कोरबा
प्रगतिशील किसान:कोरबा के किसान कन्हैया बंजारे ने खेती का मल्टी लेयर मॉडल अपनाकर आम-काजू के बीच उगाया धान और मूंगफली, आय 10 गुना
कोरबा। कोरबा जिले के करतला ब्लॉक में घिनारा गांव के किसान कन्हैया राठिया ने अपनी पथरीली और बंजर जमीन को सोना उगलने वाली जमीन बना दिया है। कन्हैया ने खेती का ऐसा मल्टी लेयर मॉडल अपनाया है, जिससे उनकी सालाना आमदनी 15 हजार रुपए से बढ़कर अब 2 लाख रुपये के पार पहुंच गई है।

कन्हैया के पास महज 2 एकड़ जमीन है। कुछ साल पहले तक यहां सिंचाई की सुविधा नहीं थी। मिट्टी की गुणवत्ता भी बहुत खराब थी। कन्हैया बताते हैं कि पहले वे केवल बारिश के भरोसे रहते थे। उस समय थोड़ी-बहुत उड़द की फसल ले पाते थे, जिससे बमुश्किल घर का खर्च चलता था। सालभर में केवल 10 से 15 हजार रुपए की कमाई हो पाती थी। लेकिन कन्हैया कुछ नया करना चाहते थे और उन्होंने हार नहीं मानी।

कन्हैया ने अपनी जमीन का इस्तेमाल वैज्ञानिक तरीके से करने का मन बनाया। इसके लिए सबसे पहले जमीन पर आम और काजू के पौधे लगाए। जब ये पेड़ बनने लगे तो उन्होंने मल्टी लेयर तकनीक अपनाते हुए पेड़ों के बीच खाली जमीन पर धान और मूंगफली की फसल लेना शुरू कर दिया। इससे एक ही जमीन पर एक साथ कई फसलें तैयार होने लगीं। इसे मल्टी लेयर मॉडल कहा जाता है। आम और काजू से उन्हें साल में एक बार बड़ी आय होती है, जबकि धान और मूंगफली से उन्हें नियमित रूप से पैसा मिलता रहता है। अब उनकी आय पहले के मुकाबले 10 गुना बढ़ चुकी है।
कन्हैया की सफलता का सबसे बड़ा राज यह है कि वे बाजार से महंगी खाद या कीटनाशक नहीं खरीदते। इसके बजाय, वे अपने घर पर ही जीवामृत और प्राकृतिक खाद तैयार करते हैं। वे खेत में गिरने वाले पत्तों, गोमूत्र, गुड़ और बेसन के घोल से शक्तिशाली जैविक खाद बनाते हैं। नाबार्ड के जीवा कार्यक्रम से जुड़ने के बाद उन्होंने कीटनाशक दवा बनाना भी सीखा। कड़वे पत्तों और गोमूत्र से बनी यह दवा फसलों को बीमारियों से बचाती है। इससे उनकी खेती की लागत लगभग शून्य हो गई है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

कन्हैया ने अपनी खेती को और मजबूत बनाने के लिए 50 डिसमिल जमीन पर एक छोटा तालाब खुदवाया है। इस तालाब में वे मछली पालन कर रहे हैं, जिससे उन्हें अलग से अच्छी कमाई होती है। तालाब होने की वजह से उनके खेतों को सालभर पानी मिलता है और इलाके का भूजल स्तर भी सुधरा है। तालाब की मेढ़ों पर उन्होंने दलहन और तिलहन की फसलें लगाई हैं। यानी उन्होंने जमीन के एक-एक इंच हिस्से का सही उपयोग किया है।
कन्हैया का यह प्रयोग छोटे किसानों के लिए एक बहुत बड़ी सीख है। उन्होंने दिखाया है कि कम जमीन होने पर भी अगर किसान इंटीग्रेटेड फार्मिंग यानी एक साथ कई काम करें तो गरीबी को मात दी जा सकती है। कन्हैया अब अपने तीन बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलवा पा रहे हैं। उनका इको फॉर्म आज पूरे जिले के किसानों के लिए खेती का आदर्श पाठशाला बन गया है। कन्हैया का कहना है कि अगर हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तो प्रकृति हमारी जरूरतों को दस गुना बढ़ाकर पूरा करेगी।
कोरबा
ड्रोन और थर्मल तकनीक से खनिज माफियाओं पर शिकंजा:कोरबा हसदेव नदी में JCB, टीपर और ट्रैक्टर जब्त, रात में भी होगी कार्रवाई
कोरबा। कोरबा जिले में अवैध खनिज उत्खनन पर शिकंजा कसने के लिए खनिज विभाग ने अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। शुक्रवार (26 जून) को सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी पर ड्रोन कैमरे से निगरानी के दौरान अवैध रेत उत्खनन करते वाहनों का पता लगाया।

विभाग ने एक जेसीबी, एक टीपर और एक ट्रैक्टर सहित कुल तीन वाहनों को जब्त किया। यह कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में की गई।

ड्रोन से ट्रैक हुई जेसीबी की लोकेशन
अभियान के दौरान ड्रोन कैमरे में हसदेव नदी से अवैध रेत उत्खनन करती एक जेसीबी की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। ड्रोन की मदद से वाहन की लोकेशन इमलीडुग्गू तक ट्रैक की गई। इसके बाद खनिज विभाग की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन में प्रयुक्त जेसीबी और अवैध रेत परिवहन कर रहे एक टीपर को जब्त कर उरगा स्थित खनिज जांच चौकी की अभिरक्षा में रखा गया।

राताखार में भी ट्रैक्टर जब्त
इसी अभियान के तहत राताखार क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए जाने पर एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। जब्त वाहन को रामपुर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
ड्रोन और थर्मल इमेजिंग से होगी निगरानी
खनिज विभाग ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अब ड्रोन तकनीक का नियमित उपयोग किया जाएगा। रात के समय अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल इमेजिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

सबूतों के आधार पर होगी कार्रवाई
सहायक खनि अधिकारी राकेश वर्मा ने बताया कि ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड हुए सबूतों के आधार पर भागने या वाहन छिपाने की कोशिश करने वाले भी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कोरबा
कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज में 13 हाथियों का जलक्रीड़ा
कोरबा/कटघोरा । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में 13 हाथियों के झुंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हाथी ऐतमा नगर परिक्षेत्र स्थित सलिहाभाठा जलाशय में जलक्रीड़ा करते और ‘डस्ट बाथ’ लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वन्यजीवों का यह दुर्लभ दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में हाथियों का झुंड पानी में उतरकर एक-दूसरे पर सूंड़ से पानी उछालते और मस्ती करता नजर आ रहा है। कुछ हाथी पानी में लोट लगाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य हाथी जलाशय के किनारे सूंड़ से धूल-मिट्टी उड़ाकर अपने शरीर पर डालते नजर आते हैं।

धूप और कीड़ों से बचाव के लिए लेते हैं ‘डस्ट बाथ’
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों द्वारा धूल-मिट्टी शरीर पर डालने की प्रक्रिया को ‘डस्ट बाथ’ कहा जाता है। यह उनकी प्राकृतिक आदत है, जिससे उनकी त्वचा तेज धूप, गर्मी और कीड़ों के हमले से सुरक्षित रहती है। जलक्रीड़ा के बाद हाथी अक्सर इस प्रक्रिया को अपनाते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ाई गई निगरानी
वीडियो सामने आने के बाद कटघोरा वन विभाग अलर्ट हो गया है। वन विभाग की टीम ने सलिहाभाठा जलाशय और आसपास के गांवों में गश्त तेज कर दी है। अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से जलाशय के आसपास नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
ग्रामीणों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
वन विभाग ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि हाथियों के दिखने पर शोर न मचाएं, पटाखे न जलाएं और उन्हें किसी भी तरह से परेशान करने का प्रयास न करें। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को उकसाने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
गर्मी में जलस्रोतों की ओर बढ़ता है हाथियों का रुख
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में जंगलों में जलस्रोत सूखने लगते हैं। ऐसे में हाथियों के झुंड पानी की तलाश में जलाशयों, नदी-नालों और तालाबों की ओर रुख करते हैं। कटघोरा वनमंडल में करीब 50 हाथियों का एक स्थायी दल विचरण करता है, जो अक्सर रात के समय खेतों और जलस्रोतों के आसपास पहुंच जाता है।
ड्रोन और सीसीटीवी से रखी जा रही निगरानी
वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी के जरिए हाथियों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है, ताकि समय रहते ग्रामीणों को सतर्क किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कोरबा
कोरबा में झपटमारी और चोरी की दो वारदातें:युवती से वेतन-मोबाइल छीना,बस यात्रा के दौरान महिला का मंगलसूत्र गायब,पुलिस जांच में जुटी
कोरबा। कोरबा शहर में झपटमारी और चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीएसईबी चौकी क्षेत्र में काम से लौट रही एक युवती से बाइक सवार बदमाश वेतन और मोबाइल झपटकर फरार हो गए।

जबकि बिलासपुर से बस में लौट रही एक महिला का सोने का मंगलसूत्र चोरी हो गया। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घर लौट रही युवती से वेतन और मोबाइल छीना
पहली घटना चिमनी भट्ठा निवासी नेहा पाण्डेय (24) के साथ हुई। नेहा श्रीराम वस्त्रालय, हीरानंद कॉम्प्लेक्स में कार्यरत हैं। मंगलवार रात करीब 9:50 बजे ड्यूटी समाप्त कर वह पैदल घर लौट रही थीं। उनके पास वेतन के 9,840 रुपये और एक वीवो मोबाइल फोन था।
जैसे ही वह एक्सिस बैंक के पास पहुंचीं, पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने उनके हाथ से मोबाइल और नकदी झपट ली और तेज रफ्तार से फरार हो गए। छीने गए मोबाइल की कीमत करीब 4 हजार रुपये बताई गई है। इस वारदात में पीड़िता को कुल 13,840 रुपये का नुकसान हुआ।
नेहा ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपियों की उम्र करीब 22 से 24 वर्ष थी। बाइक चला रहा युवक गहरे नीले रंग की पूरी बाजू की शर्ट पहने हुए था।

बस से लौट रही महिला का मंगलसूत्र चोरी
दूसरी घटना में कोरबा निवासी एक महिला बिलासपुर से बस के जरिए वापस लौटी थीं। बुधवारी बस स्टॉप पर उतरते समय उन्हें पता चला कि उनके गले से सोने का मंगलसूत्र गायब है। बस यात्रा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने मंगलसूत्र चोरी कर लिया। महिला ने सीएसईबी चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
कोरबा सीएसपी ने बताया कि दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। झपटमारी की घटना के संबंध में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। दोनों मामलों की जांच जारी है।
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