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छत्तीसगढ़

रायपुर : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की।मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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छत्तीसगढ़

अंबिकापुर में प्लास्टिक-पटाखे की दुकान में भीषण आग:7 घंटे बाद भी नहीं बुझी, 100 टैंकर पानी डाला गया, आसपास के घर खाली कराए गए

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अंबिकापुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्लास्टिक-पटाखे की दुकान में भीषण आग लग गई। मुकेश प्लास्टिक की होलसेल शॉप में आग लगी है। जहां लाखों रुपए के प्लास्टिक के सामानों और पटाखों का भंडारण था। 1 घंटे के अंदर आग ने 2 मंजिला बिल्डिंग को चपेट में ले लिया।

दुकान से सटे घर में भी आग लग गई। घटना प्लास्टिक सामान जलने के बाद आग से पटाखे जलने लगे, जिससे लगातार धमाके हो रहे थे। 10KM दूर से धुंए का गुबार दिखा। कोतवाली थाना क्षेत्र की है।

दोपहर 12 बजे की घटना के बाद 4 फायर ब्रिगेड की टीम ने 100 टैंकर पानी डाला है, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। पिछले 7 घंटे से रेस्क्यू जारी है। घटना की वजह अभी सामने नहीं आई है।

शाम के समय आसपास के इलाके की बिजली काटी गई। आग पर काबू नहीं पाया जा सका है।

शाम के समय आसपास के इलाके की बिजली काटी गई। आग पर काबू नहीं पाया जा सका है।

जहां आग लगी, वह घनी आबादी वाला इलाका है।

जहां आग लगी, वह घनी आबादी वाला इलाका है।

धुएं का गुबार 10 किलोमीटर दूर से दिखा।

धुएं का गुबार 10 किलोमीटर दूर से दिखा।

दुकान से सटे एक घर में भी आग लग गई थी।

दुकान से सटे एक घर में भी आग लग गई थी।

रिहायशी इलाके में पटाखे रखने पर उठाए सवाल

कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जनहानि नहीं हुई है। आसपास के घरों को खाली कर दिया गया था। वहीं निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने रिहायशी इलाके में ज्वलनशील पदार्थ रखने पर सवाल उठाए।

इस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शहर की जितनी भी गलियां है, इसमें फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच सकती। मैं सभी नागरिकों से आग्रह करूंगा की वे रोड का चौड़ीकरण करने दें।

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छत्तीसगढ़

सूरजपुर : महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा का सशक्त मॉडल :आधुनिक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ

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हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। सूरजपुर जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम दर्रीपारा में बेलाफूल महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा 90 लाख रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक पोषण आहार उत्पादन यूनिट का शुभारंभ किया गया।

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

इस अवसर पर श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य मौजूद रहीं।

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और बच्चों एवं माताओं को सुपोषण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह यूनिट केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनेगी।

ग्राम दर्रीपारा में स्थापित इस अत्याधुनिक यूनिट के माध्यम से परियोजना रामानुजनगर के 313 आंगनबाड़ी केंद्रों को मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यूनिट में लगभग 30 मीट्रिक टन पोषण आहार का उत्पादन किया जाएगा, जिससे बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध हो सकेगा।

यह पहल न केवल कुपोषण की चुनौती से निपटने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ अब उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण एवं वितरण जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने  कहा कि आत्मनिर्भर ग्राम सशक्त महिला की अवधारणा को साकार करने में ऐसे प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से पोषण आहार की गुणवत्ता, ताजगी एवं आपूर्ति व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
यह यूनिट महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्थानीय उद्यमिता के त्रिवेणी संगम का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।  प्रशासन द्वारा इस प्रकार के नवाचारी प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सके।

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छत्तीसगढ़

जग्गी हत्याकांड…अमित जोगी को SC से राहत, सरेंडर पर रोक:CBI से मांगा जवाब, उम्रकैद-अपील दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए CBI, राज्य सरकार और सतीश जग्गी को नोटिस जारी किया। साथ ही फैसला आने तक अमित जोगी के सरेंडर और जेल जाने पर रोक लगा दी।

अमित जोगी की ओर से दो आदेशों को चुनौती दी गई थी। पहला, जिसमें CBI को अपील करने की अनुमति दी गई और दूसरा, हाईकोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अब दोनों मामले की एक साथ सुनवाई हुई।

इससे पहले हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल को अमित जोगी को IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी गई थी। 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।

अमित जोगी बोले- न्यायपालिका पर मुझे पूरा विश्वास

अमित जोगी ने पिछली बार फेसबुक पर लिखा था कि, सर्वोच्च न्यायालय ने आज दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है। मेरी कानूनी टीम का हृदय से आभार। न्यायपालिका पर मुझे पूर्ण विश्वास है।

2003 में गोली मारकर की गई थी हत्या

4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे। जिनमें से बुल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी।

हालांकि, 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया।

हाईकोर्ट ने ट्रॉयल कोर्ट के फैसले को गलत बताया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा था कि यह मानना हास्यास्पद है कि बाकी दोषियों ने अमित जोगी को खुश करने के लिए उनकी जानकारी के बिना इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।

सतीश जग्गी का आरोप- तत्कालीन राज्य सरकार की प्रायोजित थी हत्या

हाईकोर्ट में अपील पर रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के अमित जोगी की दोषमुक्ति के खिलाफ पेश क्रिमिनल अपील पर उनके अधिवक्ता बीपी शर्मा ने तर्क दिया था। उन्होंने बताया था कि हत्याकांड की साजिश तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से प्रायोजित थी।

जब CBI की जांच शुरू हुई, तब सरकार के प्रभाव में सारे सबूतों को मिटा दिया गया था। ऐसे केस में सबूत अहम नहीं हैं, बल्कि षड्यंत्र का पर्दाफाश जरूरी है। लिहाजा, इस केस के आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त नहीं किया जा सकता।

विद्याचरण शुक्ल ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बनाया था। (फाइल इमेज)

विद्याचरण शुक्ल ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बनाया था। (फाइल इमेज)

कौन थे रामावतार जग्गी

कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ-साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था।

ये पाए गए थे दोषी

जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।

2 CSP, थाना प्रभारी समेत अन्य को हुई थी सजा

इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वालों में 2 तत्कालीन CSP और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह शामिल हैं।

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