रिफार्म्स आत्मा योजनांतर्गत अंतर्गत राज्य के बाहर कृषक प्रशिक्षण में भाग लेने जिले के 22 प्रगतिशील किसान कटक (उड़ीसा) के लिए रवाना हुई। इस दौरान जिला पंचायत जांजगीर-चाम्पा के सभापति राजकुमार साहू व कृषि विभाग जांजगीर-चाम्पा के उप संचालक राकेश कुमार वर्मा ने कटक के लिए जा रहे वाहन को हरि झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए सभापति राजकुमार साहू ने कहा कि सेन्ट्रल राईस रिसर्च इंस्टीट्यूट कटक (ओडिशा) में आयोजित प्रशिक्षण में जिले के किसानों को खेती किसानी के बारे में और नई-नई तकनीकी की भी जानकारी मिलेगी जिससे किसान किसी करने में और भी मजबूत होंगे। इस दौरान आचार्य अमित मिश्रा कृषि विभाग से सूरज राठौर, शिव राठौर सहित किसान परस कश्यप, लोमेश चौबे, अमित कुमार तिवारी, दशरथ कश्यप, अरविंद राठौर, भुनेश्वर साहू, पुरुषोत्तम राठौर सहित अन्य किसान मौजूद थे।

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