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छत्तीसगढ़

रायपुर में विंग कमांडर ने किया सुसाइड:हरियाणा के थे, एयरफोर्स में ही काम करती थी पत्नी, लव मैरिज की थी, विवाद की आशंका

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रायपुर,एजेंसी। रायपुर में एयरफोर्स के विंग कमांडर ने सुसाइड कर लिया है। पुरैना स्थित विधायक कॉलोनी में विंग कमांडर की घर के अंदर फांसी पर लटकती लाश मिली है। पुलिस के मुताबिक, विपुल यादव (39) ने पुरैना विधायक कॉलोनी स्थित बंगला नंबर-79 में घर के कमरे में फांसी लगा ली।

विपुल हरियाणा के रहने वाले थे और रायपुर में तैनात थे। छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन से जुड़े दायित्व भी संभाल रहे थे। सुबह उनके घर में बेडरूम में उनका शव पंखे से लटका मिला। सबसे पहले घर की मेड ने देखा और पुलिस को सूचना दी। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।

उस समय दूसरे कमरे में उनके दोनों बच्चे सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी काम के सिलसिले में दिल्ली गई हुई थीं। दोनों की 2014 में लव मैरिज हुई थी। पत्नी पहले एयरफोर्स में काम करती थीं और फिलहाल आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। शुरुआती तौर पर पत्नी से विवाद में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।

विधायक कॉलोनी के इसी मकान में एयरफोर्स के विंग कमांडर ने फांसी लगाई है।

विधायक कॉलोनी के इसी मकान में एयरफोर्स के विंग कमांडर ने फांसी लगाई है।

विंग कमांडर विपुल यादव और उनकी पत्नी की फोटो।

विंग कमांडर विपुल यादव और उनकी पत्नी की फोटो।

विंग कमांडर विपुल यादव की लाश घर से पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

विंग कमांडर विपुल यादव की लाश घर से पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

वजह अभी तक स्पष्ट नहीं

पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

विंग कमांडर के मकान के बाहर सुरक्षाबल तैनात है।

विंग कमांडर के मकान के बाहर सुरक्षाबल तैनात है।

पीएम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फिलहाल, आत्महत्या के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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कोरबा

कोरबा में बैंक कर्मी की सड़क हादसे में मौत

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कोरबा/उरगा। कोरबा के उरगा गुमिया के पास भारतमाला मुख्य मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार मवेशी से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी थी। घायल चालक को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार को उसकी मौत की पुष्टि हुई। मृतक की पहचान कोरबा पुरानी बस्ती, दुरपा रोड निवासी प्रज्वल राठौर (26) के रूप में हुई है। वह आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत थे और मूल रूप से सक्ती के पासिद (सुआ डेरा) के रहने वाले थे, जो पिछले कई सालों से कोरबा में रह रहे थे।

अचानक मवेशी के आने से हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि प्रज्वल कोरबा से रायपुर किसी परिचित को देखने हॉस्पिटल जा रहे थे। भारतमाला मार्ग पर अचानक एक मवेशी सामने आ गया, जिससे यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मवेशी की भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार के एयरबैग खुल गए थे।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

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कोरबा

मजदूरों के हक में गूंजा न्याय, RCWF ने सेंट्रल ट्रिब्यूनल में जीती दो बड़ी कानूनी लड़ाइयाँ

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चिरमिरी कोलियरी के श्रमिकों को मिलेगा 6प्रतिशत ब्याज के साथ एरियर और पदोन्नति का लाभ
कोरबा/चिरमिरी। राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) ने श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए केंद्रीय औद्योगिक अधिकरण (Central Industrial Tribunal) से दो महत्वपूर्ण मामलों में ऐतिहासिक जीत हासिल की है। ट्रिब्यूनल ने प्रबंधन की गलतियों को सुधारते हुए श्रमिकों के पक्ष में फैसला सुनाया है और उन्हें बकाया राशि पर 6प्रतिशत ब्याज भुगतान करने का आदेश दिया है ।

प्रमुख मामले और ट्रिब्यूनल का फैसला
मोहम्मद जमील:- 32 साल बाद मिला ऑफिशिएटिंग अलाउंस का हक।

पृष्ठभूमि:- मोहम्मद जमील की नियुक्ति 1994 में कैटेगरी -1 में हुई थी, लेकिन उनसे क्लर्क ग्रेड का POL इश्यूअर कार्य लिया गया। प्रबंधन ने लंबे समय तक उन्हें उचित भत्ता नहीं दिया और मांग करने पर उनका स्थानांतरण कर दिया गया।
फैसला:- ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह माना कि मो. जमील ऑफिशिएटिंग अलाउंस के हकदार हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि उन्हें पूरी कार्य अवधि का भत्ता 6′ वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान किया जाए ।
जे.पी. वर्मा:- 39 साल पुराने ‘कैडर स्कीमÓ विवाद पर जीत
पृष्ठभूमि: फार्मासिस्ट जे.पी. वर्मा के मामले में प्रबंधन की प्रशासनिक देरी (कैडर स्कीम 1987 को चिरमिरी एरिया में 1989 में लागू करना) की वजह से उनकी वरिष्ठता प्रभावित हुई थी जिससे वे पदोन्नति में पिछड़ गए थे ।
फैसला:- ट्रिब्यूनल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आदेश दिया कि वर्मा को पिछली तारीखों से सभी पदोन्नतियों का लाभ दिया जाए और उनके वेतन का पुन: निर्धारण कर 6प्रतिशत ब्याज सहित एरियर का भुगतान किया जाए ।
यूनियन की प्रतिबद्धता
RCWF के महामंत्री प्रो. भागवत प्रसाद दुबे ने स्वयं इन मामलों में स्टेटमेंट ऑफ क्लेम तैयार किया और पैरवी की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा:- यह केवल दो श्रमिकों की जीत नहीं है बल्कि उन सभी कामगारों की जीत है, जो प्रबंधन की विसंगतियों के कारण अपने हक से वंचित रह जाते हैं। चूँकि प्रबंधन के साथ वार्ता प्रणाली (IR System) फिलहाल बाधित है, इसलिए यूनियन पूरी ताकत के साथ कन्सीलिएशन मशीनरी और ट्रिब्यूनल के माध्यम से लड़ाई लड़ रही है ।

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कोरबा

18 घंटे में ज्वेलरी चोरी का खुलासा : अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार

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कोरबा। कोरबा पुलिस ने ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी की वारदात का महज 18 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 03 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी का सोना और वारदात में इस्तेमाल की गई कार जब्त की है।
यह घटना 24 अप्रैल को सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। दोपहर करीब 12:15 बजे तीन महिलाएं ग्राहक बनकर एक ज्वेलरी दुकान में पहुंचीं। ज्वेलरी देखने के बहाने उन्होंने दुकानदार का ध्यान भटकाया और मौका मिलते ही सोने के जेवर चोरी कर फरार हो गईं।

कई राज्यों में दे चुके हैं वारदात
दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी पूरी हरकत कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में इसी तरह चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। गिरफ्तार महिलाओं में से दो पहले भी कोलकाता में चोरी के मामलों में जेल जा चुकी हैं।
सास, बहू और दामाद भी शामिल
कोरबा में वारदात के बाद आरोपी संबलपुर (ओडिशा) में अगली चोरी की योजना बना रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में सास, बहू और दामाद भी शामिल हैं।
4.50 लाख का सोना बरामद

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए दो सोने के चेन और एक सोने का लॉकेट बरामद किया गया है। इनकी कुल कीमत करीब 4.50 लाख रुपए बताई जा रही है। वारदात में इस्तेमाल की गई XUV300 कार भी जब्त कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
नासिर मोल्ला (41)
सजना बीबी (40)
मिथुन चक्रवर्ती (38)
तापसी दास (38)
गुलापी दास (55)
ये सभी पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। पुलिस अब गिरोह से अन्य राज्यों में हुई चोरी की वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
कानूनी कार्यवाही – प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध धारा 305(A) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
इस तरह देते थे अपराध को अंजाम
आरोपीगण द्वारा सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर वारदात को अंजाम दिया जाता था। गिरोह की महिलाएं ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकान में प्रवेश करती थीं और आभूषण देखने के दौरान दुकानदार/कर्मचारियों का ध्यान भटकाती थीं, जबकि उनके साथी मौके का फायदा उठाकर आभूषण चुपचाप अपने कब्जे में लेकर निकल जाते थे। वारदात के तुरंत बाद आरोपीगण वाहन से तेजी से स्थान बदलकर दूसरे शहर/राज्य की ओर निकल जाते थे, जिससे उनकी पहचान एवं गिरफ्तारी कठिन हो सके।
कई अन्य मामलों का खुलासा
पुलिस पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि ये गिरोह पश्चिम बंगाल के राणाघाट, मालदा एवं सिलीगुड़ी क्षेत्र में भी इसी प्रकार की वारदातें कर चुका है तथा छत्तीसगढ़ के अन्य बड़े शहर इनके टारगेट में थे। अन्य मामलों में पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई अन्य मामलों का खुलासा हो सकेगा।

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