कोरबा
लोकसभा चुनाव:कोरबा से तीन नाम पैनल में, जयसिंह भी रेस में
रायपुर , एजेंसी। लोकसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो चुकी है। वहीं कांग्रेस में बैठकों के साथ चर्चा का दौर जारी है। दिल्ली में सोमवार को घंटों चली बैठक के बावजूद कांग्रेस के दिग्गज एक सीट पर भी सिंगल नाम तय नहीं कर पाए हैं। दरअसल, भाजपा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होने के बाद कांग्रेस ज्यादा सावधानी बरत रही है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस की ओर से पहले तैयार किए गए पैनल में अब कुछ बदलाव किए जाने की चर्चा है। पार्टी रायपुर, राजनांदगांव जैसी सीट पर दिग्गज नेताओं को उतार सकती है।
अलग-अलग सीटों पर इन नामों पर भी चर्चा
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम चर्चा में है। रायपुर और राजनांदगांव दोनों लोकसभा सीटों पर उनके नाम को लेकर प्रस्ताव आया है। हालांकि राजनांदगांव से छन्नी साहू का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। छन्नी साहू इसी सीट से विधायक भी रह चुकी हैं। रायपुर से पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू का नाम भी सामने आया है। धनेंद्र पहले भी एक बार रायपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं दुर्ग से पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और राजेंद्र साहू, कांकेर से मोहन मरकाम और बीरेश ठाकुर में से किसी एक के नाम पर फैसला हो सकता है। 00कोरबा, बस्तर को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर00 सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कोरबा और बस्तर को लेकर भी नाम तय नहीं हो पाए हैं। पहले माना जा रहा था कि इन दोनों सीटों पर स्थिति साफ है। कांग्रेस एक बार फिर से अपने सांसदों को रिपीट करेगी, लेकिन एक भी सीट पर सिंगल नाम तय नहीं हो सके। वहीं पूर्व आबकारी मंत्री ने भी विरोध का बिगुल फूंक दिया है। अपने बेटे हरीश लखमा को बस्तर से टिकट दिलाने के लिए वह समर्थकों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने पार्टी हाईकमान के सामने अपनी बात भी रख दी है। हालांकि अभी कोरबा से ज्योत्सना महंत और बस्तर से दीपक बैज सांसद हैं।
ये है कांग्रेस का पैनल
सरगुजा -प्रेमसाय सिंह टेकाम, शशि सिंह, खेलसाय सिंह
रायगढ़-अमरजीत भगत, लालजीत राठिया, रानी जयमाला सिंह ,
जांजगीर-चांपा-शिव डहरिया, रमेश पैगवार, राइस किंग खूंटे ,
कोरबा-चरणदास महंत, ज्योत्सना महंत, जयसिंह अग्रवाल ,
बिलासपुर-टीएस सिंहदेव, संतोष कौशिक, रामशरण यादव
,राजनांदगांव-भूपेश बघेल, महेश चद्रवंशी, छन्नी साहू ,
दुर्ग-ताम्रध्वज साहू, राजेंद्र साहू, प्रतिमा चंद्राकर ,
रायपुर-भूपेश बघेल, विकास उपाध्याय, डॉ. राकेश गुप्ता, सुशील आनंद शुक्ला
,महासमुंद-धनेंद्र साहू, उमेश पटेल, देवेंद्र बहादुर सिंह, विनोद चंद्राकर ,
बस्तर-दीपक बैज, कवासी लखमा, हरीश लखमा ,
कांकेर-बीरेश ठाकुर, मोहन मरकाम, अनिला भेंडिय़ा, शिशुपाल सोरी
जातीय समीकरणों पर भी जोर
छह सामान्य संसदीय क्षेत्रों में भी जातिगत संतुलन बनाने को लेकर चर्चा हुई। इनमें दो सामान्य और चार ओबीसी समेत अन्य समुदाय के प्रत्याशी तय किए जा सकते हैं। कम से कम दो सीट में ब्राह्मण प्रत्याशियों को टिकट मिल सकता है। हालांकि यह तय नहीं हो पाया कि साहू समुदाय के प्रत्याशी को किस सीट से उतारा जाए। वहीं पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और धनेंद्र साहू के अलावा छन्नी साहू को लेकर जरूर कमेटी में चर्चा हुई।
कोरबा
निगम का पुनरीक्षित बजट वर्ष 2025-26 एवं बजट वर्ष 2026-27 एम.आई.सी. द्वारा पारित, साधारण सभा की ओर अग्रेषित
मेयर इन काउंसिल की बैठक में निगम केे विभिन्न कार्यो से जुडे़ प्रस्तावों को दी गई स्वीकृति
(महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की उपस्थिति में नव निर्मित सभागार मे सम्पन्न हुई मेयर इन काउंसिल की पहली बैठक)
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा का पुनरीक्षित बजट वर्ष 2025-26 एवं बजट वर्ष 2026-27 एमआईसी द्वारा पारित कर आवश्यक स्वीकृति हेतु साधारण सभा की ओर अग्रेषित किया गया। मेयर इन काउंसिल द्वारा निगम के विभिन्न कार्यो से जुडे़ प्रस्तावों पर विचार विमर्श पश्चात सर्वसम्मति से आवश्यक स्वीकृतियांॅं भी दी गई, साथ ही राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना एवं सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित पेेंशन योजना के हितग्राहियों को भी एम.आई.सी. द्वारा अपनी स्वीकृति प्रदान की गई।

महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की विशेष उपस्थिति में निगम की मेयर इन काउंसिल की बैठक आज पं.जवाहरलाल नेहरू सभागार स्थित एम.आई.सी. कक्ष में आयोजित हुई। बैठक में मेयर इन काउंसिल सदस्य हितानंद अग्रवाल, भानुमति जायसवाल, अजय गोंड़, फिरतराम साहू, उर्वशी राठौर, ममता यादव, अजय कुमार चन्द्रा एवं सरोज शांडिल्य आदि उपस्थित थे। नगर पालिक निगम कोरबा का पुनरीक्षित बजट वर्ष 2025-26 एवं बजट वर्ष 2026-27 मेयर इन काउंसिल के समक्ष रखा गया, एमआईसी द्वारा सर्वसम्मति से बजट प्रस्ताव को पारित करते हुए बजट को आवश्यक स्वीकृति हेतु निगम की आगामी साधारण सभा की ओर अग्रेषित किया गया। बैठक के दौरान पेनल लायर की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव, जाति उद्घोषणा की स्वीकृति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता व मुख्यमंत्री पेंशन योजना के हितग्राहियों की स्वीकृति, जल आवर्धन फेस-2 अंतर्गत 29 एम.एल.डी. जलउपचार संयंत्र के संधारण संचालन कार्य, वीर सावरकर भवन के आबंटन, अधोसंरचना मद से नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्रांतर्गत 05 करोड़ 93 लाख रूपये से मुख्य सड़कों का डामरीकरण सहित शहर के विभिन्न मार्गो के डामरीकरण कार्य से जुड़े प्रस्तावों, बुधवारी बाजार पुर्नविकास परियोजना, सीबीजी प्लांट एरिया बरबसपुर में विभिन्न निर्माण कार्य, हाई मास्ट लाईट स्ट्रीट लाईट आदि से जुड़े कार्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव, पालना घर कार्यकर्ता एवं सहायिक नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव, मुड़ापार बाजार में प्रकाश व्यवस्था, निगम क्षेत्रांतर्गत जल प्रदाय संचालन संधारण हेतु श्रमिक प्रदाय सहित बैठक में प्रस्तुत अन्य प्रस्तावों पर निगम की एमआईसी द्वारा स्वीकृतियाॅं दी गई तथा प्रस्तावों पर आवश्यक निर्णय लिये गये।
बैठक के दौरान निगम के अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, उपायुक्त पवन वर्मा एवं बी.पी.त्रिवेदी, लेखाधिकारी भवकांत नायक, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर, संपदा अधिकारी सचिन तिवारी, जोन कमिश्नर व कार्यपालन अभियंता भूषण उरांव, एन.के.नाथ, अखिलेश शुक्ला, राकेश मसीह, लीलाधर पटेल, सुनील टांडे, स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.संजय तिवारी, सहायक अभियता पीयूष राजपूत, सुशील चन्द्र सोनी, दीवाकांत जायसवाल, आनंद दुबे, अरूण मिश्रा, अरविंद सिंह, उदय मंडल, आदि के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


कोरबा
कोरबा: अडानी पावर परियोजना में हड़ताल पर प्रशासन ने लिया संज्ञान, सहमति के बाद काम शुरू
कोरबा। ग्राम पताढ़ी स्थित Korba Power Limited की 2×660 मेगावाट विस्तार परियोजना में मजदूरों की हड़ताल पर जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया। मजदूर 14 मार्च से वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान, कार्य अवधि समेत विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे तीन दिनों तक परियोजना कार्य प्रभावित रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने 16 मार्च से वार्ता शुरू कराई और 17 मार्च को प्रशासन, ठेका कंपनी, प्रबंधन व श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में मजदूरों की प्रमुख मांगों पर चर्चा कर सहमति बनाई गई।

प्रबंधन की ओर से न्यूनतम मजदूरी लागू रखने, ओवरटाइम का दोगुनी दर से भुगतान, दुर्घटना की स्थिति में वैधानिक मुआवजा, कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं और वेतन पर्ची देने पर सहमति बनी।
सहमति के बाद मजदूरों ने हड़ताल समाप्त कर दी है और 18 मार्च से सभी श्रमिक कार्य पर लौटेंगे। प्रशासन के हस्तक्षेप से ठप पड़ा परियोजना कार्य फिर से शुरू होने की राह पर है। जिसकी जानकारी अडानी पावर परियोजना के अधिकारियों की तरफ से दी गई है।


कोरबा
80 फीसदी कमाई दे रहे कोरबा की उपेक्षा क्यों : ज्योत्सना, रेलवे बजट में अनुदान मांगों पर बोली कोरबा सांसद
कोरबा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने लंबे समय से रेल यात्री सुविधाओं को लेकर कोरबा की उपेक्षा का मामला रेल बजट में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान उठाया। उन्होंने सीधे पूछा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को 80 फीसदी कमाई कोरबा दे रहा है तो फिर वहां के लोगों को यात्री सुविधाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र से राजस्व उस क्षेत्र को न्याय मिलना ही चाहिए।

सांसद ज्योत्सना महंत ने कोरबा में 30 लाख से ज्यादा की लागत से निर्मित पिटलाइन को शुरू कराने के साथ ट्रेनों को मालगाडिय़ों की दया पर न छोडऩे की बात भी कही। सांसद ने कोरबा के मुद्दे को लेकर कहा कि आखिर यहां पर फ्लैगशिप योजना के तहत बनाई गई पिटलाइन को शुरू करने में क्या दिक्कत है। जब तक पिटलाइन पूरी तरह सक्रिय नहीं होगी तब तक नई यात्री ट्रेनें कैसे शुरू होगी। उनका कहना था कि सरकार वंदे भारत के विज्ञापन पर करोड़ों खर्च कर रही है और कोरबा में आम आदमी को लोकल गाड़ी के लिए 4-4 घंटे प्रतिक्षा करनी पड़ रही है।

उन्होंने गेवरा-पेण्ड्रा रेल कॉरिडोर का काम 10 साल बाद भी पूरा न होने पर सवाल खड़े किए। कोरबा से कटनी मार्ग पर एक भी सीधी गाड़ी न होने और कोरबा राउरकेला के बीच बने रेल ट्रैक पर 5 साल में मालगाडिय़ों के संचालन के बावजूद यात्री गाड़ी की कमी पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि क्या यहां के लोगों को रेल यात्रा का अधिकार नहीं है। सांसद ने चाम्पा, सक्ती स्टेशन पर गीतांजलि व अहमदाबाद एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की। उन्होंने कोरबा क्षेत्र की जनता को हो रही परेशानी के मसले को लेकर कहा कि स्थिति यह है कि मालगाडिय़ों के लिए यात्री ट्रेनें घंटों लेट कर दी जाती है। क्या सरकार भूल गई है कि रेल लोक कल्याणकारी सेवा है न कि केवल कॉमर्शियल लोडिंग कंपनी। जब अमृत भारत स्टेशन बनाए जा रहे है और नई पटरियां बिछाई जा रही है तो फिर यात्री ट्रेनों का वास्ता इनसे क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग रखी कि कई महत्वपूर्ण ट्रेनें जैसे नर्मदा एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और तिरूपति एक्सप्रेस बिलासपुर आकर ठहर जाती है। इनका विस्तार कोरबा तक करने में कोई समस्या नहीं है। इससे यात्रियों को और रेलवे को दोनों को फायदा होगा।

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