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कोरबा

प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिक दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजनों को 24 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत

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कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी क्रम में जिले में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान विभिन्न दुर्घटनाओं में हुई मृत्यु के 06 प्रकरणों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा एवं पाली की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा कुल 24 लाख रूपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत नदी, तालाब, बांध, कुंआ, नहर, नाला या गड्ढे में डूबने, सर्पदंश, बिच्छू या अन्य विषैले जीवों के काटने, नाव दुर्घटना, आग, गैस सिलेंडर विस्फोट, खदान धंसने, लू (सन स्ट्रोक), आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान, अतिवृष्टि, बाढ़ एवं विद्युत प्रवाह से मृत्यु होने पर मृतक के निकटतम वारिस को चार लाख रूपये की राशि स्वीकृत किए जाने का प्रावधान है।

अपर कलेक्टर ओंकार यादव से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोपी राम यादव, निवासी बांकी, तहसील कटघोरा की 22. अगस्त 2024 को पाली स्थित खदान में डूबने से मृत्यु हो जाने के कारण उनके निकटतम वारिस वारिस मंजू देवी, पुष्पेन्द्र सिंह, निवासी मुडापार, तहसील हरदीबाजार की 21 मई 2025 को सर्पदंश से मृत्यु हो जाने पर उनके वारिस बनवासा बाई, छतराम, निवासी पटपरा, तहसील पाली की  24 मई 2025 को सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके वारिस बिपतबाई (पहली पत्नी) एवं आशा (दूसरी पत्नी), पवन सिंह धनुहार, निवासी बारीउमराव, तहसील पाली की 12 अगस्त 2025 को पण्डरीपानी तालाब में डूबने से मृत्यु होने पर उनके वारिस फुलकुंवर धनुहार, गोवर्धन मरकाम, निवासी बनबांधा, तहसील पाली की 26 अगस्त 2025 को सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके वारिस कुबेर सिंह एवं विशाल सिंह और मुन्ना लाल, निवासी चुरैल, गेवरा बस्ती, तहसील दीपका की 03 सितंबर 2025 को ग्राम बाता के तालाब में डूबने से मृत्यु हो जाने के कारण उनके वारिस कामिनी को चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता राषि स्वीकृत की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने हेतु सभी आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ पूर्ण की जा रही है।

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कोरबा

सुशासन में आधुनिक कृषि को बढ़ावा, कम लागत में बढ़ी उपज और गुणवत्ता

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नैनो उर्वरक से बदली खेती की तस्वीर, किसान राममनोहर सोनी को मिल रहा अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ

अन्य कृषकों को भी आधुनिक खेती और नैनो उर्वरकों की दे रहे सीख

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन मिलने से किसानों को नई दिशा और मजबूती मिल रही है। शासन की किसान हितैषी योजनाओं और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के सकारात्मक परिणाम अब गांव-गांव में दिखाई देने लगे हैं। कोरबा जिले के ग्राम तिलकेजा के प्रगतिशील कृषक राममनोहर सोनी इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं, जिन्होंने नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग से अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाया है।

लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि में धान की खेती करने वाले श्री सोनी पिछले वर्ष से नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो उर्वरक अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ है। प्रारंभिक स्तर पर प्रयोग के रूप में प्राप्त नैनो उर्वरकों के उपयोग से उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले, जिसके बाद उन्होंने इसे अपनी खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा बना लिया। श्री सोनी ने बताया कि नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनके उपयोग में श्रम की आवश्यकता कम होती है। चार एकड़ क्षेत्र में केवल एक से दो व्यक्ति आसानी से इसका छिड़काव कर सकते हैं। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।
उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, गुणवत्ता में सुधार आया है तथा रोगों का खतरा भी कम हुआ है। साथ ही उत्पादन लागत में भी कमी आई है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन की तैयारियों के दौरान उन्हें सहकारी समिति के माध्यम से समय पर नैनो डीएपी और नैनो यूरिया उपलब्ध हो गया। समिति में परमिट भी तत्काल जारी किया गया और बिना किसी परेशानी के उर्वरक प्राप्त हो गया। उन्होंने कहा कि शासन की बेहतर व्यवस्थाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसानों को आवश्यक कृषि आदान सामग्री आसानी से उपलब्ध हो रही है। श्री सोनी के अनुसार नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के नियमित उपयोग से फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है तथा उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हुई है। इससे खेती अधिक लाभकारी बन रही है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
अन्य किसानों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि किसान भाई केवल पारंपरिक उर्वरकों पर अधिक निर्भर न रहें, बल्कि नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाएं। इससे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है तथा खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है।
कृषक राममनोहर सोनी ने किसानों के हित में की जा रही व्यवस्थाओं, समय पर उर्वरक उपलब्धता तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

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कोरबा

कोरबा के ग्रीन जोन में कब्जे का आरोप:पेड़ काटकर हो रही प्लाटिंग, निगम कर्मचारी पर मिलीभगत के भी आरोप

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कोरबा। कोरबा के मुड़ापार स्थित अंबेडकर भवन के पास नगर निगम के ग्रीन जोन में अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई एकड़ शासकीय जमीन पर हरे-भरे पेड़ काटकर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इस अवैध कब्जे में आम लोगों के साथ नगर निगम के एक कर्मचारी की संलिप्तता भी बताई जा रही है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार अंबेडकर भवन से सटी यह सरकारी जमीन ग्रीन जोन के रूप में चिन्हित है। पिछले कुछ दिनों से यहां लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। जमीन को समतल कर टेंट और तिरपाल लगाकर अवैध प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। नागरिकों ने नगर निगम के कर्मचारी मनोज बक्सेल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

निगम कर्मचारी पर मिलीभगत के आरोप

उनका कहना है कि बक्सेल ने इसी शासकीय जमीन पर अपना मकान बना लिया है। शिकायत के बाद मौके पर जेसीबी भेजी गई थी, लेकिन उनके मकान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी।

अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई का दावा

टीम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग का काम अब भी जारी है। पेड़ काटना और जमीन की नपाई नहीं रुकी है। वहीं इस मामले पर नगर निगम के जोन कमिश्नर पवन वर्मा ने बताया कि अवैध कब्जे और प्लाटिंग की शिकायत मिली थी, जिस पर मौके पर कार्रवाई की गई है। अन्य लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि निगम कर्मचारी की संलिप्तता के आरोपों पर विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

पाली रोड दीपका की दारू भट्टी को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्र. 01 में स्थानांतरित करने का उग्र विरोध, पार्षद कमलेश जायसवाल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

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कोरबा/दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका के अंतर्गत पाली रोड में लंबे समय से संचालित शराब दुकान (दारू भट्टी) को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्रमांक 01 में स्थानांतरित किए जाने के शासन-प्रशासन के प्रयास का स्थानीय स्तर पर प्रखर विरोध शुरू हो गया है। वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद कमलेश कुमार जायसवाल ने इस संवेदनशील जन-मुद्दे को लेकर कलेक्टर – कोरबा को एक औपचारिक आपत्ति पत्र सौंपकर इस दुर्भावनापूर्ण स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की है ।

पार्षद कमलेश जायसवाल ने अत्यंत चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस मदिरा दुकान को घनी आबादी वाले वार्ड क्रमांक 01 और तहसील रोड के समीप खोला जाता है तो इससे क्षेत्र की शांति-व्यवस्था पूरी तरह भंग हो जाएगी। इस निर्णय से स्थानीय निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) बाहुल्य वर्ग के हितों और सुरक्षा को भारी क्षति पहुंचेगी। शराब दुकान के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ेगा, जिससे आए दिन अप्रिय घटनाएं होने की प्रबल आशंका बनी रहेगी ।

मदिरा दुकान स्थानांतरण के विरोध में मुख्य व अकाट्य बिंदु

  1. नौनिहालों के भविष्य पर संकट:- प्रस्तावित शराब दुकान प्राथमिक शाला बिंझवार पारा स्कूल के मात्र 100 मीटर के दायरे में आ रही है, जिससे स्कूली बच्चों के मानस पटल पर अत्यंत विपरीत प्रभाव पड़ेगा ।
  2. सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील:- प्रस्तावित स्थल के महज 100 मीटर की दूरी पर गैस एजेंसी और 200 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप संचालित हैं, ऐसे ज्वलनशील व संवेदनशील प्रतिष्ठानों के पास दारू भट्टी का होना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है ।
  3. शासकीय कार्य व जन-आस्था को ठेस:- यह स्थल तहसील कार्यालय से बेहद निकट है जिससे शासकीय कार्यों में बाधा आएगी, इसके साथ ही स्थानीय पूर्वजों की आदिशक्ति मां मरकी माता का पवित्र मंदिर (0.5 मीटर) और पूर्वजों का पूजनीय देवस्थल ढोढ़ी (0.2 मीटर) भी इसके बिल्कुल करीब हैं, जिससे जन-आस्था और धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचेगी ।
  4. बीच बस्ती में स्थान:- यह पूरी तरह से घनी रिहायशी बस्ती से लगा हुआ क्षेत्र है, जहां महिलाओं और बेटियों का सुरक्षित आवागमन दूभर हो जाएगा ।

पार्षद जायसवाल ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और बच्चों के भविष्य को दरकिनार कर इस दारू भट्टी को जबरन हमारे गांव/वार्ड में संचालित करने का प्रयास किया गया तो समस्त वार्डवासी और क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी, इस जन-आंदोलन और चक्काजाम से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-अव्यवस्था की स्थिति और अप्रिय परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं स्थानीय प्रशासन की होगी ।

इस आपत्ति पत्र की प्रतिलिपियाँ उचित एवं त्वरित दंडात्मक व निरोधात्मक कार्रवाई हेतु दीपका तहसीलदार तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नगर पालिका परिषद दीपका को भी प्रेषित कर दी गई हैं, ताकि समय रहते इस जनविरोधी निर्णय को बदला जा सके ।

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