विदेश
ट्रंप की ‘Hello Greenland’ पोस्ट से भूचाल ! US दूतावास पर ग्रीनलैंडवासियों का प्रदर्शन, बोले- ‘Go Away America’
वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने ग्रीनलैंड में नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने ग्रीनलैंड की राजधानी नुक की तस्वीर के साथ लिखा, “Hello Greenland!” इसके बाद वहां अमेरिका की बढ़ती मौजूदगी को लेकर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। ग्रीनलैंड की राजधानी नुक में हाल ही में अमेरिका के नए वाणिज्य दूतावास (Consulate) को लेकर बड़े प्रदर्शन हुए। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर उठाए हुए थे, जिन पर लिखा था, “हमें आपका पैसा नहीं चाहिए” और “Go Away” यानी “यहां से चले जाओ।”
President Trump posts on Truth Social:
Hello, Greenland! pic.twitter.com/LXvzceLY0V
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) May 22, 2026

ग्रीनलैंड के लोगों का कहना है कि अमेरिका वहां जरूरत से ज्यादा दखल देने की कोशिश कर रहा है। कई लोगों को डर है कि अमेरिका आर्कटिक क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए ग्रीनलैंड का इस्तेमाल करना चाहता है। अमेरिका के विशेष दूत Jeff Landry ने ग्रीनलैंड में नेताओं और कारोबारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ग्रीनलैंड सुरक्षा, ऊर्जा और आर्थिक विकास पर साथ काम करना चाहते हैं। जेफ लैंड्री ने दावा किया कि ग्रीनलैंड भविष्य में बड़ा तेल उत्पादक बन सकता है।
GO HOME USA! GO HOME USA!
America is no longer respected on the world stage.
Trump has made the United States a national embarrassment on the world stage. pic.twitter.com/oQKULK7PsV
— IT’S TIME FOR JUSTICE (@LiddleSavages) May 23, 2026
उनके अनुसार यहां से रोज करीब 20 लाख बैरल तेल निकाला जा सकता है। उनका कहना था कि अगर ऐसा हुआ तो दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर दबाव कम होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता भी घट सकती है। Donald Trump पहले भी ग्रीनलैंड को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बता चुके हैं। उनका मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका की मजबूत मौजूदगी भविष्य की सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों के लिए जरूरी है। हालांकि ग्रीनलैंड में बढ़ते विरोध से साफ है कि वहां के कई लोग अमेरिका की सक्रियता को अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप मान रहे हैं।
विदेश
अफ्रीकी देश में सत्ता विस्फोट: राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को किया आऊट, भंग कर दी पूरी सरकार
डकार, एजेंसी। सेनेगल में बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। राष्ट्रपति बसिरु डियोमाये फेय Bassirou Diomaye Faye ने प्रधानमंत्री ओस्मान सोनको Ousmane Sonko को पद से हटा दिया है। इसके साथ ही पूरी सरकार भी भंग कर दी गई। सरकारी मीडिया के जरिए यह घोषणा की गई। सरकार के सभी मंत्रियों को भी हटा दिया गया है। फिलहाल पुरानी सरकार को सिर्फ रोजमर्रा का काम संभालने को कहा गया है।

फाये और सोनको पहले बहुत करीबी सहयोगी माने जाते थे। 2024 के चुनाव में सोनको चुनाव नहीं लड़ पाए थे, इसलिए उन्होंने फाये का समर्थन किया था। दोनों ने मिलकर पुरानी सरकार को सत्ता से बाहर किया था। लेकिन पिछले कुछ महीनों से दोनों नेताओं के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे थे। आर्थिक नीतियों और सरकारी फैसलों को लेकर दोनों के बीच तनाव खुलकर सामने आने लगा था। सेनेगल (Senegal) इस समय बड़े आर्थिक संकट से भी गुजर रहा है।
International Monetary Fund ने देश का 1.8 अरब डॉलर का लोन प्रोग्राम रोक दिया है। वजह देश के कर्ज से जुड़े आंकड़ों में गड़बड़ी बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश पर कर्ज बहुत तेजी से बढ़ा है। सरकार पर ईंधन सब्सिडी का भी भारी बोझ है। वित्त मंत्री ने ईंधन कीमतें बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन सोनको इसके खिलाफ थे। सोनको युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय नेता माने जाते हैं। उनकी बर्खास्तगी के बाद अब सेनेगल में राजनीतिक तनाव और विरोध बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
देश
ट्रंप ने PM मोदी को भेजा खास संदेश, मार्को रूबियो के जरिए व्हाइट हाउस आने का दिया निमंत्रण
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका और भारत के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कूटनीतिक कदम सामने आया है। मार्को रूबियो (Marco Rubio) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है। अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया गया है। मार्को रूबियो शनिवार को भारत पहुंचे और उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की।

यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें रक्षा, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तकनीक, निवेश और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।बैठक में रूबियो ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर अमेरिका का पक्ष भी भारत के सामने रखा। इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति कायम करने का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। चर्चा में रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, शिक्षा और QUAD सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहे।

बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (Ajit Doval), अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। दिल्ली पहुंचने से पहले रूबियो ने कोलकाता में Mother Teresa के मिशनरीज ऑफ चैरिटी मुख्यालय का दौरा किया और श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मदर टेरेसा की सेवा और करुणा की विरासत की सराहना की। मार्को रूबियो की यह चार दिवसीय भारत यात्रा 23 से 26 मई तक चलेगी। इस दौरान वह दिल्ली के अलावा आगरा और जयपुर भी जाएंगे। उनकी यात्रा को भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के रूप में देखा जा रहा है।यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका QUAD सहयोग, रक्षा साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर तेजी से साथ काम कर रहे हैं।
विदेश
ट्रंप फिर बरसा सकते ईरान पर कहरः व्हाइट हाउस में हाई अलर्ट मीटिंग, नए हमलों की तैयारी तेज
वाशिंगठन, एजेंसी। ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर अगर अंतिम समय की बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती है तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू करने पर ”गंभीरता से विचार कर सकते हैं”। अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘एक्सियोस’ ने शुक्रवार को खबर में यह जानकारी दी। खबर में कहा गया कि ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस बीच, पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे और कतर के एक प्रतिनिधिमंडल ने अंतिम समय में समझौता कराने के प्रयास में उनका साथ दिया। ‘एक्सियोस’ को दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार सुबह ईरान के साथ युद्ध के संबंध में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई।

राष्ट्रपति से सीधे बात करने वाले सूत्रों के अनुसार, ट्रंप वार्ता में अंतिम समय में कोई सफलता न मिलने की स्थिति में ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। शनिवार को मुनीर की मुलाकात ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ के कमांडर और ईरानी निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जनरल अहमद वाहिदी से होने की उम्मीद है। ‘एक्सियोस’ की खबर में कहा गया कि राजनयिक प्रयासों से अवगत एक अमेरिकी अधिकारी ने वार्ता को बेहद ”चुनौतीपूर्ण” बताया और यह भी कहा कि मसौदा ”हर दिन इधर-उधर भेजा जा रहा है” लेकिन कोई खास प्रगति नहीं हो रही है।
शुक्रवार सुबह ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में ट्रंप के साथ हुई बैठक में उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) के निदेशक जॉन रैटक्लिफ, व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ट्रंप ने शुक्रवार को ‘व्हाइट हाउस’ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ”ईरान समझौता करना चाहता है। देखते हैं क्या होता है। लेकिन हमने उन्हें कड़ा झटका दिया है और हमारे पास कोई विकल्प नहीं था क्योंकि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। वे इसे नहीं रख सकते।” अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्वीडन में पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ वार्ता में ”मामूली प्रगति” हुई है।
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