Connect with us

कोरबा

जनदर्शन में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सुनी आमनागरिकों की समस्याएं

Published

on

समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने अधिकारियों को दिए निर्देश, 111 आवेदन हुए प्राप्त

कोरबा। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के शहरी एवं दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याओं, मांगों एवं आवश्यकताओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनदर्शन में पहुंचे प्रत्येक नागरिक से कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान राशन, भूमि सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि पट्टा, नक्शा-बटांकन, शौचालय निर्माण, बिजली बिल, श्रमिक भुगतान, स्वनिधी योजना सहित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं व्यक्तिगत समस्याओं से संबंधित 111 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्रकरण में संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देशित किया।

राशन संबंधी समस्याओं को लेकर प्राप्त आवेदनों पर कलेक्टर ने जिला खाद्य अधिकारी को प्रकरण प्रेषित करते हुए पात्र हितग्राहियों को दो माह का राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आवेदन में उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदन परीक्षण करने को कहा तथा स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य कच्चे मकानों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जबकि पृथक भूमि पर नया निर्माण योजना के प्रावधानों में शामिल नहीं है। ग्राम रंगबेल, जपेली एवं तुमान से आए ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण एवं राशि भुगतान से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित परीक्षण कर भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कोरबा नगर निवासी दिव्यांग राहुल चौहान ने स्वयं का गन्ना रस व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु सहायता प्रदान किए जाने का आवेदन दिया। कलेक्टर श्री दुदावत ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभान्वित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। इसी प्रकार भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से संबंधित आवेदन पर डिप्टी कलेक्टर को परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए। बालको निवासी शंकर प्रसाद बरेठ द्वारा बढ़े हुए बिजली बिल के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर उन्होंने ने प्रकरण को सीएसईबी को प्रेषित करते हुए मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से उपभोक्ता बिजली व्यय में राहत प्राप्त कर सकते हैं।
सरकारी भूमि पर बेजाकब्जा से संबंधित आवेदन पर कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट कहा कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किए जाने की स्थिति में किसी प्रकार की वैधानिक सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती। स्कूलों में कार्यरत अंशकालिक सफाई कर्मचारियों के भुगतान से संबंधित आवेदन पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं मजदूरों के लंबित भुगतान से जुड़े प्रकरणों को श्रम विभाग को प्रेषित करते हुए शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने कहा गया। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों की नियमित समीक्षा करते हुए संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ निराकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Continue Reading

कोरबा

नेशनल लोक अदालत का आयोजन: दुर्गेश को ट्राईसायकिल मिलते ही खिला चेहरा

Published

on

कई मामलों का किया गया निराकरण
कोरबा।
संतोष शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा, अविनाश तिवारी श्रम न्यायाधीश कोरबा, गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, ममता भोजवानी द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, सीमा प्रताप चंद्र, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ. टी. सी.) कोरबा, कु. मयूरा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा, कु. डाली ध्रुव द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, सोनी तिवारी प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु. कुमुदिनी गर्ग, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु. डिंपल सचिव, शिशुपाल सिंह सहायक ग्रेड दो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा रामसागरपारा वार्ड क्रमांक 1 में रहने वाले दुर्गेश कंवर जिसे बचपन से ही विकलांग होने की वजह से चलने में दिक्कत होती थी, को ट्राई साइकिल प्रदान किया गया।
दुर्गेश कंवर का आवागमन अब आसान होगा। ट्राईसायकिल मिलने पर दुर्गेश कंवर के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई और अतिथियों का आभार जताया।

Continue Reading

कोरबा

विश्व रेड क्रॉस दिवस पर राम सिंह अग्रवाल सम्मानित

Published

on

रायपुर में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया सम्मान
कोरबा। विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में रेड क्रॉस सोसाइटी कोरबा इकाई के चेयरमैन एवं समाजसेवी राम सिंह अग्रवाल को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कोरबा में “चाचा नेहरू” के नाम से पहचान रखने वाले राम सिंह अग्रवाल को रेड क्रॉस समिति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।शिक्षासमारोह में प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की।

राम सिंह अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में कोरबा जिले में रेड क्रॉस समिति की गतिविधियों को तेज गति से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में अब तक 1370 नए सदस्यों को रेड क्रॉस सोसाइटी से जोड़ा गया है। इसके साथ ही रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

समाजसेवा और मानवता के प्रति समर्पित कार्यों के लिए मिले इस सम्मान पर जिले के सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने राम सिंह अग्रवाल को बधाई दी है।

Continue Reading

कुसमुंडा

12 वर्षों का अन्याय और प्रशासन की वादाखिलाफी, गेवरा बस्ती के ग्रामीण 21 मई से करेंगे अनिश्चितकालीन खदान बंदी

Published

on

कोरबा/कुसमुंडा। एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गेवरा बस्ती के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। पिछले 12 वर्षों से अपनी जमीन रोजगार और उचित बसाहट के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रशासन और प्रबंधन को सौंपे गए अल्टीमेटम के अनुसार यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 21 मई 2026 से कुसमुंडा खदान का चक्का पूरी तरह जाम कर दिया जाएगा ।

आश्वासनों का जाल और 12 साल का वनवास

ग्रामीणों का आरोप है कि 13 मई 2014 से उनकी जमीनों पर स्टे लगाया गया और 18 जुलाई 2018 को अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन आज तक न तो मुआवजा मिला, न ही नौकरी और बसाहट। ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा- हम अपने ही घरों में कैदी बन गए हैं। जमीन पर स्टे होने के कारण हम न उसे बेच पा रहे हैं और न ही बच्चों की शादी या अन्य सामाजिक कार्यों के लिए आर्थिक व्यवस्था कर पा रहे हैं ।

जल संकट और खेती की तबाही

विज्ञप्ति के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया कि खदान के विस्तार के कारण क्षेत्र का जलस्तर गिर चुका है, खेती पूरी तरह चौपट हो गई है और पीने के पानी की भारी किल्लत है। एसईसीएल प्रबंधन न तो पानी की व्यवस्था कर रहा है और न ही फसल के नुकसान की क्षतिपूर्ति दे रहा है ।

प्रमुख मांगें:-

12 वर्षों से लंबित मुआवजे का तत्काल भुगतान ।

प्रभावित युवाओं को नियमानुसार स्थायी रोजगार ।

बुनियादी सुविधाओं से युक्त बसाहट स्थल का चयन और पुनर्वास ।

खेती और पानी के नुकसान की उचित क्षतिपूर्ति ।

प्रबंधन को अंतिम चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले सात महीनों से लगातार धरना-प्रदर्शन और पत्राचार कर रहे हैं। अधिकारी बार-बार आश्वासन देते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके ग्रामीण मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं ।

गेवरा बस्ती के ग्रामीणों ने कहा कि अब और आश्वासन नहीं समाधान चाहिए। अगर 15 दिन में हमारी समस्याएँ हल नहीं हुईं तो होने वाले उग्र आंदोलन और खदान बंदी की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677