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छत्तीसगढ़

गरियाबंद : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारीक ने राज्यपाल के गोद ग्राम बिजली का किया निरीक्षण

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विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम – निहारिका बारीक

विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम - निहारिका बारीक
विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम - निहारिका बारीक
विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम - निहारिका बारीक
विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम - निहारिका बारीक
विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम - निहारिका बारीक

गरियाबंद। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारीक ने गरियाबंद जिले में स्थित राज्यपाल रामेन डेका के गोद ग्राम बिजली (मड़वाडीह) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आजीविका गतिविधियों एवं मूलभूत सुविधाओं की प्रगति का गहन अवलोकन किया।

इस अवसर पर कलेक्टर बी.एस. उईके, प्रधानमंत्री आवास मिशन के डायरेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा, एसबीएम एवं एनआरएलएम डायरेक्टर अश्वनी देवांगन, संयुक्त सचिव एस. आलोक, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रमुख सचिव सुश्री बारीक ने ग्राम पंचायत बिजली (मड़वाडीह) में ग्रामीणों एवं महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद करते हुए समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विकसित भारत जी राम जी योजना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि पूर्व में यह योजना 100 दिनों की कार्य अवधि तक सीमित थी, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों की आजीविका को वैधानिक संरक्षण मिलने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मजदूरी भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा किसी भी स्थिति में कार्य समाप्ति के 15 दिवस के भीतर किया जाना अनिवार्य है।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा के दौरान प्रमुख सचिव ने ग्राम मड़वाडीह की श्रीमती मिथलेश्वरी ध्रुव से संवाद किया। उन्होंने बताया कि डेढ़ लाख रुपये का ऋण लेकर 1200 फीट की सेंट्रिंग प्लेट खरीदी गई है, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक साथ लगभग चार आवासों में निर्माण कार्य किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मात्र चार माह में लगभग 30 लाख रुपये की आय अर्जित की गई है, जो कुल व्यय का लगभग एक-चौथाई है। प्रमुख सचिव ने जिले में लखपति दीदियों की संख्या में हो रही निरंतर वृद्धि को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण का सकारात्मक संकेत बताया।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने जल जीवन मिशन अंतर्गत घर-घर जल आपूर्ति की स्थिति की भी जानकारी ली। इसके साथ ही जय फणीश्वर एग्रो महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा “त्रिवेणी” ब्रांड नाम से हल्दी एवं मिर्च की पैकिंग एवं विपणन गतिविधियों का अवलोकन किया। समूह द्वारा अब तक 50 किलोग्राम से अधिक उत्पाद का विक्रय कर आय अर्जित की जा चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि धान के स्थान पर मिर्च एवं हल्दी जैसी नकदी फसलों की खेती कर कच्चे माल का स्वयं उत्पादन कर अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है।

महिला समूहों द्वारा दोना-पत्तल निर्माण मशीन, मशरूम उत्पादन हेतु शेड निर्माण तथा मूंगफली दाना पृथक्करण मशीन की मांग रखी गई, जिस पर प्रमुख सचिव ने कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को संबंधित योजनाओं के अंतर्गत आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव सुश्री बारीक ने आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने गर्म भोजन व्यवस्था, रसोई की स्वच्छता, बच्चों की उपस्थिति तथा कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही ग्राम में पूर्ण आवास निर्माण की प्रगति का अवलोकन करते हुए हितग्राही रामेश्वर पटेल के आवास का निरीक्षण किया।

ग्राम में कचरा प्रबंधन व्यवस्था के अंतर्गत नियमित सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं सफाई कर्मियों के मजदूरी भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। साथ ही ग्राम पंचायत में संचालित डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से हो रहे दैनिक लेन-देन एवं ग्रामीण स्तर पर डिजिटल सेवाओं के विस्तार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसके पश्चात प्रमुख सचिव ने ग्राम श्यामनगर में संचालित आजीविका केंद्र का निरीक्षण किया, जहां उगता सूरज, जय ठाकुर देव एवं जय महामाया स्व-सहायता समूह द्वारा सिलयारी पत्तों की सिलाई कर पारंपरिक दोना-पत्तल निर्माण कर आय अर्जित की जा रही है। इस कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज महिलाएं परिवार की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं और किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बिजली की सरपंच श्रीमती पद्मा निषाद, ग्राम श्यामनगर के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री ने किया ‘वूमेन फॉर वेटलैण्ड्स’ अभियान के पोस्टर का विमोचन

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विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर जल-स्रोत संरक्षण का संदेश

रायपुर। विश्व आर्द्रभूमि दिवस  के अवसर पर बीते दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में ‘वुमेन फॉर वेटलैण्ड्स ’ अभियान के पोस्टर का अनावरण किया,इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्द्रभूमि एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल ही जीवन है और आर्द्रभूमियां मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को इस पवित्र अभियान से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम है।
      मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि “नदियां, तालाब, कुएं, पोखर और आर्द्रभूमियां केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।”

प्रज्ञा निर्वाणी चला रहीं व्यापक जन-जागरण अभियान

           ‘वूमेन फॉर वैटलैंड्स ’ अभियान की संस्थापक एवं  महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी द्वारा प्रदेशभर में आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के अंतर्गत तालाब, नहर, कुएं, नदियों एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए महिलाओं को संगठित किया जा रहा है। प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार क्षेत्र को रामसर साइट घोषित करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा, 
      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “महिलाएं प्रकृति की प्रथम संरक्षक हैं,यदि मातृशक्ति आगे आएगी तो जल-स्रोतों का संरक्षण जन-आंदोलन बन जाएगा।” पोस्टर अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

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मंत्रिपरिषद की बैठक

रायपुर। 1.    मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की  स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं। 

2.    मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है। 

3.    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा। 

4.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।

5.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।

अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

6.    मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके। 

7.    मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है। 

गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।

8.    मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। 

छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। 

नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। 

कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

9.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। 

मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिल

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये।

बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई।

बैठक में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग पी दयानंद, संचालक खनिज रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।

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