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77वां गणतंत्र दिवस:पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ी, परेड की 50 PHOTOS

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नई दिल्ली,एजेंसी। देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड निकली। तीनों सेनाओं ने शक्ति प्रदर्शन किया और ताकत दिखाई।

पहली बार दो मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल रहे।

पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ी।

परेड के तमाम रंग दिखातीं तमाम तस्वीरें…

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू, मुख्य अतिथि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन बग्घी में बैठे।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू, मुख्य अतिथि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन बग्घी में बैठे।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू अपने काफिले के साथ कर्तव्य पथ पर पहुंचीं।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू अपने काफिले के साथ कर्तव्य पथ पर पहुंचीं।

राष्ट्रपतिने ग्रुप कैप्टन,एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।

राष्ट्रपतिने ग्रुप कैप्टन,एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।

पीएम मोदी ने उर्सुला को परेड की झाकियों के बारे में बताया। साथ में एंटोनियो कोस्टा।

पीएम मोदी ने उर्सुला को परेड की झाकियों के बारे में बताया। साथ में एंटोनियो कोस्टा।

Mi-17 1V हेलिकॉप्टर से ध्वज फॉर्मेशन बनाया। कर्तव्य पथ पर फूल बरसाए।

Mi-17 1V हेलिकॉप्टर से ध्वज फॉर्मेशन बनाया। कर्तव्य पथ पर फूल बरसाए।

यूरोपीय संघ (EU) दल में 3 जिप्सियों पर 4 ध्वजवाहक शामिल हुए।

यूरोपीय संघ (EU) दल में 3 जिप्सियों पर 4 ध्वजवाहक शामिल हुए।

सेना की शक्ति की 25 तस्वीरें…

धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) ने आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता को दर्शाया।

धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) ने आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता को दर्शाया।

344 मिसाइल रेजिमेंट के कैप्टन अनिमेष रोहिला के नेतृत्व में वेपन सिस्टम कर्तव्य पथ पर शामिल हुआ।

344 मिसाइल रेजिमेंट के कैप्टन अनिमेष रोहिला के नेतृत्व में वेपन सिस्टम कर्तव्य पथ पर शामिल हुआ।

असम रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया और सलामी दी। इस दौरान अपना प्रसिद्ध रेजिमेंटल गीत 'बदलूराम का बदन' गाया।

असम रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया और सलामी दी। इस दौरान अपना प्रसिद्ध रेजिमेंटल गीत ‘बदलूराम का बदन’ गाया।

कुमाऊं रेजिमेंट, 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और 11 गोरखा राइफल्स के कंबाइंड मिलिट्री बैंड में 74 म्यूजिशियन ने मार्च किया।

कुमाऊं रेजिमेंट, 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और 11 गोरखा राइफल्स के कंबाइंड मिलिट्री बैंड में 74 म्यूजिशियन ने मार्च किया।

एनिमल कंटिन्मेंट की परेड में शामिल बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू और काला चील। ये सीमा पर तैनात गुमनाम नायकों की भूमिका-बलिदान को बताते हैं।

एनिमल कंटिन्मेंट की परेड में शामिल बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू और काला चील। ये सीमा पर तैनात गुमनाम नायकों की भूमिका-बलिदान को बताते हैं।

परेड में थल सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकी। यह दर्शाती है कि देश की सीमाएं सुरक्षित हाथों में है।

परेड में थल सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकी। यह दर्शाती है कि देश की सीमाएं सुरक्षित हाथों में है।

भारतीय नौसेना की झांकी की थीम 'परंपरा में निहित, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन की ओर अग्रसर' पर रही। झांकी में INS विक्रांत को भी दिखाया गया।

भारतीय नौसेना की झांकी की थीम ‘परंपरा में निहित, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन की ओर अग्रसर’ पर रही। झांकी में INS विक्रांत को भी दिखाया गया।

वज्रांग फॉर्मेशन में 6 राफेल एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। इन्होंने अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी।

वज्रांग फॉर्मेशन में 6 राफेल एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। इन्होंने अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी।

IAF के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया।

IAF के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया।

अर्जन फॉर्मेशन में एक C-130 विमान लीड में और दो C-295 विमान 'विक्ट्री' फॉर्मेशन में एक साथ उड़ रहे थे।

अर्जन फॉर्मेशन में एक C-130 विमान लीड में और दो C-295 विमान ‘विक्ट्री’ फॉर्मेशन में एक साथ उड़ रहे थे।

मिश्रित स्काउट्स टुकड़ी ने का नेतृत्व लेफ्टिनेंट अमित चौधरी (2 अरुणाचल स्काउट्स) ने किया। यह टुकड़ी भारतीय सेना की उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात विशिष्ट पैदल सेना इकाइयों का प्रतिनिधित्व करती है।

मिश्रित स्काउट्स टुकड़ी ने का नेतृत्व लेफ्टिनेंट अमित चौधरी (2 अरुणाचल स्काउट्स) ने किया। यह टुकड़ी भारतीय सेना की उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात विशिष्ट पैदल सेना इकाइयों का प्रतिनिधित्व करती है।

पैराशूट रेजिमेंट, ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स और राजपूताना राइफल्स के संयुक्त मिलिट्री बैंड में 75 संगीतकार शामिल हुए।

पैराशूट रेजिमेंट, ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स और राजपूताना राइफल्स के संयुक्त मिलिट्री बैंड में 75 संगीतकार शामिल हुए।

सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 4 भैरव बटालियन ने मेजर अंजुम गोरखा के नेतृत्व में पैदल मार्च किया।

सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 4 भैरव बटालियन ने मेजर अंजुम गोरखा के नेतृत्व में पैदल मार्च किया।

BSF का ऊंट दस्ता, जिसकी अगुआई डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर ने की। उनके ऊंट का नाम चेतक है।

BSF का ऊंट दस्ता, जिसकी अगुआई डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर ने की। उनके ऊंट का नाम चेतक है।

यह मशहूर ऊंट सवार बैंड है। 1976 से लगातार परेड में शामिल हो रहा है। यह 3 अधिकारी और 50 ऊंट सवारों का दस्ता है।

यह मशहूर ऊंट सवार बैंड है। 1976 से लगातार परेड में शामिल हो रहा है। यह 3 अधिकारी और 50 ऊंट सवारों का दस्ता है।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर राजपूत रेजिमेंट ने परेड की। इसमें 100 से ज्यादा जवान शामिल थे।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर राजपूत रेजिमेंट ने परेड की। इसमें 100 से ज्यादा जवान शामिल थे।

पहली बार किसी महिला अधिकारी ने CRPF पुरुषों की टुकड़ी का नेतृत्व किया। इनका नाम सहायक कमांडेंट सिमरन बाला है।

पहली बार किसी महिला अधिकारी ने CRPF पुरुषों की टुकड़ी का नेतृत्व किया। इनका नाम सहायक कमांडेंट सिमरन बाला है।

उत्तराखंड निदेशालय के 148 कैडेट्स ने एनसीसी सीनियर विंग (गर्ल्स) के साथ मार्च किया। इस दौरान पर्वतारोहण, राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग के बारे में बताया।

उत्तराखंड निदेशालय के 148 कैडेट्स ने एनसीसी सीनियर विंग (गर्ल्स) के साथ मार्च किया। इस दौरान पर्वतारोहण, राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग के बारे में बताया।

स्काउट गाइड टीम। यह छात्रों में आत्म-अनुशासन, नेतृत्व, नागरिकता के गुण विकसित करने के लिए 'तैयार रहें' के आदर्श वाक्य के साथ काम करती है।

स्काउट गाइड टीम। यह छात्रों में आत्म-अनुशासन, नेतृत्व, नागरिकता के गुण विकसित करने के लिए ‘तैयार रहें’ के आदर्श वाक्य के साथ काम करती है।

148 कैडेट्स वाले NCC दल ने भी परेड में हिस्सा लिया। इसका नेतृत्व उत्तराखंड डायरेक्टोरेट की सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा ने किया।

148 कैडेट्स वाले NCC दल ने भी परेड में हिस्सा लिया। इसका नेतृत्व उत्तराखंड डायरेक्टोरेट की सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा ने किया।

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की जॉइंट डेयरडेविल्स टीम ने कर्तव्य पथ पर शानदार प्रदर्शन किया ।कांस्टेबल साजी के.एस. ने एक पहिए वाली बाइक पर शानदार हिम्मत और बैलेंस दिखाया।

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की जॉइंट डेयरडेविल्स टीम ने कर्तव्य पथ पर शानदार प्रदर्शन किया ।कांस्टेबल साजी के.एस. ने एक पहिए वाली बाइक पर शानदार हिम्मत और बैलेंस दिखाया।

CRPF कांस्टेबल सीमा पुंडीर ने 11 सैनिकों के साथ मिलकर शानदार सर्वत्र सुरक्षा फॉर्मेशन बनाया।

CRPF कांस्टेबल सीमा पुंडीर ने 11 सैनिकों के साथ मिलकर शानदार सर्वत्र सुरक्षा फॉर्मेशन बनाया।

कर्तव्य पथ पर T-90 भीष्म टैंक, अर्जुन Mk I मेन बैटल टैंक का प्रदर्शन किया गया।

कर्तव्य पथ पर T-90 भीष्म टैंक, अर्जुन Mk I मेन बैटल टैंक का प्रदर्शन किया गया।

वज्रांग फॉर्मेशन की तस्वीरें। इस फॉर्मेशन में 6 राफेल विमान 'वज्रांग' फॉर्मेशन में उड़े।

वज्रांग फॉर्मेशन की तस्वीरें। इस फॉर्मेशन में 6 राफेल विमान ‘वज्रांग’ फॉर्मेशन में उड़े।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ, दिल्ली में भारतीय वायुसेना ने वरुणा फॉर्मेशन में 1 P-8I और 2 सुखोई-30 विमानों के साथ फ्लाई-पास्ट किया।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ, दिल्ली में भारतीय वायुसेना ने वरुणा फॉर्मेशन में 1 P-8I और 2 सुखोई-30 विमानों के साथ फ्लाई-पास्ट किया।

PANCHNAAG कॉन्फिगुरेशन में 5 फंक्शनल क्षमताएं हैं। इसमें पहचान करना, निगरानी, हमला, काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स और रखरखाव शामिल है। जिन्हें नेक्स्ट-जेनरेशन इक्विपमेंट और हथियारों का सपोर्ट मिलता है।

PANCHNAAG कॉन्फिगुरेशन में 5 फंक्शनल क्षमताएं हैं। इसमें पहचान करना, निगरानी, हमला, काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स और रखरखाव शामिल है। जिन्हें नेक्स्ट-जेनरेशन इक्विपमेंट और हथियारों का सपोर्ट मिलता है।

हेलिकॉप्टर के नीचे लगाए कैमरे में तिरंग को फहराने का पल रिकॉर्ड किया गया।

हेलिकॉप्टर के नीचे लगाए कैमरे में तिरंग को फहराने का पल रिकॉर्ड किया गया।

परेड में शामिल राज्यों-मंत्रालयों की 19 झांकी

मध्य प्रदेश की झांकी 77वें गणतंत्र दिवस पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित रही।

मध्य प्रदेश की झांकी 77वें गणतंत्र दिवस पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित रही।

राजस्थान की झांकी में बीकानेर की विश्व-प्रसिद्ध उस्ता कला की शाही और आत्मनिर्भर सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया।

राजस्थान की झांकी में बीकानेर की विश्व-प्रसिद्ध उस्ता कला की शाही और आत्मनिर्भर सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया।

उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई। कालिंजर से प्राप्त एकमुख लिंग उसकी गहरी आध्यात्मिक परंपरा और स्थापत्य कला का प्रतीक रहा।

उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई। कालिंजर से प्राप्त एकमुख लिंग उसकी गहरी आध्यात्मिक परंपरा और स्थापत्य कला का प्रतीक रहा।

छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाते गई। ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ लड़ने वाले अमर आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि दी गई।

छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाते गई। ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ लड़ने वाले अमर आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि दी गई।

ओडिशा की झांकी खेती से लेकर नई तकनीक तक राज्य की प्रगति और महिलाओं की भागीदारी को दिखाते हुए आत्मनिर्भर भारत में उसके योगदान को दर्शाती है।

ओडिशा की झांकी खेती से लेकर नई तकनीक तक राज्य की प्रगति और महिलाओं की भागीदारी को दिखाते हुए आत्मनिर्भर भारत में उसके योगदान को दर्शाती है।

असम की झांकी ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर रही। झांकी में धुबरी जिले के आशारिकांडी गांव के प्रसिद्ध मिट्टी के कलाकारों को सम्मान दिया गया। यह भारत का सबसे बड़ा टेराकोटा शिल्प केंद्र है।

असम की झांकी ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर रही। झांकी में धुबरी जिले के आशारिकांडी गांव के प्रसिद्ध मिट्टी के कलाकारों को सम्मान दिया गया। यह भारत का सबसे बड़ा टेराकोटा शिल्प केंद्र है।

पंजाब की झांकी में नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350वें साल को पूरी श्रद्धा से याद किया गया।

पंजाब की झांकी में नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350वें साल को पूरी श्रद्धा से याद किया गया।

गुजरात की झांकी में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर भीखाजी कामा और अन्य क्रांतिकारियों को सम्मान दिया। जिन्होंने विदेशों में भारत की आजादी का संदेश फैलाया।

गुजरात की झांकी में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर भीखाजी कामा और अन्य क्रांतिकारियों को सम्मान दिया। जिन्होंने विदेशों में भारत की आजादी का संदेश फैलाया।

नागालैंड की झांकी हॉर्नबिल फेस्टिवल कल्चर पर रही। इसमें टूरिज्म और कम्युनिटी की आत्मनिर्भरता के जीवंत रूप में दिखाया गया। ये नॉर्थईस्ट में आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है।

नागालैंड की झांकी हॉर्नबिल फेस्टिवल कल्चर पर रही। इसमें टूरिज्म और कम्युनिटी की आत्मनिर्भरता के जीवंत रूप में दिखाया गया। ये नॉर्थईस्ट में आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है।

तमिलनाडु की झांकी में राज्य ने अपनी पुरानी संस्कृति को संभालते हुए नई तकनीक से साथ आगे बढ़ना दर्शाया।

तमिलनाडु की झांकी में राज्य ने अपनी पुरानी संस्कृति को संभालते हुए नई तकनीक से साथ आगे बढ़ना दर्शाया।

पश्चिम बंगाल की झांकी भारत की आज़ादी की लड़ाई में राज्य की बड़ी भूमिका दिखाती है, जिसमें बंकिम चंद्र, स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, खुदीराम बोस और अन्य महान नेताओं का योगदान दर्शाया गया है।

पश्चिम बंगाल की झांकी भारत की आज़ादी की लड़ाई में राज्य की बड़ी भूमिका दिखाती है, जिसमें बंकिम चंद्र, स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, खुदीराम बोस और अन्य महान नेताओं का योगदान दर्शाया गया है।

जम्मू-कश्मीर की झांकी ने वहाँ के हस्तशिल्प और लोकनृत्यों की समृद्ध परंपरा दिखाकर भारत की विविध संस्कृति को दर्शाया।

जम्मू-कश्मीर की झांकी ने वहाँ के हस्तशिल्प और लोकनृत्यों की समृद्ध परंपरा दिखाकर भारत की विविध संस्कृति को दर्शाया।

पुडुचेरी की झांकी अपनी समृद्ध संस्कृति, टेराकोटा व शिल्प कला और ऑरोविल की विश्व-प्रसिद्ध सोच को दिखाती है।

पुडुचेरी की झांकी अपनी समृद्ध संस्कृति, टेराकोटा व शिल्प कला और ऑरोविल की विश्व-प्रसिद्ध सोच को दिखाती है।

केरल की झांकी भारत के पहले वॉटर मेट्रो और डिजिटल साक्षरता की उपलब्धि दिखाती है।

केरल की झांकी भारत के पहले वॉटर मेट्रो और डिजिटल साक्षरता की उपलब्धि दिखाती है।

भारतीय सिनेमा को सेलिब्रेट करती झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई। इसका नेतृत्व प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने किया। झांकी का उद्देश्य भारतीय सिनेमा के आर्ट फॉर्म को दुनियाभर में दर्शाना है।

भारतीय सिनेमा को सेलिब्रेट करती झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई। इसका नेतृत्व प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने किया। झांकी का उद्देश्य भारतीय सिनेमा के आर्ट फॉर्म को दुनियाभर में दर्शाना है।

गृह मंत्रालय की झांकी में भारत के नए न्याय कानून-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-दिखाए गए।

गृह मंत्रालय की झांकी में भारत के नए न्याय कानून-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-दिखाए गए।

संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम्-राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ थीम पर रही। दर्शाया गया कि कैसे वंदे मातरम गीत आजादी के समय हर भारतीय के दिल और क्रांतिकारियों की आवाज बना।

संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम्-राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ थीम पर रही। दर्शाया गया कि कैसे वंदे मातरम गीत आजादी के समय हर भारतीय के दिल और क्रांतिकारियों की आवाज बना।

सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की फूलों की झांकी राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ की याद दिलाई।

सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की फूलों की झांकी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ की याद दिलाई।

संस्कृति मंत्रालय के कलाकारों ने वंदे मातरम् नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जो इसके 150 साल पूरे होने पर देश की एकता और देशभक्ति को दिखाता है।

संस्कृति मंत्रालय के कलाकारों ने वंदे मातरम् नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जो इसके 150 साल पूरे होने पर देश की एकता और देशभक्ति को दिखाता है।

कर्तव्य पथ पर पीएम ने लोगों का अभिवादन किया

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन किया।

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन किया।

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद कर्तव्य पथ पर रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाए गए।

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद कर्तव्य पथ पर रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाए गए।

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रिकॉर्ड लो पर लुढ़की भारतीय करेंसी, डॉलर के मुकाबले अब इतने पर आया रुपया

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मुंबई, एजेंसी। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के बीच रुपया बुधवार को 25 पैसे टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर 92.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने से वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भी निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.42 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.46-92.47 के दायरे में रहने के बाद टूटकर 92.58 प्रति डॉलर पर आ गया। इससे पहले मंगलवार को यह 92.47 के स्तर को छूने के बाद 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। 

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत बढ़कर 99.62 पर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.19 प्रतिशत टूटकर 103.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। 

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Gold News: 1,61,390 से गिरकर 1,37,000 रुपए पर आएगा सोना, एक्सपर्ट्स ने दिए बड़े संकेत

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच आमतौर पर निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं लेकिन इस बार हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि भारत में इसकी कीमत लगभग 1,61,390 रुपए प्रति 10 ग्राम है। एक्सपर्ट के मुताबिक सोना 4,200 डॉलर तक गिर सकता है, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि घरेलू बाजार में इसका असर कितना होगा।

भारत में कितना गिर सकता है सोना?

यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आती है और अन्य कारक स्थिर रहते हैं, तो भारत में सोने की कीमत भी इसी अनुपात में गिर सकती है। इस हिसाब से 1,61,390 रुपए प्रति 10 ग्राम से घटकर यह लगभग 1,35,000 से 1,37,000 रुपए के दायरे में आ सकता है। हालांकि, अंतिम कीमत पर डॉलर-रुपया विनिमय दर, टैक्स और मांग का भी असर होगा।

सोने पर दबाव के प्रमुख कारण

बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है, जिससे वे सोने से पैसा निकालकर बॉन्ड में निवेश करने लगते हैं।

तेल की बढ़ती कीमतें: मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं।

मजबूत डॉलर: डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है।

जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता: युद्ध की दिशा और अवधि भी सोने की चाल को प्रभावित करती है। कई बार निवेशक नकदी जुटाने के लिए सोना भी बेचते हैं।

शेयर बाजार का दबाव: बाजार में गिरावट के दौरान बड़े निवेशक नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेच सकते हैं, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोना हमेशा एक दिशा में नहीं चलता। यह कभी डर के माहौल में तेजी दिखाता है तो कभी ब्याज दरों और आर्थिक संकेतों के चलते गिरावट में आ जाता है।

हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट अक्सर खरीद का अवसर बन सकती है। ऐसे में बाजार की चाल को समझकर ही निवेश का निर्णय लेना बेहतर माना जाता है।

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देश

दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 मौतें:इनमें 3 लड़कियां, दमकल ने 10 लोगों का रेक्स्यू किया, दो ने छलांग लगाकर जान बचाई

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नई दिल्ली,एजेंसी। दिल्ली के पालम स्थित साध नगर में एक रिहायशी 4 मंजिला बिल्डिंग में बुधवार सुबह करीब 7 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 3 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। 2 लोगों ने जान बचाने के लिए बिल्डिंग से छलांग लगा दी।

दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के कर्मियों ने 10 लोगों का रेक्स्यू किया है। इनमें 3 लोग घायल हैं। करीब 30 फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद हैं। आग पर काबू पा लिया गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और तेजी से फैल गई। इमारत में उस समय 10-15 लोग मौजूद थे। इनमें कुछ शव बरामद किए जा चुके हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

अधिकारियों के अनुसार इमारत अंदर से बुरी तरह डैमेज हो चुकी है।

अधिकारियों के अनुसार इमारत अंदर से बुरी तरह डैमेज हो चुकी है।

सीढ़ियों के जरिए फायर ब्रिगेड टीम रेस्क्यू ऑपरेशन करने में जुटी है।

सीढ़ियों के जरिए फायर ब्रिगेड टीम रेस्क्यू ऑपरेशन करने में जुटी है।

आस-पास की बिल्डिंग्स को भी खाली करा लिया गया है।

आस-पास की बिल्डिंग्स को भी खाली करा लिया गया है।

बचावकर्मियों ने बिल्डिंग के अंदर से मृतकों के शव प्लास्टिक में लपेटकर बाहर निकाले।

बचावकर्मियों ने बिल्डिंग के अंदर से मृतकों के शव प्लास्टिक में लपेटकर बाहर निकाले।

कुल्हाड़ी से बिल्डिंग के हिस्से तोड़कर पानी के पाइप अंदर डाले गए।

कुल्हाड़ी से बिल्डिंग के हिस्से तोड़कर पानी के पाइप अंदर डाले गए।

जिस जगह आग लगी, वह पालम मेट्रो स्टेशन के पास है। दूर तक लोगों ने धुआं उठता हुआ देखा।

जिस जगह आग लगी, वह पालम मेट्रो स्टेशन के पास है। दूर तक लोगों ने धुआं उठता हुआ देखा।

दो घायलों का इलाज IGI अस्पताल में चल रहा

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, बिल्डिंग के बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर कपड़े और कॉस्मेटिक सामान के स्टोरेज के लिए किया जा रहा था। सेकेंड और थर्ड फ्लोर पर लोग रहते थे। चौथे फ्लोर पर एक टिन शेड बना हुआ था। आग की लपटें वहां तक पहुंच गई थीं।

घटना में मारे गए 8 लोगों के शव मणिपाल अस्पताल और एक महिला का शव IGI अस्पताल लाया गया था। घायलों में दो का इलाज IGI अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक व्यक्ति को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतकों में प्रवेश (33), कमल (39), आशु (35), लाडो (70), हिमांशी (22), दीपिका (28) और तीन नाबालिग लड़कियां (15, 6 और 3 साल) शामिल हैं। अनिल (32) और 2 साल की एक बच्ची IGI अस्पताल में भर्ती हैं। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सचिन (29) लगभग 25% झुलस चुके हैं।

अधिकारी बोले- नीचे लपटें और ऊपर घना धुआं था

दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी एस. के. दुआ ने बताया कि आग सुबह करीब 7 बजे लगी थी। जब हमारी पहली टीम मौके पर पहुंची, तो नीचे आग की लपटें और ऊपर घना धुआं था। हमारे पहुंचने से पहले दो लोग इमारत से कूद गए थे, जिन्हें लोगों ने अस्पताल पहुंचाया।

अधिकारी के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोग घायल हैं। आग पर अब पूरी तरह काबू पा लिया गया है, हालांकि कूलिंग ऑपरेशन जारी है। इसके बाद बिल्डिंग में एक बार फिर सर्च और रेस्क्यू किया जाएगा।

वहीं, NDRF के डिप्टी इंस्पेक्टर विक्की रांगा ने कहा बताया कि वे 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए थे। तब तक दिल्ली फायर सर्विस और अन्य एजेंसियां आग बुझाने में लगी थीं। बिल्डिंग अंदर से काफी क्षतिग्रस्त हो गई है, ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन करना बड़ी चुनौती है। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया गया है।

PM ने मृतकों के परिजनों को रू. 2 लाख मुआवजे का ऐलान किया

पालम आग हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से रू.2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि घायलों को रू.50 हजार दिए जाएंगे।

इस बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी घटना पर दुख जताया और पार्टी कार्यकर्ताओं से पीड़ितों की मदद करने की अपील की।

चंडीगढ़ में मोबाइल मार्केट में लगी आग, इलाका खाली कराया

चंडीगढ़ में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

चंडीगढ़ में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

इंदौर और दिल्ली में आग की तबाही के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 22 स्थित मोबाइल मार्केट में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के प्रयास लगातार जारी हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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