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कोरबा

स्व. बिसाहू दास महंत की जन्मशताब्दी: डॉ. महंत ने कहा-महंत परिवार जांजगीर, कोरबा व छग का सदैव रहेगा ऋणी

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बाबूजी की 100वीं जयंती पर जुटे प्रदेश भर के दिग्गज

कोरबा। स्व. बिसाहूदास महंत न सिर्फ बांगो बांध बल्कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के भी स्वप्नदृष्टा थे। वे सही मायने में गांधीवादी, मानवता के पुजारी थे। उन्होंने राजनीति में गुरू, बड़े भाई और मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए सभी का मार्गदर्शन किया। आज उनके पद्चिन्हों पर चलकर हम सभी छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा कर रहे हैं। उक्ताशय के उद्गार अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री जन नेता स्व. बिसाहूदास महंत की 100वीं जयंती शताब्दी समारोह के अवसर पर राजीव गांधी आडिटोरियम टीपी नगर में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर अतिथियों ने व्यक्त किए। पुत्र डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि महंत परिवार जांजगीर, कोरबा व छत्तीसगढ़ का सदैव ऋणी रहेगा। कोरबा लोकसभा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि बाबूजी के पद्चिन्हों पर चलना मेरा धर्म है। महंत परिवार 1952 से लगातार जनता की सेवा में लगा हुआ है। मानव सेवा करना मैंने इसी परिवार से सीखा और आगे भी सेवा करती रहूंगी। मैं इस परिवार की छोटी सी कड़ी हूं, परंतु बाबूजी के सपनों को पूरा करने पति डॉ. चरणदास महंत के सहयोग से निरंतर प्रयासरत रहूंगी। इससे पहले स्वागत उद्बोधन पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने देते हुए कहा कि कोरबा ही नहीं वरन छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में बिसाहूदास महंत को चाहने वाले लोग हंै। उनके पुत्र डॉ. चरणदास महंत भी उनके रास्ते पर चलकर 1980 से लगातार 44 वर्षों से सेवा में लगे हुए हैं और ऐसे परिवार को आगे बढऩे का अवसर मिलना चाहिए। कटघोरा के पूर्व विधायक बोधराम कंवर ने कहा कि वे सही मायने में गांधीवादी और मानवता के पुजारी थे। उन्होंने हमेशा मुझे मेरे बड़े भाई गणेशराम की तरह ही स्नेह दिया। वे सबकी चिंता करते थे। उनके बताए रास्तों पर हम सब चलते रहेंगे। स्व. महंत के सहयोगी रहे रघुराज पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 1967 से जीवन पर्यंत स्व. बिसाहूदास महंत के साथ रहा। पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बिसाहूदास महंत ने दिए। जांजगीर लोकसभा से सांसद प्रत्याशी डॉ. शिव डहरिया ने कहा कि स्व. महंत ने छत्तीसगढ़ के धान का कटोरा को आगे बढ़ाने व किसानों को समृद्ध करने के लिए सदैव कार्य किया। उनके समकक्ष ममतामयी मिनीमाता थी। गुरूघासीदास, संत कबीर के कार्यों को बिसाहूदास ने आगे बढ़ाया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार में छत्तीसगढ़ के मसलों पर बिसाहूदास महंत अगुवा की भूमिका निभाते रहे। वरिष्ठ नेता राजेन्द्र तिवारी ने बिसाहूदास को ध्रुव तारा की संज्ञा देते हुए कहा कि वे रास्ता दिखाने का काम सदैव करते रहे। धरमजयगढ़ के विधायक लालजीत राठिया ने कहा कि पिताजी द्वारा बिसाहूदास महंत के बारे में कहानी की तरह बताया जाता था कि उनसे राजनीति में संबंध बनाकर चलने की शिक्षा हर किसी को लेनी चाहिए। अविभाजित मध्यप्रदेश के राज्य वस्त्र निगम के चेयरमैन रहे जगदीश मेहर ने कहा कि बिसाहूदास महंत हम सबके शुभचिंतक थे। उन्होंने बुनकरों के बीच रह कर बुनकरों की गरीबी और उनकी पीड़ा को बहुत करीब से देखा। सबसे पहले कोसा निर्मित वस्त्रों के लिए बाजार तलाशा, बुनकरों को आगे बढ़ाते हुए सिमटे दायरे से निकाल कर विश्व पटल तक पहुंचाया। उनके पुत्र डॉ. चरणदास महंत ने 2 बुनकरों के लिए 1-1 लाख रुपए का प्रतिभा पुरस्कार बिसाहूदास महंत के नाम से देने की घोषणा की, जिसका लाभ बुनकरों को मिल रहा है। देवांगन समाज को राजनीति में लाने का भी श्रेय स्व. बिसाहूदास को जाता है।

अतिथियों का किया गया सम्मान

जयंती शताब्दी समारोह में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत, राजेश महंत के द्वारा आमंत्रित अतिथियों बोधराम कंवर, रघुराज पाण्डेय, राजेन्द्र शुक्ला, राजेन्द्र तिवारी, अरविंद नेताम, सत्यनारायण शर्मा, सुभाष धुप्पड़, अरूण शर्मा, सेवादल प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक फूल सिंह राठिया, लालजीत राठिया, शेषराज हरवंश, बालेश्वर साहू, राघवेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक पुरूषोत्तम कंवर, मोहिराम केरकेट्टा, शिव डहरिया, दुलेश्वरी सिदार, शिवा मिश्रा, जगदीश मेहर, कबड्डी दास, शेखर शर्मा, देवधर दास महंत, राम पटवा, प्रेम पाठक, महापौर राजकिशोर प्रसाद, सभापति श्यामसुंदर सोनी, प्रदेश कांग्रेस सचिव बीएन सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, शहर अध्यक्ष सपना चौहान, कुसुम द्विवेदी, उषा तिवारी, अर्चना उपाध्याय, अजय तिवारी, एसएल निगम, गौतम बंदोपाध्याय, विक्रम सिंघल, नवल पंडित, विजय मिश्रा, देवाशीष मुखर्जी, सुरेश शुक्ला, ठाकुर देवेश सिंह, ठाकुर गुलजार सिंह, प्रभा तंवर, जिला कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रभाग के शहर अध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू, नगर पालिका दीपका अध्यक्ष संतोषी दीवान, जिला साहू संघ के अध्यक्ष गिरजा साहू, कांग्रेस कोरबा ब्लाक अध्यक्ष संतोष राठौर, कटघोरा ग्रामीण ब्लाक अध्यक्ष गोरेलाल यादव, दुष्यंत शर्मा, राजीवलखन पाल आदि को शॉल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कोरबा, जांजगीर-चाम्पा, सक्ती, रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, कोरिया सहित छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से बिसाहूदास महंत के अनुयायी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन विधायक राघवेन्द्र सिंह, सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाई ने किया व आभार विधायक लालजीत राठिया ने जताया।

कबीर के भजनों से दी श्रद्धांजलि

100वीं जयंती शताब्दी समारोह के प्रारंभ में स्व. बिसाहूदास महंत के छायाचित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की गई। मंच पर दीप प्रज्वलन किया गया। इसके पश्चात अंचल के प्रसिद्ध लोक गायक थिरमन दास महंत एवं पार्टी द्वारा संत कबीर के भजनों से श्रद्धांजलि देते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध रेडियो सिंगर स्व. नर्मदा प्रसाद वैष्णव द्वारा बांगो बांध निर्माण के दौरान रचित गीत बांगो बांध बंधा गे रे भैय्या… की प्रस्तुति उनके पुत्र बसंत वैष्णव ने थिरमन दास महंत के साथ दी।

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कोरबा

डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत

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जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक

विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित

सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश

पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की  बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की।  कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने  एवं उनकी  आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।  किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही।  कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने  मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड  से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से

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 कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in  के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
  केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।  प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

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सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को

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कोरबा। जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को प्रातः 11 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया गया है।
बैठक में वनमंडल, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा जिला पंचायत के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का अनुमोदन सहित अन्य विषयों पर चर्चा/समीक्षा होगी।

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