छत्तीसगढ़
भारतमाला मुआवजा घोटाला…फरार तहसीलदार-नायब तहसीलदार अरेस्ट:भूमाफिया-पटवारी और अधिकारियों के साथ मिलकर तैयार किए फर्जी डॉक्यूमेंट, किया 43 करोड़ का स्कैम
रायपुर,एजेंसी। रायपुर जिले के अभनपुर में हुए भारतमाला परियोजना के तहत मुआवजा घोटाले में फरार चल रहे 2 आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शशिकांत कुर्रे (तत्कालीन तहसीलदार, अभनपुर) और लखेश्वर प्रसाद किरण (तत्कालीन नायब तहसीलदार गोबरा नवापारा) शामिल हैं। इन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच के अनुसार, रायपुर-विशाखापट्नम और दुर्ग-बायपास भारतमाला सड़क निर्माण परियोजना के दौरान पद का दुरुपयोग करते हुए आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि, उन्होंने अपने अधीनस्थ पटवारी, राजस्व निरीक्षक, भूमाफिया और अन्य लोगों के साथ मिलकर कूटरचित राजस्व अभिलेख तैयार कराए।
इन दस्तावेजों के आधार पर प्रभावित भू-स्वामियों को वास्तविक मुआवजा राशि से कई गुना ज्यादा भुगतान कराया गया। जिससे शासन को करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ।

सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज
जानकारी के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे निरस्त कर दिया गया था। इससे पहले स्पेशल कोर्ट से इनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा जारी की थी। विशेष न्यायालय रायपुर में आरोपियों की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई के लिए भी प्रकरण विचाराधीन है।
कैसे हुआ घोटाला ?
भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।
इस केस में कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था।
शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है।
जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए
राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया।
मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है।
12 बंडलों में 8000 पन्नों का चालान पेश
इस मामले में EOW ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 12 बंडलों में 8000 पन्नों का चालान पेश किया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने 43 करोड़ के भूमि अधिग्रहण घोटाले में 10 लोगों को आरोपी बनाया है। इन लोगों ने कथित तौर पर जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया।

भारतमाला परियोजना घोटाला मामले के आरोपी।

EOW के वकील के अनुसार जमीन दलाल हरमीत सिंह के अकाउंट में करोड़ों रुपए ट्रांसफर हुए हैं।
EOW ने हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी, केदार तिवारी, विजय जैन, कुंदन बघेल, भोजराज साहू, खेमराज कोसले, पुन्नूराम देशलहरे, गोपाल वर्मा, नरेंद्र नायक के खिलाफ पेश चालान किया है। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।
EOW ने तकनीकी दस्तावेज, मोबाइल चैट्स, बैंक ट्रांजेक्शन और कई गवाहों के बयान को चालान का हिस्सा बनाया है। EOW अब अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच संदिग्ध लेनदेन, फर्जी दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर घोटाले के प्रमाण मिले हैं।
EOW के वकील सौरभ पांडे के मुताबिक 3 तरीके से पूरा फर्जीवाड़ा किया गया। वहीं जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा को 23 करोड़ मिले। जिन्हें ज्यादा मुआवजा मिला उनके अकाउंट से हरमीत को पैसे ट्रांसफर हुए हैं।
क्या है भारत माला परियोजना ?
भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है, जिसके तहत करीब 26 हजार किलोमीटर आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हैं। यह कॉरिडोर गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ेंगे। देश के अधिकांश फ्रेट ट्रैफिक को इन्हीं मार्गों से ले जाने की योजना है। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर इसी परियोजना का अहम हिस्सा है।

कोरबा
एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल का परीक्षा परिणाम रहा 99 प्रतिशत
सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में बच्चों ने किया उत्कृष्ठ प्रदर्शन
चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने दी बच्चों एवं अध्यापकों को बधाई
कोरबा। 2025-26 में सीबीएसई बोर्ड द्वारा आयोजित 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है, जिसमें ग्राम खरहरकुड़ा (मड़वारानी) में संचालित सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल के बच्चों ने आसपास के पूरे क्षेत्र में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर विद्यालय सहित अपने परिजनों एवं क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

विद्यालय द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार कक्षा 10वीं से मयंक यादव ने 80.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान अर्जित किया। छात्रा रौनक जहां ने 79.4 प्रतिशत से द्वितीय स्थान व छात्र भविष्य सिंह राठौर ने 75.8 प्रतिशत से तृतीय स्थान प्राप्त कर पूरे क्षेत्र में नया कीर्तिमान रचते हुये क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती शोमा सोनी ने बताया कि इस सत्र कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 19 छात्र परीक्षा में सम्मिलित हुये, जिसमें 18 छात्र उत्तीर्ण हुये। इस प्रकार 10वी बोर्ड परीक्षा परिणाम 99 प्रतिशत रहा। 10वीं के छात्रों ने सर्वाधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस पर विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ.राजकुमार अग्रवाल ने सभी छात्रों को शुभकामना देते हुये उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य सभी बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में उन्नत शिक्षा प्रदान करना है, ताकि एक बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सभी बच्चे समाज को एक नयी धारा से जोड़ते हुये राष्ट्र विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने बच्चों की इस सफलता के पीछे उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों के परिश्रम की सराहना करते हुये बधाई दी।

कोरबा
भूविस्थापितों के रोजगार और आजीविका के लिए एसईसीएल को गम्भीर होना पड़ेगा – सांसद ज्योत्सना महंत
सीएमडी को लिखे पत्र में वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव
कोरबा/बिलासपुर। कोरबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं कोयला खान एवं इस्पात सबंधी स्थायी समिति सदस्य श्रीमती ज्योत्स्ना महंत ने एसईसीएल सीएमडी को लिखे पत्र में कोरबा जिले के कोयला खदानों के भू-विस्थापित परिवारों के भविष्य और उनके रोजगार की गंभीर समस्या को देखते वर्तमान नियमों में क्रांतिकारी बदलाव करने की मांग की है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि कोल इंडिया की मौजूदा नीतियों के कारण केवल 20% प्रभावित परिवारों को रोजगार मिल पा रहा है, जबकि 80% लोग आज भी अपने हक के लिए भटक रहे हैं। सांसद महंत ने कोल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि रोजगार न मिलने के कारण क्षेत्र में आए दिन होने वाले आंदोलन और धरना-प्रदर्शन से न केवल उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि राष्ट्र के राजस्व को भी बड़ी हानि होती है ।

प्रमुख मांगें और प्रस्तावित संशोधन
सांसद ने स्थानीय युवाओं और विस्थापितों को सशक्त बनाने के लिए निम्नलिखित ठोस प्रस्ताव रखे हैं:-
वर्तमान में भू-विस्थापित फर्मों और सहकारी समितियों के लिए आरक्षित 5 लाख रुपये की टेंडर सीमा को बढ़ाकर न्यूनतम 20 लाख रुपये किया जाए ।
विस्थापितों के लिए वार्षिक टेंडर सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि उन्हें बड़े काम मिल सकें ।
चूंकि अब अधिकांश कार्य आउटसोर्सिंग के जरिए हो रहे हैं। सांसद ने मांग की है कि मिट्टी और कोयला उत्खनन करने वाली निजी कंपनियों सहित खदान के अन्य संबंधित में कार्यों में कम से कम 80 प्रतिशत भर्ती स्थानीय विस्थापित परिवारों से ही अनिवार्य की जाए ।
SECL में लगने वाले सभी चार पहिया वाहनों के टेंडर को पूर्णतः भू-विस्थापितों के लिए आरक्षित किया जाए ।
विस्थापितों का हक हमारी प्राथमिकता
सांसद ज्योत्सना महंत ने पत्र के माध्यम से प्रबंधन को अवगत कराया है कि गेवरा दीपका और कुसमुंडा जैसे मेगा प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना अनिवार्य है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि SECL प्रबंधन इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए नियमों में आवश्यक संशोधन करेगा, जिससे हजारों बेरोजगार परिवारों को सम्मानजनक आजीविका मिल सके ।
कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि जब जमीन हमारी है, तो उस पर पहला हक भी हमारा होना चाहिए। हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विस्थापितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।
गौरतलब है कि ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के प्रयासों से 2021-22 से भूविस्थापित कोटा के तहत 5 लाख रुपये तक की मूल्य के टेंडर आरक्षित किया गया था और उसकी सीमा बढ़ाने का आश्वसन दिया गया था, किंतु कोयला प्रबंधन इस दिशा में उदासीन रवैय्या अपनाए हुये है इस मुद्दे पर संगठन ने एसईसीएल सहित जिले के जनप्रतिनिधियों को गंभीरता दिखाने की मांग किया था ।

कोरबा
एनकेएम एलपीएस खरहरकुड़ा के 19 अप्रैल को स्थापना दिवस के अवसर पर होगा लायंस गौरव सम्मान समारोह और एनकेएम लायंस अनाथालय एवं बाल विकास केन्द्र का लोकार्पण
कोरबा/मड़वारानी। ग्रामीण अंचलों मे रह रहे बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में उन्नत शिक्षा प्रदान करने के लिए लायंस पब्लिक स्कूल ट्रस्ट द्वारा ग्राम मड़वारानी में सीबीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालय एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल का संचालन विगत 10 वर्षो से किया जा रहा है, जिसके 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर 19 अप्रैल 2026 दिन रविवार को विद्यालय परिसर में एनकेएम लायंस गौरव सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही एनकेएम लायंस अनाथालय एवं बाल विकास केन्द्र का विधिवत् लोकार्पण छ.ग.राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय (राष्ट्रीय अध्यक्ष-आदिवासी कंवर समाज) के मुख्य आतिथ्य में किया जायेगा। साथ ही कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में मशहूर फिल्म अभिनेत्री श्रीमती मंदाकिनी (फिल्म फेम स्टार-राम तेरी गंगा मैली) उपस्थित रहेंगी। सुश्री सरोज पाण्डेय (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाजपा एवं पूर्व सांसद) बतौर गेस्ट आफ ऑनर व श्रीमती संजू देवी राजपूत (महापौर, नगर पालिक निगम कोरबा) प्रमुख वक्ता रहेंगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि गोपाल मोदी (भाजपा जिलाध्यक्ष, जिला कोरबा), श्रीमती विभा अवस्थी (प्रदेश अध्यक्ष-भाजपा महिला मोर्चा), श्रीमती रेणुका राठिया (सदस्य-जिला पंचायत जिला कोरबा), हितानंद अग्रवाल (एमआईसी सदस्य), श्रीमती गायत्री कंवर (उपाध्यक्ष, न.पा.परिषद बांकीमोंगरा), पीएमजेएफ लायन विजय अग्रवाल (डिस्ट्रिक्ट गवर्नर), पीएमजेएफ लायन रिपुदमन पुसरी (प्रथम वाईस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर), पीएमजेएफ लायन पवन मलिक (द्वितीय वाईस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर) रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ.राजकुमार अग्रवाल द्वारा किया जायेगा।

इस पर विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ.राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि लायंस पब्लिक स्कूल ट्रस्ट द्वारा एनकेएम लायंस अनाथालय एवं बाल विकास केन्द्र का संचालन किया जाना है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों के 6 से 10 वर्ष के अनाथ बालकों की शिक्षा, उनके आवास, भोजन एवं अन्य व्यवस्था करते हुये उनकी सही देखरेख करते हुये उन्हें काबिल बनाना है। जिसका लोकार्पण अतिथियों के करकमलों द्वारा किया जायेगा। साथ ही प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर ”एनकेएम लायंस गौरव सम्मान समारोहÓÓ का आयोजन किया जायेगा जिसमें आसपास की प्रतिभाशील एवं रचनात्मक कार्यों से जुड़ी महिलाओं, गणमान्य नागरिकों, ग्राम सरपंचों-पंचों, डॉक्टरों, शिक्षकों व लायंस लीडर्स (पूर्व प्रान्तपालों) का सम्मान किया जायेगा। इनके सम्मान से निश्चित ही अन्य लोग भी समाजसेवा करने हेतु प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम में फिल्म अभिनेत्री मंदाकिनी के साथ साथ विद्यालय के बच्चों द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जायेगी। उन्होंने विद्यालय के समस्त बच्चों, अभिभावकों, गणमान्य नागरिकों, ग्रामवासियों एवं पत्रकार बंधुओं को उक्त कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है, ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।

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