छत्तीसगढ़
चलती कार के विंडो से लटककर स्टूडेंट्स का स्टंट:हाईवे पर हूटर बजाते हुए दौड़ाई गाड़ी, रील बनाई, फेयरवेल पार्टी में बोनट पर बैठकर एंट्री
रायपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी के बाद भी कार पर स्टंटबाजी नहीं थम रही है। सोशल मीडिया पर कार की बोनट पर बैठकर और विंडो से निकलकर स्टूडेंट्स के स्टंट के 3 नए वीडियो वायरल हो रहे हैं।
पहला मामला जांजगीर-चांपा जिले के जीएलडी स्कूल का है, जहां फेयरवेल पार्टी में कुछ स्टूडेंट्स कार के बोनट पर बैठकर स्कूल में एंट्री की। दूसरा मामला सूरजपुर जिले के विश्रामपुर के डीएवी पब्लिक स्कूल का है। यहां छात्र नेशनल हाईवे पर फोर व्हीलर के विंडो से लटककर स्टंट किया।
5 कारों में सवार छात्र वाहन से लटककर हूटर बजाते हुए हाईवे से गुजरे। तीसरा मामला धरसींवा के कुंरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का है। फेयरवेल के दौरान कुछ छात्र कार की खिड़कियों से बाहर निकलकर खतरनाक स्टंट करते हुए दिखाई दिए।
स्टूडेंट के स्टंट के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसकी जानकारी मिलते ही सरगुजा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 वाहनों को जब्त कर लिया है। जबकि जांजगीर में पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालान काटे हैं। वहीं धरसींवा मामले में कार्रवाई नहीं हुई है।

सूरजपुर में गाड़ी की खिड़की से बाहर निकलकर स्टंटबाजी।

जांजगीर-चांपा में कार की बोनट पर बैठकर आए स्टूडेंट्स।

धरसींवा के स्कूल में फेयरवेल पार्टी में स्टंट करते नजर आए छात्र।
केस-1
सूरजपुर में फेयरवेल पार्टी हूटर बजाते पहुंचे स्टूडेंट्स
सूरजपुर जिले में फेयरवेल पार्टी के दौरान डीएवी पब्लिक स्कूल के छात्रों ने नेशनल हाईवे पर खतरनाक स्टंट किए। छात्र 5 फोर व्हीलर में सवार होकर हाईवे से गुजरे और गाड़ियों से बाहर लटकते हुए हूटर बजाते नजर आए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांचों गाड़ियों को जब्त कर लिया। यह मामला विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को डीएवी पब्लिक स्कूल विश्रामपुर में फेयरवेल था। इसमें शामिल होने के लिए छात्र पांच गाड़ियों में बैठकर नेशनल हाईवे पर रैली निकालते हुए पहुंचे। इस दौरान वे गाड़ियों से बाहर खड़े होकर और लटककर स्टंट करते रहे। छात्रों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस को सूचना मिली। इसके बाद विश्रामपुर पुलिस स्कूल पहुंची और जांच की। स्टंट में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो, क्रेटा, डस्टर और किया सेल्टॉस सहित 5 गाड़ियां स्कूल के बाहर खड़ी मिलीं, लेकिन गाड़ियां चलाने वाले छात्र मौके पर नहीं थे।
पुलिस ने बताया कि ये गाड़ियां छात्रों के परिजनों की थीं और इन्हें स्कूल के छात्र ही चला रहे थे। सभी गाड़ियों को जब्त कर लिया गया है। इस मामले में जांच अधिकारी विश्रामपुर थाने के एसआई विष्णुदेव पैकरा ने बताया कि वाहन चालकों के नहीं मिलने पर सभी वाहन मालिकों को थाने बुलाया गया है। सभी गाड़ियों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

फेयरवेल पार्टी के दौरान डीएवी पब्लिक स्कूल के छात्रों ने नेशनल हाईवे पर खतरनाक स्टंट किए।
केस-2
जांजगीर-चांपा में कार के बोनट पर बैठकर स्टूडेंट्स की एंट्री
जांजगीर-चांपा जिले के खैरताल स्थित जीएलडी स्कूल में फेयरवेल पार्टी के दौरान छात्रों की खतरनाक स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। छात्र-छात्राएं कार की खिड़कियों से बाहर लटकते नजर आए, वहीं कुछ कार के बोनट पर बैठकर शान से स्टंट करते रहे।
यह घटना 4 फरवरी को स्कूल के फेयरवेल पार्टी के दौरान की बताई जा रही है। वायरल वीडियो के आधार पर नवागढ़ पुलिस ने गाड़ियों के नंबर निकाले और वाहन चालकों की पहचान की।

फेयरवेल पार्टी के दौरान छात्रों की खतरनाक स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
पुलिस ने वाहन चालकों को पकड़कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की। हर वाहन चालक पर 2800 रुपए का चालान काटा गया। साथ ही पुलिस ने सभी को समझाइश दी कि इस तरह की लापरवाही न सिर्फ उनकी जान के लिए खतरनाक है, बल्कि दूसरों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकती है।
पुलिस ने साफ कहा है कि भविष्य में अगर इस तरह की स्टंटबाजी या नियम तोड़ते हुए वाहन चलाते पाए गए तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वाहन चालकों को पकड़कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
केस-3
कार की खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर स्टंट
धरसींवा क्षेत्र के नगर पंचायत कुंरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में भी फेयरवेल में शामिल होने आए कुछ छात्र कार की खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर खतरनाक स्टंट करते हुए दिखाई दिए।
छात्र चलती कार में खड़े होकर हाथ लहराते रहे और जश्न मनाते रहे। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस मामले की जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

फेयरवेल कार्यक्रम में छात्र कार और ट्रैक्टर से स्कूल पहुंचे थे।

इस दौरान कुछ छात्र हॉकी स्टिक लेकर डांस करते नजर आए।
हाईकोर्ट की चेतावनी, फिर भी नहीं थम रही स्टंटबाजी
बता दें कि युवाओं में रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर वायरल होने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। रील्स बनाने के चक्कर में युवा जान जोखिम में डालकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इससे पहले रतनपुर रोड पर नेशनल हाईवे रोककर तलवार से केक काटकर बर्थडे सेलिब्रेट करने का वीडियो सामने आया था।
मस्तूरी रोड पर गाड़ियों के काफिले में दरवाजे से बाहर निकलकर रील्स बनाने और पुराना रिवरव्यू में बाइक से स्टंट करने वाले वीडियो वायरल हो चुके हैं। इन घटनाओं पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी। शासन-प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

कोरबा
पेड़ की डाल नहीं, पूरा विशाल धौरा वृक्ष गिरा था, वन विभाग के दावे पर उठे सवाल
कोरबा/पाली। पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरका डांड में शनिवार शाम आंधी-तूफान और बारिश के दौरान हुई दर्दनाक घटना में तीन युवकों की मौत के मामले में अब कई सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया था कि तीनों युवक बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे रुके हुए थे, तभी पेड़ की भारी डाल टूटकर उन पर गिर गई। लेकिन मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने पर सामने आए तथ्यों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।


घटनास्थल पर देखा गया कि कोई डाल नहीं टूटी थी, बल्कि एक विशाल धौरा का पेड़ जड़ सहित गिरा हुआ था। वहीं ग्रामीणों, मृतक दिनेशु तिर्की के परिजनों तथा निर्माण कार्य में लगी महिलाओं ने बताया कि घटनास्थल पर वन समिति के माध्यम से सूअर पालन के लिए कोठा निर्माण का कार्य चल रहा था। उनके अनुसार दिनेशु तिर्की और कमलेश बड़ा निर्माण कार्य में लगे हुए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक तेज आंधी-तूफान शुरू हुआ। इसी दौरान धौरा वृक्ष से आवाज आई और कुछ ही क्षणों में वह घूमकर निर्माण स्थल पर गिर पड़ा। पेड़ के नीचे काम कर रहे युवक उसकी चपेट में आ गए। घटना में एक महिला को भी सिर और हाथ में हल्की चोटें आईं, जिसने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। इसके बाद लोगों ने किसी तरह दबे हुए लोगों को बाहर निकाला और घायल युवकों को वाहन की व्यवस्था कर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां जांच उपरांत दो युवकों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल युवक को रेफर किया गया, जिसकी रास्ते में मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार जंगल क्षेत्र होने के कारण तत्काल वाहन उपलब्ध नहीं हो पाया और अस्पताल पहुंचने में करीब ढाई घंटे का विलंब हुआ।
इधर जब इस संबंध में वन विभाग से जानकारी ली गई तो विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य में युवकों को लगाए जाने से इनकार किया। यहीं से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि निर्माण कार्य में युवक शामिल नहीं थे तो वे घटनास्थल पर क्या कर रहे थे? ग्रामीण, परिजन और वहां मौजूद महिलाएं निर्माण कार्य में लगे होने की बात क्यों कह रही हैं? यदि वन समिति के अंतर्गत निर्माण कार्य चल रहा था तो वहां कार्यरत लोगों की निगरानी कौन कर रहा था? निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे? क्या कार्य शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन किया गया था? यदि नाबालिग मौके पर मौजूद थे तो उनकी उपस्थिति किन परिस्थितियों में थी? क्या निर्माण कार्य के लिए मजदूरों का कोई पंजीयन या उपस्थिति रजिस्टर रखा गया था? दुर्घटना के समय वहां कितने लोग काम कर रहे थे और उन्हें किसके निर्देश पर लगाया गया था? आखिर घटना के संबंध में सामने आ रहे अलग-अलग दावों में सच्चाई क्या है?
मृतकों में 14 वर्षीय शिवराम टेकाम और 17 वर्षीय दिनेश तिर्की भी शामिल हैं। ऐसे में नाबालिगों से कार्य कराए जाने की आशंका को लेकर मामला और गंभीर हो जाता है। अब आवश्यकता इस बात की है कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना के समय वहां वास्तव में क्या कार्य चल रहा था और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।फिलहाल यह मामला केवल प्राकृतिक दुर्घटना तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनके जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
चोरकाडांड निवासी हीरा सिंह ने बताया कि वन विभाग द्वारा पशुपालन के लिए भवन निर्माण कराया जा रहा था, जिसमें युवक कार्य कर रहे थे। उनके अनुसार मौसम सामान्य था और केवल हल्की हवा चल रही थी। इसी दौरान अचानक एक विशाल धौरा पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।

मृतक दिनेशु तिर्की की मां हीरामणि ने बताया कि उनका बेटा पिछले तीन दिनों से वहां काम पर जा रहा था। घटना की जानकारी गांव के एक युवक ने आकर दी, जिसके बाद वह तत्काल घटनास्थल पहुंचीं। ग्रामीणों की मदद से वाहन की व्यवस्था कर घायल युवकों को पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत की खबर मिली।

काम करने वाली राधाबाई बाइसेम्हर ने बताया कि वह एक अन्य महिला के साथ दो दिनों से निर्माण कार्य में लगी थीं। हादसे के समय वह बालू उठा रही थीं, जबकि दूसरी महिला बालू छान रही थी। तभी कटने जैसी तेज आवाज सुनाई दी। जान बचाने के लिए भागते समय विशाल धौरा वृक्ष गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। राधाबाई ने बताया कि तीनों युवक पिछले दो दिनों से पानी ढुलाई और मसाला बनाने का काम कर रहे थे।





छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल की चर्चा कोलकाता तक,व्यवसायी राजीव कुमार सिंह ने डॉ. रमन सिंह से की मुलाकात
पूर्व मुख्यमंत्री के सुशासन और विकास कार्यों को बताया राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के विस्तार की महत्वपूर्ण प्रेरणा
सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर। कोलकाता के व्यवसायी राजीव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा उनके पुत्र एवं पूर्व सांसद अभिषेक सिंह से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों और सुशासन के मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में स्थापित विकास की सकारात्मक छवि ने देश के विभिन्न हिस्सों में भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुलाकात के दौरान राजीव कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने पारदर्शी प्रशासन, नियोजित आधारभूत संरचना, जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। उनके अनुसार, इन उपलब्धियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सामने सुशासन का एक व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसने अन्य राज्यों में भी सकारात्मक राजनीतिक संदेश पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति के लिए मजबूत प्रशासन, निवेश-अनुकूल वातावरण, कानून-व्यवस्था तथा विकासोन्मुख नीतियां आवश्यक होती हैं। छत्तीसगढ़ में इन पहलुओं पर किए गए कार्यों ने राज्य को एक अलग पहचान दिलाई, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होती रही है।

राजीव कुमार सिंह ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में उद्योग एवं व्यापार जगत उन राज्यों की ओर विशेष उम्मीद से देख रहा है, जहां प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुशासन, आर्थिक विकास और सामाजिक समरसता पर आधारित नीतियां देश के विभिन्न राज्यों में विकास की नई संभावनाओं को जन्म देंगी।

मुलाकात के दौरान डॉ. रमन सिंह और अभिषेक सिंह ने भी विकास, जनकल्याण और सुशासन के विषयों पर विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रदेश के विकास मॉडल, निवेश की संभावनाओं तथा राष्ट्रीय स्तर पर उभरते आर्थिक अवसरों पर भी चर्चा हुई।

राजीव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ के विकास अनुभवों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि राज्य ने सीमित संसाधनों के बावजूद जिस प्रकार विकास और प्रशासनिक स्थिरता का उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय है।
कोरबा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले में एक लाख से अधिक आवास पूर्ण
मनरेगा के माध्यम से हितग्राहियों को मिल रहा 90 दिवस का रोजगार
कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। वर्ष 2016 से अब तक जिले में कुल 1,00,013 आवासों का निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, जिससे हजारों ग्रामीण परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आवासहीन एवं वंचित परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए चरणबद्ध तरीके से 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य हेतु 90 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे हितग्राहियों को मजदूरी भुगतान का लाभ भी प्राप्त होता है।

योजना के अंतर्गत एसईसीसी-2011 सर्वे तथा वर्ष 2018 में आयोजित आवास प्लस सर्वे में पात्र पाए गए परिवारों को क्रमबद्ध रूप से आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप आवास निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
जिले में वर्ष 2016 से 2023 के दौरान 61,223 आवास पूर्ण किए गए, जबकि वर्ष 2024 से 2026 के बीच 37,804 आवासों का निर्माण पूरा हुआ। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 478 आवास तथा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत 508 आवास पूर्ण किए गए हैं।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार पात्र ग्रामीण हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में एक लाख से अधिक आवासों का पूर्ण होना ग्रामीण विकास एवं जनकल्याण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
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